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पंचकूला मेयर पद के लिए श्याम लाल बंसल का नाम घोषित, खुशी में झूमे

19 hrs ago
user_Daily Media 24 News
Daily Media 24 News
पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
19 hrs ago

पंचकूला मेयर पद के लिए श्याम लाल बंसल का नाम घोषित, खुशी में झूमे

More news from हरियाणा and nearby areas
  • अभय सिंह चौटाला पहुंचे पंचकूला, नगर निगम निकाय चुनाव में तयारी,
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    अभय सिंह चौटाला पहुंचे पंचकूला, नगर निगम निकाय चुनाव में तयारी,
    user_News Public Live Kuldeep
    News Public Live Kuldeep
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    19 hrs ago
  • Post by Daily Media 24 News
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    Post by Daily Media 24 News
    user_Daily Media 24 News
    Daily Media 24 News
    पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    21 hrs ago
  • पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस पार्टी ने नजमा, पत्नी एडवोकेट इकरान (रामगढ़) को चुनाव मैदान में उतारा है। टिकट की घोषणा होते ही क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। बता दें कि नगर निगम पंचकूला के वार्ड नंबर 19 में गांव रामगढ़, मानक्या, बिल्ला, भानू, जसवंतगढ़ (कोटली), दबकोरी और बेहड़ शामिल हैं। यह वार्ड भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां विभिन्न समुदायों का अच्छा खासा प्रभाव है। टिकट मिलने के बाद नजमा के निवास स्थान पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। समर्थकों, स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर नजमा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास, मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगी। नजमा ने अपनी उम्मीदवारी के लिए कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद वरुण चौधरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री विधायक चंद्रमोहन, जिला अध्यक्ष संजय चौहान, पूर्व पार्षद सलीम दबकोरी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया और कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी। अब देखना होगा कि वार्ड नंबर 19 में यह मुकाबला किस दिशा में जाता है, लेकिन फिलहाल नजमा की उम्मीदवारी ने चुनावी समीकरणों को जरूर दिलचस्प बना दिया है।
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    पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस पार्टी ने नजमा, पत्नी एडवोकेट इकरान (रामगढ़) को चुनाव मैदान में उतारा है। टिकट की घोषणा होते ही क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। बता दें कि नगर निगम पंचकूला के वार्ड नंबर 19 में गांव रामगढ़, मानक्या, बिल्ला, भानू, जसवंतगढ़ (कोटली), दबकोरी और बेहड़ शामिल हैं। यह वार्ड भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां विभिन्न समुदायों का अच्छा खासा प्रभाव है। टिकट मिलने के बाद नजमा के निवास स्थान पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। समर्थकों, स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर नजमा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास, मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगी।
नजमा ने अपनी उम्मीदवारी के लिए कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद वरुण चौधरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री विधायक चंद्रमोहन, जिला अध्यक्ष संजय चौहान, पूर्व पार्षद सलीम दबकोरी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया और कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी। अब देखना होगा कि वार्ड नंबर 19 में यह मुकाबला किस दिशा में जाता है, लेकिन फिलहाल नजमा की उम्मीदवारी ने चुनावी समीकरणों को जरूर दिलचस्प बना दिया है।
    user_PANCHKULA HEADLINES
    PANCHKULA HEADLINES
    बरवाला सेंट, पंचकूला, हरियाणा•
    18 hrs ago
  • मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?" ​कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?" ​कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं? ​आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल: ​लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं? ​अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था। ​भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा? ​रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा? ​निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? ​मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट— विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज
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    मीडिया के जमीर से जनता का सवाल: "हम किसके रक्षक और काहे के पत्रकार, जब अपनों की चोट पर ही हम लाचार?"
​कुरुक्षेत्र की चौपालों से गूंजा कड़वा सच— "जो पत्रकार अपनों के साथ नहीं खड़ा, वो जनता की लड़ाई क्या लड़ेगा?"
​कुरुक्षेत्र (India News 9 Live): आज कुरुक्षेत्र की जागरूक जनता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को वह आईना दिखाया है जिसमें चेहरा देखना शायद हर पत्रकार के लिए मुश्किल होगा। जनता ने किसी राजनेता से नहीं, बल्कि सीधा पत्रकारों की बिरादरी से पूछा है कि आप किसका प्रचार कर रहे हैं और किसकी ढाल बन रहे हैं?
