रोहतास जिले के देहरी क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक गरीब परिवार के दो पुरुषों ने स्वर्गलोक से एक 'परी शिगमा' लड़की को राजन के घर आकाश से दिया। इसके बाद, दो बच्चों वाली सरस्वती शारदा के लिए विष्णु ने ब्रह्मा से एक लड़का पसंद कराया, जिसके बाद ब्रह्मा दिन में रूप बदलकर ऐनीकट मंदिर के पीछे आए। सरस्वती को राजन की पत्नी बनने के लिए फँसाया गया; उसने रात में किस किया और दिन में खाट पर हनीमून भी किया। आगे चलकर, विष्णु ने सरस्वती की शादी नहीं कराई। इसी क्रम में, ब्रह्मा और विष्णु ने राजन का बलात्कार किया, जिससे राजन के मुँह से खून बहने लगा और वह पागल हो गया। राजन ने चिल्लाकर सारी सच्चाई बताई, जिसके बाद शंकर देवता ने वर्ष 2020 में राजन की शादी सरस्वती से करा दी। हालाँकि, राजन के पास एक हाथ का लिंग नहीं था, जिस कारण विदाई नहीं हुई और विदाई के समय यह बताया भी नहीं गया कि कमरनगंज गाँव ने 'जन्म दो' कहा था। जून 2021 में, मोहनगंज बारूण मंदिर के अंदर से कहा गया कि "मैं खुश हूँ, सरस्वती को मनाओ।" सरस्वती को मनाने के बाद, यह कहा गया कि "तुम्हारी औकात है, लेकिन तुम मेरे बेटे जैसे नहीं हो," और ताड़ इमली से लिंग बड़ा करने वाली दवा खाने को कहा गया। राजन ने दवा खाई और माँगी, लेकिन दवा नहीं दी गई और वह खराब हो गई। तब देवी ने कहा कि अब शंकर देवता ही देंगे, और सरस्वती ने कहा कि उसे ऐसा लिंग चाहिए। इस पर शंकर ने सोन खेत के मचान पर मारकर कहा, "ना देंगे, ना देने देंगे, कुछ और करो।" ब्रह्मा ने सपने में कहा कि तुम अपने परिवार को देखते हो। दिसंबर 2021 में, विष्णु ने कहा कि अगर वह नहीं चाहेंगे तो सरस्वती उससे शादी कर लेगी या स्वर्गलोक आ जाएगी। फरवरी 2022 में, सरस्वती की विदाई राजन के पास नहीं हुई, और सितंबर 2022 में सरस्वती का बलात्कार किया गया। राजन कुमार के शरीर में अभी भी 'परी शिगमा' लड़की रहती है, और साधु (भिखारी, भिखमंगा) की बेटी तपस्वी दुर्गा ने उसके मुँह पर थूका है। शंकर देवता को चोर गुंडा बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने दुर्गा को चुराकर स्वर्गलोक में गायब कर दिया।
रोहतास जिले के देहरी क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक गरीब परिवार के दो पुरुषों ने स्वर्गलोक से एक 'परी शिगमा' लड़की को राजन के घर आकाश से दिया। इसके बाद, दो बच्चों वाली सरस्वती शारदा के लिए विष्णु ने ब्रह्मा से एक लड़का पसंद कराया, जिसके बाद ब्रह्मा दिन में रूप बदलकर ऐनीकट मंदिर के पीछे आए। सरस्वती को राजन की पत्नी बनने के लिए फँसाया गया; उसने रात में किस किया और दिन में खाट पर हनीमून भी किया। आगे चलकर, विष्णु ने सरस्वती की शादी नहीं कराई। इसी क्रम में, ब्रह्मा और विष्णु ने राजन का बलात्कार किया, जिससे राजन के मुँह से खून बहने लगा और वह पागल हो गया। राजन ने चिल्लाकर सारी सच्चाई बताई, जिसके बाद शंकर देवता ने वर्ष 2020 में राजन की शादी सरस्वती से करा दी। हालाँकि, राजन के पास एक हाथ का लिंग नहीं था, जिस कारण विदाई नहीं हुई और विदाई के समय यह बताया भी नहीं गया कि कमरनगंज गाँव ने 'जन्म दो' कहा था। जून 2021 में, मोहनगंज बारूण मंदिर के अंदर से कहा गया कि "मैं खुश हूँ, सरस्वती को मनाओ।" सरस्वती को मनाने के बाद, यह कहा गया कि "तुम्हारी औकात है, लेकिन तुम मेरे बेटे जैसे नहीं हो," और ताड़ इमली से लिंग बड़ा करने वाली दवा खाने को कहा गया। राजन ने दवा खाई और माँगी, लेकिन दवा नहीं दी गई और वह खराब हो गई। तब देवी ने कहा कि अब शंकर देवता ही देंगे, और सरस्वती ने कहा कि उसे ऐसा लिंग चाहिए। इस पर शंकर ने सोन खेत के मचान पर मारकर कहा, "ना देंगे, ना देने देंगे, कुछ और करो।" ब्रह्मा ने सपने में कहा कि तुम अपने परिवार को देखते हो। दिसंबर 2021 में, विष्णु ने कहा कि अगर वह नहीं चाहेंगे तो सरस्वती उससे शादी कर लेगी या स्वर्गलोक आ जाएगी। फरवरी 2022 में, सरस्वती की विदाई राजन के पास नहीं हुई, और सितंबर 2022 में सरस्वती का बलात्कार किया गया। राजन कुमार के शरीर में अभी भी 'परी शिगमा' लड़की रहती है, और साधु (भिखारी, भिखमंगा) की बेटी तपस्वी दुर्गा ने उसके मुँह पर थूका है। शंकर देवता को चोर गुंडा बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने दुर्गा को चुराकर स्वर्गलोक में गायब कर दिया।
- अरवल जिले में आयोजित मधुश्रवा मेला के दौरान लड़ाई हो गई। यह घटना मधुश्रवा मेला स्थल पर हुई है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने धुसरी टोले के गिरधारी बिगहा से कार्रवाई करते हुए 50 लीटर देशी शराब जब्त की है। इस दौरान पुलिस ने शराब के साथ एक बाइक भी जब्त की, जिसे थाने लाया गया। इस मामले में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कर लिया है।1
