शुक्रवार को राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में जनप्रतिनिधि अधिकार संघर्ष समिति ने एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर के नाम भिजवाया गया। समिति के जिलाध्यक्ष मास्टर प्रेमचंद मीना के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन का मुख्य मुद्दा निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड पंचों को अधिकार विहीन होने के कारण आ रही समस्याओं पर केंद्रित था। संघर्ष समिति के तहसील अध्यक्ष मांगीलाल मीना और संयोजक रामजानकी केसरी ने बताया कि राजस्थान में 1 लाख से ज़्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज तक अधिकार विहीन हैं। जनता से वोट लेकर जीतने के बाद भी वे वित्तीय अधिकारों के अभाव में अपने क्षेत्र में एक भी काम नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिला परिषद सदस्यों को प्रति वर्ष 20 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार दिया जाए, पंचायत समिति सदस्यों को 5 लाख रुपये और वार्ड पंचों को 1 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार मिले। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद सदस्यों को प्रति माह 10 हजार रुपये, पंचायत समिति सदस्यों को 5 हजार रुपये और वार्ड पंचों को 3 हजार रुपये का मानदेय देने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि जिला परिषद सदस्यों को क्षेत्र में जाने के लिए 8 दिन सरकारी गाड़ी और पंचायत समिति सदस्यों को 2 दिन के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय पर राजकीय आवास और सरकार की ओर से निशुल्क एंड्राइड मोबाइल दिए जाएं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मीना ने संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 41 जिला परिषदों में करीब 1 हजार सदस्य, 352 पंचायत समितियों में 6236 सदस्य और ग्राम पंचायतों में लगभग 1 लाख वार्ड पंच हैं। कड़ी मेहनत से चुनाव जीतने के बावजूद वित्तीय अधिकार न मिलने से वे जनता के लिए काम नहीं करवा पाते, जिससे पंचायत राज चुनाव 'विषहीन दंत' के समान हो गए हैं। समिति ने सरकार से पंचायतराज चुनाव से पहले वित्तीय अधिकार का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अधिकार नहीं मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय प्रेमचंद मीना के साथ संघर्ष समिति के संरक्षक बनवारी मीणा सेतकोलू, महामंत्री राजदीप शर्मा पछाड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामसुंदर कुमावत नियाना, उपाध्यक्ष रामकल्याण मेहरा राई, प्रवक्ता गिरिराज मीणा आखाखेड़ी, ओबीसी भाजपा अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर बरसत, पूर्व सरपंच अर्जुन सोनी, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा, पूर्व ओबीसी भाजपा अध्यक्ष शिवनारायण नामदेव, पूर्व ओबीसी भाजपा महामंत्री मुकेश ढोढरिया, बद्रीसिंह गुर्जर पीथपुर, सोनू गुर्जर हरनावदा, परमानंद मालव, रामबल मीणा, बापुलाल मीणा, और अनारसिंह मीणा सहित कई अन्य उपस्थित थे।
शुक्रवार को राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में जनप्रतिनिधि अधिकार संघर्ष समिति ने एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतराज मंत्री मदन दिलावर के नाम भिजवाया गया। समिति के जिलाध्यक्ष मास्टर प्रेमचंद मीना के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन का मुख्य मुद्दा निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और वार्ड पंचों को अधिकार विहीन होने के कारण आ रही समस्याओं पर केंद्रित था। संघर्ष समिति के तहसील अध्यक्ष मांगीलाल मीना और संयोजक रामजानकी केसरी ने बताया कि राजस्थान में 1 लाख से ज़्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज तक अधिकार विहीन हैं। जनता से वोट लेकर जीतने के बाद भी वे वित्तीय अधिकारों के अभाव में अपने क्षेत्र में एक भी काम नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिला परिषद सदस्यों को प्रति वर्ष 20 लाख
