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थाईलैंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल अचानक ढहा, कई मजदूर मलबे में दबे थाईलैंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निर्माण के दौरान एक पुल अचानक भरभराकर गिर गया। चंद सेकंड में लोहे और कंक्रीट का भारी ढांचा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुल अभी अधूरा था और कमजोर सपोर्ट के चलते यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। एक पल पहले सब कुछ सामान्य था… और अगले ही पल पूरा मंजर मलबे में तब्दील हो गया। अब सवाल उठता है—क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा?
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थाईलैंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल अचानक ढहा, कई मजदूर मलबे में दबे थाईलैंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निर्माण के दौरान एक पुल अचानक भरभराकर गिर गया। चंद सेकंड में लोहे और कंक्रीट का भारी ढांचा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुल अभी अधूरा था और कमजोर सपोर्ट के चलते यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। एक पल पहले सब कुछ सामान्य था… और अगले ही पल पूरा मंजर मलबे में तब्दील हो गया। अब सवाल उठता है—क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा?
- User4426Masturi, Bilaspur💣1 day ago
- ANWAR HUSSAINGoriakothi, Siwan😤1 day ago
- ANWAR HUSSAINGoriakothi, Siwan😤1 day ago
- ANWAR HUSSAINGoriakothi, Siwan😤1 day ago
- SonMandla, Madhya Pradesh💣1 day ago
- Rakesh KumarHathras, Uttar Pradesh🤝1 day ago
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- बबीना की सड़कों पर दो बेकाबू लावारिस घोड़े अचानक बाजार और स्टेशन रोड पर दौड़ने लगे। एक घोड़े ने SBI एटीएम का गेट तोड़ने की कोशिश की। लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल रहा वीडियो वायरल1
- इंडोनेशिया में 5 मिनट में करोड़ों की लूट Indonesia में दिनदहाड़े एक चौंकाने वाली लूट की वारदात सामने आई। हथियारबंद लुटेरों ने एक सोने की दुकान पर धावा बोलते हुए महज 5 मिनट से भी कम समय में करीब 15 किलो सोने के गहने लूट लिए। बताया जा रहा है कि लूटे गए गहनों की कीमत लगभग RM9.7 मिलियन (करीब 17-18 करोड़ रुपये) है। हैरानी की बात यह रही कि लुटेरे बेहद शांत तरीके से दुकान में घुसे और बिना किसी जल्दबाजी के वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद गार्ड की शॉटगन भी छीन ली और मौके से फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसमें लुटेरे ऐसे नजर आ रहे हैं मानो वे कोई सामान्य काम कर रहे हों। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- लावारिस घोड़ों का आतंक: एटीएम तोड़ने की कोशिश, राहगीरों में दहशत बबीना। आज सुबह से मुख्य मार्ग, स्टेशन रोड एवं कबाड़ी बाजार क्षेत्र में दो लावारिस घोड़े घूमते नजर आए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये घोड़े अनियंत्रित होकर इधर-उधर दौड़ रहे थे और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते थे। सुबह स्टेशन रोड स्थित State Bank of India के एटीएम पर एक घोड़े ने गेट तोड़ने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद मोहल्ले के निवासी राजू साहू ने तत्परता दिखाते हुए एटीएम की शटर गिरा दी, जिससे बड़ी क्षति होने से बच गई। करीब एक घंटे तक दोनों घोड़े पूरे क्षेत्र में घूमते रहे, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में भय का माहौल बना रहा। जानकारी करने पर पता चला कि ये घोड़े ग्राम मंकुआ निवासी अंकित नामक व्यक्ति के हैं, जो बीती रात से भटक गए थे। गांव के ही एक व्यक्ति ने घोड़ों को पहचान कर अंकित को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक वह मौके पर नहीं पहुंच सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बबीना को भी सूचना देकर अवगत करा दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस प्रकार की घटनाएं कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे मामलों में पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।3
- भारतीय जनता पार्टी के जिला महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह पहुंचे संघर्ष सेवा समिति कार्यालय कार्यालय पर समाजसेवी संदीप सरावगी से कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा1
- Post by Abhishek Jain1
- गलौज। पीड़ित उमा पाठक का आरोप उसके पति की हो सकती है हत्या।1
- झाँसी। झाँसी महानगर के अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बीएल भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपर नगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया। नोटिस में कहा गया हैं कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है। जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाए। जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा।2
- श्रीमान रेल मंत्री भारत सरकार आपको अवगत कराना है कि रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र संख्या 2024/TG-11/09/NR दिनांक 30.10.2025 एवं 2016/TOIV/10/PA/170/BOC दिनांक 06.07.2016 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि बैटरी कार का उपयोग कुलियों के कार्य के स्थान पर नहीं, बल्कि केवल पूरक सुविधा के रूप में किया जाना है। खुद राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेतृत्व को रेल मंत्रालय द्वारा भेजे पत्र में कहा गया कि बैटरी कार और कुलियों का काम एक दूसरे का पूरक है। स्पष्टतः बैटरी कार विशेषकर असहाय, बीमार, वृद्ध एवं दिव्यांग यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए है और सामान ड्रोने का काम कुली करेंगे।किन्तु वर्तमान में देश के अनेक रेलवे स्टेशनों पर इन नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए बैटरी कार द्वारा यात्रियों के सामान की ढुलाई बड़े पैमाने पर की जा रही है। यहाँ तक कि उन पर लगेज रेट 30 रूपए प्रति सामान अंकित किया जा रहा है। इससे वर्षों से कार्यरत कुलियों की आजीविका पर सीधा आघात हो रहा है।2