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राजकीय कृत हाई स्कूल मधुबन में आज पर्यावरण दिवस मनाया गया‌। (शैलेन्द्र कुमार भार्गव कार्यालय प्रभारी, दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सिरहाकोठी 18 अप्रैल 2026- सिरहाकोठी:-राजकीय कृत हाई स्कूल प्लस टू मधुबन के प्रधानाध्यापक श्री संत कुमार सिंह, पुस्तकालय संचालक श्री राकेश कुमार सिंह, गणित शिक्षक रामबाबू प्रसाद, गौतम कुमार शिक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि पेड़ पौधे लगाना है, सभी वर्गों के छात्र एवं छात्राओं ने पेड़ लगाने का संकल्प लिया। वर्ग 9 से लेकर बारहवीं तक के छात्र-छात्रा ने पेड़ पौधे लगाए।इस अवसर पर प्रधानाध्यापक संत कुमार सिंह ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी छात्राओं को बताया कि पर्यावरण मनुष्य जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। पर्यावरण है तभी मानव जीवन है। आप सभी अपने-अपने घर के अभिभावक गण को भी कम से कम एक पेंड़ लगाने के लिए निश्चित रूप से प्रेरित करने की कार्य करेंगे।

2 days ago
user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
2 days ago

राजकीय कृत हाई स्कूल मधुबन में आज पर्यावरण दिवस मनाया गया‌। (शैलेन्द्र कुमार भार्गव कार्यालय प्रभारी, दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सिरहाकोठी 18 अप्रैल 2026- सिरहाकोठी:-राजकीय कृत हाई स्कूल प्लस टू मधुबन के प्रधानाध्यापक श्री संत कुमार सिंह, पुस्तकालय संचालक श्री राकेश कुमार सिंह, गणित शिक्षक रामबाबू प्रसाद, गौतम कुमार शिक्षक मनीष कुमार के

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नेतृत्व में आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि पेड़ पौधे लगाना है, सभी वर्गों के छात्र एवं छात्राओं ने पेड़ लगाने का संकल्प लिया। वर्ग 9 से लेकर बारहवीं तक के छात्र-छात्रा ने पेड़ पौधे लगाए।इस अवसर पर प्रधानाध्यापक संत कुमार सिंह ने पर्यावरण दिवस

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के अवसर पर उपस्थित सभी छात्राओं को बताया कि पर्यावरण मनुष्य जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। पर्यावरण है तभी मानव जीवन है। आप सभी अपने-अपने घर के अभिभावक गण को भी कम से कम एक पेंड़ लगाने के लिए निश्चित रूप से प्रेरित करने की कार्य करेंगे।

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  • आशुतोष कुमार का बड़ा दावा: “भूमिहार समाज हर पद पर अपने प्रतिनिधि चाहता है?” | सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले सुर सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद आशुतोष कुमार के बदले तेवर अब चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बीच उनका एक बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भूमिहार समाज हर बड़े पद—मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर अन्य जिम्मेदारियों तक—अपने ही समाज का प्रतिनिधित्व चाहता है। पत्रकारों के सवाल पर उनका जवाब— “हमसे क्यों पूछ रहे हैं, कोर्ट से पूछिए”— कई नए सवाल खड़े करता है। निट छात्रा मामले में न्याय, CBI चार्जशीट और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वीडियो में देखिए: • सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले बयान • भूमिहार समाज को लेकर आशुतोष कुमार का दावा • न्याय के मुद्दे पर उठते सवाल पूरा सच जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें और खुद तय करें— यह सिर्फ बयान है या बड़ी रणनीति? निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है। #आशुतोष_कुमार #सम्राट_चौधरी #भूमिहार_समाज #बयान_विवाद #बिहार_राजनीति #जातीय_राजनीति #BJP #न्याय_की_मांग #CBI #सुप्रीम_कोर्ट #राजनीतिक_विश्लेषण #BreakingNews #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
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    आशुतोष कुमार का बड़ा दावा: “भूमिहार समाज हर पद पर अपने प्रतिनिधि चाहता है?” | सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले सुर
सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद आशुतोष कुमार के बदले तेवर अब चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बीच उनका एक बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भूमिहार समाज हर बड़े पद—मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर अन्य जिम्मेदारियों तक—अपने ही समाज का प्रतिनिधित्व चाहता है।
पत्रकारों के सवाल पर उनका जवाब— “हमसे क्यों पूछ रहे हैं, कोर्ट से पूछिए”— कई नए सवाल खड़े करता है। निट छात्रा मामले में न्याय, CBI चार्जशीट और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इस वीडियो में देखिए:
• सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले बयान
• भूमिहार समाज को लेकर आशुतोष कुमार का दावा
• न्याय के मुद्दे पर उठते सवाल
पूरा सच जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें और खुद तय करें— यह सिर्फ बयान है या बड़ी रणनीति?
