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होलिका दहन,श्रद्धालुओं ने होली की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की।विधि-विधान के साथ हुआ होलिका दहन,श्रद्धालुओं ने होली की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की। विधि-विधान के साथ हुआ होलिका दहन,श्रद्धालुओं ने होली की परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की।विधि-विधान के साथ हुआ
Surash Sahu
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- #Apkiawajdigital मेरठ | मुख्य संवाददाता दिनांक: 03 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और मीडिया के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जिले की डीएसपी (DSP) सौम्या अस्थाना का एक सख्त निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई पत्रकार थाने के भीतर वीडियोग्राफी करता पाया गया, तो उस पर तत्काल कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी। इस बयान के बाद पत्रकार संगठनों में भारी रोष है और इसे 'प्रेस की आजादी' पर हमला बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला और बयान की टाइमिंग? यह विवाद 02 मार्च, 2026 की शाम को तब शुरू हुआ जब मेरठ के एक स्थानीय थाने में किसी मामले की कवरेज के लिए पहुँचे पत्रकारों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान डीएसपी सौम्या अस्थाना ने आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए कहा कि थाने के भीतर की कार्यप्रणाली को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना कानूनन गलत है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा— "थाना एक संवेदनशील कार्यस्थल है। यदि कोई पत्रकार यहां आकर वीडियोग्राफी करता है और अनुशासन भंग करता है, तो उस पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।" सत्यता की जांच (Fact Check): विवाद के पीछे का तर्क बयान की पुष्टि: मेरठ पुलिस के सूत्रों और वायरल ऑडियो/वीडियो क्लिप्स ने इस बयान की पुष्टि की है। पुलिस का तर्क: पुलिस प्रशासन का कहना है कि थाने में पीड़ित महिलाएं और संवेदनशील मामलों के गवाह आते हैं। वीडियोग्राफी से उनकी गोपनीयता (Privacy) भंग होती है और जांच प्रभावित हो सकती है। पत्रकारों का विरोध: मीडिया जगत का तर्क है कि थानों में होने वाले भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को उजागर करने के लिए वीडियोग्राफी जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए पत्रकारों ने इस आदेश को 'तुगलकी फरमान' करार दिया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग जैसे ही यह बयान सामने आया, ट्विटर (X) और फेसबुक पर 'पत्रकारिता बनाम पुलिस' की बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर थाने में सब कुछ कानून के दायरे में हो रहा है, तो पुलिस को कैमरे से डर कैसा? वहीं, कुछ लोग पुलिस के गोपनीयता के तर्क का समर्थन भी कर रहे हैं।1
- रंगों के त्योहार होली पर इस बार बांदा में स्वाद की खास चर्चा है।1
- गोरखपुर: होली के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा में गोरखपुर सांसद और अभिनेता रविकिशन को फिर छेड़ने का मौका मिला। मुख्यमंत्री ने मज़ाकिया लहजे में कहा, “रविकिशन तो कहीं भी नाच गाकर पैसा कमा सकता है…” सभा में मौजूद लोग इस पर जोर-जोर से हँस पड़े और रविकिशन भी मुस्कुराए। होली के रंगों और ठिठोलियों के बीच यह पल सभा का हल्का-फुल्का और मनोरंजक हिस्सा बन गया।1
- रोड बनवाने का निर्माण1
- ये अदरी और सिंधन के बीच मे है रामदयाल का पुरवा इधर 3साल से ऐसे ही है इसको अदरी वाला प्रधान बना नहीं सकता सिंधन प्रधान इसको बनाना नहीं चाहता2
- अब देखना यह होगा कि 2027 का चुनाव नरैनी की सियासत में नया इतिहास लिखता है या नहीं, लेकिन फिलहाल माहौल पूरी तरह गरम है और हवा का रुख साफ दिखाई दे रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नरैनी की इस सीट पर इस बार समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ और लगातार सक्रियता ने महेंद्र सिंह वर्मा को एक सशक्त दावेदार बना दिया है।1
- #Apkiawajdigital नई दिल्ली | विशेष संवाददाता दिनांक: 03 मार्च, 2026 राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग और ओखला क्षेत्र में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में चल रहे प्रदर्शनों ने एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। सोमवार (02 मार्च) को प्रदर्शन के दौरान एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें वह अपनी कोख में पल रहे अजन्मे बच्चे तक को मजहब और खामेनेई के नाम पर कुर्बान करने की बात कह रही है। इस कट्टरपंथी बयान के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। भावुकता या कट्टरता? प्रदर्शन में गूंजे नारे ईरान-इजरायल और वैश्विक तनाव के बीच दिल्ली के कुछ हिस्सों में खामेनेई के समर्थन में जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी महिला ने कैमरे पर कहा— "मेरे पेट में जो बच्चा है, उसे भी हम खामेनेई और इस्लाम की राह में शहीद कर देंगे। हमें अपनी जान की परवाह नहीं है।" महिला के इस बयान के पीछे अन्य प्रदर्शनकारी भी धार्मिक नारे लगाते नजर आए। सत्यता की जांच (Fact Check): क्या है हकीकत? वीडियो की पुष्टि: यह वीडियो दिल्ली के ओखला/शाहीन बाग इलाके का बताया जा रहा है, जहाँ हाल ही में ईरान के समर्थन में मार्च निकाला गया था। बयान का संदर्भ: प्रदर्शनकारी महिला ईरान पर हो रहे हमलों और खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त कर रही थी। हालांकि, नवजात या अजन्मे बच्चे को 'शहीद' करने जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई है। पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वीडियो की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं यह किसी भड़काऊ साजिश का हिस्सा तो नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर राजधानी में विदेशी नेताओं के समर्थन में हो रहे इन प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय भी नजर बनाए हुए है। विशेष रूप से दूतावासों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।1
- नमस्कार न्यूज़ टाइम बांदा में आपका स्वागत है खबर बांदा से है जहां रंगों के त्योहार होली पर इस बार बांदा में स्वाद की खास चर्चा है। शहर के प्रसिद्ध बासु मिष्ठान भंडार की स्पेशल गुझिया लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। दशकों से गुणवत्ता और भरोसे का नाम बने इस बासू मिष्ठान के प्रतिष्ठान पर होली के मौके पर खास तैयारी की गई है। शुद्ध खोवा, चुनिंदा सूखे मेवे और खास मसालों से तैयार की गई यह गुझिया न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि देखने में भी बेहद आकर्षक है। संचालक रामकिशुन वासु के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। रंगों के साथ मिठास का यह संगम बांदा की होली को और भी खास बना रहा है। बांदा से सुरेश साहू की रिपोर्ट।1
- बांदा: 5 वर्षीय मासूम को यमुना में फेंकने वाली मां गिरफ्तार, न्यायालय में पेश बांदा। जनपद के थाना मरका क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 1 मार्च को एक मां ने अपनी ही पांच वर्षीय पुत्री को यमुना नदी में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की और आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। थाना मरका पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह घटना न केवल बांदा बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी झकझोर देने वाली है। मासूम की तलाश और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।1