राजस्थान के पाली शहर में रविवार को जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने "नारी न्याय सम्मेलन एवं पदभार ग्रहण समारोह" के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। यह आयोजन राजीव गांधी स्मृति भवन से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली और विरोध प्रदर्शन में बदल गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी के मुख्य आतिथ्य और नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई। महिला कांग्रेस की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना था। महिलाओं ने "नारी वंदन अधिनियम 2023" को देश में तत्काल लागू करने की मांग की, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अधिनियम के तहत ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण कोटा निर्धारित करने की पुरजोर वकालत की। महिला आरक्षण विधेयक को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कलेक्ट्रेट पर जोरदार नारेबाजी की गई। सम्मेलन के दौरान हालिया शैक्षिक विवादों और पेपर लीक मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा गया। महिला कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर उग्र प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन के बाद, महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान महिला आरक्षण के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी शुरू किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और बढ़ती महंगाई पर गहरा रोष व्यक्त किया। इस बड़े आयोजन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी, जिनमें लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व राज्यमंत्री संगीता बेनीवाल, प्रदेश महासचिव एवं जिला सह प्रभारी श्रवण पटेल, भुराराम सिरवी, प्रदेश सचिव डिंपल राठौड़, पूर्व विधायक खुशवीरसिंह जोजावर, प्रदेश कांग्रेस सदस्य महावीरसिंह सूकरलाई, ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई, यशपालसिंह शिवतलाव, राकेश चौहान, रोहट प्रधान सुनीता कंवर राजपुरोहित, रानी उपप्रधान शिलासिंह राजपुरोहित, अनिता परिहार, आमिना बानो, ब्यावर जिलाध्यक्ष ईशिका जैन, प्रदेश कांग्रेस सदस्य शोभा सोलंकी, नीलम बिड़ला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मेहबूब टी, प्रकाश सांखला, जीवराज बोराणा, जोगाराम सोलंकी, जिला महासचिव आमीन अली रंगरेज, भवर राव, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोरधन देवासी, ओमा चौधरी, अंकिता बोहरा, सुरबाला चौधरी और संतोष दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल थे, एकजुट नजर आए। समारोह के समापन पर जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस न्याय मुहिम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
राजस्थान के पाली शहर में रविवार को जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने "नारी न्याय सम्मेलन एवं पदभार ग्रहण समारोह" के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। यह आयोजन राजीव गांधी स्मृति भवन से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली और विरोध प्रदर्शन में बदल गया। राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी के मुख्य आतिथ्य और नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई। महिला कांग्रेस की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना था। महिलाओं ने "नारी वंदन अधिनियम 2023"
को देश में तत्काल लागू करने की मांग की, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अधिनियम के तहत ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण कोटा निर्धारित करने की पुरजोर वकालत की। महिला आरक्षण विधेयक को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कलेक्ट्रेट पर जोरदार नारेबाजी की गई। सम्मेलन के दौरान हालिया शैक्षिक विवादों और पेपर लीक मामलों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा गया। महिला कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर उग्र प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन के बाद, महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को एक
ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान महिला आरक्षण के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पोस्टकार्ड अभियान भी शुरू किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और बढ़ती महंगाई पर गहरा रोष व्यक्त किया। इस बड़े आयोजन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी, जिनमें लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व राज्यमंत्री संगीता बेनीवाल, प्रदेश महासचिव एवं जिला सह प्रभारी श्रवण पटेल, भुराराम सिरवी, प्रदेश सचिव डिंपल राठौड़, पूर्व विधायक खुशवीरसिंह जोजावर, प्रदेश कांग्रेस सदस्य महावीरसिंह सूकरलाई, ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई,
यशपालसिंह शिवतलाव, राकेश चौहान, रोहट प्रधान सुनीता कंवर राजपुरोहित, रानी उपप्रधान शिलासिंह राजपुरोहित, अनिता परिहार, आमिना बानो, ब्यावर जिलाध्यक्ष ईशिका जैन, प्रदेश कांग्रेस सदस्य शोभा सोलंकी, नीलम बिड़ला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मेहबूब टी, प्रकाश सांखला, जीवराज बोराणा, जोगाराम सोलंकी, जिला महासचिव आमीन अली रंगरेज, भवर राव, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोरधन देवासी, ओमा चौधरी, अंकिता बोहरा, सुरबाला चौधरी और संतोष दुबे सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल थे, एकजुट नजर आए। समारोह के समापन पर जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस न्याय मुहिम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
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- पाली जिले के फालना में इंद्रजीत सिंह हत्याकांड को लेकर आज राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा और सर्व समाज की ओर से फालना पुलिस थाने के सामने धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिले भर से सैकड़ों समाज बंधु और सर्व समाज के लोग धरना स्थल पर पहुंचे, जिन्होंने प्रकरण में निष्पक्ष जांच और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष जबर सिंह राजपुरोहित ने धरने को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि इंद्रजीत के शव का पोस्टमार्टम आनन-फानन में कराकर मामले की गंभीरता को छिपाया गया है और इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है। उन्होंने इस मामले में रीपोस्ट-मार्टम कराने और एफएसएल रिपोर्ट तुरंत एकत्र करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके। राजपूत महासभा के अध्यक्ष जबर सिंह राजपुरोहित ने पाली पुलिस अधीक्षक से इंद्रजीत प्रकरण की दस बिंदुओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अब तक की कार्यवाही से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं दिखती, इसलिए पीड़ित परिवार की संतुष्टि के लिए हर पहलू से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाए कि घटनास्थल पर तेल कहां से आया, घटनास्थल व आसपास के क्षेत्र की सूक्ष्म जांच क्यों नहीं हुई, 9 मई को इंद्रजीत किसके बुलावे पर सांडेराव गया और किन लोगों से मिला, उसका मोबाइल संपर्क किससे हुआ, यदि वह नशे में था तो नशे की पार्टी में कौन-कौन शामिल थे, उसकी गाड़ी में नदी तक कौन साथ गया और गाड़ी फंसने के बाद बजरी माफिया उसे कहां ले गए। उन्होंने मृतक के मोबाइल से पत्नी व माता को दी गई सूचना का जिक्र किया कि बजरी माफियाओं ने उसके साथ मारपीट की और उसे नशे की हालत में अधमरा कर किसी निर्जन स्थान पर छोड़ दिया जहां न छांव थी न पानी था, और यह सवाल किया कि वह उस निर्जन स्थान पर कैसे पहुंचा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि हत्यारे सबूत मिटाने के इरादे से इंद्रजीत का मोबाइल फोन अपने साथ ले गए, 10 मई को नदी में खड़ी कार की सूचना पुलिस को किस बजरी माफिया ने दी, और इस घटना के पीछे के वास्तविक कारण क्या थे। जबर सिंह राजपुरोहित ने बजरी माफियाओं की पहचान के लिए साइबर तकनीक से मोबाइल खंगालने की मांग करते हुए यह भी आरोप लगाया कि यह हत्या सुनियोजित थी और राजनीतिक प्रभाव के चलते जांच को भटकाकर न्याय का गला घोंटा जा रहा है। धरना स्थल पर विधायक