- धर्म कर्म चैनल ने सद्गुरु स्वामी त्यागी सिद्धनाथ जी महाराज, शून्य शिखर हिमालयन योगी परमहंस जी, एवं कृपापात्र संत श्री सिद्धनाथ जी महाराज, जिंग्यांगमठ सिद्धाश्रम, शून्य शिखर हिमालयन सिद्ध योगी जी महाराज के माध्यम से एक संदेश साझा किया है। इस संदेश में समाज के कल्याण, देश के विकास, प्राणियों में प्रेम और ईश्वर में विश्वास की कामना की गई है। इसमें इस बात पर बल दिया गया है कि आध्यात्म विद्या के बिना मानव जीवन का वास्तविक विकास संभव नहीं है। आध्यात्म को जीवन की ज्योति बताया गया है, जो मानव को अंधकार से पूर्ण प्रकाश की ओर ले जाती है और हमारी जीवन ज्योति को निखारती है। यह भी कहा गया है कि जो मानव आध्यात्म का चयन करता है, उसकी जिंदगी सफलता के शिखर तक पहुंच जाती है। अंत में, संदेश में धर्म की जय, अधर्म के नाश और प्राणियों में सद्भावना होने की प्रार्थना की गई है।2
- भोजपुर जिले के पीरो में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शनिवार शाम करीब 6:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से लगातार लो वोल्टेज और बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों की परेशानी काफी बढ़ा दी है। इस खराब स्थिति के चलते बिजली से जुड़े लगभग सभी आवश्यक कार्य ठप पड़ गए हैं। घरों में पंखा, कूलर और अन्य बिजली के उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, स्थानीय व्यवसाय और छोटे उद्योग भी इस बिजली संकट से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।1
- आज एक बार फिर कैमूर भभुआ स्थित माँ मुंडेश्वरी के पास मौसम का मिजाज बदल गया है।1
- इस समय पूरे देश की नज़र बिहार पर टिकी हुई है, क्योंकि बिहार की राजनीति के साथ ही देश की राजनीति भी चलती है। सभी की निगाहें बकीपुर सीट पर हैं, जो दशकों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की एक निश्चित सीट रही है। हालांकि, इस बार हुए उपचुनाव में जनता ने जन सुराज को जिताने का मन बना लिया है। जनता ने खुलकर विकास न होने का पोल खोलते हुए जन सुराज को अपना नेता घोषित कर दिया है और उन्हें वोट देने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम के बीच, प्रशांत किशोर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- भोजपुर जिले के पीरो रेलवे स्टेशन पर हुई मारपीट की घटना के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस की सक्रियता की चर्चा जोरों पर है। थानाध्यक्ष द्वारा शनिवार की शाम करीब 6:00 बजे जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह मारपीट बीते 3 जून को हुई थी। घटना के बाद, दोनों पक्षों ने पीरो थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एक पक्ष की ओर से भड़सर गांव के दिलीप पासवान के बेटे संजीत कुमार ने चिलबिलिया गांव के 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। वहीं, दूसरे पक्ष से चिलबिलिया गांव निवासी योगेंद्र सिंह की पत्नी संतरा देवी ने 10 नामजद और 11 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और दोनों पक्षों से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी को कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।1
- छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने एक व्यक्ति को पकड़ा है। यह कार्रवाई सीआरपीएफ द्वारा रायपुर एयरपोर्ट पर की गई है।1
- शनिवार को कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव का माहौल उस समय बेहद गमगीन हो गया, जब बेगूसराय में हुए एक भीषण सड़क हादसे में दिवंगत हुए मधेपुरा के रतवारा थाना प्रभारी साजन पासवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा उनका शव गांव में आया, पूरा इलाका 'साजन पासवान अमर रहें' के नारों से गूंज उठा और उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल स्तब्ध रह गया, क्योंकि एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को अंतिम विदाई दी जा रही थी। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में थाना प्रभारी साजन पासवान का असामयिक निधन हो गया था। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही कैमूर जिले सहित पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम संस्कार से पहले हुई श्रद्धांजलि सभा में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत अधिकारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस अधीक्षक कैमूर हरिमोहन शुक्ला ने दिवंगत थाना प्रभारी के पिता को ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) सौंपा और उन्हें ढांढस बंधाया। बिहार पुलिस की ओर से साजन पासवान को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसमें उपस्थित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद पुलिस के जवानों ने 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी और सम्मान स्वरूप हवाई फायरिंग भी की। इस भावुक दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं। ग्रामीणों और उनके सहयोगियों ने साजन पासवान को एक बेहद कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में याद किया, जिन्होंने अपने सेवाकाल में हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी और निष्ठापूर्वक देश-समाज की सेवा की। लोगों ने उनके निधन को पुलिस विभाग और कैमूर क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। हजारों नम आँखों और भारी मन के साथ, कैमूर की माटी के इस जांबाज बेटे और कर्मठ पुलिस अधिकारी को पंचतत्व में विलीन कर अंतिम विदाई दी गई।4