​आईने के सामने खड़े मीडिया से जनता के सीधे सवाल:
​लाचार पत्रकार या सरकारी प्रचारक? जनता पूछ रही है कि जब सच दिखाने वाले एक पत्रकार के परिवार को निशाना बनाया जाता है, उसे डराया-धमकाया जाता है, तो बाकी पत्रकार चुप क्यों रहते हैं? क्या हम वाकई जनता की आवाज़ हैं या सिर्फ सत्ता के गुणगान का जरिया बन कर रह गए हैं?
​अपनों की बेरुखी और जनता का अविश्वास: ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्रकार ही पत्रकार के अधिकार के लिए साथ खड़ा नहीं होता, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? " काहे की भ्रष्टाचार विरोधी सरकार और काहे के फिर पत्रकार, जब हम ही हैं
लाचार"—यह जुमला आज हर उस शख्स की ज़ुबान पर है जो मीडिया को उम्मीद की नज़रों से देखता था।
​भ्रष्टाचार पर मौन क्यों? फैमिली आईडी की गड़बड़ी से डेढ़ साल तक तड़पते गरीब और कटे हुए राशन कार्डों पर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा खामोश क्यों है? क्या अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैये को उजागर करना अब पत्रकारों के एजेंडे में नहीं रहा?
​रक्षक या भक्षक की मंशा? जो लोग चौथे स्तंभ को टारगेट कर रहे हैं, वे हमारे बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। जनता पूछ रही है कि क्या मीडिया इन 'क्रिमिनल माइंडसेट' वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होने का साहस दिखाएगा?
​निष्कर्ष: जनता की खरी-खरी
अब वक्त आ गया है कि मीडिया अपनी भूमिका को फिर से पहचाने। जनता का साफ संदेश है—वोट मांगने वाले चेहरे पुराने हो सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें आइना दिखाने वाला पत्रकार ही डर गया या बिक गया, तो लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा?
​मीडिया के आत्ममंथन की एक रिपोर्ट—
विशाल शर्मा (Freelancer Journalist Researcher) जनता की आवाज
    user_IndiaNews 9Live
    IndiaNews 9Live
    Media company Ambala Cantonment, Haryana•
    22 hrs ago
  • माता मंगला बनलगी मेले का भव्य समापन: दून विधायक राम कुमार चौधरी ने विजेताओं को किया सम्मानित पवन सिंघ
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    माता मंगला बनलगी मेले का भव्य समापन: दून विधायक राम कुमार चौधरी ने विजेताओं को किया सम्मानित
पवन सिंघ
    user_Journalist Pawan Kumar Singh
    Journalist Pawan Kumar Singh
    Local News Reporter कुनिहार, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी ओपीडी को शिफ्ट करने के सरकार के निर्णय ने अब तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) ने इस फैसले को महिला विरोधी करार देते हुए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बुधवार को समिति के बैनर तले महिलाओं ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और 24 घंटे के 'रात्रि पड़ाव' के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। ​विओ: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि गायनी और प्रसूति विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग-अलग करना मरीजों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि 102 साल पुराने इस ऐतिहासिक अस्पताल में ब्लड बैंक, इमरजेंसी, ओटी और लैब जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। सरकार का यह कहना कि यहाँ मशीनें पुरानी हैं, पूरी तरह तर्कहीन है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मशीनें पुरानी थीं तो उन्हें बदला जाना चाहिए था, न कि ओपीडी को ही यहाँ से शिफ्ट कर दिया जाता। ​फालमा चौहान ने सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं पर भारी-भरकम 'यूजर चार्ज' थोप दिए गए हैं और अस्पताल में खान-पान की वस्तुओं के साथ ही अन्य दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से भी बात की गई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।उन्होंने कहा कि सरकार जिद पर अड़ी है और आनन-फानन में इस ओपीडी को शिफ्ट किया गया है, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ​ फालमा चैहान ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा। वर्तमान में चल रहे 24 घंटे के धरने और रात्रि पड़ाव के बाद, समिति ने आगामी 30 अप्रैल को आईजीएमसी (IGMC) में एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर इसके बावजूद भी सरकार ने अपने आदेश वापस नहीं लिए, तो महिलाओं का यह हुजूम सचिवालय की ओर कूच करेगा और वहां का घेराव किया जाएगा। महिलाओं की मांग है कि KNH में नए भवन का निर्माण जल्द किया जाए और सभी आधुनिक सुविधाएं इसी परिसर में प्रदान की जाएं ताकि मरीजों को भटकना न पड़े। बाइट : फालमा चौहान महासचिव अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति
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    कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी ओपीडी को शिफ्ट करने के सरकार के निर्णय ने अब तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) ने इस फैसले को महिला विरोधी करार देते हुए सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बुधवार को समिति के बैनर तले महिलाओं ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और 24 घंटे के 'रात्रि पड़ाव' के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
