जसवंतनगर क्षेत्र के नगला कन्हई गाँव में एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये की माँग करने का आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता खुशी, जो विपिन राजपूत की पत्नी है, ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। खुशी के अनुसार, 18 जून की रात करीब 8:30 बजे उसके पति, सास, ससुर और जेठानी ने अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। जब उसकी छोटी बहन अंजलि ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसके साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उससे दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाया और कहा कि यह रकम लाने पर ही उसे घर में रहने दिया जाएगा। इसके बाद उसे धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। खुशी ने बताया कि वह गर्भवती है और इस स्थिति में उसे दर-दर भटकना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसकी बहन अंजलि का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया है। क्षेत्राधिकारी से शिकायत करने के बाद पीड़िता ने सख्त कार्रवाई की माँग की है। थाना प्रभारी कमल भाटी ने पुष्टि की है कि उन्हें प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जाँच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जसवंतनगर क्षेत्र के नगला कन्हई गाँव में एक गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये की माँग करने का आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता खुशी, जो विपिन राजपूत की पत्नी है, ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। खुशी के अनुसार, 18 जून की रात करीब 8:30 बजे उसके पति, सास, ससुर और जेठानी ने अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। जब उसकी छोटी बहन अंजलि ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसके साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उससे दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाया और कहा कि यह रकम लाने पर ही उसे घर में रहने दिया जाएगा। इसके बाद उसे धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। खुशी ने बताया कि वह गर्भवती है और इस स्थिति में उसे दर-दर भटकना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसकी बहन अंजलि का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया है। क्षेत्राधिकारी से शिकायत करने के बाद पीड़िता ने सख्त कार्रवाई की माँग की है। थाना प्रभारी कमल भाटी ने पुष्टि की है कि उन्हें प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जाँच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- गोण्डा में शहर आ रहे एक युवक रामनारायण मिश्र पर मांदे करमा गांव के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी वारदात में युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसे लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित रामनारायण ने इस जानलेवा हमले की साजिश रचने का आरोप सीधे बैंक कर्मियों पर लगाया है। घायल रामनारायण का एक बैंक से लोन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पहले भी बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। रामनारायण का आरोप है कि यह हमला बैंक कर्मियों द्वारा ही करवाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल रामनारायण का बयान दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है। हमलावरों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। दिनदहाड़े हुए इस जानलेवा हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जिसे लेकर पुलिस ने जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-92 पर एक नया सिग्नेचर ब्रिज तैयार किया जा रहा है। यह नया पुल पुराने पुल के बगल में बन रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच आवागमन को सुगम बनाना है। इस ब्रिज के जल्द ही बनकर तैयार होने की उम्मीद है, जिससे विशेष रूप से मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस विकास कार्य से संबंधित जानकारी में MYogiAdityanath, विधायक सरिता भदौरिया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भाजपा उत्तर प्रदेश का उल्लेख किया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोविन्द सिंह परिहार ने एक बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि दतिया से डॉ नरोत्तम मिश्रा को कोई भी चुनाव नहीं हरा सकता। यह महत्वपूर्ण बयान उन्होंने 'आपकी जन अदालत न्यूज' पर चैनल हेड राजा भैया पाल के पॉडकास्ट में दिया। परिहार का यह इंटरव्यू मुख्य रूप से डॉ नरोत्तम मिश्रा के आगामी चुनाव को लेकर केंद्रित था।1
- पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। हालांकि, इस मामले में किसकी हत्या हुई और कौन हत्यारा निकला, इसकी विस्तृत जानकारी जानने के लिए पाठकों को मूल खबर देखने के लिए कहा गया है।2
- जनपद इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने थाना ऊसराहार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, CCTNS कक्ष, साइबर हेल्प डेस्क, मिशन शक्ति केंद्र, पुलिस आवास और भोजनालय सहित विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। साथ ही, संबंधित अभिलेखों एवं कार्यों की समीक्षा भी की गई। एसएसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, जनसुनवाई व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में, थाना परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के निर्देश भी जारी किए गए।1
- गोंडा में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने बिहार के भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक 12 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी महोदय के कार्यालय पर सौंपा। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय पाठक अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे और मुठभेड़ के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। मोर्चा ने अपने मांग पत्र में प्रमुख रूप से कई बिंदुओं पर जोर दिया। इसमें भरत तिवारी की मौत के संपूर्ण प्रकरण की स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग शामिल है। सुरक्षा के लिहाज़ से, पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। पारदर्शिता के लिए, मुठभेड़ की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है। मोर्चा ने पुलिस सुधार आयोग के गठन की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि भविष्य में नागरिकों के साथ ऐसी घटनाएँ न हों और प्रत्येक मुठभेड़ की अनिवार्य न्यायिक जांच हो सके। यदि किसी अधिकारी ने घटना के साक्ष्य मिटाने, तथ्यों को छुपाने या झूठे तथ्य प्रस्तुत करने का प्रयास किया हो, तो उसके विरुद्ध पृथक आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी इस ज्ञापन का हिस्सा है।1
- दिनांक 20/21.06.2026 की रात्रि को जैतपुर थाना पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान के दौरान एक बदमाश से मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अभियुक्त सोमेश पाराशर को पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। अभियुक्त से की गई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 18.06.2026 को थाना जैतपुर क्षेत्र के ग्राम रूपपुरा में प्रदीप मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई थी, और यह घटना एक पुराने विवाद के चलते इसी अभियुक्त द्वारा की गई थी। अभियुक्त के पास से बरामद हुआ तमंचा 18 जून की हत्या की वारदात में ही इस्तेमाल किया गया था। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में घंटाघर चौराहे पर तैनात एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर कथित तौर पर लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क पर गिरा हुआ है, और ट्रैफिक दरोगा उसे पैर से मारते नजर आ रहे हैं। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बस से यह वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का अभद्र व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालांकि, इस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां और वीडियो का पूरा संदर्भ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।1