logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अयोध्या के मिल्कीपुर उपखंड अंतर्गत हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां बहुउद्देशीय सोसाइटी के सामने लगे 25 केवीए क्षमता के पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र में बिजली की लगातार बढ़ रही मांग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। मिल्कीपुर विद्युत उपखंड के एसडीओ अमित कुमार के निर्देश पर बुधवार को विद्युत विभाग की टीम ने इस ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य पूरा किया। दरअसल, क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण पुराने 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ रहा था। इसी वजह से आए दिन फाल्ट, लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप अधिक क्षमता वाले 63 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना हुई। उनका कहना है कि इस नए ट्रांसफार्मर से क्षेत्र के दर्जनों घरों और उपभोक्ताओं को अब सुचारु और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी, साथ ही बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान लाइनमैन अमीष कुमार, सहायक सुशील कुमार और एससीओ प्रवीण कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया है।

2 hrs ago
user_प्रभारी राकेश कुमार मिश्र
प्रभारी राकेश कुमार मिश्र
Press advisory मिल्कीपुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अयोध्या के मिल्कीपुर उपखंड अंतर्गत हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां बहुउद्देशीय सोसाइटी के सामने लगे 25 केवीए क्षमता के पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र में बिजली की लगातार बढ़ रही मांग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। मिल्कीपुर विद्युत उपखंड के एसडीओ अमित कुमार के निर्देश पर बुधवार को विद्युत विभाग की टीम ने इस ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य पूरा किया। दरअसल, क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण पुराने 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ रहा था। इसी वजह से आए दिन फाल्ट, लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप अधिक क्षमता वाले 63 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना हुई। उनका कहना है कि इस नए ट्रांसफार्मर से क्षेत्र के दर्जनों घरों और उपभोक्ताओं को अब सुचारु और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी, साथ ही बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान लाइनमैन अमीष कुमार, सहायक सुशील कुमार और एससीओ प्रवीण कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में सरकारी जमीन का निरीक्षण करने गए उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील कुमार मिश्रा पर बदमाशों और भूमाफियाओं ने हमला कर दिया। यह घटना परियल गांव में हुई, जहाँ 2022 बैच के PCS अधिकारी मिश्रा को पहले जमकर जलील किया गया और उनके साथ बदतमीजी की गई, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में SDM साहब के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जहाँ आधा दर्जन से ज़्यादा टांके लगे हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। खबर मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) पूरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। हालाँकि, इस घटना का मुख्य आरोपी अभी भी आज़ाद है। इस प्रकरण ने एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब एक मजिस्ट्रेट ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है। यह भी चिंता व्यक्त की गई है कि उत्तर प्रदेश में PCS अधिकारियों की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए दो PCS एसोसिएशन सक्रिय हैं, जिनके पास दो दर्जन मजबूत नेता हैं। इसके बावजूद, एक PCS अधिकारी पर हुए इस गंभीर हमले के बाद भी ये संगठन खामोश हैं। हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की जा रही है।
    1
    उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में सरकारी जमीन का निरीक्षण करने गए उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील कुमार मिश्रा पर बदमाशों और भूमाफियाओं ने हमला कर दिया। यह घटना परियल गांव में हुई, जहाँ 2022 बैच के PCS अधिकारी मिश्रा को पहले जमकर जलील किया गया और उनके साथ बदतमीजी की गई, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया।

इस हमले में SDM साहब के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जहाँ आधा दर्जन से ज़्यादा टांके लगे हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। खबर मिलते ही जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) पूरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। हालाँकि, इस घटना का मुख्य आरोपी अभी भी आज़ाद है।

इस प्रकरण ने एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब एक मजिस्ट्रेट ही सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है। यह भी चिंता व्यक्त की गई है कि उत्तर प्रदेश में PCS अधिकारियों की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए दो PCS एसोसिएशन सक्रिय हैं, जिनके पास दो दर्जन मजबूत नेता हैं। इसके बावजूद, एक PCS अधिकारी पर हुए इस गंभीर हमले के बाद भी ये संगठन खामोश हैं। हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की जा रही है।
    user_Ahmad Jilani khan
    Ahmad Jilani khan
    रुदौली, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
    1
    प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है। सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई। डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
    2
    जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई।

डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    3 hrs ago
  • सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
    2
    सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    6 hrs ago
  • अयोध्या जनपद में 8 जून से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे, विशेषकर अंतिम दिन परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इनमें केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश देना, सीसीटीवी निगरानी, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती और लगातार निरीक्षण के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखना शामिल था। तीन दिनों तक जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से अभ्यर्थियों के व्यवस्थित निकास की व्यवस्था भी की गई, जिससे यातायात सुचारु बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी बड़ी अव्यवस्था या गड़बड़ी की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई और सभी केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
    2
    अयोध्या जनपद में 8 जून से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे, विशेषकर अंतिम दिन परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इनमें केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश देना, सीसीटीवी निगरानी, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती और लगातार निरीक्षण के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखना शामिल था।

तीन दिनों तक जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से अभ्यर्थियों के व्यवस्थित निकास की व्यवस्था भी की गई, जिससे यातायात सुचारु बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी बड़ी अव्यवस्था या गड़बड़ी की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई और सभी केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पुलिस की मुस्तैदी के चलते अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र में कछुआ तस्कर पकड़े गए हैं। मंगलवार की रात नजीरपुर के पास गश्त और वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक गाड़ी पर बड़े-बड़े कछुए लादकर ले जा रहे दबंगों को धर दबोचा और उन्हें थाने ले आई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कछुए किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे, लेकिन प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि ये लोग कछुओं को खाने के लिए ले जा रहे थे। इस पूरे मामले में पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है और उसने मामले की जानकारी वन विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारियों को भी दे दी है।
    2
    पुलिस की मुस्तैदी के चलते अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र में कछुआ तस्कर पकड़े गए हैं। मंगलवार की रात नजीरपुर के पास गश्त और वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक गाड़ी पर बड़े-बड़े कछुए लादकर ले जा रहे दबंगों को धर दबोचा और उन्हें थाने ले आई।

हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कछुए किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे, लेकिन प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि ये लोग कछुओं को खाने के लिए ले जा रहे थे। इस पूरे मामले में पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है और उसने मामले की जानकारी वन विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारियों को भी दे दी है।
    user_Vipin pandey ab news Ayodhya
    Vipin pandey ab news Ayodhya
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
    1
    अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चल रहे 'खेत बचाओ अभियान' के संदर्भ में कृषि विभाग से जुड़े एक अधिकारी का बयान सामने आया है। इस दौरान लोग लगातार आ-जा रहे हैं, जो इस मुद्दे पर जारी हलचल को दर्शाता है। यह पूरा मामला कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के विभाग से संबंधित है।
    1
    उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चल रहे 'खेत बचाओ अभियान' के संदर्भ में कृषि विभाग से जुड़े एक अधिकारी का बयान सामने आया है। इस दौरान लोग लगातार आ-जा रहे हैं, जो इस मुद्दे पर जारी हलचल को दर्शाता है। यह पूरा मामला कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के विभाग से संबंधित है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    4 hrs ago
  • श्रावस्ती जनपद के विकासखंड गिलौला के अंतर्गत ग्राम बसभरिया में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पिछले लगभग 5 से 6 दिनों से एक गौ माता लगातार एक ही खेत की परिक्रमा कर रही है। यह गौ माता जल के अलावा और कुछ भी ग्रहण नहीं कर रही है, इसके बावजूद वह पूरी तरह तंदुरुस्त दिखाई दे रही है। गौ माता के इस रहस्यमय व्यवहार का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, और स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
    1
    श्रावस्ती जनपद के विकासखंड गिलौला के अंतर्गत ग्राम बसभरिया में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पिछले लगभग 5 से 6 दिनों से एक गौ माता लगातार एक ही खेत की परिक्रमा कर रही है। यह गौ माता जल के अलावा और कुछ भी ग्रहण नहीं कर रही है, इसके बावजूद वह पूरी तरह तंदुरुस्त दिखाई दे रही है। गौ माता के इस रहस्यमय व्यवहार का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, और स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.