रूपनगढ़ में अतिक्रमण का बढ़ता कहर: नालों को भी नहीं बख्शा, पानी की निकासी पर लगा ‘ब्रेक’! नालों के ऊपर तक बना लिए कब्जे, बरसात में जलभराव का बढ़ा खतरा — प्रशासन की अनदेखी पर उठ रहे सवाल रूपनगढ़। कस्बे में बढ़ते अतिक्रमण ने अब आमजन की परेशानियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। हालात यह हैं कि अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक नालों और पानी की निकासी के रास्तों तक को नहीं बख्शा। कई स्थानों पर नालों के ऊपर या आसपास अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा कर दिया गया है, वहीं कहीं-कहीं पानी की प्राकृतिक निकासी तक बाधित होने की स्थिति सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले और जल निकासी व्यवस्था किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की सार्वजनिक सुविधा है। इसके बावजूद यदि नालों पर निर्माण अथवा कब्जे होते रहे तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से सड़कों और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। पानी की निकासी रुकी तो बढ़ेगी परेशानी नालों के ऊपर अतिक्रमण होने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। यदि समय रहते नालों को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और उनकी नियमित सफाई नहीं हुई तो बरसात के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे में सार्वजनिक नालों, नालियों और जल निकासी मार्गों का सर्वे करवाकर उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए तथा जहां भी नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाए, वहां निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। प्रशासन से सवाल—कब जागेगा जिम्मेदार महकमा? लोगों का कहना है कि अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर बाद में उसे हटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन को किसी शिकायत या बड़े जलभराव का इंतजार करने के बजाय पहले से ही नालों और जल निकासी मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। रूपनगढ़वासियों ने प्रशासन से अपील की है कि सार्वजनिक नालों एवं जल निकासी व्यवस्था की मौके पर जांच करवाई जाए और आमजन के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या से कस्बेवासियों को राहत मिल सके।
रूपनगढ़ में अतिक्रमण का बढ़ता कहर: नालों को भी नहीं बख्शा, पानी की निकासी पर लगा ‘ब्रेक’! नालों के ऊपर तक बना लिए कब्जे, बरसात में जलभराव का बढ़ा खतरा — प्रशासन की अनदेखी पर उठ रहे सवाल रूपनगढ़। कस्बे में बढ़ते अतिक्रमण ने अब आमजन की परेशानियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। हालात यह हैं कि अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक नालों और पानी की निकासी के रास्तों तक को नहीं बख्शा। कई स्थानों पर नालों के ऊपर या आसपास अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा कर दिया गया है, वहीं कहीं-कहीं पानी की प्राकृतिक निकासी तक बाधित होने की स्थिति सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले और जल निकासी व्यवस्था किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की सार्वजनिक सुविधा है। इसके बावजूद यदि नालों पर निर्माण अथवा कब्जे होते रहे तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से सड़कों और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। पानी की निकासी रुकी तो बढ़ेगी परेशानी नालों के ऊपर अतिक्रमण होने से सफाई व्यवस्था भी
प्रभावित होने की आशंका है। यदि समय रहते नालों को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और उनकी नियमित सफाई नहीं हुई तो बरसात के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे में सार्वजनिक नालों, नालियों और जल निकासी मार्गों का सर्वे करवाकर उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए तथा जहां भी नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाए, वहां निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। प्रशासन से सवाल—कब जागेगा जिम्मेदार महकमा? लोगों का कहना है कि अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर बाद में उसे हटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन को किसी शिकायत या बड़े जलभराव का इंतजार करने के बजाय पहले से ही नालों और जल निकासी मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। रूपनगढ़वासियों ने प्रशासन से अपील की है कि सार्वजनिक नालों एवं जल निकासी व्यवस्था की मौके पर जांच करवाई जाए और आमजन के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या से कस्बेवासियों को राहत मिल सके।
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer कांग्रेस में बगावत के सुर तेज टिकट कटने से नाराज पठान ने धर्मेंद्र सिंह राठौड़ का पुतला फूंका Dainik News AJMER1
- नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच तेज, वार्ड-4 में बीजेपी प्रत्याशी दीपक जैन के नामांकन पर आपत्ति अजमेर नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच तेज, वार्ड-4 में बीजेपी प्रत्याशी दीपक जैन के नामांकन पर आपत्ति अजमेर। नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच का दौर जारी है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस, बीजेपी और निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर से दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जा रही है। अलग-अलग वार्डों में प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर लगाई गई आपत्तियों पर भी सुनवाई की जा रही है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 4 से बीजेपी प्रत्याशी दीपक जैन के नामांकन को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। आपत्ति में नगर निगम में संचालित फूड कोर्ट से जुड़ी करीब 57 लाख रुपये की बकाया राशि जमा नहीं करने का मुद्दा उठाया गया है। आपत्ति पर समय पर सुनवाई नहीं होने को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से भी विरोध जताया गया। अधिवक्ताओं की नाराजगी के बाद संबंधित अधिकारियों ने आपत्ति पर सुनवाई की। अब आपत्ति में लगाए गए आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि किन प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए और किन पर आगे की कार्रवाई की जाती है।1