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है।
#आशुतोष_कुमार #सम्राट_चौधरी #भूमिहार_समाज #बयान_विवाद #बिहार_राजनीति #जातीय_राजनीति #BJP #न्याय_की_मांग #CBI #सुप्रीम_कोर्ट #राजनीतिक_विश्लेषण #BreakingNews #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    21 hrs ago
  • सीतामढ़ी इस्लाम परवेज द्वार तो झांकी है, अकबर और बाबर गेट बनना अभी बाकी है! पूर्व सभापति सुवंश राय का तीखा तंज नमस्कार दोस्तों, सीतामढ़ी नगर निगम में एक नया विवाद छिड़ गया है। माता सीता की पावन जन्मभूमि पर इस्लाम परवेज द्वार का निर्माण हो चुका है, लेकिन पूर्व सभापति सुवंश राय ने इसे तीखा करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा – “इस्लाम परवेज द्वार तो झांकी है, असली बात तो यह है कि अकबर गेट और बाबर गेट बनना अभी बाकी है!” यह बयान सीतामढ़ी में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां मेयर प्रतिनिधि और प्रशासन इस द्वार का बचाव कर रहा है, वहीं पूर्व सभापति सुवंश राय ने सवाल उठाया है कि माता जानकी की नगरी में ऐसे नामों के द्वार क्यों बनाए जा रहे हैं? क्या यह सिर्फ एक द्वार है या सांस्कृतिक पहचान पर सवाल? पूरी खबर, सुवंश राय के बयान और स्थानीय प्रतिक्रिया जानने के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें। आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं – क्या सीता की जन्मभूमि पर इस्लाम परवेज द्वार उचित है? ✅ Like | Share | Subscribe करें और Bell Icon दबाएं ताकि ऐसी खबरें सबसे पहले आपको मिलें। We News 24 – सच्ची खबर, बिना लाग-लपेट के ────────────────── 📍 स्थान: सीतामढ़ी नगर निगम, बिहार 👤 बोलने वाले: पूर्व सभापति सुवंश राय #WeNews24 #दीपककुमार ────────────────── Hashtags (Description के अंत में लगाएं) #सीतामढ़ी #इस्लामपरवेजद्वार #सुवंशराय #IslamParvezDwar #SitamarhiNews #SubanshRai #AkbarGate #BabarGate #सीताजन्मभूमि #SitamarhiControversy #BiharNews #NagarNigamSitamarhi #जनकनगरी #WeNews24 #दीपककुमार #ViralNews #PoliticalNewsBihar #SitaMandir #HarHarMahadev #BiharPolitics
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    सीतामढ़ी इस्लाम परवेज द्वार तो झांकी है, अकबर और बाबर गेट बनना अभी बाकी है!
पूर्व सभापति सुवंश राय का तीखा तंज
नमस्कार दोस्तों,
सीतामढ़ी नगर निगम में एक नया विवाद छिड़ गया है। माता सीता की पावन जन्मभूमि पर इस्लाम परवेज द्वार का निर्माण हो चुका है, लेकिन पूर्व सभापति सुवंश राय ने इसे तीखा करारा जवाब दिया है।
उन्होंने कहा – “इस्लाम परवेज द्वार तो झांकी है, असली बात तो यह है कि अकबर गेट और बाबर गेट बनना अभी बाकी है!”
यह बयान सीतामढ़ी में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां मेयर प्रतिनिधि और प्रशासन इस द्वार का बचाव कर रहा है, वहीं पूर्व सभापति सुवंश राय ने सवाल उठाया है कि माता जानकी की नगरी में ऐसे नामों के द्वार क्यों बनाए जा रहे हैं?
