रामगढ़वा में जिला प्रशासन द्वारा आगामी 2 जून मंगलवार को आयोजित होने वाले 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम की प्रशासनिक तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस शिविर के सफल संचालन को लेकर एसडीओ मनीष कुमार की अध्यक्षता में धनहर डिहुली और पखनहीया पंचायत का भ्रमण किया गया। उन्होंने तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सीधे लाभ पहुँचाना है। एसडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, सभी शिविर स्थलों पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, बैठने की उत्तम व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर समयबद्ध तरीके से कार्यों का निपटारा करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। मनीष कुमार ने जोर देकर कहा कि 'सहयोग शिविर' आमजन की समस्याओं के समाधान का एक बेहद प्रभावी माध्यम है, और इसके सफल संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार, सीओ राजाकुमार, सहकारिता अधिकारी अशोक पन्ना, मुखिया धीरज गुप्ता और राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार भी उपस्थित थे।
रामगढ़वा में जिला प्रशासन द्वारा आगामी 2 जून मंगलवार को आयोजित होने वाले 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम की प्रशासनिक तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस शिविर के सफल संचालन को लेकर एसडीओ मनीष कुमार की अध्यक्षता में धनहर डिहुली और पखनहीया पंचायत का भ्रमण किया गया। उन्होंने तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सीधे लाभ पहुँचाना है। एसडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, सभी शिविर स्थलों पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, बैठने की उत्तम व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर समयबद्ध तरीके से कार्यों का निपटारा करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। मनीष कुमार ने जोर देकर कहा कि 'सहयोग शिविर' आमजन की समस्याओं के समाधान का एक बेहद प्रभावी माध्यम है, और इसके सफल संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार, सीओ राजाकुमार, सहकारिता अधिकारी अशोक पन्ना, मुखिया धीरज गुप्ता और राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार भी उपस्थित थे।
- पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा स्थित एक ही घर के भाई और बहन का बिहार पुलिस में चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर उन्हें पूर्व विधायक मनोज यादव ने सम्मानित किया और बधाई दी।1
- सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।1
- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के बैठनिया भानाचक पंचायत के वार्ड संख्या 11 से बीते 25 मई से एक 15 वर्षीय छात्र कार्तिक कुमार रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। भानाचक निवासी विनय कुशवाहा के पुत्र कार्तिक के गायब होने से उसके परिवार और पूरे गांव में गहरी चिंता और सदमे का माहौल है। कार्तिक मोतीलाल हाई स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है, जो अपने दो भाइयों में सबसे छोटा और एक बहन का भाई है। परिजनों ने बताया कि 25 मई को वह अपनी साइकिल से मझौलिया बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार को चिंता हुई, और रात होने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों की मदद से आसपास के गांवों, बाजारों और सभी संभावित स्थानों पर कार्तिक की खोजबीन की गई, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। काफी प्रयासों के बावजूद सफलता न मिलने पर, कार्तिक के पिता विनय कुशवाहा ने 27 मई को मझौलिया थाना में आवेदन देकर अपने पुत्र की सुरक्षित बरामदगी की मांग की। कार्तिक के लापता होने से उसकी माँ उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से परेशान है। गांव के लोग भी कार्तिक की सकुशल वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। इस मामले को लेकर थानाध्यक्ष अमर कुमार ने जानकारी दी कि आवेदन प्राप्त होने के बाद पुलिस सक्रियता से काम कर रही है। बच्चे की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई है जो विभिन्न स्थानों पर खोजबीन कर रही है, और उसे सकुशल बरामद करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मझौलिया पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को कार्तिक कुमार के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल मझौलिया थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई और जनसहयोग पर टिकी हुई हैं, और पूरा क्षेत्र कार्तिक के सुरक्षित घर लौटने की कामना कर रहा है।4
- एक पति ने अपनी पत्नी को बीपीएससी टीचर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी। बताया गया है कि पत्नी को नौकरी मिलते ही उसने अपने पति को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।1
- चंपारण के कोटवा से एक भाई और बहन का बिहार पुलिस में चयन होने के बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। उनकी इस दोहरी सफलता से क्षेत्र में जश्न मनाया जा रहा है।1
- सुगौली पुलिस ने एक विशेष छापेमारी अभियान के दौरान कुल पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में पुलिस ने 30 लीटर देशी चुलाई शराब के साथ एक कारोबारी को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए अन्य व्यक्तियों में पोक्सो एक्ट और विभिन्न अन्य मामलों के अभियुक्त भी शामिल हैं।1