पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भुटिया के निर्देशों पर अवैध मादक पदार्थ के क्रय-विक्रय के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव मुले और एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी करेरा, निरीक्षक विनोद सिंह छावई और उनकी टीम लगातार मुखबिरों की सूचना पर दबिश देकर कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत, दिनांक 22.05.26 को थाना करेरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर करेरा में स्मैक बेचने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 22 वर्षीय अजय मीना पुत्र शेरसिंह मीना, निवासी मूढरा हनुमान, थाना धरनवदा, जिला गुना, और 31 वर्षीय रामहेत मीना पुत्र रामसिंह मीना, निवासी अनन्तपुर मोहिया, थाना राघौगढ़, जिला गुना शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 43.06 ग्राम स्मैक पाउडर जब्त किया था, जिसके बाद उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 333/26, धारा 8/21, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। आरोपियों से स्मैक के स्त्रोत के संबंध में विस्तृत पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे स्मैक की तस्करी करने वाले अपने साथी सागर मीणा, निवासी ढीमरपुरा, राजस्थान से इसे खरीद कर लाए थे। आज दिनांक 24.05.26 को मुखबिर की सूचना पर से मुख्य आरोपी सागर सिंह मीणा पिता देवकिशन मीणा, उम्र 32 साल, निवासी ग्राम ढीमरपुरा, थाना बाचपा, जिला बारां, राजस्थान को जिला गुना, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से स्मैक के स्त्रोत के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी करेरा निरीक्षक श्री विनोद छावई, उनि राजकुमार सिंह चाहर, उनि राधेश्याम शिवहरे, आरक्षक 965 सुरेन्द्र सिहं रावत, आरक्षक 895 राधेश्याम जादौन, आरक्षक 338 हरेन्द्र सिंह, आरक्षक मत्स्येन्द्र गुर्जर और आरक्षक नीरज कुमार, थाना करेरा जिला शिवपुरी की सराहनीय भूमिका रही है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भुटिया के निर्देशों पर अवैध मादक पदार्थ के क्रय-विक्रय के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव मुले और एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी करेरा, निरीक्षक विनोद सिंह छावई और उनकी टीम लगातार मुखबिरों की सूचना पर दबिश देकर कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत, दिनांक 22.05.26 को थाना करेरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर करेरा में स्मैक बेचने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 22 वर्षीय अजय मीना पुत्र शेरसिंह मीना, निवासी मूढरा हनुमान, थाना धरनवदा, जिला गुना, और 31 वर्षीय रामहेत मीना पुत्र रामसिंह मीना, निवासी अनन्तपुर मोहिया, थाना राघौगढ़, जिला गुना शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 43.06 ग्राम स्मैक पाउडर जब्त किया था, जिसके बाद उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 333/26, धारा 8/21, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। आरोपियों से स्मैक के स्त्रोत के संबंध में विस्तृत पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे स्मैक की तस्करी करने वाले अपने साथी सागर मीणा, निवासी ढीमरपुरा, राजस्थान से इसे खरीद कर लाए थे। आज दिनांक 24.05.26 को मुखबिर की सूचना पर से मुख्य आरोपी सागर सिंह मीणा पिता देवकिशन मीणा, उम्र 32 साल, निवासी ग्राम ढीमरपुरा, थाना बाचपा, जिला बारां, राजस्थान को जिला गुना, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से स्मैक के स्त्रोत के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी करेरा निरीक्षक श्री विनोद छावई, उनि राजकुमार सिंह चाहर, उनि राधेश्याम शिवहरे, आरक्षक 965 सुरेन्द्र सिहं रावत, आरक्षक 895 राधेश्याम जादौन, आरक्षक 338 हरेन्द्र सिंह, आरक्षक मत्स्येन्द्र गुर्जर और आरक्षक नीरज कुमार, थाना करेरा जिला शिवपुरी की सराहनीय भूमिका रही है।
- मध्य प्रदेश के करैरा स्थित सिकंदरा परिवहन चेक पोस्ट पर काली कमाई का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते नेशनल हाईवे 27 पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इस चेक पोस्ट पर वर्दी और बिना वर्दी में मौजूद कुछ लोग ट्रकों तथा अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों को 100-200 रुपये के लिए रोकते हैं। यह स्थिति 23 मई 2026, शनिवार के एक वीडियो में कैद हुई, जिसमें वाहनों को अवैध तरीके से रोके जाने के कारण दतिया और झाँसी से आने वाले वाहनों के लिए नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया था।1
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- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक खेत पर हुए 'खूनी हमले' में एक आदिवासी युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आदिवासी युवक की हत्या के विरोध में कराहल थाने पर बड़ी संख्या में भीड़ भड़क उठी। गुस्साई भीड़ ने थाने में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान अतुल दीक्षित द्वारा कुछ कहने पर भीड़ और ज़्यादा हिंसक हो गई और लोग मारपीट पर उतारू हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है।1
