कांगड़ा जिले के डागडा गांव में बाबा सिद्ध चानो जी का दरवार श्रद्धालु मानते हैं कलयुग की सच्ची सरकार 👉मंगलवार को 14 संक्रांति को अदायगी झंडा रससम गरली,11 अप्रैल ( सन्नी): हिमाचल प्रदेश के कागडा जिले में प्रागपुर तहसील ग्राम पंचायत बणी के वार्ड नं 1मे स्थित मन्दिर बाबा सिद्ध चानो जी को न्याय का देवता माना कहा जाता है। बाबासिद चानों मंदिर में दर्शनों के लिए दूर-दूर से भक्त अन्य राज्यों से दर्शनों के लिए आते हैं यह 400 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मन्दिर है . चानो सिद्ध मन्दिर में श्रधालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बाबा के दरबार में श्रद्धा से श्रद्धालु बड़ी उम्मीद से आकर अपनी समस्याओ को दूर करने के लिए दरवार में वीनती करते हैं। बाबा सिद्ध चानो जी को न्याय का देवता माना जाता है। मन्दिर में आने बाले श्रद्धालुऔं का मानना है कि जिस किसी को कहीं न्याय नहीं मिलता, उसे बाबा के दरबार में न्याय जरूर मिलता है. बाबा सिद्ध चानो जी को कलयुग की सच्ची सरकार भी कहा जाता है. 👉बाबा सिद्ध चानो जी को मानते हैं कलयुग की सच्ची सरकार चानो सिद्ध बाबा जी को लोग इंसाफ का देवता भी कहां जाता है बही मंदिर के कमेटी के प्रधान मेंन पुजारी विनोद कुमार (बिकू ) ने बताया कि बाबा सिद्ध चानो जी का मंदिर 400 वर्षों से भी पुराना है. बाबा सिद्ध चानो जी की कहानी भी ऐतिहासिक है. बताया जाता है कि बाबा सिद्ध चानो जी एक राजा थे. वे डागडा गांव में प्रकट हुए और एक बट वृक्ष के नीचे विश्राम करने लगे. बाबा के विश्राम करने से पहले वह वृक्ष बिल्कुल सूखा हुआ था, लेकिन बाबा के विश्राम करने से तुरंत वह वृक्ष हरा भरा हो गया 👉मंदिर में लगा रहता है मंगलबार शनिवार को मेला। बाबा सिद्ध चानों जी के मंदिर में हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां पर स्थानीय जनता अन्य राज्यों से आने वाले सैकड़ों भक्त बाबाजी के दर्शन करते हैं जिससे कई गुणा भक्तों की संख्या बढ़ जाती है. मंदिर में बाबा सिद्ध चानो जी की प्रतिमा जी के साथ लालखा बली, भैरो की प्रतिमा स्थापित है। बही श्रधालुओं का मानना है कि बाबा सिद्ध चानो जी कलयुग के न्याय के देवता हैं. वे लोगों के दुखों को दूर करते थे और उन्हें न्याय दिलाते थे. 👉 बाबा के दरबार में सजती है दुकानें मन्दिर में मंगलवार और शनिवार को। प्रशाद , मनियारी, हलवाई, स्थानीय लोगों द्वारा बांस से बनाऐ हुऐ वर्तन सजाऐ हुए होते हैं जो श्रद्धालु बाबाजी के दरबार में आता है बह कुछ ना कुछ बसतु लेकर घर की और प्रस्थान करता है । 👉 मन्दिर में अपनी श्रद्धा अनुसार ला सकते प्रशाद जो भक्त बाबा जी के दरबार में आते हैं प्रशाद के बतौर अपनी श्रद्धा अनुसार का प्रशाद चढ़ाते हैं बल्कि कुछ लोग नई फसल आने पर कनक, आटा मक्की आदि चढ़ाया जाता है कुछ लोग अपने घरों में पाले हुए पशुओं को नये दुध होने पर दुध, दही, घी , रोटी में शंकर घी मिलाकर का चुरमा चढ़ाया जाता है ँ। श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर। बकरा , पहाड़ी भाषा में कूकड चढ़ाया जाता है 👉चानो सिद्ध बाबा के दरबार में मिलता है न्याय बताया जाता हैं कि जिस व्यक्ति को कहीं न्याय नहीं मिलता, उसे बाबा के दरबार में न्याय जरूर मिलता है. दरवार में मान्यता है कि वे हमेशा न्याय के पक्ष में फैसला देते हैं. जिन लोगों को कहीं न्याय नहीं मिलता, वे बाबा सिद्ध चानो जी के दरबार में आते हैं और उन्हें न्याय मिलता है. बाबा सिद्ध चानो जी के दरबार में लोग अपनी