सनातन संस्कृति विज्ञान सम्मत है : दीपाई नाथ . सनातन संस्कृति विज्ञान सम्मत है : दीपाई नाथ सोडावास. सोडावास के समीप चिरूनी बस स्टैंड हनुमान मंदिर परिसर में हनुमान मंदिर के संत दीपाई नाथ महाराज ने हनुमान जी आश्रम में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा सनातन धर्म का आदी है ना अंत। इसलिए इसे सत्य सनातन धर्म कहते हैं। सत्य का तात्पर्य जो त्रिकालाबाद है। जो था, है व रहेगा। जिसके बनने या बिगड़ने की तारीख पता लगे वे मत, पंत या संप्रदाय कहलाते हैं। हम सभी का सम्मान करते हैं लेकिन इसके बनने या बिगड़ने की तारीख पता ना हो तो जो सृष्टि के आरंभ से पहले व प्रलय के बाद भी रहेगा वही सनातन है। हमारे वैज्ञानिक ऋषियों की महान देन है सनातन धर्म। व सनातन संस्कृति ढकोसला नहीं विज्ञान सम्मत है जिसे विज्ञान की कटौती पर खरा परखा जा सकता है यदि यह कह दे की सभी का प्रादुभाव सनातन से हुआ है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान काल सनातन के लिए स्वणीम काल है बड़ी हार्दिक प्रसन्नता का अनुभव होता है जब लोगों में सनातन के लिए पुन : आकर्षण पैदा होते हुए देखते हैं।हमारे पवित्र तीर्थ उपासना स्थलों संस्कृति के मूल सिद्धांतों को उत्तर उत्तर बढ़ाते हुए देखते हैं। बच्चे बच्चे के मन में श्री राम, श्री कृष्णा, मां जगदंबा, भगवान शिव, संतो- महापुरुष, ऋषि, मुनियो,वीर अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सैनियों सनातन की रक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ बलिदान करने वाले सिख पंथ के 10 गुरुओं व उनके परिवारों, स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद, जगत गुरु आदृ शंकराचार्य, चैतन्य महाप्रभु, महावीर स्वामी, महात्मा बुद्ध, इत्यादिक के लिए जो भाव व श्रद्धा का सैलाब उमड़ते हुए देखते हैं जो तो हृदय में जो प्रसन्नता होती है उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। कार्यक्रम का संचालन अरुण तिवारी विमल चिरूनी ने किया । सोडावास....कार्यक्रम में सनातन संस्कृति से जुड़े भक्त लोग ।
सनातन संस्कृति विज्ञान सम्मत है : दीपाई नाथ . सनातन संस्कृति विज्ञान सम्मत है : दीपाई नाथ सोडावास. सोडावास के समीप चिरूनी बस स्टैंड हनुमान मंदिर परिसर में हनुमान मंदिर के संत दीपाई नाथ महाराज ने हनुमान जी आश्रम में उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा सनातन धर्म का आदी है ना अंत। इसलिए इसे सत्य सनातन धर्म कहते हैं। सत्य का तात्पर्य जो त्रिकालाबाद है। जो था, है व रहेगा। जिसके बनने या बिगड़ने की तारीख पता लगे वे मत, पंत या संप्रदाय कहलाते हैं। हम सभी का सम्मान करते हैं लेकिन इसके बनने या बिगड़ने की तारीख पता ना हो तो जो सृष्टि के आरंभ से पहले व प्रलय के बाद भी रहेगा वही सनातन है। हमारे वैज्ञानिक ऋषियों की महान देन है सनातन धर्म। व सनातन संस्कृति ढकोसला नहीं विज्ञान सम्मत है जिसे विज्ञान की कटौती पर खरा परखा जा सकता है यदि यह कह दे की सभी का प्रादुभाव सनातन से हुआ है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान काल सनातन के लिए स्वणीम काल है बड़ी हार्दिक प्रसन्नता का अनुभव होता है जब लोगों में सनातन के लिए पुन : आकर्षण पैदा होते हुए देखते हैं।हमारे पवित्र तीर्थ उपासना स्थलों संस्कृति के मूल सिद्धांतों को उत्तर उत्तर बढ़ाते हुए देखते हैं। बच्चे बच्चे के मन में श्री राम, श्री कृष्णा, मां जगदंबा, भगवान शिव, संतो- महापुरुष, ऋषि, मुनियो,वीर अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सैनियों सनातन की रक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ बलिदान करने वाले सिख पंथ के 10 गुरुओं व उनके परिवारों, स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद, जगत गुरु आदृ शंकराचार्य, चैतन्य महाप्रभु, महावीर स्वामी, महात्मा बुद्ध, इत्यादिक के लिए जो भाव व श्रद्धा का सैलाब उमड़ते हुए देखते हैं जो तो हृदय में जो प्रसन्नता होती है उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। कार्यक्रम का संचालन अरुण तिवारी विमल चिरूनी ने किया । सोडावास....कार्यक्रम में सनातन संस्कृति से जुड़े भक्त लोग ।
- वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान मुंडावर/जसाई (खैरथल-तिजारा): समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित संगठन युवा भगत सिंह सेना द्वारा आयोजित 20वें विशाल रक्तदान शिविर में सेवा का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष और जसाई सरपंच वीरेंद्र उर्फ वीरू शर्मा के जन्मदिवस पर आयोजित इस शिविर में न केवल जनसैलाब उमड़ा, बल्कि खुद वीरेंद्र पंडित ने 54वीं बार रक्तदान कर युवाओं के सामने एक नई मिसाल पेश की। दंपत्ति ने पेश की सेवा की मिसाल शिविर की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह रही कि प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र पंडित के साथ उनकी धर्मपत्नी आरती शर्मा ने भी रक्तदान किया। उन्होंने इस माध्यम से समाज की महिलाओं को सामाजिक कार्यों और जीवन रक्षक अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। "रक्तदान महादान: आपके कुछ मिनट, किसी की पूरी जिंदगी" इस अवसर पर वीरू सरपंच ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। शिविर में कुल 63 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के काम आएगा। मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: भगत सत्यवान श्योराण (जीतपुरा धाम) महन्त मुकेश भगत दारासिंह ठेकेदार (काकर दोपा) इसके अलावा दुष्यंत यादव, युवराज यादव, मोनू यादव, केसरी सिंह, नरेन्द्र यादव, सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्र डबास, विक्की चौधरी, राहुल चौधरी और जोगेन्द्र औला सहित अनेक गणमान्य लोग और युवा शक्ति उपस्थित रही। गोलाहेड़ा धाम पर रहा उत्साह का माहौल जोतराम बाबा के पावन स्थान, गोलाहेड़ा धाम पर सुबह से ही रक्तदाताओं का तांता लगा रहा। 'समस्त युवा शक्ति' के सहयोग से आयोजित इस 20वें शिविर ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्र का युवा समाज सेवा के लिए पूरी तरह जागरूक है। राठ ब्लड सेंटर, बहरोड़ की टीम ने रक्त संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया।4
- अलवर के किशनगढ़ बास क्षेत्र में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली।1
- शाहजहांपुर के गुगलकोटा स्थित FPI कंपनी में ड्यूटी पर एक गार्ड की मौत हो गई। ग्रामीणों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना दिया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।3
- अलवर के सोडावास में साहबी नदी के किनारे लगाए गए बरगद व पीपल के पेड़ों की सुरक्षा के लिए लगी लोहे की जाली चोरी हो गई है। पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक भावना से लगाए गए इन पेड़ों की सुरक्षा हटने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस चोरों की तलाश कर रही है।1
- अलवर के नीमराणा स्थित रोडवाल टोल प्लाजा पर ग्रामीणों ने एक बार फिर टोल वसूली के विरोध में रास्ता रोक दिया। माजरा गांव के लोगों को टोल फ्री करने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों ने घंटों लंबा जाम लगाया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। मौके पर तनावपूर्ण माहौल है और पुलिस-प्रशासन स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।1
- विराटनगर पुलिस थाने के SHO ने कहा टैक्टर की कोई रॉयल्टी रसीद नहीं थी, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के आरोपों पर खुलकर बोलें1
- मजदूर की मेहनत से ही देश की तरक्की होती है। अपनी ताकत पहचानो, एकजुट रहो और अपने हक के लिए हमेशा आवाज उठाओ। मेहनत करने वाला कभी कमजोर नहीं होता, वही समाज की असली ताकत है। मजदूरों के मेहनत पसीने से बड़ी-बड़ी कंपनियां चलती है1
- अलवर जिले के मुंडावर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल शोभायात्रा निकाली, जो 2100 दीपों की महाआरती के साथ संपन्न हुई। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देना था।1