ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदायूं पहुँचकर गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग उठाई और इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपनी यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जाकर लोगों को गौ रक्षा के प्रति जागरूक करना बताया। इस दौरान उन्होंने ऐसे लोगों से भी सावधान रहने की अपील की जो साधु के वेश में छल करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उस सरकार पर निशाना साधा जो खुद को "हिंदू सरकार" कहती है, और कहा कि उसे गौ माता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश से होने वाले बीफ निर्यात का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से जाता है। शंकराचार्य ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, जिसमें एक ओर गाय के दूध की बात होती है, वहीं दूसरी ओर गौवंश की हत्या पर चुप्पी साध ली जाती है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिरों में चढ़ावे की चोरी के मामलों पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जब चोरी होती है और उसी व्यवस्था के लोग जांच करते हैं, तो निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने संबोधन में किसी विशेष राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है, इसलिए उन पर किसी दल का समर्थन करने का आरोप लगाना उचित नहीं है। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य दयाशंकर कौशिक महाराज ने दावा किया कि गौ तस्करी के खिलाफ आवाज़ उठाने के कारण उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महोबा में पुलिस ने उनके बुजुर्ग भाई और 90 वर्षीय माता के साथ दुर्व्यवहार किया। कौशिक महाराज ने कहा कि यदि गुरु की आज्ञा मिले, तो वे गौ रक्षा के लिए किसी भी संघर्ष के लिए तैयार हैं। फिलहाल, गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा जारी है। उनके इन बयानों ने एक बार फिर गौ संरक्षण और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदायूं पहुँचकर गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग उठाई और इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपनी यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जाकर लोगों को गौ रक्षा के प्रति जागरूक करना बताया। इस दौरान उन्होंने ऐसे लोगों से भी सावधान रहने की अपील की जो साधु के वेश में छल करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उस सरकार पर निशाना साधा जो
खुद को "हिंदू सरकार" कहती है, और कहा कि उसे गौ माता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश से होने वाले बीफ निर्यात का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से जाता है। शंकराचार्य ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, जिसमें एक ओर गाय के दूध की बात होती है, वहीं दूसरी ओर गौवंश की हत्या पर चुप्पी साध ली जाती है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिरों में चढ़ावे की चोरी के मामलों पर
भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जब चोरी होती है और उसी व्यवस्था के लोग जांच करते हैं, तो निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने संबोधन में किसी विशेष राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है, इसलिए उन पर किसी दल का समर्थन करने का आरोप लगाना उचित नहीं है। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य दयाशंकर कौशिक महाराज ने दावा किया कि गौ तस्करी के खिलाफ आवाज़ उठाने के कारण उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने आरोप
लगाया कि महोबा में पुलिस ने उनके बुजुर्ग भाई और 90 वर्षीय माता के साथ दुर्व्यवहार किया। कौशिक महाराज ने कहा कि यदि गुरु की आज्ञा मिले, तो वे गौ रक्षा के लिए किसी भी संघर्ष के लिए तैयार हैं। फिलहाल, गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा जारी है। उनके इन बयानों ने एक बार फिर गौ संरक्षण और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
- बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने राम मंदिर से जुड़ी चोरी के मामले में एक बड़ा आरोप लगाया है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के थाना अलापुर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ताजिया जुलूस के दौरान चार साल की एक मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ दरिंदगी की गई है।1
- बदायूं के थाना अलापुर क्षेत्र से लापता हुई चार वर्षीय बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्ची के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने पहले से दर्ज मुकदमे में संबंधित गंभीर धाराओं को बढ़ा दिया है। इस मामले में बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जानकारी दी कि बच्ची की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में आवश्यक धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मामले की विवेचना प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।1
