गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बढ़ते तापमान के बीच गन्ने की फसल पर शूट बोरर, जिसे कंसुआ कीट भी कहते हैं, का प्रकोप देखा जा रहा है। यदि इसका समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह कीट फसल को 30% से 50% तक नुकसान पहुँचा सकता है। यह कीट मुख्य रूप से गन्ने की बुवाई के 1 से 4 महीने के भीतर हमला करता है। इसकी सुंडी गन्ने के कोमल तने के अंदर घुसकर उसे अंदर से खाना शुरू कर देती है, जिससे पौधे का मध्य भाग सूख जाता है। कंसुआ कीट की पहचान के मुख्य लक्षणों में गन्ने के बीच की गोभ (पत्ता) का सूखकर पीली पड़ जाना शामिल है। सूखे हुए भाग को खींचने पर वह आसानी से बाहर निकल आता है और उससे सड़ने जैसी दुर्गंध आती है। इसके परिणामस्वरूप मुख्य पौधा सूखने से फुटाव रुक जाता है, जिससे पैदावार में भारी कमी आती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान निम्नलिखित उपायों को अपनाकर अपनी फसल बचा सकते हैं। बुवाई के लगभग 45-60 दिन बाद गन्ने की कतारों पर मिट्टी चढ़ा देना एक तरीका है, जिससे कीट को तने में घुसने में मुश्किल होती है। इसके अतिरिक्त, खेत में नमी बनाए रखना और हल्की व बार-बार सिंचाई करने से भी कीट का प्रभाव कम होता है। जैविक नियंत्रण के लिए, प्रति एकड़ 2-3 ट्राइकोकार्ड का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिसमें मौजूद मित्र कीट कंसुआ के अंडों को नष्ट कर देते हैं। यदि प्रकोप अधिक है, तो रासायनिक नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर फिप्रोनिल (0.3% GR) की 8-10 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से जड़ों के पास डालकर सिंचाई करने या कोराजन (18.5% SC) की 150 मिलीलीटर मात्रा को 400 लीटर पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों के पास छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। नारसन कस्बे में स्थित राजा महेंद्र प्रताप डिग्री कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सर्वेंद्र सिंह ने किसानों को खेत की निरंतर निगरानी रखने और कीट का प्रकोप होने पर उचित उपचार करने की सलाह दी है। उन्होंने कीट की निगरानी के लिए खेत में फेरोमोन ट्रैप लगाने का भी सुझाव दिया है।
गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बढ़ते तापमान के बीच गन्ने की फसल पर शूट बोरर, जिसे कंसुआ कीट भी कहते हैं, का प्रकोप देखा जा रहा है। यदि इसका समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह कीट फसल को 30% से 50% तक नुकसान पहुँचा सकता है। यह कीट मुख्य रूप से गन्ने की बुवाई के 1 से 4 महीने के भीतर हमला करता है। इसकी सुंडी गन्ने के कोमल तने के अंदर घुसकर उसे अंदर से खाना शुरू कर देती है, जिससे पौधे का मध्य भाग सूख जाता है। कंसुआ कीट की पहचान के मुख्य लक्षणों में गन्ने के बीच की गोभ (पत्ता) का सूखकर पीली पड़ जाना शामिल है। सूखे हुए भाग को खींचने पर वह आसानी से बाहर निकल आता है और उससे सड़ने जैसी दुर्गंध आती है। इसके परिणामस्वरूप मुख्य पौधा सूखने से फुटाव रुक जाता है, जिससे पैदावार में भारी कमी आती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान निम्नलिखित उपायों को अपनाकर अपनी फसल बचा सकते हैं। बुवाई के लगभग 45-60 दिन बाद गन्ने की कतारों पर मिट्टी चढ़ा देना एक तरीका है, जिससे कीट को तने में घुसने में मुश्किल होती है। इसके अतिरिक्त, खेत में नमी बनाए रखना और हल्की व बार-बार सिंचाई करने से भी कीट का प्रभाव कम होता है। जैविक नियंत्रण के लिए, प्रति एकड़ 2-3 ट्राइकोकार्ड का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिसमें मौजूद मित्र कीट कंसुआ के अंडों को नष्ट कर देते हैं। यदि प्रकोप अधिक है, तो रासायनिक नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर फिप्रोनिल (0.3% GR) की 8-10 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से जड़ों के पास डालकर सिंचाई करने या कोराजन (18.5% SC) की 150 मिलीलीटर मात्रा को 400 लीटर पानी में मिलाकर पौधों की जड़ों के पास छिड़काव करने का सुझाव दिया गया है। नारसन कस्बे में स्थित राजा महेंद्र प्रताप डिग्री कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सर्वेंद्र सिंह ने किसानों को खेत की निरंतर निगरानी रखने और कीट का प्रकोप होने पर उचित उपचार करने की सलाह दी है। उन्होंने कीट की निगरानी के लिए खेत में फेरोमोन ट्रैप लगाने का भी सुझाव दिया है।
- कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र रावत एक प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम में खानपुर पहुंचे। इस कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के दावों की हवा निकलती दिखाई दी।1
- उत्तराखंड की राजनीति से एक बड़ी खबर रुड़की से सामने आई है, जहाँ होटल सेंट्रम में जन निर्माण पार्टी का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया। इस अवसर पर खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा और उनकी धर्मपत्नी सोनिया शर्मा ने पार्टी की विचारधारा और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं सोनिया शर्मा ने घोषणा की कि जन निर्माण पार्टी गरीबों, किसानों, महिलाओं, दलितों, विधवाओं और समाज के हर वर्ग की आवाज बनेगी। वहीं, उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह नई पार्टी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघर्ष करेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिससे पूरा सभागार जयकारों से गूँज उठा। उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में जन निर्माण पार्टी के आगमन को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।1
- मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के अनुपालन में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक चरथावल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक परविन्दर सिंह और उनकी टीम द्वारा की गई। टीम ने ग्राम सैदपुरकलां निवासी जानू उर्फ जान मोहम्मद पुत्र शमी को उसके घर से दबोचा। आरोपी जानू उर्फ जान मोहम्मद के विरुद्ध मुजफ्फरनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा वाद संख्या 04/9/2023 और मुकदमा अपराध संख्या 645/22, धारा 379/411 आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) से संबंधित गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है और उसके खिलाफ चोरी तथा चोरी का माल रखने से जुड़े मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें उपनिरीक्षक परविन्दर सिंह, कांस्टेबल रजत कुमार और रिटायर्ड कांस्टेबल अरविंद कुमार शामिल रहे।1
- मुज़फ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गाँव में स्थित एक दोना-पत्तल निर्माण फैक्ट्री में मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर काम कराने की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इस अभियान के तहत पुलिस ने फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फैक्ट्री से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि फैक्ट्री में बाहरी क्षेत्रों से लाए गए मजदूरों को लंबे समय से परिसर में ही रखकर काम कराया जा रहा था। इसी जानकारी के आधार पर, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के निर्देशन में तितावी थाना पुलिस ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर फैक्ट्री पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान, सभी 13 मजदूरों को फैक्ट्री परिसर से सुरक्षित बाहर निकालकर एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि कुछ मजदूर पिछले कई महीनों से इसी फैक्ट्री में रह रहे थे। हालाँकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट करने में जुटी है कि मजदूर अपनी मर्ज़ी से काम कर रहे थे या उन्हें जबरन रोका गया था। पुलिस अब मुक्त कराए गए सभी मजदूरों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि मजदूर किन राज्यों या जिलों से लाए गए थे और उन्हें रोज़गार का झाँसा देकर यहाँ लाया गया था या नहीं। मामले में मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों के उल्लंघन जैसे विभिन्न पहलुओं की भी गहनता से जाँच की जा रही है। सीओ फुगाना ने बताया कि जाँच पूरी गहराई से की जा रही है और सभी तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जाँच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के गांव बेहड़ा थ्रू में ग्रामीण बदहाल सड़क और गंभीर जलभराव की समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। यह स्थिति गांव को चार अन्य गांवों से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की है, जिसकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो जरूर आते हैं, लेकिन सड़क निर्माण और विकास के वादों को पूरा करने या उनकी सुध लेने कोई नहीं लौटता। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सड़क पर भारी जलभराव है और वह पूरी तरह पानी में डूबी हुई नजर आ रही है, मानो वह सड़क न होकर एक तालाब बन गई हो। ग्रामीणों के अनुसार, यह स्थिति बरसात शुरू होने से पहले की है, जबकि बारिश के दौरान उनकी परेशानी और भी बढ़ जाती है। यह मार्ग किसानों, छात्रों और आम लोगों द्वारा रोजाना उपयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत न होने और उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव के कारण यह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर भरे पानी और कीचड़ के कारण उनके ट्रैक्टर तक खराब हो रहे हैं, वहीं लगातार जलभराव रहने से बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस समस्या के संबंध में शिकायत की है, लेकिन आज तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- भाजपा नेता द्वारा कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयान और आगामी विधान सभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस नेता वीरेंद्र रावत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस पूरे मामले पर वीरेंद्र रावत ने क्या कहा, इसकी विस्तृत जानकारी वीडियो में उपलब्ध है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुकुल पुत्र शिवकुमार, जो गादला, थाना भोपा का निवासी है, के खिलाफ पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया और यह घटना किसी को बताने पर उसके पिता व भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह मामला बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी मुकुल को दधेड़ू पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे चकों में हेरफेर कर रहे हैं और लाखों रुपये की रिश्वत ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि पुरकाजी, पूर्वामयान, ममेला, पिपलसाना और दिरौनी क्षेत्र के कई गांवों में चकबंदी के नाम पर बड़ी गड़बड़ी चल रही है, जहाँ अधिकारियों द्वारा प्रति किसान ₹2 लाख से ₹4 लाख तक लेकर चकों को सही करने का खेल किया जा रहा है। इसके साथ ही, 28 फीट चौड़े रास्तों को नापकर 18 फीट करने का भी आरोप लगाया गया है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रभावित किसानों के चक सही नहीं हो जाते और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर किसानों ने अगले 72 घंटे तक प्रशासन से बातचीत करने से इनकार कर दिया है। किसान अपनी माँगें पूरी होने तक डटे रहने के लिए धरनास्थल पर राशन, सिलेंडर और चूल्हा-चौका लेकर पहुंचे हैं।1
- मुजफ्फरनगर जिले के खड़के से ABC न्यूज़ रिपोर्टर कुलदीप कुमार बाबरा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सभी भाइयों का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वह हरिद्वार स्थित BHL कंपनी में एक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। इस संदर्भ में सुख सैम और लघु उद्योग पंजीकरण का भी उल्लेख किया गया है। BHL कंपनी को नव निर्माण से संबंधित बताया गया है।3