प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में सोमनाथ से हुआ मुख्य कार्यक्रम का लाइव , महादेव जी की बगिया पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम धौलपुर। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार सोमवार को देशभर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन श्रद्धा एवं गौरव के साथ किया गया। इसी क्रम में धौलपुर जिले में जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महादेव जी की बगिया मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी.टी., भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, देवस्थान विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का अभिषेक एवं महाआरती की तथा जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। मंदिर परिसर में आयोजित महाआरती एवं भजन संध्या के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव की आराधना की तथा “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास एवं भारतीय संस्कृति की अखंड परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण का संकल्प भी लिया।मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ, जिसका राज्य के प्रमुख शिवालयों सहित धौलपुर जिले के महादेव जी की बगिया मंदिर में भी लाइव प्रसारण किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम का अवलोकन किया। इस दौरान जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और राष्ट्रीय अस्मिता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास हमें यह संदेश देता है कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती। यह पर्व देशवासियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और जुड़ाव को और अधिक मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में सोमनाथ से हुआ मुख्य कार्यक्रम का लाइव , महादेव जी की बगिया पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम धौलपुर। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार सोमवार को देशभर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन श्रद्धा एवं गौरव के साथ किया गया। इसी क्रम में धौलपुर जिले में जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महादेव जी
की बगिया मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्रीनिधि बी.टी., भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, देवस्थान विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का अभिषेक एवं महाआरती की तथा जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। मंदिर परिसर में आयोजित महाआरती एवं भजन संध्या
के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव की आराधना की तथा “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण को शिवमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास एवं भारतीय संस्कृति की अखंड परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण का संकल्प भी लिया।मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ, जिसका राज्य के प्रमुख शिवालयों सहित धौलपुर जिले के महादेव
जी की बगिया मंदिर में भी लाइव प्रसारण किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम का अवलोकन किया। इस दौरान जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और राष्ट्रीय अस्मिता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास हमें यह संदेश देता है कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती। यह पर्व देशवासियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और जुड़ाव को और अधिक मजबूत करता है।
- धौलपुर के बसेड़ी कस्बे में एक युवक पंचायत समिति परिसर के टावर पर चढ़ गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह हाईवोल्टेज ड्रामा प्रेम प्रसंग से जुड़ा है, जिसे लेकर प्रशासन युवक को नीचे उतारने की कोशिश कर रहा है।1
- मध्य प्रदेश के चंबल अंचल स्थित विश्वप्रसिद्ध शांति धाम, पोरसा में औषधियों और पंच दृव्यों से महाकाल का अभिषेक किया गया। गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज इस धाम में औषधि वृक्षों का अनूठा संग्रह है। इस अभिषेक के ज़रिए जीवन में औषधियों के अभिन्न अंग होने का संदेश दिया गया।1
- मुरैना के कलुआ गांव में 24 घंटे का अखंड भजन-कीर्तन श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूब गया और भगवान के भजनों से गूंजता रहा। समापन पर विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ा।1
- मोरैना के मिरघान गाँव में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 9 सालों से बंद पड़ा है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व प्राथमिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। इस गंभीर अनदेखी से बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।1
- पोरसा के 'विश्व के नंबर-1 मुक्तिधाम' में सोमवार को भगवान महाकाल का विशेष औषधीय अभिषेक संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच हुए इस दिव्य अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। अब यह मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार स्थल नहीं, बल्कि आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन रहा है।4
- जौरा के एमएस रोड पर गैपरा फाटक के पास सियाराम फैमिली रेस्टोरेंट ढाबा खुल गया है। यह शहर में शुद्ध शाकाहारी और घर जैसा भोजन मिलने का एकमात्र स्थान होने का दावा करता है।1
- धौलपुर के सैपऊ में एक पेट्रोल पंप पर दबंगों ने सेल्समैन से मारपीट कर हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने उसकी जान लेने के लिए गले में CNG पाइप डाला और नकदी भी लूटी।2
- सोमवार को पोरसा के मुक्तिधाम परिसर में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। जनकल्याण और लोकमंगल की कामना के साथ हुए इस अभिषेक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा पोरसा भक्तिमय हो उठा।1
- भीषण गर्मी में जहाँ इंसान और पशु-पक्षी प्यास से व्याकुल हैं, वहीं माँ काली ग्रुप के सदस्य क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। युवा अवस्था केवल उम्र का पड़ाव नहीं होती, यह वो जुनून होती है जो समाज के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देती है। गाँव कुंडोल के माँ काली ग्रुप के युवाओं ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर सोच सेवा की हो, तो युवा शक्ति हर मुश्किल में लोगों का सहारा बन जाती है। भीषण गर्मी में जहाँ इंसान और पशु-पक्षी प्यास से व्याकुल हैं, वहीं माँ काली ग्रुप के सदस्य क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। ये सिर्फ पानी नहीं बाँट रहे, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और संवेदनशीलता का संदेश दे रहे हैं। आज जरूरत है कि हर युवा अपने अंदर की ऊर्जा को समाजहित में लगाए, क्योंकि असली पहचान भीड़ में चलने से नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रास्ता बनाने से बनती है। माँ काली ग्रुप के इन युवाओं की सेवा भावना सच में प्रेरणादायक है — जो यह संदेश देती है कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”1