शहडोल में अवैध खनन पर बड़ा सवाल: क्रेशर और पत्थर खदानों में खुलेआम उत्खनन, माइनिंग विभाग मौन... शहडोल। जिले में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। पत्थर और रेत के अवैध उत्खनन को लेकर माइनिंग विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कई स्थानों पर क्रेशरों और पत्थर खदानों में नियमों को ताक पर रखकर लगातार खनन किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति लगभग शून्य बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार शहडोल शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर संचालित कई स्टोन क्रेशरों में लंबे समय से पत्थरों का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। जानकार बताते हैं कि जिले की कई पत्थर खदानों में स्वीकृत सीमा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर गहराई तक खनन किया जा रहा है। खदानों में सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित मापदंडों का पालन न होने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय कार्रवाई न के बराबर बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोरों पर है कि अधिकारी समय-समय पर क्षेत्र का दौरा जरूर करते हैं, मगर इन निरीक्षणों के बाद भी अवैध खनन पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती। ऐसे में लोगों के बीच यह धारणा बनती जा रही है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी जिला खनिज अधिकारी तक पूरी तरह नहीं पहुंच रही या फिर उन्हें अंधेरे में रखकर यह खेल संचालित किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जिले में खुलेआम अवैध खनन और परिवहन हो रहा है, तो अब तक कितने प्रकरण दर्ज हुए, कितनी जब्ती की गई और किन-किन पर कार्रवाई हुई। यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो यह प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लगातार हो रहे अवैध खनन से जहां शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है, वहीं पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। ऐसे में अब स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहडोल में अवैध खनन पर बड़ा सवाल: क्रेशर और पत्थर खदानों में खुलेआम उत्खनन, माइनिंग विभाग मौन... शहडोल। जिले में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। पत्थर और रेत के अवैध उत्खनन को लेकर माइनिंग विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कई स्थानों पर क्रेशरों और पत्थर खदानों में नियमों को ताक पर रखकर लगातार खनन किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति लगभग शून्य बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार शहडोल शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर संचालित कई स्टोन क्रेशरों में लंबे समय से पत्थरों का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। जानकार बताते हैं कि जिले की कई पत्थर खदानों में स्वीकृत सीमा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर गहराई तक खनन किया जा रहा है। खदानों में सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित मापदंडों का पालन न होने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय कार्रवाई न के बराबर बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोरों पर है कि अधिकारी समय-समय पर क्षेत्र का दौरा जरूर करते हैं, मगर इन निरीक्षणों के बाद भी अवैध खनन पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती। ऐसे में लोगों के बीच यह धारणा बनती जा रही है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी जिला खनिज अधिकारी तक पूरी तरह नहीं पहुंच रही या फिर उन्हें अंधेरे में रखकर यह खेल संचालित किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जिले में खुलेआम अवैध खनन और परिवहन हो रहा है, तो अब तक कितने प्रकरण दर्ज हुए, कितनी जब्ती की गई और किन-किन पर कार्रवाई हुई। यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो यह प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लगातार हो रहे अवैध खनन से जहां शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है, वहीं पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। ऐसे में अब स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- जिला चिकित्सालय के चिकित्सको की तत्परता से टप्पू बाई को मिली नई जिंदगी शहडोल । केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयाे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- -- शहडोल 11 मार्च 2026- केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयांे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- अनूपपुर रोड सिद्ध बाबा मंदिर के पास पहाड़ में लगी आग,,,वन विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता,,,,1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- *दिल्ली की घटना के विरोध में उमरिया में कैंडल मार्च, युवाओं ने तरुण खटीक को दी श्रद्धांजलि* उमरिया। *दिल्ली के उत्तम नगर में 4 मार्च को हुई युवक तरुण खटीक की हत्या की घटना को लेकर उमरिया नगर के युवाओं में आक्रोश देखा गया। घटना के विरोध में नगर के युवाओं ने एकत्रित होकर दिवंगत तरुण खटीक को श्रद्धांजलि अर्पित की। युवाओं ने जयस्तंभ चौक से कैंडल मार्च प्रारंभ किया, जो मौन जुलूस के रूप में नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुँचा। इस दौरान युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन धारण करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और गांधी चौक में श्रद्धांजलि अर्पित की।* *इस अवसर पर उपस्थित युवाओं ने दिल्ली में हुई इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार की अमानवीय घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर दंड दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धनुषधारी सिंह चंदेल, मानसिंह, सुनील खटीक, नीरज चंदानी, राजेंद्र कोल, सुजीत सिंह भदौरिया, सागर असवार, आशीष राय, बेटू, राहुल गौतम, राहुल खटीक, नितिन बजाज, बर्मन, प्रकाश बर्मन, सोनू खटीक, विनीत बजाज, कान्हा खटीक, अभय राय, आकाश राय, लाला बर्मन, लल्लू खटीक, दीपक बर्मन, राजा खट्टर, प्रेम बर्मन, यश बर्मन, राजा खटीक, प्रेम चंदवानी सहित नगर के अनेक युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर दिवंगत तरुण खटीक के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए न्याय की मांग की।*4