समस्याएं बताते हैं और बाबा जी उन समस्याओं का समाधान भी करते हैं. कहा जाता है कि बाबा सिद्ध चानो जी के दरबार में जो लोग सच्चे मन से आते हैं, उन्हें न्याय जरूर मिलता है। बही मन्दिर के पुजारियों ने बताया 👉 डागडा बाबा चानो सिद्ध मन्दिर जी की कहानी प्राचीन समय की बात है द्वापर युग में कैलाश नाम का एक राजा मक्का मदीना में राज करता था। वह भगवान शिव जी का बहुत बड़ा भक्त था। राजा कैलाश के राज्य में हर कोई सुखी था परंतु राजा उदास रहते थे। इसका कारण राजा के मंत्रियों ने जानना चाहा और कहा कि राजन आपके राज्य में हर कोई सुखी है, आप दुखी लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन फिर भी आप अंदर ही अंदर दुखी दिखाई देते हैं ऐसा क्यों है? तब राजा ने बताया कि मैं अपनी कोई संतान नहीं होने से दुखी हूं। इस पर मंत्रियों ने कहा कि आप भगवान शिव के इतने बड़े भक्त हैं, आप भगवान शिव की शरण में जाएं। शिव जी आपकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे। तब राजा कैलाश ने भगवान शिव जी की तपस्या की, जिससे खुश होकर शिव जी प्रकट हुए और राजा को वरदान मांगने के लिए कहा। राजा कैलाश ने उनसे पुत्र प्राप्ति का वरदान मांगा। भगवान शिव ने उन्हें चार पुत्रों का वरदान दिया और कहा कि तुम्हारा सबसे छोटा पुत्र बलशाली और विशलकाय होगा। उसके बाद राजा कैलाश की पत्नी ने चार पुत्रों को जन्म दिया। राजा के पुत्रों का नामकरण किया गया और उनके नाम कानो, वानो, सदुर और छोटे पुत्र का नाम चाणुर रखा गया। राजा के दरबार में रूक्को नाम की दाई थी जिसने इन बालकों का पालन-पोषण किया । समय के साथ चारों वालक जवान हुए, चाणुर इन सब में बड़ा तेजस्वी और बलवान था। 👉 बाबाजी चानो सिद्ध मन्दिर में झंडा रस्म अदायगी चानो सिद्ध मन्दिर में 14 तारीख मंगलवार संक्रान्ति को बैसाखी के माह में के दिन झंडा रस्म अदायगी की जाती है। जिसमें पिछली रात को बाबा जी के दरबार में दहाजा भी करवाया जाता है । 👉लंगर भवन में है लंगर लगाने का है पूरा प्रबंध चानो सिद्ध मन्दिर में शनिवार के दिन भक्तों द्वारा लंगर भी लगाए जाते हैं गर्मियों के मई, जून माह प्रत्येक शनिवार को श्रधालुओं द्वारा लंगरो का आयोजन किया जाता है ।
कांगड़ा जिले के डागडा गांव में बाबा सिद्ध चानो जी का दरवार श्रद्धालु मानते हैं कलयुग की सच्ची सरकार 👉मंगलवार को 14 संक्रांति को अदायगी झंडा रससम गरली,11 अप्रैल ( सन्नी): हिमाचल प्रदेश के कागडा जिले में प्रागपुर तहसील ग्राम पंचायत बणी के वार्ड नं 1मे स्थित मन्दिर बाबा सिद्ध चानो जी को न्याय का देवता माना कहा जाता है। बाबासिद चानों मंदिर में दर्शनों के लिए दूर-दूर से भक्त अन्य राज्यों से दर्शनों के लिए आते हैं यह 400 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मन्दिर है . चानो सिद्ध मन्दिर में श्रधालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बाबा के
दरबार में श्रद्धा से श्रद्धालु बड़ी उम्मीद से आकर अपनी समस्याओ को दूर करने के लिए दरवार में वीनती करते हैं। बाबा सिद्ध चानो जी को न्याय का देवता माना जाता है। मन्दिर में आने बाले श्रद्धालुऔं का मानना है कि जिस किसी को कहीं न्याय नहीं मिलता, उसे बाबा के दरबार में न्याय जरूर मिलता है. बाबा सिद्ध चानो जी को कलयुग की सच्ची सरकार भी कहा जाता है. 👉बाबा सिद्ध चानो जी को मानते हैं कलयुग की सच्ची सरकार चानो सिद्ध बाबा जी को लोग इंसाफ का देवता भी कहां जाता है बही मंदिर के कमेटी के
