मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बैतूल प्रवास के दौरान रविवार को प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति के प्रति अपना आत्मीय जुड़ाव प्रदर्शित किया। उन्होंने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुँचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी करके किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की विस्तृत जानकारी ली और कृषि कार्यों में गहरी रुचि दिखाते हुए किसानों से आत्मीय संवाद किया, जिसमें खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी शामिल थी। डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। किसान सहादेव गायनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के अथक परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का मूल आधार बताया। इसी दौरान, ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की इस प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की और स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य एवं सांसद श्री दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान और मप्र जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बैतूल प्रवास के दौरान रविवार को प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति के प्रति अपना आत्मीय जुड़ाव प्रदर्शित किया। उन्होंने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुँचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी करके किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की विस्तृत जानकारी ली और कृषि कार्यों में गहरी रुचि दिखाते हुए किसानों से आत्मीय संवाद किया, जिसमें खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी शामिल थी। डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। किसान सहादेव गायनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है,
जिस पर वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के अथक परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का मूल आधार बताया। इसी दौरान, ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की इस प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की और स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य एवं सांसद श्री दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान और मप्र जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर उपस्थित थे।
- जागरूक किसान 🌾दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेशकिसानों का मजाक उड़ा रहे हो भगवान् करेंगे आपका भी जल्द ही मजाक बन जाएगा 🤗8 hrs ago
- नगर पालिका परिषद आमला के वार्ड क्रमांक 17 में एक निर्माणाधीन सीसी सड़क अपने शुरुआती चरण में ही विवादों में घिर गई है। शासन से स्वीकृत 10 फीट चौड़ी यह सड़क अतिक्रमण के कारण अब मात्र लगभग 7 फीट चौड़ाई में बनाई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस संकरी सड़क से दोपहिया वाहन तो किसी तरह निकल जाएँगे, लेकिन कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे बड़े वाहनों की आवाजाही में भविष्य में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। मौके पर निरीक्षण से स्पष्ट होता है कि सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर लोगों ने दीवारें आगे बढ़ाकर सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है, वहीं अवैध नालियों के निर्माण से भी सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। हैरानी की बात यह है कि पहले अतिक्रमण हटाने की बजाय निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे ठेकेदार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों की राय है कि यदि पहले सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाता, तो सड़क का निर्माण स्वीकृत मानक के अनुसार पूरी चौड़ाई में हो पाता। निर्माण एजेंसी के ठेकेदार योगेंद्र पवार ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण सड़क बनाने में समस्या आ रही है। इस मामले पर नगर पालिका परिषद आमला के अध्यक्ष नितिन गाडरे ने इंजीनियर को भेजकर जांच करवाने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका पहले अतिक्रमण हटाकर स्वीकृत चौड़ाई के अनुसार सड़क का निर्माण करवाती है या फिर संकरी सड़क बनाकर इस विकास कार्य को ही सवालों के घेरे में छोड़ देती है, जिससे भविष्य में यातायात और आपातकालीन सेवाओं के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बैतूल के हिल स्टेशन कुकरू में ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" को सुना।1
- सारनी पुलिस ने बैलोणड घाट से होकर गुजरने वाले यात्रियों के हित में एक महत्वपूर्ण कार्यवाही की है। यह कार्रवाई यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा वन मंडल की गुड़ी रेंज में वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने गई वन विभाग की 'स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड' पर रविवार दोपहर कथित अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। आमा खुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 और 749 में गश्त कर रही इस विशेष टीम पर गोफन, पत्थरों और लाठियों से सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जिसमें 8 से अधिक वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ जवानों का कान कट गया, तो कुछ का सिर फूट गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। यह हमला गुड़ी रेंज में वनभूमि पर हो रहे बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे के खिलाफ हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का सीधा प्रतिशोध बताया जा रहा है। खंडवा डीएफओ राकेश डामोर ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के 45 नवपदस्थ वनरक्षकों को ट्रेनिंग के बाद गुड़ी रेंज में तैनात किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह युवा टीम नियमित गश्त पर निकली, तो पहले से घात लगाकर बैठे अतिक्रमणकारियों ने अचानक धावा बोल दिया, जिससे वन टीम को संभलने का मौका ही नहीं मिला। इस हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी घायल हो गए। घटना के बाद विभागीय सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वहीं घायल वनकर्मियों ने वन विभाग की प्रतिक्रिया को 'शर्मनाक' बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले की सूचना दिए जाने पर गुड़ी परिक्षेत्र के रेंजर नरेंद्र पटेल मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचने के बजाय सीधे खंडवा चले गए। इसके चलते, घायल वनरक्षक लगभग दो घंटे तक जंगल के भीतर बिना किसी प्राथमिक उपचार या बचाव दल के तड़पते रहे। पास की एक अन्य वन टीम भी डर के मारे जंगल के बाहर से ही वापस लौट गई। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसी झड़पें हुई हैं, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, जिसका खामियाजा नए वनरक्षकों को भुगतना पड़ा। वन विभाग के कर्मचारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।1
- मुलताई नगर के एक्सीलेंस स्कूल ग्राउंड पर पूर्व विधायक सुखदेव पांसे की निधि से निर्मित ओपन जिम के उपकरण पिछले डेढ़ महीने से खुले में पड़े हुए हैं और बारिश के कारण लगातार खराब हो रहे हैं। इस स्थान पर छात्रावास का निर्माण होने के कारण जिम सामग्री को वहाँ से हटाया गया था, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते इसे किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा गया। उपकरण निकालते समय भी सावधानी न बरतने से कुछ सामग्री पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुकी है। रविवार को सभापति निर्मला उबनारे, पार्षद अंजलि शिवहरे और नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुमित शिवहरे ने खुले में पड़े इन उपकरणों की स्थिति देखकर नाराजगी व्यक्त की। सभापति उबनारे ने बताया कि वह अधिकारियों से इन उपकरणों को जल्द से जल्द दूसरे स्थान पर स्थापित करने के लिए कह रही हैं, पर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पार्षद अंजलि शिवहरे ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि सैकड़ों लोग इस ओपन जिम में रोज व्यायाम करने आते थे, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी इसके लिए उपयुक्त जगह का चयन नहीं हो पाया है। पार्षदों ने मांग की है कि ओपन जिम की सामग्री को क्षतिग्रस्त करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- मुलताई के स्कूल ग्राउंड के पास लाखों रुपये की लागत से स्थापित ओपन जिम, नगर पालिका की कथित लापरवाही के कारण अब कबाड़ का ढेर बन गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। यह जिम कभी सुबह-शाम बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों से गुलजार रहती थी, लेकिन अब इसे उखाड़कर एक किनारे इस तरह फेंक दिया गया है, मानो यह किसी कबाड़ का हिस्सा हो। जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर यह ओपन जिम थी, वहाँ अब एक शासकीय भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू करने से पहले नगर पालिका को पत्र लिखकर जिम को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था, यह स्पष्ट करते हुए कि इसकी मौजूदगी से निर्माण में बाधा आ रही है। हालांकि, नगर पालिका ने जिम को दूसरी जगह लगाने के बजाय उसे उखाड़कर एक तरफ फेंक दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ओपन जिम का निर्माण लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निःशुल्क व्यायाम सुविधा देने के उद्देश्य से किया गया था। नगर पालिका की इस लापरवाही से लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति खराब होने का खतरा पैदा हो गया है और शहरवासी इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित हो गए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका तत्काल ओपन जिम के उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर पुनः स्थापित करे ताकि आमजन पहले की तरह इसका लाभ उठा सकें। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही करने, उनकी जवाबदेही तय करने और भविष्य में सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।1
- हरदा की स्थानीय सब्जी मंडी में आज आवक सामान्य दर्ज की गई, जहाँ टमाटर और हरी मिर्च के भाव मजबूत बने रहे, जबकि बैंगन और प्याज सामान्य कीमतों पर बिके। स्थानीय व्यापारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर, आज टमाटर लगभग 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर रहा, वहीं बैंगन 8 से 15 रुपये प्रति किलो और हरी मिर्च 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिकी। गिलकी का भाव 35 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि प्याज 24 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध था। इन भावों के संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि गुणवत्ता, आकार और मंडी में आवक के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।1
- मुलताई से छिंदवाड़ा जाने वाली सड़क पर दुनावा के समीप एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार बुरी तरह से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायल व्यक्ति की सहायता की।1