लखनऊ की बीकेटी तहसील में किसानों के भीषण विरोध प्रदर्शन ने सड़क पर घंटों जाम लगा दिया, जिसके चलते एडीएम ज्योति गौतम को अपना रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग से कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ा। यह आक्रोश तब भड़का जब 5 दिनों से धरने पर बैठे सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा जाहिर किया। किसान नेता कमलेश यादव किसानों की समस्याओं को लेकर समाधान दिवस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। किसानों ने तहसीलदार शरद सिंह और नायब तहसीलदार पर अभद्रता और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, धरना स्थल पर लगे उनके टेंट को उखाड़कर फेंक दिए जाने से भी किसान और भड़क उठे, जिसके बाद वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। नाराज किसानों ने तहसील से पैदल मार्च निकाला और इंदौर बाग तहसील रोड पर भारी जाम लगा दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थिति बिगड़ती देख, एसीपी विकास पांडे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर घंटों चली वार्ता के बाद, किसानों की जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर से फोन पर सीधी बातचीत हुई। जिलाधिकारी ने किसानों को दो दिन बाद अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, छुट्टा पशुओं की समस्या और सड़कों की बदहाली सहित कई सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, और उन्होंने अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
लखनऊ की बीकेटी तहसील में किसानों के भीषण विरोध प्रदर्शन ने सड़क पर घंटों जाम लगा दिया, जिसके चलते एडीएम ज्योति गौतम को अपना रास्ता बदलकर दूसरे मार्ग से कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ा। यह आक्रोश तब भड़का जब 5 दिनों से धरने पर बैठे सैकड़ों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा जाहिर किया। किसान नेता कमलेश यादव किसानों की समस्याओं को लेकर समाधान दिवस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। किसानों ने तहसीलदार शरद सिंह और नायब तहसीलदार पर अभद्रता और बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, धरना स्थल पर लगे उनके टेंट को उखाड़कर फेंक दिए जाने से भी किसान और भड़क उठे, जिसके बाद वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। नाराज किसानों ने तहसील से पैदल मार्च निकाला और इंदौर बाग तहसील रोड पर भारी जाम लगा दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थिति बिगड़ती देख, एसीपी विकास पांडे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर घंटों चली वार्ता के बाद, किसानों की जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर से फोन पर सीधी बातचीत हुई। जिलाधिकारी ने किसानों को दो दिन बाद अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, छुट्टा पशुओं की समस्या और सड़कों की बदहाली सहित कई सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था, और उन्होंने अपनी मांगों के पूरी न होने पर एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
- Lucknow Charbagh pay platform koi baat nahi Hamare a Gaya aadami lekin aadami ke1
- कानपुर देहात पुलिस ने बोतल बाबा उर्फ हरिओम महाराज और उसके गुर्गे दीपक यादव को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक महिला से छेड़छाड़ और हत्या के प्रयास के मुकदमे में की गई है। बोतल बाबा पहले से ही बोतल में फूंक मारकर बीमारियों का इलाज करने के अपने दावों को लेकर चर्चा में था।1
- राजधानी लखनऊ के थाना महानगर अंतर्गत न्यू हैदराबाद चौकी क्षेत्र में कथित रूप से गांजा बिक्री का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पानी की टंकी के पास मादक पदार्थ बेचे जाने के आरोपों के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, निशातगंज निवासी अमन सोनकर पर गांजा तस्करी और बिक्री के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा है कि यदि पुलिस द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत उसके ठिकाने की तलाशी ली जाए, तो भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हो सकता है। जानकारी यह भी है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'i_am_aman_bad_boy' नाम से आईडी संचालित किए जाने की भी चर्चा है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पहले