- *आज अष्टम दिवश श्री शिव महापुराण के माध्यम से वाय वीय संहिता पूर्व खंड कथा वर्णन किया गया* उमरिया //जिलेकेअंतर्गत ग्राम उफरी (टिकुरी टोला) में श्री नारायण सिंह राजपूत जी के निज निवास में ग्यारह दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है।*जहां आज अष्टम दिवश में उत्तर प्रदेश से पधारे हुए श्री पंडित कथा व्यास श्री श्रवण कुमार मिश्र जी ने वाय वीय संहिता पूर्व खंड कथा का वर्णन किया है* उन्होंने शिव महापुराण पुराण के माध्यम से बतलाया कि शिव महापुराण के अंतर्गत रहता का पूर्व खंड (लगभग 4000 श्लोक)शिव ज्ञान सृष्ट रचना और ब्रह्मांडीय व्यवस्था का अद्भुत खजाना है। वासुदेव द्वारा पंडित यह संहिता बताती है कि महादेव की पृष्ठ बालक और सहायक हैं जो भक्तों की वह भक्ति कर्म योग और मुक्ति का वर्णन दिखाते हैं।। इस तरह से अन्य कथाओं के बारे में भी वर्णन किया गया है, शिव पंचाक्षर स्त्रोत (मंत्र-न म शि-वा-य ) की महिमा यह ॐ नमः शिवाय का सार है, जिससे पांच अक्षर (न म शि व य ) पांच महा -भूतों पृथ्वी ,जल ,अग्नि, वायु और आकाश-के प्रतीक है और शिव पुराण के अनुसार इस स्त्रोत का पाठ करने वाला शिवलोक प्राप्त कर शिव के साथ आनंदित होता है। जिससे सभी बाधाएं दूर होती है और समृद्धि मिलती है। जैसा की पार्वती जी की तपस्या और ऋषियों के अनुभव से सिद्ध है और शिव पुराण में वर्णित है कि जो भी व्यक्ति प्रतिदिन 108 बार इस मंत्र का जाप करता है तो उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है। शिव पुराण के अनुसार कथा व्यास जी ने बताया कि शमी पत्र (पत्ती) और बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जो सुख शांति धन और मोक्ष प्रदान करते हैं, शमी पत्र चढ़ाने से शनि दोष और 84 लाख योनियों के कष्ट दूर होते हैं, जबकि बेलपत्र की शीतलता शिव को प्रसन्न करती है, और त्रिगुणा ( ब्रह्मा विष्णु शिव)का प्रतीक है, जिसे अर्पण करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। खासकर सावन में और प्रदोष में इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। *आज की कथा में आए हुए श्रद्धालुओं ने ठाकुर देव जी का दर्शन कर पूजा अर्चना किए एवं कथा व्यास जी श्रीफल पुष्प अर्पित कर स्वागत किये ,और और आशीर्वाद प्राप्त किये, एवं वहीं कथा में सम्मिलित हुए और कथा श्रवण कर रसास्वादन किया, एवं सैकड़ो की संख्या में आए हुए श्रद्धालुओं ने श्रवण कर गद गद होकर भाव विभोर हुए एवं झूम उठे*।। *कथा के अंत में कथा व्यास जी ने सभी श्रद्धालुओं से बतलाया कि शिव पुराण का अंतिम श्लोक के एक चरण अनु शरण करे तो हमें मोक्ष की प्राप्ति होगी 12 मार्च दिन गुरुवार को चढ़ोत्तरी एवं हवन यज्ञ, एवं 13 मार्च दिन शुक्रवार को विशाल भंडारा , विदाई कथा विश्राम होगा,14 मार्च को जवारा विसजर्न किया जाएगा*1
- -मानपुर नगर में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्री स्वामी संत शरण गुरुकुलम विद्यालय का आज शुभ मुहूर्त पर वैदिक रीति रिवाज से पूजा पाठ कर विधिवत शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर जगद्गुरु जी महाराज के द्वारा अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के विद्यालय का शुभारंभ हुआ,जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। विदित हो कि स्वामी संत शरण गुरुकुलम विद्यालय एक लंबे समय से हनुमंत कुंज आश्रम शिवपुरी छपडौर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।विद्यार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत जिसकी नई शाखा का मानपुर नगर में शुभ आरंभ हुआ है, ताकि दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को सुगमता से बेहतर शैक्षणिक वातावरण और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। इस विद्यालय में प्रारंभिक रूप से केजी-1 से लेकर आठवीं कक्षा तक की कक्षाओ का संचालन किया जाएगा।संस्थान द्वारा विद्यालय के संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी ख्यातिलब्ध जाने माने शिक्षाविद प्रधानाध्यापक श्री महेंद्र तिवारी को सौंपी गई है,जो विद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन किया करेंगे। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य है कि मानपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिपूर्ण शिक्षा मिले।इसी लक्ष्य के दृष्टिगत गुरुकुलम विद्यालय की इस नई शाखा की शुरुआत मानपुर में की गई है,जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सकें। विद्यालय के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित गणमान्य ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि मानपुर क्षेत्र में इस प्रकार की शैक्षणिक संस्थाओं की नीतांत आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिससे स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर-दराज तक जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें सरलता पूर्वक उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक,अभिभावक एवं शिक्षा प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिनके द्वारा इस शैक्षणिक संस्थान की उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की गई।2
- ▶️ संभागीय मुख्यालय शहडोल के महात्मा गांधी स्टेडियम में जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता का प्रथम मैच पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय एवं जनपद पंचायत जयसिंहनगर टीम के मध्य खेला गया।1