- वैश्विक चुनौतियों के बीच 7.8% की तेज आर्थिक विकास दर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रभावी नीतियों और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।1
- जब 3 बजे के बाद किसी को नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो स्थानीय विधायक और उनके लोगों को अंदर कैसे जाने दिया गया? गेट बंद था तो पुलिस अधिकारी उन्हें अंदर लेकर कैसे पहुंचे? और कांग्रेस प्रत्याशी को बाहर निकालने के लिए पुलिस को किसने कहा? क्या चुनावी प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम हैं? क्या यही प्रशासन की निष्पक्षता है? जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा। किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जाएगी।1
- नसीराबाद-ब्यावर मार्ग पर तड़के पलटा ट्रेलर, बिजली पोल तोड़ा—ड्राइवर-खलासी बाल-बाल बचे नसीराबाद-ब्यावर मार्ग पर तड़के पलटा ट्रेलर, बिजली पोल तोड़ा—ड्राइवर-खलासी बाल-बाल बचे1
- रियान बड़ी से बाबा रामदेव जी महाराज के दर्शन के लिए मंगलवार को श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह पैदल यात्रा पर निकला। यह यात्रा सुबह मेला मैदान से शुरू हुई, जहां बड़ी संख्या में भक्त इकट्ठा हुए थे। भक्तों ने बाबा रामदेव जी महाराज के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। मेला मैदान से निकली इस पैदल यात्रा में पुरुष, महिलाएं और युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालु अपने हाथों में ध्वज लिए हुए थे और बाबा रामदेव जी महाराज के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा के दौरान धार्मिक गीत और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखा गया। यात्रा के रवाना होने पर रास्ते में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह ग्रामीणों ने यात्रियों के लिए स्वागत के इंतजाम किए थे। फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल था। आयोजकों ने बताया कि बाबा रामदेव जी महाराज में आस्था रखने वाले भक्त हर साल बड़ी संख्या में इस पैदल यात्रा में शामिल होते हैं। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर बाबा के दरबार में दर्शन करने पहुंचते हैं और पूजा कर आशीर्वाद लेते हैं। पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालु अनुशासन के साथ चलते हुए धार्मिक माहौल बनाए रखते हैं। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की बाबा रामदेव जी महाराज में बहुत आस्था है। उनके लिए यह पैदल यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। यात्रा में शामिल भक्त बाबा के दर्शन कर अपने परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की दुआ करेंगे। श्रद्धालुओं के इस बड़े समूह के रवाना होने से रियान बड़ी में दिनभर धार्मिक माहौल रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी किए गए थे। ग्रामीणों द्वारा किए गए जोरदार स्वागत से यात्रियों का उत्साह और बढ़ गया। रियान बड़ी से बाबा रामदेव जी महाराज के दर्शन के लिए मंगलवार को श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह पैदल यात्रा पर निकला। यह यात्रा सुबह मेला मैदान से शुरू हुई, जहां बड़ी संख्या में भक्त इकट्ठा हुए थे। भक्तों ने बाबा रामदेव जी महाराज के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। मेला मैदान से निकली इस पैदल यात्रा में पुरुष, महिलाएं और युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालु अपने हाथों में ध्वज लिए हुए थे और बाबा रामदेव जी महाराज के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा के दौरान धार्मिक गीत और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखा गया। यात्रा के रवाना होने पर रास्ते में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह ग्रामीणों ने यात्रियों के लिए स्वागत के इंतजाम किए थे। फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल था। आयोजकों ने बताया कि बाबा रामदेव जी महाराज में आस्था रखने वाले भक्त हर साल बड़ी संख्या में इस पैदल यात्रा में शामिल होते हैं। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर बाबा के दरबार में दर्शन करने पहुंचते हैं और पूजा कर आशीर्वाद लेते हैं। पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालु अनुशासन के साथ चलते हुए धार्मिक माहौल बनाए रखते हैं। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की बाबा रामदेव जी महाराज में बहुत आस्था है। उनके लिए यह पैदल यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। यात्रा में शामिल भक्त बाबा के दर्शन कर अपने परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की दुआ करेंगे। श्रद्धालुओं के इस बड़े समूह के रवाना होने से रियान बड़ी में दिनभर धार्मिक माहौल रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी किए गए थे। ग्रामीणों द्वारा किए गए जोरदार स्वागत से यात्रियों का उत्साह और बढ़ गया।1
- विधायक अनिता भदेल के विरोध में एडवोकेट महेंद्र भाटी ने कराया सिर का मुंडन1
- An interesting cultural exchange in Bishkek. Mr. Rysbai Isakov, a Manaschy recited a few verses from the Manas.1
- रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है। रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है।1