*अंतर्राष्ट्रीय स्त्री शक्ति सम्मान से मंजू अशोक राजाभोज, भंडारा (महाराष्ट्र) सम्मानित* लुंबिनी, नेपाल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर विश्व भर मनाया गया। महिला दिवस के अवसर पर नेपाल में अंतरराष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हिंदी भाषा, साहित्य के विकास तथा रचनाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्वेश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता ऑनलाइन संपन्न हुई । नेपाल की प्रसिद्ध संस्था " शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की काव्य प्रतियोगिता संपन्न हुई । इस अवसर पर भंडारा जिले की प्रतिष्ठित कवयित्री तथा लेखिका मंजू अशोक राजाभोज को "स्त्री शक्ति सम्मान" प्रदान किया गया । देश विदेश से कई रचनाकारों ने अपनी कविता के माध्यम से प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें उत्कृष्ट रचना के 300 लेखकों को प्रथम स्थान प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका तथा तंजानिया के रचनाकारों ने सहभागिता जनाई थी। ज्ञात हो कि भंडारा, महाराष्ट्र जिले की एक क्रियाशील लेखिका, उपन्यासकार और कवियत्री हैं जिनकी सैकड़ों रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है तथा उत्कृष्ट लेखन के लिए दर्जनों सम्मान मिल चुके हैं। जिनका एक उपन्यास "जिंदगी के कई रंग, दोस्ती के संग" और एक एकल कविता संग्रह "मंजू के दिल से काव्यांजलि" प्रकाशित हो चुकी है | महिला प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरी मायालु ने कहा - आज महिलाएं प्रगति की उच्चतम शिखर पर पहुंचने में सफल हो चुकी है। हम सभी को समाज की हर महिला को सम्मान देना चाहिए। इसी तरह सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए प्रतिभा चयन समिति की संयोजक डॉ. प्रीति प्रसाद प्रीत ने कहा - शिक्षा और साहित्य क्षेत्र में महिलाओं ने ऊंची छलांग लगाई है, राज्य को उनका सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहन देने की जरूरत है। कवि संगम त्रिपाठी ने बधाई दी और कहा कि मंजू अशोक राजाभोज साहित्य व समाज के क्षेत्र में प्रेरणादायक काम कर रही है।
*अंतर्राष्ट्रीय स्त्री शक्ति सम्मान से मंजू अशोक राजाभोज, भंडारा (महाराष्ट्र) सम्मानित* लुंबिनी, नेपाल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर विश्व भर मनाया गया। महिला दिवस के अवसर पर नेपाल में अंतरराष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हिंदी भाषा, साहित्य के विकास तथा रचनाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्वेश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता ऑनलाइन संपन्न हुई । नेपाल की प्रसिद्ध संस्था " शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की काव्य प्रतियोगिता संपन्न हुई । इस अवसर पर भंडारा जिले की प्रतिष्ठित कवयित्री तथा लेखिका मंजू अशोक राजाभोज को "स्त्री शक्ति सम्मान" प्रदान किया गया । देश विदेश से कई रचनाकारों ने अपनी कविता के माध्यम से प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें उत्कृष्ट रचना के 300 लेखकों को प्रथम स्थान प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका तथा तंजानिया के रचनाकारों ने सहभागिता जनाई थी। ज्ञात हो कि भंडारा, महाराष्ट्र जिले की एक क्रियाशील लेखिका, उपन्यासकार और कवियत्री हैं जिनकी सैकड़ों रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है तथा उत्कृष्ट लेखन के लिए दर्जनों सम्मान मिल चुके हैं। जिनका एक उपन्यास "जिंदगी के कई रंग, दोस्ती के संग" और एक एकल कविता संग्रह "मंजू के दिल से काव्यांजलि" प्रकाशित हो चुकी है | महिला प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरी मायालु ने कहा - आज महिलाएं प्रगति की उच्चतम शिखर पर पहुंचने में सफल हो चुकी है। हम सभी को समाज की हर महिला को सम्मान देना चाहिए। इसी तरह सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए प्रतिभा चयन समिति की संयोजक डॉ. प्रीति प्रसाद प्रीत ने कहा - शिक्षा और साहित्य क्षेत्र में महिलाओं ने ऊंची छलांग लगाई है, राज्य को उनका सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहन देने की जरूरत है। कवि संगम त्रिपाठी ने बधाई दी और कहा कि मंजू अशोक राजाभोज साहित्य व समाज के क्षेत्र में प्रेरणादायक काम कर रही है।
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर जनकपुर में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में सफलता हासिल कर ली। आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है। दर्शना सिंह के पिता अर्जुन सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अपनी विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि भी हैं, वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर में पार्षद हैं इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शारदा प्रसाद गौतम, ओपी द्विवेदी, अंबिका प्यासी, अरुण चतुर्वेदी, रामजी प्यासी, मनोज सिंह, शिवकुमार गुप्ता, विजय गौतम, रतीभान सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी द्विवेदी, रवि सेन, भोला पटेल, कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।4
- Jara Sira Tola mein बड़ी-बड़ी gadi Nikalti Hai niche Khai Hai To jald se jald Mein uska Nirnay karvayen1
- अनूपपुर रोड सिद्ध बाबा मंदिर के पास पहाड़ में लगी आग,,,वन विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता,,,,1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- प्रेमिका को शादी का भरोसा देकर सालों तक बनाया संबंध, अचानक दूसरी लड़की से शादी कर लिया दारोगा — अब मामला बना चर्चा का बड़ा विषय। खबर बैरगनिया थाना क्षेत्र में तैनात थानाध्यक्ष पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने करीब 7 वर्षों तक उससे शादी का वादा किया, भरोसा दिलाया और संबंध बनाए रखे। लेकिन जब शादी की बात आई तो अचानक उसने दूसरी लड़की से शादी कर ली। पीड़िता का आरोप है कि इतने वर्षों तक भरोसा दिलाकर उसे धोखा दिया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की वर्दी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पीड़िता न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस विभाग की छवि पर बड़ा दाग साबित हो सकता है। ⚡ सवाल: क्या वर्दी की आड़ में भरोसे से खेलना सही है? अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।1
- भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया।दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर-जनकपुर में हुई।इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग(UPSC)की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा(IPS)में सफलता हासिल कर ली।आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं,जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता,परिजनों और गुरुजनों को दिया उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है। दर्शना सिंह के पिता अरूण सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और विधायक प्रतिनिधि भी हैं,वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर से पार्षद हैं इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी ओपी द्विवेदी,पूर्व सरपंच शारदा प्रसाद गौतम,अंबिका प्यासी,अरुण चतुर्वेदी,रामजी प्यासी,मनोज सिंह,शिवकुमार गुप्ता,विजय गौतम,रतीभान सिंह,आशुतोष त्रिपाठी,त्रिवेणी द्विवेदी,रवि सेन,भोला पटेल,कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।4
- नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं। स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है। जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी। प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।3
- ismein railing lagwaya Jaaye 50 lakh ki gadi Nikalti Hai risk wala kam hai please madad Karen1