मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के तहत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सीधा अंतरण किया है। जिला भिंड के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा लाभार्थी महिलाओं को योजना की शुरुआत से अब तक की 38वीं नियमित मासिक किश्त का भुगतान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अखिलेश मिश्रा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले की 1,86,983 पात्र महिलाओं के लिए वर्चुअल रूप से 27,33,07,900 रुपये की राशि अंतरित की। राज्य सरकार द्वारा नवंबर 2025 से इस मासिक आर्थिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से सभी पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है। जून 2023 से शुरू हुई इस योजना के तहत जून 2026 तक सरकार द्वारा कुल 37 किश्तों का सफल और नियमित अंतरण किया जा चुका है।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के तहत प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 15 हजार से अधिक बहनों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सीधा अंतरण किया है। जिला भिंड के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा लाभार्थी महिलाओं को योजना की शुरुआत से अब तक की 38वीं नियमित मासिक किश्त का भुगतान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अखिलेश मिश्रा
के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले की 1,86,983 पात्र महिलाओं के लिए वर्चुअल रूप से 27,33,07,900 रुपये की राशि अंतरित की। राज्य सरकार द्वारा नवंबर 2025 से इस मासिक आर्थिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद से सभी पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है। जून 2023 से शुरू हुई इस योजना के तहत जून 2026 तक सरकार द्वारा कुल 37 किश्तों का सफल और नियमित अंतरण किया जा चुका है।
- शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- रीवा में ट्रैफिक जाम से बेहाल अस्पताल चौराहा को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी खुद सड़क पर उतर आए हैं। गांव में चौपाल लगाने के अगले दिन शुक्रवार शाम को उन्होंने अस्पताल चौराहा से धोबिया टंकी तक पैदल भ्रमण किया और मौके पर परिस्थितियों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन और एसडीएम भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने गांधी मेमोरियल अस्पताल का निरीक्षण करते हुए पुरानी ओपीडी भवन, अटल आश्रय, हॉकर्स कॉर्नर और ऑटो स्टैंड का भी मुआयना किया। कलेक्टर ने पाया कि अस्पताल चौराहा से मेडिकल कॉलेज तक रोजाना भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने ऑटो स्टैंड और हॉकर्स कॉर्नर को तुरंत व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं ताकि क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो सके। कलेक्टर के इस सक्रिय रवैये से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल चौराहा जाम-मुक्त और पूरी तरह व्यवस्थित हो जाएगा।1
- मैहर में रामनगर नगर परिषद अध्यक्ष के पति और कांग्रेस नेता कैलाश (दीपू) मिश्रा पर कुर्मी क्षत्रिय समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप को लेकर आक्रोश भड़क गया है। इस टिप्पणी के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मैहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में पूर्व में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के विरोध में समाज के लोग एकजुट हुए और उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय को घेरकर तुरंत एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
- मयहर में रविवार को क्षत्रिय कुर्मी समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने ट्रैक्टरों और चारपहिया वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग दीपू मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की है। अपनी मांगों को लेकर समाज के लोग ट्रैक्टरों के साथ शहर की ओर आगे बढ़े। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जीरो पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उन्हें समझाया। सीएसपी के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शहर के अंदर प्रवेश नहीं करने पर सहमत हो गए और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1
- रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा अंतर्गत चचाई पंचायत के जोवा टोला स्थित शासकीय पाठशाला में निरीक्षण के दौरान शिक्षा और व्यवस्थाओं की गंभीर बदहाली सामने आई है। रीवा संभाग ब्यूरो रिप्पू पाण्डेय जब स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहद निम्न पाया गया। हालत यह थी कि बच्चे पूछे जाने पर अपनी ही शिक्षिका का नाम तक नहीं बता पाए, जबकि सवालों का जवाब देना तो दूर की बात थी। इसके अलावा, समूह द्वारा संचालित की जाने वाली खिचड़ी खाने की व्यवस्था का दावा भी पूरी तरह खोखला साबित हुआ और मौके पर कोई समुचित व्यवस्था नहीं दिखी। इस बदहाली को उजागर करने और बातचीत करने पर शिक्षिका गीता सिंह भड़क गईं। उन्हें यह जागरूक तरीका पसंद नहीं आया और उन्होंने रिपोर्ट कराने की धमकी दे डाली। इस पर गहरी चिंता और रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि पूरे सेमरिया में भ्रष्टाचार का हब चल रहा है, जहां इस गंदगी को साफ करने की कोशिश करने वालों पर रिपोर्ट और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। तंज कसते हुए कहा गया कि हमारे मोहन यादव का नया मध्यप्रदेश ऐसा ही है, जहां समाज में सकारात्मक कदम उठाने का परिणाम मुकदमे की धमकी के रूप में मिलता है।1
- सीधी जिले के मड़वास बाजार में रविवार को उस समय जाम की स्थिति बन गई, जब मड़वास थाना प्रभारी का वाहन कथित रूप से सड़क पर अव्यवस्थित ढंग से खड़ा कर दिया गया। पहले से ही भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में इस वाहन के खड़े होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति से नाराज स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी खुद पुलिस और प्रशासन पर है, तो सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए। नागरिकों के अनुसार, जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के आचरण से ही आमजन को नियमों के पालन की सीख मिलती है। फिलहाल, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सकी है। स्थानीय लोग मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।1
- धर्मनगरी चित्रकूट में शराब माफिया जगत सिंह का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वह चौराहा शराब दुकान से पूरे धर्मनगरी में अवैध शराब की सप्लाई करवा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बावजूद मध्य प्रदेश के चित्रकूट थाना क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब धड़ल्ले से पहुंचाई जा रही है। इस अवैध शराब बिक्री के कारण क्षेत्र में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और शराब माफिया युवाओं व पढ़ने-लिखने वाले छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर उन्हें नशे का आदी बना रहा है। यह अवैध कारोबार चित्रकूट थाने से महज 200 मीटर, 500 मीटर और 1 किलोमीटर के दायरे में चल रहा है। इसके अलावा पालदेव ग्राम पंचायत के कई स्थानों, चौबेपुर, गोदावरी, भगड़ा सेजवार के भैरव लालापुर और सेजवार गांव सहित पूरे क्षेत्र में अवैध शराब बेची जा रही है। नयागांव प्रजापति मोहल्ला, हरिजन बस्ती वार्ड नंबर 7, वार्ड नंबर 6 और पुल के ऊपर खटकाना मोहल्ले में रात 3 से 4 बजे तक शराब उपलब्ध रहती है। सतना बस स्टैंड के शौचालय के बगल, कई मंदिरों के पास और भैरों बाबा घाट के पास खुलेआम मध्य प्रदेश निर्मित ब्रांडेड शराब 24 घंटे बिक रही है। इस अवैध शराब को मझगवां के चौराहा से एक बिना नंबर की बोलेरो और एक बलेनो गाड़ी के जरिए चित्रकूट पहुंचाया जाता है, जिसमें संलिप्त दो युवकों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। देर रात तक नदी के घाटों के किनारे शराबियों और अपराधियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रात में चोर-बदमाश सक्रिय हो रहे हैं और यह स्थिति लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। इस पूरे गोरखधंधे को रोक पाने में चित्रकूट पुलिस पूरी तरह असमर्थ साबित हो रही है और यह उनके लिए जी का जंजाल बन चुकी है। संत समाज ने भी सार्वजनिक मंच पर प्रभारी मंत्री से इस संबंध में शिकायत की थी। अब आबकारी विभाग और पुलिस अधीक्षक को इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लेकर अवैध शराब की खेप पहुंचाने वालों और बेचने वालों पर नकेल कसते हुए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।1