प्रधान मेंन पुजारी विनोद कुमार (बिकू ) ने बताया कि बाबा सिद्ध चानो जी का मंदिर 400 वर्षों से भी पुराना है. बाबा सिद्ध चानो जी की कहानी भी ऐतिहासिक है. बताया जाता है कि बाबा सिद्ध चानो जी एक राजा थे. वे डागडा गांव में प्रकट हुए और एक बट वृक्ष के नीचे विश्राम करने लगे. बाबा के विश्राम करने से पहले वह वृक्ष बिल्कुल सूखा हुआ था, लेकिन बाबा के विश्राम करने से तुरंत वह वृक्ष हरा भरा हो गया 👉मंदिर में लगा रहता है मंगलबार शनिवार को मेला। बाबा सिद्ध चानों जी के मंदिर
में हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां पर स्थानीय जनता अन्य राज्यों से आने वाले सैकड़ों भक्त बाबाजी के दर्शन करते हैं जिससे कई गुणा भक्तों की संख्या बढ़ जाती है. मंदिर में बाबा सिद्ध चानो जी की प्रतिमा जी के साथ लालखा बली, भैरो की प्रतिमा स्थापित है। बही श्रधालुओं का मानना है कि बाबा सिद्ध चानो जी कलयुग के न्याय के देवता हैं. वे लोगों के दुखों को दूर करते थे और उन्हें न्याय दिलाते थे. 👉 बाबा के दरबार में सजती है दुकानें मन्दिर
में मंगलवार और शनिवार को। प्रशाद , मनियारी, हलवाई, स्थानीय लोगों द्वारा बांस से बनाऐ हुऐ वर्तन सजाऐ हुए होते हैं जो श्रद्धालु बाबाजी के दरबार में आता है बह कुछ ना कुछ बसतु लेकर घर की और प्रस्थान करता है । 👉 मन्दिर में अपनी श्रद्धा अनुसार ला सकते प्रशाद जो भक्त बाबा जी के दरबार में आते हैं प्रशाद के बतौर अपनी श्रद्धा अनुसार का प्रशाद चढ़ाते हैं बल्कि कुछ लोग नई फसल आने पर कनक, आटा मक्की आदि चढ़ाया जाता है कुछ लोग अपने घरों में पाले हुए पशुओं को नये दुध होने पर दुध,
दही, घी , रोटी में शंकर घी मिलाकर का चुरमा चढ़ाया जाता है ँ। श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर। बकरा , पहाड़ी भाषा में कूकड चढ़ाया जाता है 👉चानो सिद्ध बाबा के दरबार में मिलता है न्याय बताया जाता हैं कि जिस व्यक्ति को कहीं न्याय नहीं मिलता, उसे बाबा के दरबार में न्याय जरूर मिलता है. दरवार में मान्यता है कि वे हमेशा न्याय के पक्ष में फैसला देते हैं. जिन लोगों को कहीं न्याय नहीं मिलता, वे बाबा सिद्ध चानो जी के दरबार में आते हैं और उन्हें न्याय मिलता है. बाबा सिद्ध चानो जी के
दरबार में लोग अपनी समस्याएं बताते हैं और बाबा जी उन समस्याओं का समाधान भी करते हैं. कहा जाता है कि बाबा सिद्ध चानो जी के दरबार में जो लोग सच्चे मन से आते हैं, उन्हें न्याय जरूर मिलता है। बही मन्दिर के पुजारियों ने बताया 👉 डागडा बाबा चानो सिद्ध मन्दिर जी की कहानी प्राचीन समय की बात है द्वापर युग में कैलाश नाम का एक राजा मक्का मदीना में राज करता था। वह भगवान शिव जी का बहुत बड़ा भक्त था। राजा कैलाश के राज्य में हर कोई सुखी था परंतु राजा उदास रहते थे।
इसका कारण राजा के मंत्रियों ने जानना चाहा और कहा कि राजन आपके राज्य में हर कोई सुखी है, आप दुखी लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन फिर भी आप अंदर ही अंदर दुखी दिखाई देते हैं ऐसा क्यों है? तब राजा ने बताया कि मैं अपनी कोई संतान नहीं होने से दुखी हूं। इस पर मंत्रियों ने कहा कि आप भगवान शिव के इतने बड़े भक्त हैं, आप भगवान शिव की शरण में जाएं। शिव जी आपकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे। तब राजा कैलाश ने भगवान शिव जी की तपस्या की, जिससे खुश होकर