- शिवपुरी पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के सख्त निर्देशानुसार, जुआ और सट्टे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत पिछोर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, थाना प्रभारी पिछोर के नेतृत्व में एक टीम ग्राम रमपुरा के खेतों में भेजी गई, जहाँ से चार व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जुआरी विकास उर्फ विक्की (पुत्र बृजेन्द्र बैस, 24 वर्ष, निवासी ग्राम छितरी, थाना सीहोर, जिला शिवपुरी), अरुण (पुत्र अच्छेलाल रजक, 25 वर्ष, निवासी नरिया मोहल्ला पिछोर), जाकिर खान (पुत्र अकबर शाह, 35 वर्ष, निवासी नरिया मोहल्ला पिछोर) और सुशील (पुत्र घमण्डीलाल रहौरा, 35 वर्ष, निवासी नरिया मोहल्ला पिछोर) को पकड़ा। उनके कब्जे से कुल 3350 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 13 जुआ एक्ट का मामला पंजीबद्ध किया गया है।1
- शिवपुरी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राजस्थान से स्मैक सप्लाई करने वाले आरोपी सागर सिंह मीणा को गुना से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी करैरा पुलिस द्वारा की गई है, जिसने इस मामले में अहम सफलता हासिल की है।1
- शिवपुरी के अमोला ग्रामवासियों ने अवैध बिजली कटौती को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि रात के समय बिजली काटी गई, तो जनपद सदस्य मोनू परिहार पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर लेंगे। इस गंभीर घोषणा का एक वीडियो सैकड़ों लोगों के साथ बनाया गया है, जिसे अब सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन ड़ोलकर भुटिया जी के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थ के क्रय-विक्रय पर कार्रवाई के अभियान के तहत, करैरा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव मुले और एसडीओपी ड़ॉ आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद सिंह छावई के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। सबसे हालिया कार्रवाई में, दिनांक 24.05.26 को मुखबिर की सूचना पर, स्मैक का मुख्य सप्लायर आरोपी सागर सिंह मीणा (पिता देवकिशन मीणा, उम्र 32 साल, निवासी ग्राम ढीमरपुरा, थाना बाचपा, जिला बारां, राजस्थान) को जिला गुना, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले, दिनांक 22.05.26 को थाना करैरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लोग स्मैक बेचने करैरा आ रहे हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने अजय मीना (पुत्र शेरसिंह मीना, उम्र 22 साल, निवासी मूढरा हनुमान, थाना धरनवदा, जिला गुना) और रामहेत मीना (पुत्र रामसिंह मीना, उम्र 31 साल, निवासी अनन्तपुर मोहिया, थाना राधौगढ, जिला गुना) को गिरफ्तार किया। इनके पास से 43.06 ग्राम स्मैक पाउडर जब्त किया गया था। दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 333/26, धारा 8/21, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। प्रारंभिक पूछताछ में, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक की तस्करी करने वाले अपने साथी सागर मीणा, निवासी ढीमरपुरा, राजस्थान से यह मादक पदार्थ खरीदकर लाए थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सागर सिंह मीणा को चिन्हित कर उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई। वर्तमान में, आरोपी सागर सिंह मीणा से स्मैक के स्त्रोत के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक श्री विनोद छावई, उनि राजकुमार सिंह चाहर, उनि राधेश्याम शिवहरे, आरक्षक 965 सुरेन्द्र सिंह रावत, आरक्षक 895 राधेश्याम जादौन, आरक्षक 338 हरेन्द्र सिंह, आरक्षक मत्स्येन्द्र गुर्जर और आरक्षक नीरज कुमार (थाना करैरा, जिला शिवपुरी) की सराहनीय भूमिका रही है।1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील के छितरी गांव में भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री तापमान के बीच एक अघोरी बाबा कठिन तपस्या करते हुए देखे गए। यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा और आस्था का एक अद्भुत विषय बना हुआ है, जिससे हर कोई आश्चर्यचकित है। भारतवर्ष में साधु-संतों, नागा साधुओं और अघोरी परंपरा की साधनाएं सदियों से लोगों को अचंभित करती रही हैं, जिनमें कठिन तप, धैर्य, मानसिक नियंत्रण और शरीर पर संयम को आध्यात्मिक शक्ति से जोड़ा जाता है। आम लोग अघोरी साधना को अक्सर रहस्य, तंत्र और गहन तपस्या के रूप रूप में देखते हैं। कई साधु अत्यधिक गर्मी, ठंड, उपवास या एकांत में रहकर अपनी साधना पूर्ण करते हैं। जहाँ उनके अनुयायी इसे आत्मसंयम और ईश्वर भक्ति का मार्ग मानते हैं, वहीं कुछ लोग इसे आस्था और चमत्कार के तौर पर देखते हैं। हालांकि, किसी भी साधना या तपस्या के पीछे का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति विशेष की श्रद्धा, मान्यता और जीवन पद्धति पर निर्भर करता है। बिना पूरी जानकारी के किसी साधु की भावना या उनके उद्देश्य पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता है।1