भीलवाड़ा शहर में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर से वर्चुअल माध्यम से इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की एक अहम पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में जयपुर के लिए 29 और भीलवाड़ा के लिए 18 ई-बसों का संचालन आरंभ किया गया है। केंद्र सरकार डिपो निर्माण, विद्युत अधोसंरचना और परिचालन के लिए राजस्थान को निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ई-बसों के चलने से प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये बसें महिलाओं, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करवाएंगी, जिसमें प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे लगे होने से सुरक्षा व्यवस्था और भी पुख्ता होगी। नगर निगम परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू, नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रभान सिंह भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ई-बस सेवा से आमजन को किफायती, सुरक्षित और वातानुकूलित यात्रा मिलेगी तथा डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण भी कम होगा। शहर विधायक अशोक कोठारी ने भीलवाड़ा का चयन देश के चुनिंदा शहरों में होना गौरव की बात बताया, वहीं मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच का परिणाम करार दिया। सांसद दामोदर अग्रवाल ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत भीलवाड़ा को कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जिनका संचालन शहर और आसपास के लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे करीब 65 गांवों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। योजना के सफल संचालन के लिए मोहनलाल सुखाड़िया नगर में 16,742 वर्गमीटर क्षेत्र में लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण किया गया है। इन ई-बसों में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, वातानुकूलित सुविधा, पब्लिक सेफ्टी सेंसर गेट, ऑटोमेटिक पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम और आपातकालीन निकास द्वार जैसी विशिष्ट व्यवस्थाएं हैं। प्रत्येक बस में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग एक माह तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। यह प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना भीलवाड़ा को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी और नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं प्रदूषण मुक्त यात्रा का एक नया विकल्प प्रदान करेगी।
भीलवाड़ा शहर में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर से वर्चुअल माध्यम से इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की एक अहम पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में जयपुर के लिए 29 और भीलवाड़ा के लिए 18 ई-बसों का संचालन आरंभ किया गया है। केंद्र सरकार डिपो निर्माण, विद्युत अधोसंरचना और
परिचालन के लिए राजस्थान को निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ई-बसों के चलने से प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये बसें महिलाओं, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करवाएंगी, जिसमें प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे लगे होने से सुरक्षा व्यवस्था और भी पुख्ता होगी। नगर निगम परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू, नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रभान सिंह भाटी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर
पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ई-बस सेवा से आमजन को किफायती, सुरक्षित और वातानुकूलित यात्रा मिलेगी तथा डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण भी कम होगा। शहर विधायक अशोक कोठारी ने भीलवाड़ा का चयन देश के चुनिंदा शहरों में होना गौरव की बात बताया, वहीं मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच का परिणाम करार दिया। सांसद दामोदर अग्रवाल ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत भीलवाड़ा को कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जिनका संचालन शहर और आसपास के लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे करीब 65 गांवों के लोगों को भी
लाभ मिलेगा। योजना के सफल संचालन के लिए मोहनलाल सुखाड़िया नगर में 16,742 वर्गमीटर क्षेत्र में लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण किया गया है। इन ई-बसों में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, वातानुकूलित सुविधा, पब्लिक सेफ्टी सेंसर गेट, ऑटोमेटिक पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम और आपातकालीन निकास द्वार जैसी विशिष्ट व्यवस्थाएं हैं। प्रत्येक बस में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग एक माह तक सुरक्षित रखी जा सकेगी। यह प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना भीलवाड़ा को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी और नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं प्रदूषण मुक्त यात्रा का एक नया विकल्प प्रदान करेगी।
- भीलवाड़ा जिले में सहकारी समितियों में बड़े पैमाने पर घपले का आरोप सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन सहकारी समितियों में लगभग 3 हजार खाद कट्टों से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।1
- जनता बार-बार चिल्लाकर गुहार लगा रही थी कि गोली न चलाई जाए। इस सबके बावजूद, एक व्यक्ति द्वारा अपना तमंचा फेंक देने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर दिया गया।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार उपखंड के मूंगा का खेड़ा गांव में शनिवार को एक अनोखी रेस्क्यू कार्रवाई देखने को मिली। यहाँ, एक कुएं से 35 वर्षीय कालू किर का शव निकालने के दौरान, शव के पास तीन सांप मौजूद थे, जिससे सीधे तौर पर शव को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही गंगरार पुलिस और सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुँची। कुएं में सांपों को देखकर वन विभाग और चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति को भी बुलाया गया। पीयूष कांबले, राम कुमार साहू, मुबारिक खान और मयूर गोसावी ने रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर तीनों सांपों को सुरक्षित रूप से ज़िंदा पकड़ा। इसके बाद सिविल डिफेंस टीम ने मृतक का शव कुएं से सफलतापूर्वक बाहर निकाला। पुलिस, सिविल डिफेंस और वन्यजीव टीम के इस संयुक्त प्रयास से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल रहा।1
- औद्योगिक रूप से समृद्ध होने के बावजूद, चित्तौड़गढ़ जिले को विकास के मामले में पिछड़ा माना जा रहा है। यहां की जनता को सड़क, स्वास्थ्य, पानी और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं से लगातार जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ गई हैं। इस स्थिति के बीच, जिले को मिले करोड़ों रुपये के CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इतनी राशि होने के बावजूद भी क्षेत्र में विकास की कमी साफ तौर पर दिख रही है और जनता की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।1
- आजकल क्रिकेट प्रशंसकों के बीच एक अहम सवाल पर चर्चा गरम है कि क्या सीनियर खिलाड़ी अभी और खेलेंगे या नहीं। यह पोस्ट दर्शकों से सीधा पूछती है कि उन्हें क्या लगता है वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य के बारे में। इसी के साथ, यह आग्रह भी किया गया है कि सभी तरह की स्पोर्ट्स न्यूज़ से अपडेट रहने और यह जानने के लिए कि क्रिकेट फैंस के बीच आज क्या विशेष चर्चा में है, दर्शक प्लेटफॉर्म को सब्सक्राइब करें।1
- Sanwariya_Construction ने एक विज्ञापन जारी करते हुए बताया है कि वे बिल्कुल बाजी कीमत पर 'आज से चलने वाला चूल्हा' बनाकर देंगे। जो भी व्यक्ति चूल्हा बनवाना चाहता है, वह 9116972946 पर संपर्क कर सकता है।1
- एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक BPSC अध्यापिका ने अपने ही 13 साल के बेटे को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक वारदात का मुख्य कारण बताया जा रहा है कि बेटा अपनी माँ के कथित अवैध संबंधों का लगातार विरोध करता था, जिसके बाद यह भीषण कदम उठाया गया।1
- श्री सांवलिया सेठ भंडार गणना के पांचवें चरण में ₹1.46 करोड़ की दानराशि प्राप्त हुई है। इस नवीनतम संग्रह के साथ, भंडार में जमा कुल राशि अब ₹32.59 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।1
- खेल जगत की बेहतरीन खबरें जानने के लिए दर्शकों को तुरंत सदस्यता लेने और जुड़े रहने का आग्रह किया गया है। हाल ही में हुए एक मैच के दौरान गर्मा गर्मी का माहौल देखने को मिला, जिसके बाद लोगों में इस घटना को लेकर अलग-अलग राय बन गई है। इस पूरी स्थिति पर पाठकों से उनकी अपनी राय साझा करने के लिए कहा गया है।1