शिव जी प्रकट हुए और राजा को वरदान मांगने के लिए कहा। राजा कैलाश ने उनसे पुत्र प्राप्ति का वरदान मांगा। भगवान शिव ने उन्हें चार पुत्रों का वरदान दिया और कहा कि तुम्हारा सबसे छोटा पुत्र बलशाली और विशलकाय होगा। उसके बाद राजा कैलाश की पत्नी ने चार पुत्रों को जन्म दिया। राजा के पुत्रों का नामकरण किया गया और उनके नाम कानो, वानो, सदुर और छोटे पुत्र का नाम चाणुर रखा गया। राजा के दरबार में रूक्को नाम की दाई थी जिसने इन बालकों का पालन-पोषण किया । समय के साथ चारों वालक
जवान हुए, चाणुर इन सब में बड़ा तेजस्वी और बलवान था। 👉 बाबाजी चानो सिद्ध मन्दिर में झंडा रस्म अदायगी चानो सिद्ध मन्दिर में 14 तारीख मंगलवार संक्रान्ति को बैसाखी के माह में के दिन झंडा रस्म अदायगी की जाती है। जिसमें पिछली रात को बाबा जी के दरबार में दहाजा भी करवाया जाता है । 👉लंगर भवन में है लंगर लगाने का है पूरा प्रबंध चानो सिद्ध मन्दिर में शनिवार के दिन भक्तों द्वारा लंगर भी लगाए जाते हैं गर्मियों के मई, जून माह प्रत्येक शनिवार को श्रधालुओं द्वारा लंगरो का आयोजन किया जाता है ।
- Post by Rakesh Kumar4
- सुजानपुर भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा व प्रदेश प्रवक्ता व विधायक आशीष शर्मा पर ऊँगली उठाने से पहले आपने गिरेवान पर झाँक कर देखे कुलदीप सिंह पठानिया उनके चेयरमैन रहते जो भरष्टाचार हुआ था तब KCCB के इतिहास में BOD ही भग हुई यें हिमाचल के लिएशर्मनाक था ऐसा क्या हुआ था जनता को बताये कुलदीप सिंह पठानिया किन-किन राजनीतीक लोगों को फायदा दिया गया kccb से.1
- चिंतपूर्णी के नजदीक भरवाई क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाद एक दर्दनाक सडक़ हादसा पेश आया, जहां एक स्विफ्ट कार करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद कार में आग लग गई, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। जानकारी के अनुसार, भरवाई से अंब की ओर से आ रही कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे के बाद कार में आग भडक़ उठी। बताया जा रहा है कि कार में सवार दो लोगों की झुलसने से मौत हो गई, जिनकी पहचान पंजाब के लुधियाणा निवासी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति कार से बाहर निकलने की कोशिश में बुरी तरह झुलस गया, जबकि दूसरे की कार के अंदर ही जलने से मौत हो गई। अब गाड़ी में कितने लोग थे, इसकी जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।1
- बाबा बालक नाथ मंदिर गुफा में आग की खबर निकली झूठी—अफवाहों से बचें, प्रशासन ने स्थिति बताई पूरी तरह सुरक्षित1
- कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाजवादी पार्टी ने की बैठक निकली बंगाणा बाजार में रैली1
- ग्राम पंचायत ताल के दियोट में करवाए गए प्लांटेशन कार्य पर उठ रहे सवालों पर पूर्व प्रधान व उप्रधान ने बात स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह कार्य हॉर्टिकल्चर विभाग की तरफ से करवाया गया है। ऑडिट रिपोर्ट के दौरान जो त्रुटियां सामने आई थीं उन्हें दूर किया जा रहा है। फ्रूट प्लांटेशन पब्लिक सेक्टर दियोट में का कार्य बागवानी विभाग की तरफ से मुकम्मल कराया गया है। पंचायत द्वारा हॉर्टिकल्चर विभाग को मस्टरोल जारी किया जाता था तथा संबंधित विभाग के कर्मचारियों द्वारा मस्टररोल में दैनिक मजदूरी भरी थी। उसके अनुसार पंचायत द्वारा अदायगी की जाती थी। इसमें पंचायत द्वारा कोई भी अनियमितता नहीं बरती है। खनन सामग्री की जो अदायगी की गई है उसके एक्स व डब्ल्यू फॉर्म को संबंधित वेंडर से प्राप्त कर त्रुटियां को दूर किया जाएगा। पूर्व प्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत में करोड़ों के विकास कार्य हुए हैं। इनमें सार्वजनिक शौचालय, रास्ते तथा कई अन्य विकासात्मक कार्य शामिल हैं।1
