राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो ने गुजरात में संगठन विस्तार का विशेष अभियान चलाया है। यह अभियान राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के वलसाड़ जिला उपाध्यक्ष डॉ. भाविन नाइक जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें वलसाड़, वड़ोदरा, आनंद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख स्थानों पर संगठन का विस्तार किया गया। संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्षा श्रीमती मनीषा पाण्डेय जी ने इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गई हैं। इन नियुक्तियों में डॉ. भाविन नाइक जी को वलसाड़ का जिला उपाध्यक्ष, बिमल पटेल जी को वलसाड़ का तालुका उपाध्यक्ष, और नीरव कुमार देसाई जी को वलसाड़ का तालुका संयुक्त सचिव मनोनीत किया गया है। इसके अतिरिक्त, कौशिक भाई पटेल जी वड़ोदरा के तालुका सचिव, रिपिन कुमार पटेल जी खंभात (आनंद) के तालुका सचिव, और भाष्कर रेड्डी जी येलाहांका (बेंगलुरु) के तालुका सचिव बनाए गए हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो ने गुजरात में संगठन विस्तार का विशेष अभियान चलाया है। यह अभियान राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के वलसाड़ जिला उपाध्यक्ष डॉ. भाविन नाइक जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें वलसाड़, वड़ोदरा, आनंद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख स्थानों पर संगठन का विस्तार किया गया। संगठन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्षा श्रीमती मनीषा पाण्डेय जी ने इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गई हैं। इन नियुक्तियों में डॉ. भाविन नाइक जी को वलसाड़ का जिला उपाध्यक्ष, बिमल पटेल जी को वलसाड़ का तालुका उपाध्यक्ष, और नीरव कुमार देसाई जी को वलसाड़ का तालुका संयुक्त सचिव मनोनीत किया गया है। इसके अतिरिक्त, कौशिक भाई पटेल जी वड़ोदरा के तालुका सचिव, रिपिन कुमार पटेल जी खंभात (आनंद) के तालुका सचिव, और भाष्कर रेड्डी जी येलाहांका (बेंगलुरु) के तालुका सचिव बनाए गए हैं।
- प्रयागराज में विश्वकर्मा महासंघ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित एक समारोह में लोक सेवा आयोग द्वारा पीसीएस परीक्षा में चयनित हुए अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए चयनित अधिकारियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुभाष चन्द्र विश्वकर्मा, अपर आयुक्त युक्त राज्यकर (जी०एस०टी०) (से०नि०) उ०प्र०, लखनऊ थे। विशिष्ट अतिथियों में मा० मोहन लाल विश्वकर्मा (H.J.S.) अध्यक्ष राष्ट्रीय लोक अदालत, कानपुर देहात; पूर्व जिला जज सुबोध विश्वकर्मा (I.R.P.S.) मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) एन०सी०आर० प्रयागराज; आर०एन० विश्वकर्मा (P.E.S.) संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) प्रयागराज; डा० सी०पी० शर्मा विशेष सचिव (से०नि०) उ०प्र० शासन, लखनऊ; और जयशंकर झा उपसचिव/मुख्य व्यवस्था अधिकारी ओ० एस० डी० (भोज) सचिवालय, लखनऊ शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बी शर्मा, एच.ओ.डी. बायोकेमिस्ट्री विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने की। डा० बिन्दु विश्वकर्मा निदेशक विनीता हास्पिटल, डा० विनीता विश्वकर्मा प्रबन्ध निदेशक विनीता हास्पिटल और डॉ सुनील विश्वकर्मा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित अधिकारियों का सम्मान करना और आगामी (UPPSC) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेरित करना था। सम्मानित होने वाले नवचयनित अधिकारियों में नेहा पांचाल (उप-जिलाधिकारी, उ०प्र०), विरल शर्मा (उप-जिलाधिकारी, उत्तराखण्ड), शिवम विश्वकर्मा (असि०कमिश्नर जी०एस०टी०), उज्जवल शर्मा (असि० कमिश्नर जी०एस०टी०), सन्तोष कुमार विश्वकर्मा (असि० कमिश्नर जी०एस०टी०), रिंकी धीमान (असि० कमिश्नर जी०एस०टी०), विजय विश्वकर्मा (वाणिज्य कर अधिकारी), पूनम झा (वाणिज्य कर अधिकारी), अंकुर शर्मा (डी०एस०डब्ल्यू०ओ०), रोहित शर्मा (बी०डी०ओ), विकास विश्वकर्मा (समीक्षा अधिकारी), रितु शर्मा (समीक्षा अधिकारी), अम्बुज विश्वकर्मा (समीक्षा अधिकारी) और संजय शर्मा (समीक्षा अधिकारी) शामिल थे। समारोह में विश्वकर्मा महासंघ के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें रामलखन विश्वकर्मा प्रधान सम्पादक 'संकल्प-विकल्प', श्यामरथी विश्वकर्मा प्रान्तीय अध्यक्ष, प्रो० एस.पी. विश्वकर्मा जिला अध्यक्ष, लालता प्रसाद विश्वकर्मा एडवोकेट प्रान्तीय महासचिव, डा० सुरेश नारायण विश्वकर्मा प्रा० संयुक्त सचिव, डा. सुनील कुमार विश्वकर्मा जिला उपाध्यक्ष, अजय कुमार विश्वकर्मा प्रवक्ता जिला महासचिव, आशीष विश्वकर्मा कोषाध्यक्ष, मती निर्मला शर्मा जिलाध्यक्ष (महिला) और राहुल विश्वकर्मा आडीटर शामिल थे। डा० विनीता विश्वकर्मा ने नव चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। डा० बिन्दु विश्वकर्मा ने बताया कि इस सम्मान से आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान विनीता हास्पिटल प्रा०लि० में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अंत में, अतिथियों को विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।1
- प्रयागराज के थाना कौंधियारा क्षेत्रांतर्गत ग्राम सभा सोढिया स्थित पटपड़ वॉटर फॉल पर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा ने पुलिस कार्यवाही को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विवरण दिए।1
