बिशुनपुर प्रखंड के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड में नए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। प्रशासनिक सेवा में यह उनकी पहली एसडीएम नियुक्ति है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और कर्मठ कार्यशैली के लिए लोकप्रिय रहे मुंडरी की इस नई नियुक्ति से क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। पदभार ग्रहण करने के बाद एक विशेष इंटरव्यू में, नए एसडीएम सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड की जनता को 'जोहार' कहकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है, जिसे महुआडांड के शांतिपूर्ण माहौल में पूरी तरह से कायम रखा जाएगा। दूसरी बड़ी प्राथमिकता विकास कार्यों को गति देना है, जिसके लिए ब्लॉक, अंचल और अनुमंडल प्रशासन मिलकर, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आम लोगों की समस्याओं और मुख्य मुद्दों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा जनता के सक्रिय सहयोग से ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। एसडीएम मुंडरी ने क्षेत्र की जनता को बेझिझक होकर अपनी बात रखने का संदेश दिया है। उन्होंने महुआडांड की आम जनता से बिना किसी संकोच के उनसे मिलने, अपनी समस्याएं रखने और क्षेत्र की बेहतरी के लिए सुझाव साझा करने का आग्रह किया है, जिससे स्थानीय समस्याओं को करीब से जानने और उनके त्वरित व उचित समाधान निकालने में मदद मिलेगी। सुलेमान मुंडरी के पदभार ग्रहण करने पर महुआडांड अनुमंडल सांसद प्रतिनिधी संजय जायसवाल, भाजपा मंडल के पश्चिमी अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, नेतरहाट होटल संघ के सर्वेश प्रसाद, विनय प्रसाद, हेमंत प्रसाद और बिट्टू प्रसाद सहित कई गणमान्य लोगों ने खुशी जाहिर की। नेतरहाट के मुखिया राम विष्णु नगेसिया, गजेंद्र किसान, तेज नारायण किसान सहित दर्जनों स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बुके देकर बधाई दी और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनके पिछले प्रशासनिक अनुभवों और कार्यकुशलता का लाभ इस पूरे अनुमंडल को मिलेगा।
बिशुनपुर प्रखंड के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड में नए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। प्रशासनिक सेवा में यह उनकी पहली एसडीएम नियुक्ति है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और कर्मठ कार्यशैली के लिए लोकप्रिय रहे मुंडरी की इस नई नियुक्ति से क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। पदभार ग्रहण करने के बाद एक विशेष इंटरव्यू में, नए एसडीएम सुलेमान मुंडरी ने महुआडांड की जनता को 'जोहार' कहकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है, जिसे महुआडांड के शांतिपूर्ण माहौल में पूरी तरह से कायम रखा जाएगा। दूसरी बड़ी प्राथमिकता विकास कार्यों को गति देना है, जिसके लिए ब्लॉक, अंचल और अनुमंडल प्रशासन मिलकर, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आम लोगों की समस्याओं और मुख्य मुद्दों को गंभीरता से सुना जाएगा तथा जनता के सक्रिय सहयोग से ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। एसडीएम मुंडरी ने क्षेत्र की जनता को बेझिझक होकर अपनी बात रखने का संदेश दिया है। उन्होंने महुआडांड की आम जनता से बिना किसी संकोच के उनसे मिलने, अपनी समस्याएं रखने और क्षेत्र की बेहतरी के लिए सुझाव साझा करने का आग्रह किया है, जिससे स्थानीय समस्याओं को करीब से जानने और उनके त्वरित व उचित समाधान निकालने में मदद मिलेगी। सुलेमान मुंडरी के पदभार ग्रहण करने पर महुआडांड अनुमंडल सांसद प्रतिनिधी संजय जायसवाल, भाजपा मंडल के पश्चिमी अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, नेतरहाट होटल संघ के सर्वेश प्रसाद, विनय प्रसाद, हेमंत प्रसाद और बिट्टू प्रसाद सहित कई गणमान्य लोगों ने खुशी जाहिर की। नेतरहाट के मुखिया राम विष्णु नगेसिया, गजेंद्र किसान, तेज नारायण किसान सहित दर्जनों स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बुके देकर बधाई दी और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनके पिछले प्रशासनिक अनुभवों और कार्यकुशलता का लाभ इस पूरे अनुमंडल को मिलेगा।
- दिल्ली के लाल किला में आयोजित जनजाति संस्कृति महा संगम कार्यक्रम में झारखंड के लातेहार जिले के पोचरा, माजर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह खेरवार ने जनजाति हित, संस्कृति और समाज के उत्थान पर एक प्रभावशाली उद्बोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश के गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर उपस्थित थे, जिन्होंने सत्येंद्र सिंह की बातों को गंभीरता से सुना। अपने संबोधन के दौरान, अमित शाह ने कई बार सत्येंद्र सिंह का नाम लेकर उनके कार्यों की सराहना की, जिससे लातेहार का नाम राष्ट्रीय मंच पर गूंज उठा। सत्येंद्र सिंह ने लातेहार जैसे छोटे जिले के माजर गांव से निकलकर एक संगठन के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनका प्रारंभिक जीवन वनवासी कल्याण केंद्र में प्रखंड संगठन मंत्री के रूप में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्हें स्व. डॉ. आर.पी. गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी स्व. कुंती देवी का हर कदम पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। आज वे राष्ट्रीय स्तर पर जनजाति समाज की एक प्रमुख आवाज बन चुके हैं। नई दिल्ली में देशभर से आए लाखों जनजाति समाज के लोगों के बीच मंच से मार्गदर्शन देना लातेहार के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। एक छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। माजर भले ही एक अविकसित गांव है, लेकिन इसके निवासी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए वर्षों जेल में रहे थे। राष्ट्र और धर्म के लिए माजर गांव सदैव आगे रहा है।1
- चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री कालीचरण सिंह ने भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच मनिका प्रखंड क्षेत्र का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान, सांसद सिंह ने कुई निवासी स्वर्गीय श्री चंदन कुमार के परिजनों से मुलाकात की, जो लैंपस प्रबंधक थे। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।1
- सोशल मीडिया पर लोहरदगा से एक हैरान कर देने वाला सवाल वायरल हो रहा है, जिसमें सीधे तौर पर पूछा गया है कि क्या ईसाई और आदिवासी 'एक ही मां के औलाद' हैं। यह पोस्ट ईसाई और आदिवासी पहचान के बीच के संबंध पर एक तीव्र और विवादास्पद प्रश्न उठाता है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।1
- सवाल पूछे जाने पर एक भाजपा नेता ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत को आज़ादी मिलने के इतने समय बाद भी अब तक सड़क का निर्माण क्यों नहीं हो पाया था। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जब राज्यपाल महोदय को आना था, तो वही सड़क मात्र एक दिन के भीतर बनकर तैयार हो गई।1
- पलामू जिले के मनतु थाना क्षेत्र में जल नल की समस्या के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि यहाँ केवल एक खाली नल है, जिसके चलते लोग पेयजल के लिए काफी दिक्कतें झेल रहे हैं। जनता का आरोप है कि जब जल नल योजना क्षेत्र में आई थी, तब स्थानीय मुखिया ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर उसे दूसरी जगह लगवा दिया। इसके लिए एक अन्य बोरिंग भी करवा दी गई, जिससे मूल स्थान पर जल नल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के विधायक जी से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने विधायक से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द इस पूरे मामले की गहन जाँच कराएँ और जल नल का काम पुनः शुरू करवाएँ, ताकि जनता को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।1
- पाटन प्रखंड के नावाजयपुर थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पाटन पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश मंडल ने की, जबकि संचालन वीरेंद्र राम द्वारा किया गया। पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश मंडल ने सभी लोगों से बकरीद को शांति और भाईचारे के साथ मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। बैठक में नावाजयपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया, जहाँ पुलिस प्रशासन ने सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने की अपील की। थाना प्रभारी सतीश कुमार गुप्ता ने पर्व के दौरान किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की बात कही। उन्होंने यह भी जोर दिया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी बैठक के दौरान नावाजयपुर थाना क्षेत्र से बरामद किए गए कुछ गुम मोबाइल फोन भी उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस प्रशासन के इस कार्य की सराहना की। इस अवसर पर नावाजयपुर थाना के एसआई बीरेंद्र कुमार मेहता, एसआई एसडी राम, एसआई आरडी प्रसाद, एएसआई सुखदेव रविदास, अभय प्रसाद, रवि कुमार लोहरा, मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र सिंह, समाजसेवी रामप्रवेश सिंह, उमाशंकर मोची, समाजसेवी मुकेश कुमार, हाजी साहब, मोहाफिज अंसारी, अशलम अंसारी, कादिर अंसारी, हुसैन अंसारी सहित शांति समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और थाना क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे।1
- सोमवार को बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के मस्जिद मोहल्ला में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झामुमो नेता गुलाम अशगर के घर के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली तार अचानक टूटकर छत पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के वक्त परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तार तेज आवाज के साथ टूटा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाईटेंशन तार लंबे समय से घरों के ऊपर से गुजर रहा है और इसे हटाने की मांग कई बार बिजली विभाग से की जा चुकी है, लेकिन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अनदेखी के कारण कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती थी, क्योंकि तार काफी नीचे झूल रहा था जिससे हमेशा खतरा बना रहता था। इस घटना के बाद मोहल्ले में लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से तत्काल जर्जर तार हटाने, वैकल्पिक लाइन की व्यवस्था करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा जांच अभियान चलाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।1
- आदिवासी महिलाएँ अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली पहुँची हैं।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को प्रतापपुर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीपीओ सन्नी वर्धन, सीओ विकास कुमार टुडू और थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मिस्टर आलम अशरफी ने किया। बैठक के दौरान, एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने सभी से त्योहार को पवित्रता के साथ मनाने का आग्रह किया और स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन हर स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट न डालें, क्योंकि सोशल मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ और थाना प्रभारी ने प्रतापपुर को कौमी एकता की मिसाल बताते हुए नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।1