- हमीरपुर जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश की निदेशक दीपशिखा शर्मा ने कहा है कि जनगणना का कार्य देश और समाज के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य होता है। इसके लिए तैनात होने वाले अधिकारी कभी भी इस महत्वपूर्ण कार्य को बोझ न समझें और इसे पूरे समर्पण के साथ पूर्ण करके देश के लिए अपना योगदान दें। जनगणना-2027 की तैयारियों की कड़ी में बुधवार को यहां हमीर भवन में जिला के फील्ड ट्रेनरों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए दीपशिखा शर्मा ने कहा कि इस बार 16 वर्षों बाद होने जा रही भारत की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इससे यह कार्य और भी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें फील्ड ट्रेनरों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहेगी। निदेशक ने बताया कि जनगणना-2027 में पहली बार लोगों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यानि नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारियां भर सकंेगे। उन्होंने कहा कि सभी फील्ड ट्रेनर जनगणना की सभी प्रक्रियाओं को गहनता के साथ समझें और किसी भी तरह की शंका या समस्या के समाधान के लिए तुरंत मास्टर ट्रेनरों से संपर्क करें। जनगणना की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के अनावश्यक विवाद से बचें। इस कार्यशाला में जिला हमीरपुर की मास्टर ट्रेनर एवं बमसन की बीडीओ वैशाली शर्मा और दूसरे मास्टर ट्रेनर रमेश कुमार ने फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा, कार्यकारी जिला राजस्व अधिकारी नरेश पटियाल और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।1
- बंगाणा, उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनेत में हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सहयोग से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन रेंज अधिकारी संदीप ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वनों में लगने वाली आग (वनाग्नि) के कारणों, दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक करना था। हिमाचल प्रदेश वन विभाग की टीम से आए विशेषज्ञ वन रक्षक ब्रजेश राणा, जसप्रीत कुमार, अख़्तर गफूर व वन मित्र सुजल मोदगिल और सानिया मेहता ने विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। टीम ने बताया कि मानवीय लापरवाही किस प्रकार वनों के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकती है और आग लगने की स्थिति में तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई कि वे न केवल स्वयं वनों की रक्षा करेंगे, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी इस बारे में जागरूक करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार ने वन विभाग की टीम का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वनों की सुरक्षा हम सभी का साझा कर्तव्य है और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण संभव है। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य प्रदीप कुमार डोगरा उप- प्रधानाचार्य, कमल देव शर्मा प्रवक्ता, रोमा कुमारी प्रवक्ता, संदीप कुमार पी ई टी अमित गुप्ता टी जी टी, सुमन कुमारी टी जी टी, निशा कुमारी डी एम, सन्तोष कुमारी टी जी टी,प्रोमिला कुमारी हैल्थ केयर शिक्षिका मौजूद रहे।1