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राजधानी रांची के ओरमांझी में रामगढ़-रांची हाईवे पर एक 18 चक्का ट्रक के इंजन से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चालक की सूझबूझ और उस वक्त हो रही भारी बारिश ने संभावित आग को फैलने से रोका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।
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राजधानी रांची के ओरमांझी में रामगढ़-रांची हाईवे पर एक 18 चक्का ट्रक के इंजन से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चालक की सूझबूझ और उस वक्त हो रही भारी बारिश ने संभावित आग को फैलने से रोका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।
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- चौपारण समाचार के मुताबिक, झारखंड राज्य में अगले 48 घंटे 'भारी' रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान, लोगों से अपने-अपने जिले का हाल जानने का आग्रह किया गया है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- कुख्यात झांगुर ग्रुप के प्रमुख रामदेव उरांव ने अपने दो साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह खबर झांगुर ग्रुप के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना को दर्शाती है।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- गरीब लोगों ने उन आवासों के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिन्हें पूरा न होते हुए भी 'पूर्ण' दर्शा दिया गया है, जिससे वे आज भी वंचित हैं। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त साहब को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लें और उनकी देखरेख में यह कार्य पूर्ण हो। पीड़ितों का आग्रह है कि उपायुक्त साहब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएं और उन्हें न्याय दिलाने में सहायता करें, क्योंकि उन्हें किसी तरह का जवाब नहीं दिया जा रहा है।1
- झारखंड की राजधानी राँची के धुर्वा स्थित श्री श्री शनिदेव नवग्रह मंदिर में प्रत्येक शनिवार को आस्था का भव्य नज़ारा देखने को मिलता है। इस विशेष अवसर पर मंदिर में भव्य संध्या आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर अपनी गहरी भक्ति और आस्था व्यक्त करते हैं।1
- रातु समर्पण दीप बी.एड कॉलेज, उषामातु में शनिवार को आई.क्यू.ए.सी. और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में तम्बाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तम्बाकू के आकर्षण का पर्दाफाश करना और निकोटीन व तम्बाकू की लत से मुकाबला करना था। इस अवसर पर कॉलेज के सचिव महोदय नवल किशोर गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इस दिवस को केवल एक औपचारिकता के रूप में नहीं मनाना चाहिए, बल्कि इसे अपने अभ्यास में लाकर लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दशरथ महतो ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में पूरे विश्व की युवा पीढ़ी तम्बाकू और निकोटीन से गंभीर रूप से ग्रसित हो चुकी है। उन्होंने इस भयानक जहर से आज के युवाओं को हर हाल में बचाने की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि यह उन्हें कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग, मुँह और मसूड़ों की बीमारी जैसी जानलेवा बीमारियों की ओर धकेल रहा है, जिसके दूरगामी परिणाम बहुत बुरे हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में सभी विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। इस आयोजन में प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ और छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित थे।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले में खनन टास्क फोर्स की लगातार बैठकें होने के बावजूद अवैध खनन का खेल बेरोकटोक जारी है। बालू से लदे हाईवा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे अवैध बालू ढुलाई का यह धंधा खुलेआम चल रहा है। यह गंभीर सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह और संरक्षण में यह अवैध गतिविधि इतनी बेख़ौफ़ होकर संचालित की जा रही है।1
- रांची के डोरंडा स्थित नीलम कॉम्प्लेक्स के पास एक पेड़ गिर गया है। इस घटना के कारण क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो गया है।1