रुपये के कार्य करवाने का अधिकार दिया जाए, पंचायत समिति सदस्यों को 5 लाख रुपये और वार्ड पंचों को 1 लाख रुपये के कार्य करवाने का अधिकार मिले। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद सदस्यों को प्रति माह 10 हजार रुपये, पंचायत समिति सदस्यों को 5 हजार रुपये और वार्ड पंचों को 3 हजार रुपये का मानदेय देने की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि जिला परिषद सदस्यों को क्षेत्र में जाने के लिए 8 दिन सरकारी गाड़ी और पंचायत समिति सदस्यों को 2 दिन के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय पर राजकीय आवास और सरकार की ओर से निशुल्क एंड्राइड मोबाइल दिए जाएं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मीना ने संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 41 जिला परिषदों में करीब 1 हजार सदस्य, 352 पंचायत समितियों में 6236 सदस्य
और ग्राम पंचायतों में लगभग 1 लाख वार्ड पंच हैं। कड़ी मेहनत से चुनाव जीतने के बावजूद वित्तीय अधिकार न मिलने से वे जनता के लिए काम नहीं करवा पाते, जिससे पंचायत राज चुनाव 'विषहीन दंत' के समान हो गए हैं। समिति ने सरकार से पंचायतराज चुनाव से पहले वित्तीय अधिकार का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अधिकार नहीं मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय प्रेमचंद मीना के साथ संघर्ष समिति के संरक्षक बनवारी मीणा सेतकोलू, महामंत्री राजदीप शर्मा पछाड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामसुंदर कुमावत नियाना, उपाध्यक्ष रामकल्याण मेहरा राई, प्रवक्ता गिरिराज मीणा आखाखेड़ी, ओबीसी भाजपा अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर बरसत, पूर्व सरपंच अर्जुन सोनी, पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा, पूर्व ओबीसी भाजपा अध्यक्ष शिवनारायण नामदेव, पूर्व ओबीसी भाजपा महामंत्री मुकेश ढोढरिया, बद्रीसिंह गुर्जर पीथपुर, सोनू गुर्जर हरनावदा, परमानंद मालव, रामबल मीणा, बापुलाल मीणा, और अनारसिंह मीणा सहित कई अन्य उपस्थित थे।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, छिपाबड़ौद स्टेडियम में सूर्यनमस्कार सीखने और उसका अभ्यास करने का कार्य चल रहा है। इस दौरान लोगों से आग्रह किया गया है कि वे योग से संबंधित वीडियो को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें।1
- राजस्थान के छीपाबड़ौद स्थित एमएसपी गेहूं खरीद केंद्र पर व्याप्त गंभीर अनियमितताओं के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर समय पर गेहूं की तुलाई न होने से पंजीकृत किसान अपनी उपज बेचने के लिए हताश हैं, जिससे उनमें गहरा रोष है। इस देरी के चलते मजबूर किसानों को छीपाबड़ौद मंडी में अपना गेहूं औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है, जो एमएसपी से काफी कम दर है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। स्थानीय कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में यह गेहूं खरीद केंद्र पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर, कांग्रेसियों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशासन से अपील की गई है कि छीपाबड़ौद गेहूं खरीद केंद्र पर तुरंत अव्यवस्थाओं को दूर किया जाए। इसके साथ ही, पंजीकृत किसानों का गेहूं प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से तौला जाए। कांग्रेस ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रतिदिन की तुलाई क्षमता को बढ़ाने की भी मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों का गेहूं समय रहते नहीं तौला गया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, और इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम सिंह चौधरी, जिला उपाध्यक्ष परमानंद मीणा और बाबूलाल टाटू, किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सिद्दीक भाई निमथुर, वरिष्ठ नेता रईस भाई, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र गुर्जर, एससी प्रकोष्ठ के बद्रीलाल बेरवा, वरिष्ठ नेता हिम्मत सिंह सोनगरा, अल्पसंख्यक अध्यक्ष शब्बीर मंसूरी सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।2
- शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसके कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सरवन शर्मा ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के चलते ब्लॉक के सभी अस्पतालों में मरीजों की आमद बढ़ गई है, जिसमें विशेष रूप से ताप-घात और उलटी-दस्त के मरीज अधिक संख्या में पहुँच रहे हैं। डॉक्टर शर्मा के अनुसार, देवरी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ओपीडी 250 से अधिक हो गई है। इसे देखते हुए, सभी चिकित्सा स्टाफ और चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों का सही और समय पर पूरा इलाज सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। गर्मी से बचाव के लिए, डॉक्टर सरवन शर्मा ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने, अधिक से अधिक पानी पीने, और दही, छाछ, शिकंजी आदि का सेवन बढ़ाने का आग्रह किया है। साथ ही, भूखे पेट या बिना पानी पिए घर से बाहर न निकलने और शरीर पर गमछे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। चिकित्सालयों में हीट वेब रूम भी स्थापित किए गए हैं।3
- बमोरी तहसील में देर रात करीब 12 बजे तेज़ आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भारी बारिश हुई।1
- आज दिनांक 29/05/26 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महिदपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय टीबी चेस्ट एक्स-रे कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ईसागढ़ सीएचसी से स्टाफ दीपेश शर्मा (रेडियोग्राफर), ममता शर्मा (एस.टी.एस.), आजाद लोधी (सी.एच.ओ.), सुनीता लोधी (ए.एन.एम.), आशा अनीता जाटव, आशा रामादेवी राय, आशा भाना वाल्मीक, आशा सहयोगी राजेश यादव और हेल्पर वर्कर संजीव कुशवाह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, छिपाबड़ौद स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का अभ्यास किया गया।1
- शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का दिव्य और भव्य आयोजन शुक्रवार को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस यात्रा में समस्त ग्राम वासियों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा सहरोल तलहटी के मुख्य मंदिर से प्रारंभ होकर तालाब किनारे स्थित हनुमान जी कथा स्थल तक पहुँची। इस दौरान महिला-पुरुष डीजे पर भजनों की धुन पर नाचते हुए दिखाई दिए, और जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। यह श्रीराम कथा 29 मई 2026 शुक्रवार से 6 जून 2026 शनिवार तक चलेगी, जिसका वाचन आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री श्री धाम वृंदावन टोपी कुंज (जो हाल ही में पीतांबरा पीठ दतिया, मध्य प्रदेश में मुकाम पर हैं) अपने श्रीमुख से करेंगे। कथा के मुख्य यजमान महेश भार्गव रहेंगे। इस आयोजन से पूर्व, समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से हनुमान जी मंदिर का नवीनीकरण भी करवाया गया है। इस दौरान समस्त साधु-संतों और भगवान के श्री चरणों के सभी अनुरागियों को आमंत्रित किया गया है, तथा कथा श्रवण के लिए आने वाले सभी भक्तों का ग्राम वासियों की ओर से स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया जाएगा।4
- शनिवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के आधार पर, कोटा रेंज आईजी और बारां पुलिस अधीक्षक अभिषेक अदान्सु के निर्देशानुसार केलवाड़ा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत, सात साल से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी, देवेश शिवहरे को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। थानाधिकारी नरेंद्र सिंह और कानिस्टेबल नवदीप मीणा की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी देवेश शिवहरे पुत्र राजेश शिवहरे (निवासी दांता, केलवाड़ा) को गुना, मध्य प्रदेश से डिटेन किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी देवेश शिवहरे कोर्ट केस नंबर 513/2018 धारा 13 आरपीजीओ (सरकार बनाम राहुल) के मामले में लंबे समय से वांछित था। पुलिस टीम की इस त्वरित और अथक कार्रवाई की सराहना की जा रही है।1
- शनिवार सुबह 9 बजे, भीषण गर्मी के कारण देवरी जीएसएस पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बिजली लाइनों में फाल्ट होने के बाद जैसे ही बिजली चालू की गई, लाइनों से गिरे अंगारों ने नीचे पड़े सूखे कचरे और झाड़ियों में भीषण आग लगा दी। इस घटना के कारण कस्बे की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। वहां तैनात कर्मचारी घनश्याम माली और सीनियर लाइनमैन केदारी लाल मेहता ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया, जिसके उपरांत कस्बे में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत लाइनों के नीचे समय-समय पर सफाई कराने की मांग की है।1