सोनभद्र जिले के बभनी विकासखंड की ग्राम पंचायत बाजिया में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 'आवास प्लस सर्वेक्षण 2024' की स्थायी पात्रता सूची तैयार करने के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। इसके तहत, पात्र लाभार्थियों की सूची को सार्वजनिक रूप से पंचायत भवन पर चस्पा किया गया ताकि सभी ग्रामीण इसे देख सकें। यह प्रक्रिया ग्राम प्रधान रामचंद्र गुप्ता जी, ग्राम पंचायत सचिव नंदलाल प्रजापति, प्रधान प्रतिनिधि रामस्वरूप जी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में नए आवेदकों और मौजूदा लाभार्थियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया, जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना का लाभ केवल उन्हीं जरूरतमंदों को मिले जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं। सत्यापन के दौरान ग्रामीणों से सीधे प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी ली गई। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) कमलेश भारती ने प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पात्र ग्रामीण का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं है, तो वे निर्धारित प्रारूप में अपना प्रार्थना पत्र खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में जमा कर सकते हैं। सरकार की मंशा है कि अपात्र लोग अनुचित लाभ न उठाएं और योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम रूप से तैयार लाभार्थियों की सूची पंचायत भवन के मुख्य सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सूची का अवलोकन करें और यदि किसी भी नाम को लेकर कोई आपत्ति या त्रुटि दिखाई देती है, तो तत्काल ग्राम पंचायत कार्यालय या संबंधित अधिकारी को सूचित करें। इस सार्वजनिक सूची से ग्रामीण प्रशासन की इस पहल को सराह रहे हैं और इसे पारदर्शी प्रक्रिया की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
सोनभद्र जिले के बभनी विकासखंड की ग्राम पंचायत बाजिया में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 'आवास प्लस सर्वेक्षण 2024' की स्थायी पात्रता सूची तैयार करने के लिए एक खुली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। इसके तहत, पात्र लाभार्थियों की सूची को सार्वजनिक रूप से पंचायत भवन पर चस्पा किया गया ताकि सभी ग्रामीण इसे देख सकें। यह प्रक्रिया ग्राम प्रधान रामचंद्र गुप्ता जी, ग्राम पंचायत सचिव नंदलाल प्रजापति, प्रधान प्रतिनिधि रामस्वरूप जी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में नए आवेदकों और मौजूदा लाभार्थियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया, जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना का लाभ केवल उन्हीं जरूरतमंदों को मिले जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं। सत्यापन के दौरान ग्रामीणों से सीधे प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी ली गई। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) कमलेश भारती ने प्रक्रिया में पारदर्शिता पर
जोर देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पात्र ग्रामीण का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं है, तो वे निर्धारित प्रारूप में अपना प्रार्थना पत्र खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में जमा कर सकते हैं। सरकार की मंशा है कि अपात्र लोग अनुचित लाभ न उठाएं और योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम रूप से तैयार लाभार्थियों की सूची पंचायत भवन के मुख्य सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सूची का अवलोकन करें और यदि किसी भी नाम को लेकर कोई आपत्ति या त्रुटि दिखाई देती है, तो तत्काल ग्राम पंचायत कार्यालय या संबंधित अधिकारी को सूचित करें। इस सार्वजनिक सूची से ग्रामीण प्रशासन की इस पहल को सराह रहे हैं और इसे पारदर्शी प्रक्रिया की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सलैयाडीह में रविवार को NH-39 पर हुए एक सड़क हादसे में लगभग 38 वर्षीय दशरथ नामक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सलैयाडीह निवासी दशरथ पुत्र स्वर्गीय रामदेव अपने दिव्यांग ई-रिक्शा से कोन मोड़ चौराहे की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे एक तेज गति के ट्रक (संख्या NL-01L-0343) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। दशरथ दोनों पैरों से दिव्यांग थे और उनके आवागमन तथा दैनिक कार्यों के लिए सरकार द्वारा उन्हें एक छोटा दिव्यांग ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया था। वे सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी अंशु देवी दृष्टिबाधित हैं, और उनके परिवार में एक लगभग 20 वर्षीय पुत्र तथा 16 एवं 12 वर्ष की दो पुत्रियां हैं। दशरथ की असामयिक मृत्यु से यह परिवार गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक संकट में आ गया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे के बाद NH-39 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को चिन्हित कर लिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने परिजनों को निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।1