गोमतीनगर और निशातगंज क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद अब महानगर इलाके में भी कथित तौर पर नशे का कारोबार फैलाया जा रहा है। इसी बीच, एक वायरल वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर गांजा बेचने की तैयारी करते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, सभी की निगाहें महानगर पुलिस पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो और लगाए गए इन गंभीर आरोपों के आधार पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- एक साक्षात्कार के दौरान, जब एक इंटरव्यूअर ने डोनाल्ड ट्रंप से दुनिया के दो सबसे बड़े नेताओं के बारे में पूछा और शी (Xi) का नाम सुझाया, तो ट्रंप ने दूसरे नेता के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त तरक्की की है और उनका युद्धों से दूर रहना बहुत समझदारी वाली बात है। ट्रंप ने भारत के बारे में अपनी पुरानी धारणा साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर देखा है कि भारत में हमेशा बदलाव होते रहते थे, जहाँ कोई नेता छह महीने या एक साल के लिए आता था। लेकिन, अचानक मोदी 12 साल से ज्यादा समय से सत्ता में हैं। ट्रंप के अनुसार, मोदी में एक गजब का ठहराव है, हालांकि वे शांत स्वभाव के इंसान नहीं हैं, बल्कि "बहुत सख्त मिजाज वाले इंसान" हैं।1
- लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक नया पोस्टर लगाया गया है, जिसे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उनकी पार्टी के आंतरिक शक्ति संघर्ष पर एक बड़ा सियासी तंज माना जा रहा है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक द्वारा लगवाए गए इस होर्डिंग में राजभर की एक परेशान तस्वीर छपी है। पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि जब उनके खुद के विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाए घूम रहे हैं, तो राजभर किस आधार पर सपा को तोड़ने का दावा कर रहे हैं। दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने साल 2022 का चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था और उनकी पार्टी के 6 विधायक जीते थे। राजभर भले ही अब पाला बदलकर एनडीए सरकार में मंत्री बन चुके हैं, लेकिन उनके कई विधायक आज भी अखिलेश यादव के खेमे के करीब खड़े दिखाई देते हैं।1
- सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा पलटवार किया है। शिवपाल यादव को चुनौती देने के बाद फखरुल हसन चांद ने राजभर को 'एहसान फरामोश नेता' बताया और कहा कि उन्हें एहसान मानना चाहिए। सपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि सुभासपा का समाजवादी पार्टी में विलय नहीं हो रहा है, बावजूद इसके सुभासपा के छह में से चार विधायक सपा का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। फखरुल हसन चांद ने यहाँ तक कहा कि यदि सपा का कोई छोटा कार्यकर्ता भी राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है।1
- लखनऊ के ऐशबाग से बहराइच जा रही एक बस को बंदरियाबाग चौराहे पर तैनात एक दीवान ने रोक लिया। बस संचालक का गंभीर आरोप है कि दीवान ने कागजात दिखाने के बाद भी ₹5,000 की रिश्वत मांगी। जब ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो बस में सवार लगभग 40 यात्रियों को जबरन बस से उतार दिया गया, जिससे वे अत्यधिक परेशान हो गए। इस दौरान, यात्रियों में से एक युवक की तबीयत खराब हो गई, जिसे तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया। बस संचालक ने बताया कि बस के सभी दस्तावेज और लाइसेंस पूरी तरह से वैध थे, इसके बावजूद दीवान ने बस के दो अलग-अलग जगहों पर चालान काटे और अंततः बस को सीज कर दिया। संचालक का सीधा आरोप है कि बस को सीज करने की मुख्य वजह ड्राइवर द्वारा मांगे गए पैसे न देना था। इस पूरे मामले को लेकर बस संचालक ने डीसीपी यातायात से न्याय की गुहार लगाई है। बताया गया है कि यह बस उन लोगों ने बुक की थी जो आज सुबह मुंबई से आए थे।1
- अयोध्या में, श्री रामलला के दर्शन करने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय श्रद्धालुओं को रामायण काल के विभिन्न प्रसंगों और पात्रों का जीवंत चित्रण देखने का अवसर प्रदान करेगा।1
- संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने NEET(UG)-2026 परीक्षा के दृष्टिगत किए गए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधों के संबंध में एक बाइट दी है। यह जानकारी परीक्षा के मद्देनजर किए गए विशेष इंतज़ामों पर आधारित है।1