- जनता की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के लिए प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. अजय पाल शर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने इस मौके पर कड़ा रुख अपनाते हुए मातहतों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पीड़ितों की शिकायतों को दबाने या उनमें लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थानों से आए दर्जनों पीड़ितों ने अपनी समस्याएं डॉ. अजय पाल शर्मा के सामने रखीं, जिनमें भूमि विवाद, आपसी रंजिश, घरेलू हिंसा और चोरी-ठगी जैसे मामले शामिल थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने एक-एक कर सभी फरियादियों से बात की, उनके प्रार्थना पत्रों की समीक्षा की और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर मामलों की सही स्थिति जानी। मामलों की समीक्षा के दौरान, डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य पीड़ित को न्याय दिलाना और उसके मन में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश जारी करते हुए कहा कि अगर किसी भी थाने से पीड़ित की शिकायत पर टालमटोल या लापरवाही की बात सामने आती है, तो संबंधित थाना प्रभारी (SO/SHO) सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जनता को शिकायत दर्ज कराने के लिए उच्च अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसलिए थानों पर ही सुनवाई का माहौल सुधारा जाए, क्योंकि लापरवाही मिलने पर सख्त विभागीय कार्रवाई तय है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने जनसुनवाई में आए सभी प्रार्थना पत्रों को संबंधित थाना प्रभारियों और सर्किल अफसरों (CO) को फॉरवर्ड करते हुए एक निश्चित समय-सीमा के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए। डॉ. अजय पाल शर्मा की इस सख्त और संवेदनशील कार्यशैली से फरियादियों के चेहरे पर संतोष नजर आया और लोगों ने उम्मीद जताई कि थानों के स्तर पर भी पुलिस के रवैये में सुधार होगा। इस कदम से साफ है कि प्रयागराज पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के साथ-साथ आम जनता के लिए मित्र पुलिस की छवि को मजबूत करने में जुटी है।1
- इंडिगो की फ्लाइट 6E-2278 ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली निर्धारित पैसेंजर फ़्लाइट है। इस सपने को साकार होने में कुल 25 साल का लंबा समय लगा, जिसमें 2017 के बाद कार्य ने गति पकड़ी और एयरपोर्ट को रिकॉर्ड चार साल के भीतर बनकर तैयार कर लिया गया। इस घटना को नोएडा और आसपास के इलाकों के लिए एक ज़बरदस्त ग्रोथ बूस्टर के रूप में देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रचना नाम की महिला पर अपने पति सचिन की हत्या का आरोप लगा है। बताया गया है कि रचना ने अपने पति को पहले खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद, रात के समय उसने अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर सचिन का गला दबाकर हत्या कर दी। सचिन और रचना का विवाह लगभग 12 साल पहले हुआ था और उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 8 और 10 साल है। इस मामले में पुलिस ने पत्नी रचना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसका कथित प्रेमी सोनू अभी फरार बताया जा रहा है। फरार प्रेमी को पकड़ने के लिए एसीपी सुकन्या शर्मा ने कई टीमों का गठन किया है और उसकी तलाश जारी है।1
- कमिश्नरेट प्रयागराज की गंगानगर जोन पुलिस ने सर्विलांस की मदद से 210 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल कीमत 63 लाख 24 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने रविवार को ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देशन और डीसीपी गंगानगर के पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल द्वारा की गई, जिसने जनता द्वारा मोबाइल खोने की दी गई तहरीरों के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की थी।1
- प्रयागराज में सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पवित्र डुबकी लगाने के लिए संगम तट पर एकत्रित हुई। इस विशेष सोमवती अमावस्या के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने संगम पर आकर आस्था की डुबकी लगाई।1
- प्रयागराज के लोकप्रिय जिलाधिकारी (DM) मनीष वर्मा ने अपने कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने जनता की समस्याओं को गहराई से समझा और त्वरित न्याय दिलाने की अपनी पहचान को कायम रखा। इस दौरान जनपद के कोने-कोने से पहुँचे फरियादियों की शिकायतों को डीएम ने बेहद संवेदनशीलता से सुना और मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल व गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे, राजस्व संबंधी शिकायतें और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामले सामने आए। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने हर फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्रों पर गंभीरता से विचार किया। उन्होंने सख्त संदेश दिया कि "जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और पीड़ित को न्याय दिलाएं।" मामलों की प्रकृति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग को जमीन संबंधी विवादों व अवैध कब्जों में संयुक्त रूप से टीम बनाकर मौके पर जाकर कानून व्यवस्था के तहत निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं, विकास खंड एवं नगर निगम को जनहित से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, जैसे सड़क, पानी और सफाई की शिकायतों को समय सीमा के भीतर दूर करने का निर्देश दिया गया। अपनी त्वरित कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव के कारण जिलाधिकारी मनीष वर्मा प्रयागराज की जनता के बीच खासे लोकप्रिय हो गए हैं। जनसुनवाई के बाद कई फरियादियों ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि डीएम साहब न केवल उनकी बातों को ध्यान से सुनते हैं, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को फोन करके जवाबदेही भी तय करते हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि इस जनसुनवाई में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है, और तय समय के भीतर इनके निस्तारण की रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपनी होगी।1
- प्रयागराज के सोढ़ियां ग्राम स्थित पटपढ़ वॉटरफॉल पर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद और मारपीट की खबर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस झड़प के दौरान लाठी-डंडे भी चले, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इस मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1