पुष्पेंद्र सिंह भी पहुंचे, जिन्होंने आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से बात कर एम्स के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने और उच्चस्तरीय जांच की लिखित में मांग की। उन्होंने सरकार के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को धरना स्थल पर सौंपा। इस अवसर पर जयेंद्र सिंह गलथनी, रघुनाथ सिंह शिवतलाव, किशोर सिंह ठाकुरवास, प्रकाश पावा, मोहन सिंह नाडोल, प्रबल सिंह मंडली, एस एस टाइगर, सुमित्रा धारियां, रूप सिंह सेसली, सुमेर सिंह मनवार, राम सिंह राडबर, शैतान सिंह वारकाणा सहित दर्जनों वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया। जबर सिंह राजपुरोहित ने अंत में दोहराया कि इंद्रजीत हत्याकांड की निष्पक्ष जांच से ही हत्यारों की पहचान होगी और रीपोस्ट-मार्टम व एसआईटी से जांच की जाएगी।1
- आज मुंबई में टीवी 24 न्यूज़ पर गायक-अभिनेता कृष्णा वीर गुर्जर का एक सनसनीखेज साक्षात्कार प्रसारित किया गया। यह साक्षात्कार हिंदू लोक देवता विष्णु के अवतार भगवान श्री देव नारायण जी से संबंधित था। इस साक्षात्कार को सुनकर मीडिया के लोग दंग रह गए।1
- जोधपुर के खेतानाड़ी मंडोर रोड पर एक सफेद स्कॉर्पियो ने एक महिला को भयंकर टक्कर मार दी। यह घटना कब्रिस्तान और ईदगाह के बाहर हुई, जहाँ स्कॉर्पियो ने महिला को कई फीट तक घसीटा। घायल अवस्था में महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हालांकि, टक्कर मारने वाली गाड़ी किसकी थी और उसे कौन चला रहा था, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।1
- सोशल मीडिया पर एक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दावा किया गया है कि सड़क से गुजर रही एक अकेली युवती के साथ दो व्यक्तियों ने कथित तौर पर लगातार छेड़खानी की। जानकारी के अनुसार, जब एक कार चालक ने इस हरकत का विरोध किया, तो आरोप है कि उसे भी धमकाने की कोशिश की गई। इस पूरी घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।1
- जोधपुर रेलवे स्टेशन से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि एक गाड़ी वाले ने एक बच्चे पर गाड़ी चढ़ा दी। जब जनता ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो ड्राइवर मौके से अपनी गाड़ी लेकर भागने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया। वीडियो में यह भी देखा गया है कि गाड़ी में सीट से ज़्यादा सवारियाँ भरी हुई थीं। इस वायरल वीडियो को लेकर लोगों से उनकी राय पूछी जा रही है।1
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- राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अपने पाली दौरे के समापन के बाद रविवार को सादगी की एक अद्भुत मिसाल पेश की। उन्होंने किसी विशेष प्रोटोकॉल या सरकारी वाहन का उपयोग करने के बजाय आम नागरिकों की तरह रोडवेज बस से यात्रा करने का निर्णय लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात मंत्री मदन दिलावर पाली रोडवेज बस स्टैंड पहुँचे। वहाँ उन्होंने अपनी यात्रा के लिए विधिवत टिकट खरीदा और परिचालक प्रदीप सीरवी को 360 रुपये की किराया राशि देकर बस में सवार हुए। मंत्री की इस सादगी को देखकर बस स्टैंड पर मौजूद लोग और कर्मचारी चकित रह गए। यह बस मध्य रात्रि 12:10 बजे अजमेर रोडवेज बस स्टैंड पहुँचेगी, जहाँ से मंत्री कोटा के लिए अपनी आगे की यात्रा करेंगे। एक जिम्मेदार पद पर आसीन होने के बावजूद मंत्री द्वारा इस तरह आमजन के बीच रोडवेज बस में सफर करना चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनकी कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं, इसे सादगी की एक अद्भुत मिसाल बता रहे हैं।3
- जोधपुर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक वाहन चालक द्वारा एक बच्चे पर गाड़ी चढ़ा देने की घटना सामने आई है। वीडियो में बताया गया है कि जब जनता ने चालक को रोकने का प्रयास किया, तो वह अपनी गाड़ी लेकर मौके से भागने की कोशिश करता दिखा। इस घटना के दौरान यह भी देखा गया कि गाड़ी में सीट क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं। वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर सबकी राय मांगी गई है।1