- बोल बम सेवा समिति ने अपने सम्मानित सदस्यों को उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। समिति की ओर से सभी सदस्यों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और मंगल कामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर बोल बम सेवा समिति परिवार ने अपनी एकजुटता और सम्मान की भावना का प्रदर्शन किया, जिसकी कुछ झलकियां भी प्रस्तुत की गई हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी में शनिवार दोपहर करीब एक बजे 'दुद्धी को जिला बनाओ विकास कराओ चुनावी वादा पूरा करो' के बैनर तले, दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार तरीके से प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश और केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने मांग की कि इस वादे को तुरंत पूरा किया जाए और दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरा क्षेत्र विकास की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन विकास की राह बहुत दूर तक दिखाई नहीं दे रही है, और लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि दुद्धी पिछले कई दशकों से जिला बनाने की मांग कर रहा है और सभी मानदंडों को पूरा करता है, इसके बावजूद इस भारी राजस्व देने वाले क्षेत्र को जिला का दर्जा नहीं मिला है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, जितेंद्र श्रीवास्तव, विष्णुकांत तिवारी, वरुणोदय जौहरी, जय प्रकाश अग्रहरि, श्रीचंद, अमरावती देवी, वीरेंद्र कुमार, आदर्श कुमार, राकेश अग्रहरि, राजेंद्र चंद्रवंशी, जीवनराम चंद्रवंशी और अभिनव जायसवाल सहित कई संघर्ष समिति के लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।3
- सोनभद्र के कचनरवा में पानी की टंकी और सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से की गई बोरिंग के बावजूद, छह महीने बीत जाने के बाद भी इस काम में कोई प्रगति नहीं हुई है। बोरिंग का कार्य हुए आधा वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी तक टंकी या सौर ऊर्जा से संबंधित कोई भी आगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।1
- रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व संध्या, यानी 20 जून 2026 को, अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा द्वारा एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित अधिवक्ता भवन में हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता मुस्ताक अली एडवोकेट ने की। संगोष्ठी में पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के महासचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर योग को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योग की भूमिका पर जोर देते हुए सभी नागरिकों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया। सिंह ने यह भी कहा कि जिस प्रकार योग शरीर और मन को संतुलित करता है, ठीक उसी प्रकार क्षेत्रीय विकास और सामाजिक संतुलन के लिए पूर्वांचल राज्य की स्थापना भी आवश्यक है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव राजेश कुमार यादव एड ने योग को केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति करार दिया और इसे तनावमुक्त व स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम बताया। श्री जायसवाल ने युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा क्षेत्र के समग्र विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर संघर्षरत है। बैठक का संचालन कर रहे डीबीए सोनभद्र के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने योग को भारतीय सभ्यता की पहचान बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संगोष्ठी में रमेश चंद्र सिंह, संजीव कुमार, सुरेश सिंह कुशवाहा, टीटू प्रसाद गुप्ता, राजकुमार पटेल, सुरेश सिंह पटेल, आदर्श देव पांडेय, संतोष चतुर्वेदी और संतोष कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।2
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में राम मंदिर में चोरी होने का उल्लेख करते हुए यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि आखिर यह घटना क्यों हुई। पोस्ट में दर्शकों से इस कथित चोरी के पीछे का कारण और उससे संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने सोनभद्र दौरे के दौरान जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोनभद्र एक आकांक्षी जिले के रूप में तेजी से प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में विकास के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से गरीब, किसान और वंचित वर्ग को मिल रहे लाभों का भी उल्लेख किया।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सलैयाडिह में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय दिव्यांग दशरथ राम की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नेशनल हाईवे-39 पर सीता मोड़ चौराहे के समीप करीब 9 बजे हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक दशरथ राम सलैयाडिह के निवासी और स्वर्गीय रामदेव राम के पुत्र थे, जो किसी काम से विंढमगंज की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे ट्रक संख्या NL01L0343 ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की उपस्थिति में शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सलैयाडिह के सीता मोड़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे की दोनों पट्टियों पर लंबे समय से निजी बसों, ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग की जा रही है। उनका कहना है कि इस अवैध पार्किंग के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और छोटे वाहनों के लिए लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस समस्या की शिकायत प्रशासन और पुलिस से कई बार की गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि यदि हाईवे किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े न होते तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था। मृतक दशरथ राम दोनों पैरों से दिव्यांग थे, और उनकी पत्नी अंशु देवी भी दृष्टिबाधित हैं। परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी अब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। आजाद समाज पार्टी के दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष अमरेश भारती ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने और हाईवे किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से NH-39 की पटरी पर खड़े किए जाने वाले अवैध वाहनों को तुरंत हटाने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।4