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शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों ने दिल्ली में संसद भवन के गेट तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण संसद भवन के आसपास कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के प्रयास के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रह सकता है।
Nandan Kumar
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों ने दिल्ली में संसद भवन के गेट तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण संसद भवन के आसपास कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बना रहा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के प्रयास के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रह सकता है।
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- सदन में नल-जल योजना के संचालन और व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल के नेता ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेता ने मांग की है कि इस योजना की पूरी जिम्मेदारी वार्ड सदस्यों को सौंपी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नल-जल योजना के नाम पर करीब ₹200 करोड़ पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में लोगों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। विपक्षी नेता ने सुझाव दिया कि यदि योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सीधे वार्ड सदस्यों को दी जाए और इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाए, तो स्थानीय स्तर पर पानी की व्यवस्था अधिक बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और उन्हें इस बात की सटीक जानकारी होती है कि किस मोहल्ले या टोले में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि योजना की राशि के खर्च और जमीनी स्तर पर इसके लाभों की समीक्षा की जाए, तथा योजना में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करते हुए वार्ड सदस्यों की भूमिका को बढ़ाया जाए। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक चर्चा हुई और विपक्ष ने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।1
- बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर गंगटा में कुदरत का कहर बरपा है, जहां सती नदी का बांध टूट गया है। इस हादसे के बाद प्रभावित इलाके के करीब 150 घरों की जिंदगी अंधकार में डूब गई है और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस गंभीर संकट के बीच प्रभावित लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, जिसके लिए सम्राट चौधरी से गुहार लगाई गई है।1
- बिहार विधानसभा में एक बार फिर खगड़िया मेडिकल कॉलेज का मुद्दा गूंजा है। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सरकार से संसारपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग उठाई है। विधायक का कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने से खगड़िया सहित आसपास के जिलों के लाखों लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।1
- लखीसराय जिले के चानन प्रखंड अंतर्गत संग्रामपुर पंचायत स्थित जीविका भवन परिसर में मंगलवार 20 जुलाई को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना और आम लोगों को एक ही स्थान पर विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों को अंगवस्त्र एवं बुके देकर स्वागत करते हुए किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं नोडल पदाधिकारी श्रवण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। इनमें राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, कृषि, विद्युत, मनरेगा, ग्रामीण आवास, स्वच्छता, समाज कल्याण एवं कल्याण विभाग शामिल थे। शिविर के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को जन्म प्रमाण पत्र, वंशावली प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपे। शिविर में अंचल अधिकारी रवि प्रसाद पासवान, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अंजली कुमारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी योगेश कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी विभा कुमारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी गौतम कुमार, मनरेगा के कनीय अभियंता मनीष कुमार, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक पंकज कुमार, स्वच्छता विभाग के प्रखंड समन्वयक मनीष कुमार, कृषि समन्वयक संदीप कुमार, विद्युत विभाग के कनीय अभियंता रवि कुमार तथा शिविर प्रभारी योगेश कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा संग्रामपुर पंचायत के मुखिया दीपक सिंह, पंचायत समिति निरंजन पासवान, विकास भंडारी, प्रताप पासवान और स्वच्छता पर्यवेक्षक सचिन कुमार समेत अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनकर कई आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया और शेष मामलों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। साथ ही, लोगों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।1
- बिहार के मुंगेर में मधु हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां आत्महत्या की रची गई कहानी बिल्कुल झूठी निकली है। इस मामले में यह साफ हो गया है कि मधु के दारोगा पति ने ही अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या की थी।1
- बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को खगड़िया में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गूंजा। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने विधानसभा में इस महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए संसारपुर में जमीन चिह्नित कर संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। निर्माण में हो रही इस देरी का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। विधायक ने खगड़िया की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि यह जिला सात नदियों से घिरा हुआ है। सुदूर ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों के मरीजों को जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पहुंचने में ही काफी कठिनाई होती है। ऐसे में गंभीर स्थिति या दुर्घटना के शिकार मरीजों को पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर जाकर इलाज कराना बेहद मुश्किल हो जाता है और समय पर चिकित्सा न मिलने से संकट खड़ा हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि सड़क और रेल मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण खगड़िया का यह मेडिकल कॉलेज सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और मुंगेर जैसे पड़ोसी जिलों के मरीजों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। इसके निर्माण से जहां अन्य सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा, वहीं फरकिया क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। इससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। विधायक ने सरकार और संबंधित विभाग से आग्रह किया कि इस वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए संसारपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर जल्द काम शुरू कराया जाए।1
- खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक चले इस शिविर में कुल 103 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। यह पूरा आयोजन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश के नेतृत्व और डॉक्टर चंद्रभानु कुमार चौधरी एवं महिला डॉक्टर शोभा रानी की देखरेख में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया। इसके साथ ही उनकी लंबाई और वजन भी मापा गया। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए और गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। महिलाओं को फल और चुकंदर जैसे आहार के साथ-साथ पत्तेदार हरी सब्जियां, साग और ओआरएस के घोल का सेवन करने की सलाह दी गई। इस जांच अभियान में डॉक्टर विजय कुमार, महिला डॉक्टर शोभा रानी, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग दिया। इसके अतिरिक्त, शिविर में एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी उपस्थित रहीं।1
- बिहार के नवादा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों की समस्याओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल विचार करने और संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराने की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है और मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो वे इस आंदोलन को और तेज करेंगे।1