क्या यह सिर्फ एक द्वार है या सांस्कृतिक पहचान पर सवाल? पूरी खबर, सुवंश राय के बयान और स्थानीय प्रतिक्रिया जानने के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें।
आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं – क्या सीता की जन्मभूमि पर इस्लाम परवेज द्वार उचित है?
✅ Like | Share | Subscribe करें और Bell Icon दबाएं ताकि ऐसी खबरें सबसे पहले आपको मिलें।
We News 24 – सच्ची खबर, बिना लाग-लपेट के
────────────────── 📍 स्थान: सीतामढ़ी नगर निगम, बिहार 👤 बोलने वाले: पूर्व सभापति सुवंश राय
#WeNews24 #दीपककुमार
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#सीतामढ़ी #इस्लामपरवेजद्वार #सुवंशराय #IslamParvezDwar #SitamarhiNews #SubanshRai #AkbarGate #BabarGate #सीताजन्मभूमि #SitamarhiControversy #BiharNews #NagarNigamSitamarhi #जनकनगरी #WeNews24 #दीपककुमार #ViralNews #PoliticalNewsBihar #SitaMandir #HarHarMahadev #BiharPolitics
    user_We News 24
    We News 24
    Dumra, Sitamarhi•
    4 hrs ago
  • इसका फुल वीडियो बहुत जल्दी रिव्यू करेंगे बात करेंगे इसमें कितना स्क्वायर फीट में स्कूल बन रहा है क्या-क्या व्यवस्था होगी यह सब बाते अगले वीडियो में बताऊंगा
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    इसका फुल वीडियो बहुत जल्दी रिव्यू करेंगे बात करेंगे इसमें कितना स्क्वायर फीट में स्कूल बन रहा है क्या-क्या व्यवस्था होगी यह सब बाते अगले वीडियो में बताऊंगा
    user_News of bihar
    News of bihar
    Insurance Agent रुन्नीसैदपुर, सीतामढ़ी, बिहार•
    20 hrs ago
  • Post by Raju
    4
    Post by Raju
    user_Raju
    Raju
    डुमरा, सीतामढ़ी, बिहार•
    21 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर में नाबालिग गुम/शुदगी से मचा हड़/कंप #viralreels #viralvideos #BreakingNews #bihar #BiharPolice #Muzaffarpur
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    मुजफ्फरपुर में नाबालिग गुम/शुदगी से मचा हड़/कंप
#viralreels #viralvideos #BreakingNews #bihar #BiharPolice #Muzaffarpur
    user_RITIK RAJPUT
    RITIK RAJPUT
    Yoga instructor Aurai, Muzaffarpur•
    34 min ago
  • भारत आज भी एक कृषि-प्रधान देश है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि जिस कृषि व्यवस्था पर देश की अर्थव्यवस्था टिकी है, उसी से जुड़ा किसान आज सबसे अधिक संकट में है। बढ़ती लागत, अनिश्चित मौसम, बाजार की अस्थिरता और फसलों के उचित मूल्य का अभाव—ये सभी कारक किसानों को हर मोर्चे पर संघर्ष करने को मजबूर कर रहे हैं। पारंपरिक खेती अब उनके लिए सम्मानजनक आय का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि कई बार घाटे का सौदा साबित हो रही है। ऐसे विषम हालात में प्रश्न उठता है कि आखिर किसानों के लिए रास्ता क्या है? क्या वे इसी चक्र में फंसे रहें या खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाएँ? इसका उत्तर अब खेतों से ही निकलकर सामने आ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर, पश्चिम चम्पारण के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी फसलें इस बदलाव की मजबूत बुनियाद बनती जा रही हैं। बेतिया जिले के विशुनपुर रघुनाथ क्षेत्र के युवा किसान रवि कुमार इस बदलाव की मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने पारंपरिक फसलों के दायरे से बाहर निकलकर बेबी कॉर्न की खेती को अपनाया और कम समय में बेहतर मुनाफा अर्जित किया। यह फसल मात्र 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान एक वर्ष में कई चक्रों में उत्पादन लेकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। बेबी कॉर्न की सबसे बड़ी विशेषता इसकी दोहरी उपयोगिता है: एक ओर इसका भुट्टा बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है, वहीं दूसरी ओर इसका हरा पौधा पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता का चारा बनता है। किसान संजय कुमार बताते हैं कि इसके चारे के उपयोग से मवेशियों की दूध देने की क्षमता बढ़ती है, जिससे अतिरिक्त आय का एक और स्रोत तैयार हो जाता है। अर्थात् एक ही फसल से किसान को दोहरा लाभ मिल रहा है—फसल और पशुपालन, दोनों। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। ग्राम बैकुंठवा, प्रखंड नौतन के किसान राघोशरण प्रसाद मानते हैं कि बेबी कॉर्न की खेती ने किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। अब किसान कम समय में नकदी फसल लेकर बाजार से सीधे जुड़ पा रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है। दूसरी ओर, स्वीट कॉर्न भी किसानों के लिए एक उभरता हुआ विकल्प है। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। शहरों में उबले और भुने हुए स्वीट कॉर्न की लोकप्रियता ने इसे एक स्थायी बाजार प्रदान किया है। यह फसल 65 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी बिक्री भी अपेक्षाकृत आसान होती है। सरकार भी इस परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। स्वीट कॉर्न की खेती के लिए बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित हों। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती वर्तमान समय में किसानों के लिए एक व्यावहारिक और लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। कम समय में तैयार होने वाली इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है। विभाग की ओर से किसानों को बीज, तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक खेती को अपना सकें। स्पष्ट है कि आज खेती केवल परिश्रम का नहीं, बल्कि दूरदर्शिता और रणनीति का भी विषय बन चुकी है। जो किसान बाजार की मांग और समय की आवश्यकता को समझ रहा है, वही आगे बढ़ रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न इस बदलाव के प्रतीक हैं, जहाँ कम लागत, कम समय और अधिक मुनाफा:तीनों एक साथ संभव हो रहे हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि अब आवश्यकता इस बात की है कि किसान अपनी सोच को सीमित दायरे से बाहर निकालें और नई फसलों को अपनाने का साहस दिखाएँ, क्योंकि आने वाला समय उसी का है जो खेती को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक संगठित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में देखेगा। इस अवसर पर माधोपुर पैक्स अध्यक्ष श्री शत्रुघ्न सिंह, रवि कुमार, सौरभ कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
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    भारत आज भी एक कृषि-प्रधान देश है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि जिस कृषि व्यवस्था पर देश की अर्थव्यवस्था टिकी है, उसी से जुड़ा किसान आज सबसे अधिक संकट में है। बढ़ती लागत, अनिश्चित मौसम, बाजार की अस्थिरता और फसलों के उचित मूल्य का अभाव—ये सभी कारक किसानों को हर मोर्चे पर संघर्ष करने को मजबूर कर रहे हैं। पारंपरिक खेती अब उनके लिए सम्मानजनक आय का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि कई बार घाटे का सौदा साबित हो रही है। ऐसे विषम हालात में प्रश्न उठता है कि आखिर किसानों के लिए रास्ता क्या है? क्या वे इसी चक्र में फंसे रहें या खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाएँ? इसका उत्तर अब खेतों से ही निकलकर सामने आ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर, पश्चिम चम्पारण के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी फसलें इस बदलाव की मजबूत बुनियाद बनती जा रही हैं। बेतिया जिले के विशुनपुर रघुनाथ क्षेत्र के युवा किसान रवि कुमार इस बदलाव की मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने पारंपरिक फसलों के दायरे से बाहर निकलकर बेबी कॉर्न की खेती को अपनाया और कम समय में बेहतर मुनाफा अर्जित किया। यह फसल मात्र 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान एक वर्ष में कई चक्रों में उत्पादन लेकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। बेबी कॉर्न की सबसे बड़ी विशेषता इसकी दोहरी उपयोगिता है: एक ओर इसका भुट्टा बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है, वहीं दूसरी ओर इसका हरा पौधा पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता का चारा बनता है। किसान संजय कुमार बताते हैं कि इसके चारे के उपयोग से मवेशियों की दूध देने की क्षमता बढ़ती है, जिससे अतिरिक्त आय का एक और स्रोत तैयार हो जाता है। अर्थात् एक ही फसल से किसान को दोहरा लाभ मिल रहा है—फसल और पशुपालन, दोनों। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। ग्राम बैकुंठवा, प्रखंड नौतन के किसान राघोशरण प्रसाद मानते हैं कि बेबी कॉर्न की खेती ने किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। अब किसान कम समय में नकदी फसल लेकर बाजार से सीधे जुड़ पा रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है। दूसरी ओर, स्वीट कॉर्न भी किसानों के लिए एक उभरता हुआ विकल्प है। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। शहरों में उबले और भुने हुए स्वीट कॉर्न की लोकप्रियता ने इसे एक स्थायी बाजार प्रदान किया है। यह फसल 65 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी बिक्री भी अपेक्षाकृत आसान होती है। सरकार भी इस परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। स्वीट कॉर्न की खेती के लिए बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित हों। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती वर्तमान समय में किसानों के लिए एक व्यावहारिक और लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। कम समय में तैयार होने वाली इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है। विभाग की ओर से किसानों को बीज, तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक खेती को अपना सकें। स्पष्ट है कि आज खेती केवल परिश्रम का नहीं, बल्कि दूरदर्शिता और रणनीति का भी विषय बन चुकी है। जो किसान बाजार की मांग और समय की आवश्यकता को समझ रहा है, वही आगे बढ़ रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न इस बदलाव के प्रतीक हैं, जहाँ कम लागत, कम समय और अधिक मुनाफा:तीनों एक साथ संभव हो रहे हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि अब आवश्यकता इस बात की है कि किसान अपनी सोच को सीमित दायरे से बाहर निकालें और नई फसलों को अपनाने का साहस दिखाएँ, क्योंकि आने वाला समय उसी का है जो खेती को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक संगठित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में देखेगा। इस अवसर पर माधोपुर पैक्स अध्यक्ष श्री शत्रुघ्न सिंह, रवि कुमार, सौरभ कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    39 min ago
  • Post by Talk On Chair
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    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • गैस के बाद अब खाद की लाइन? यूरिया-DAP की किल्लत से अनाज महंगा होने वाला! गैस के लिए लाइन आपने देखी… अब क्या खाद के लिए भी वही हाल होने वाला है? कई राज्यों से खाद की कमी और बढ़ते दाम की खबरें आ रही हैं। अगर यही हाल रहा, तो खेती महंगी होगी और सीधा असर आपकी थाली पर पड़ेगा। 👉 सच क्या है, ग्राउंड पर क्या हो रहा है — पूरा वीडियो देखें निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है। #खाद_की_कमी #UreaCrisis #DAP #FertilizerShortage #महंगाई #GasCrisis #FarmersIssue #KharifSeason #BreakingNews #IndianFarmers #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
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    गैस के बाद अब खाद की लाइन? यूरिया-DAP की किल्लत से अनाज महंगा होने वाला!
गैस के लिए लाइन आपने देखी… अब क्या खाद के लिए भी वही हाल होने वाला है? कई राज्यों से खाद की कमी और बढ़ते दाम की खबरें आ रही हैं। अगर यही हाल रहा, तो खेती महंगी होगी और सीधा असर आपकी थाली पर पड़ेगा।
👉 सच क्या है, ग्राउंड पर क्या हो रहा है — पूरा वीडियो देखें
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है।
#खाद_की_कमी #UreaCrisis #DAP #FertilizerShortage #महंगाई #GasCrisis #FarmersIssue #KharifSeason #BreakingNews #IndianFarmers #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • बेतिया के मच्छर गावा चौक से एक बड़ा आरोप सामने आ रहा है, जहां लोगों ने एक्साइज विभाग के अधिकारियों पर जब्त शराब को ही बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा दिखाई जाने वाली कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता है, जबकि जब्त शराब को बाद में बाजार में बेचा जा रहा है। इसको लेकर इलाके में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।
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    बेतिया के मच्छर गावा चौक से एक बड़ा आरोप सामने आ रहा है, जहां लोगों ने एक्साइज विभाग के अधिकारियों पर जब्त शराब को ही बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा दिखाई जाने वाली कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता है, जबकि जब्त शराब को बाद में बाजार में बेचा जा रहा है। इसको लेकर इलाके में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
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