​विओ:  अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि गायनी और प्रसूति विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग-अलग करना मरीजों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि  102 साल पुराने इस ऐतिहासिक अस्पताल में ब्लड बैंक, इमरजेंसी, ओटी और लैब जैसी सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। सरकार का यह कहना कि यहाँ मशीनें पुरानी हैं, पूरी तरह तर्कहीन है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मशीनें पुरानी थीं तो उन्हें बदला जाना चाहिए था, न कि ओपीडी को ही यहाँ से शिफ्ट कर दिया जाता।
​फालमा चौहान ने सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं पर भारी-भरकम 'यूजर चार्ज' थोप दिए गए हैं और अस्पताल में खान-पान की वस्तुओं  के साथ ही अन्य दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से भी बात की गई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।उन्होंने कहा कि सरकार जिद पर अड़ी है और आनन-फानन में इस ओपीडी को शिफ्ट किया गया है, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
​ फालमा चैहान ने   सरकार को चेताते हुए कहा  कि यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा। वर्तमान में चल रहे 24 घंटे के धरने और रात्रि पड़ाव के बाद, समिति ने आगामी 30 अप्रैल को आईजीएमसी (IGMC) में एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर इसके बावजूद भी सरकार ने अपने आदेश वापस नहीं लिए, तो महिलाओं का यह हुजूम सचिवालय की ओर कूच करेगा और वहां का घेराव किया जाएगा। महिलाओं की मांग है कि KNH में नए भवन का निर्माण जल्द किया जाए और सभी आधुनिक सुविधाएं इसी परिसर में प्रदान की जाएं ताकि  मरीजों को भटकना न पड़े।
बाइट : फालमा चौहान महासचिव अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पिंजौर में अवैध खनन पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: ज्वाइंट ऑपरेशन में 3 जेसीबी और 1 टिप्पर जब्त
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    पिंजौर में अवैध खनन पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: ज्वाइंट ऑपरेशन में 3 जेसीबी और 1 टिप्पर जब्त
    user_Samuel Yunas
    Samuel Yunas
    Press Correspondent पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    1 hr ago
  • कांग्रेस और बीजेपी का होगा दिलचस्प मुकाबला,
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    कांग्रेस और बीजेपी का होगा दिलचस्प मुकाबला,
    user_News Public Live Kuldeep
    News Public Live Kuldeep
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    20 hrs ago
  • “पंचायती राज चुनाव को हाइजैक करने की साजिश, पंचायतों का पैसा लूटा—कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बनाया बंधक” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस की “एंटी-वूमेन” मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर इस अवसर को कुचलने का काम किया। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोदी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ठोस कदम उठाए और अब उन्हें नीति निर्धारण में भागीदारी देने का समय आया था। “यह वह क्षण था जब देश की 50 प्रतिशत आबादी को सत्ता की चाबी सौंपनी थी, लेकिन कांग्रेस ने इस ऐतिहासिक अवसर पर 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 40 वर्षों तक महिला आरक्षण को लटकाया, भटकाया और जब इसे लागू करने का समय आया तो दीवार बनकर खड़ी हो गई। “बिल गिरने के बाद जश्न मनाना और मिठाइयां बांटना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की विरोधी है,” बिंदल ने कहा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेताओं पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं ले रहे हैं और घुमा-फिराकर बयान दे रहे हैं। “यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खुला समर्थन है और इसका जवाब हिमाचल की माताएं-बहनें सड़कों पर उतरकर देंगी,” उन्होंने कहा। डॉ. बिंदल ने घोषणा की कि 23 अप्रैल को शिमला में “जन आक्रोश पदयात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें हजारों महिलाएं कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। “यह केवल विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है,” उन्होंने कहा। “कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज चुनाव को हाइजैक करने का प्रयास किया” प्रेस वार्ता के दूसरे महत्वपूर्ण विषय पर बोलते हुए डॉ. बिंदल ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर प्रभावित करने और हाइजैक करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस सरकार ने चुनाव न करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया और संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश रची।” उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग को राज्यपाल को 35 पृष्ठों का पत्र देना पड़ा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा था। “यह लोकतंत्र को बंधक बनाने का प्रयास था, जिसे न्यायालय के हस्तक्षेप से रोका गया,” उन्होंने कहा। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र से आए वित्त आयोग के धन को जबरन अपने पास मंगवा लिया। “गांवों और शहरों के विकास का पैसा छीनकर कांग्रेस सरकार ने विकास को रोक दिया—आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह पैसा कहां खर्च हुआ,” उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल विकास कार्य ठप हुए, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हुआ। “यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है,” उन्होंने कहा। डॉ. बिंदल ने शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह जनता और न्याय व्यवस्था की जीत है, जबकि कांग्रेस सरकार की नकारात्मक राजनीति की हार है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही पंचायती राज चुनाव भी घोषित होंगे और जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी। अंत में उन्होंने कहा कि “एक तरफ मोदी सरकार है जो महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, और दूसरी तरफ कांग्रेस है जो अधिकार छीनने और लोकतंत्र को हाइजैक करने में लगी है—अब जनता निर्णय करेगी।”
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    “पंचायती राज चुनाव को हाइजैक करने की साजिश, पंचायतों का पैसा लूटा—कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को बनाया बंधक”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस की “एंटी-वूमेन” मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर इस अवसर को कुचलने का काम किया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोदी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ठोस कदम उठाए और अब उन्हें नीति निर्धारण में भागीदारी देने का समय आया था।
“यह वह क्षण था जब देश की 50 प्रतिशत आबादी को सत्ता की चाबी सौंपनी थी, लेकिन कांग्रेस ने इस ऐतिहासिक अवसर पर 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 40 वर्षों तक महिला आरक्षण को लटकाया, भटकाया और जब इसे लागू करने का समय आया तो दीवार बनकर खड़ी हो गई।
“बिल गिरने के बाद जश्न मनाना और मिठाइयां बांटना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की विरोधी है,” बिंदल ने कहा।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेताओं पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं ले रहे हैं और घुमा-फिराकर बयान दे रहे हैं।
“यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खुला समर्थन है और इसका जवाब हिमाचल की माताएं-बहनें सड़कों पर उतरकर देंगी,” उन्होंने कहा।
डॉ. बिंदल ने घोषणा की कि 23 अप्रैल को शिमला में “जन आक्रोश पदयात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें हजारों महिलाएं कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी।
“यह केवल विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है,” उन्होंने कहा।
“कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज चुनाव को हाइजैक करने का प्रयास किया”
प्रेस वार्ता के दूसरे महत्वपूर्ण विषय पर बोलते हुए डॉ. बिंदल ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर प्रभावित करने और हाइजैक करने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि
“कांग्रेस सरकार ने चुनाव न करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया और संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश रची।”
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग को राज्यपाल को 35 पृष्ठों का पत्र देना पड़ा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा था।
“यह लोकतंत्र को बंधक बनाने का प्रयास था, जिसे न्यायालय के हस्तक्षेप से रोका गया,” उन्होंने कहा।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र से आए वित्त आयोग के धन को जबरन अपने पास मंगवा लिया।
“गांवों और शहरों के विकास का पैसा छीनकर कांग्रेस सरकार ने विकास को रोक दिया—आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह पैसा कहां खर्च हुआ,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल विकास कार्य ठप हुए, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हुआ।
“यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है,” उन्होंने कहा।
डॉ. बिंदल ने शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह जनता और न्याय व्यवस्था की जीत है, जबकि कांग्रेस सरकार की नकारात्मक राजनीति की हार है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही पंचायती राज चुनाव भी घोषित होंगे और जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी।
अंत में उन्होंने कहा कि
“एक तरफ मोदी सरकार है जो महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, और दूसरी तरफ कांग्रेस है जो अधिकार छीनने और लोकतंत्र को हाइजैक करने में लगी है—अब जनता निर्णय करेगी।”
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
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