- जनपद बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के गूरा बरैला गांव में एक महिला ने गांव के कुछ दबंग युवकों पर अपने घर में घुसकर बदसलूकी करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी उसके घर में जबरन घुस आए और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं, जिसके कारण वह और उसका परिवार लगातार भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। पीड़िता का कहना है कि उसने घटना के तुरंत बाद उसावां थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी शिकायत पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। जब थाना स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो उसने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक बदायूं से भी की। इसके अतिरिक्त, महिला ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई, मगर उसका आरोप है कि इन सभी शिकायतों के बावजूद मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। महिला ने सीधे तौर पर उसावां पुलिस पर आरोप लगाया है कि वे आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे हैं, जिसके कारण इन दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। पीड़िता ने अब पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।4
- बदायूं दौरे पर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और धार्मिक संदेश दिया है। इस दौरान, उन्होंने गौ रक्षा के मुद्दे पर कई बड़े सवाल उठाए और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर भी निशाना साधा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगामी 2027 के चुनावों के लिए एक अपील जारी करते हुए कहा कि लोगों को केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए जो गौमाता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हों।1
- बदायूं में भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, परम पूज्य गुरुदेव युगऋषि वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की पुण्यतिथि पर प्रखर बाल संस्कारशाला के कैंप कार्यालय में वेद मंत्रोच्चारण के साथ पूजन और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। गायत्री शक्तिपीठ के वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने बताया कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रथम पुण्यतिथि पर 27 जून 1991 को भारत सरकार ने उनके अद्वितीय राष्ट्र एवं समाजसेवी योगदान के सम्मान में एक रुपये के 8 लाख स्मारक डाक टिकट जारी किए थे। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक गरिमामय राष्ट्रीय समारोह में तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा ने इन डाक टिकटों का विधिवत विमोचन किया था। इसके अतिरिक्त, अखिल विश्व गायत्री परिवार गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के स्वर्ण जयंती वर्ष (1971-2021) के उपलक्ष्य में दूसरी बार भारत सरकार ने पांच रुपये मूल्य के 4,02,525 टिकट जारी किए। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का जीवन राष्ट्रभक्ति, तप, त्याग, सेवा और आध्यात्मिक क्रांति का अद्भुत संगम था। उन्होंने अपनी युवावस्था में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया और आजादी के बाद समाज में नैतिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का विराट अभियान प्रारंभ किया। आचार्यश्री ने अपना संपूर्ण जीवन मानव मात्र के उत्थान, विचार क्रांति और चरित्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार), ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान, गायत्री तपोभूमि मथुरा और अखण्ड ज्योति संस्थान मथुरा जैसे अनेक संस्थानों की स्थापना कर अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय का नया अध्याय शुरू किया। उनके द्वारा लिखित 3200 से अधिक पुस्तकें, 25 ग्रह-नक्षत्रों पर ग्रंथ, 19वां पुराण 'प्रज्ञा पुराण', चारों वेदों का भाष्य, 81 से अधिक वाड़्मय और अनेकों ग्रंथ आज भी जीवन निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास के मार्गदर्शक माने जाते हैं। गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन रघुनाथ सिंह ने परम पूज्य गुरुदेव के गायत्री साधना, यज्ञ संस्कृति, संस्कार परंपरा, नारी जागरण, युवा चेतना, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और सामाजिक समरसता जैसे अभियानों को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान को रेखांकित किया। वहीं, गायत्री परिवार के इं. नत्थूलाल शर्मा ने बताया कि युगऋषि का उद्घोष "हम बदलेंगे—युग बदलेगा, हम सुधरेंगे—युग सुधरेगा" आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना था कि समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम व्यक्ति का आत्मपरिष्कार है। इसी विचार को आधार बनाकर उन्होंने विचार क्रांति अभियान चलाया, जिसने देश-विदेश में लाखों लोगों को संयम, सेवा, सदाचार और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरित किया। श्रीराम शर्मा आचार्य ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए उपयोगी बनाएं तथा शिक्षा के साथ संस्कार, विज्ञान के साथ अध्यात्म और प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों के समन्वय पर विशेष बल दिया। उनके मार्गदर्शन में प्रारंभ हुए लाखों यज्ञ, संस्कार, प्रज्ञा संस्थान, साथ ही विश्व भर में 24000 से अधिक शक्तिपीठ और प्रज्ञा मंडल आज भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मृत्युंजय शर्मा, देवेंद्र पाल, मान्या शर्मा, भूमि शर्मा, दीप्ति शर्मा, सौरभ सहित अनेक लोग मौजूद रहे।1
- बदायूं जिले की करेंगी रोड पर मुड़िया सतासी स्थित मैंथा फैक्ट्री के पास एक तेज रफ्तार बाइक और ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। जानकारी के अनुसार, ई-रिक्शा यात्रियों को लेकर बरेली की ओर से वगरैन आ रहा था, तभी सामने से तेज रफ्तार से आ रही बाइक से उसकी टक्कर हो गई। घायलों में जनपद बरेली के थाना सिरौली क्षेत्र के गांव जंगबाजपुर निवासी बाइक सवार सुखपाल, ई-रिक्शा चालक और ई-रिक्शा में सवार कल्लू मनिहार व विकास शामिल हैं। वगरैन पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।2