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यातायात जागरूकता पाठशाला का आयोजन... शाहजहांपुर : शहर की स्वयंसेवी संस्था गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष व समाजसेवी कुमार के नेतृत्व में संस्था को बच्चो को यातायात के प्रति जागरूक करने के लिए यातायात जागरूकता पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में यातायात निरीक्षक श्रीमान बच्चू सिंह जी एवं उप निरीक्षक श्रीमान विनय पाण्डे जी।
Samajsevi Kumar Sagar
यातायात जागरूकता पाठशाला का आयोजन... शाहजहांपुर : शहर की स्वयंसेवी संस्था गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष व समाजसेवी कुमार के नेतृत्व में संस्था को बच्चो को यातायात के प्रति जागरूक करने के लिए यातायात जागरूकता पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में यातायात निरीक्षक श्रीमान बच्चू सिंह जी एवं उप निरीक्षक श्रीमान विनय पाण्डे जी।
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- दलित की बारात नहीं चढ़ने देने का आरोप, इलाके में तनाव #एटा में दलित दूल्हे की बारात रोके जाने का आरोप सामने आया है। मामला सकीट थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीपल टोला का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शाक्य समाज के एक व्यक्ति के बेटे के तिलक समारोह में दलित समाज के लोग डीजे पर डांस करने लगे। इस पर मना करने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। देर रात जब दलित समाज की बारात चढ़ रही थी, तभी रास्ते में शाक्य समाज के कार्यक्रम में बज रहे डीजे को लेकर फिर विवाद हुआ। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है।1
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- हाईवे 30/24 पर कट। #तिलहर पवार हाउस के सामने फिर हुआ एक्सीडेंट। सारी नेतानगरी और प्रशासनिक मसबिरह एक तरफ और सड़क का खूनी खेल एक तरफ। अंदरपास या ब्रिज के बिना मौत का तांडव रुकना मुश्किल लगता है। यह दोनों ट्रक एक ही मालिक के है जिनमें मोटरसाइकिले भरी बताई जा रही है। एक दूसरे की आपसी टक्कर से फिलहाल चालक घायल हुए, अस्पताल पहुंचाए गए। स्पॉट:NH 24/30 near Powar House Tilhar2
- gaon ki galiyan gandi padi hai koi Safai nahin kar raha hai1
- मानदेय न मिलने से नाराज़ आशा कार्यकर्ताओं का रामलीला मैदान में धरना शाहजहांपुर। कई महीनों से मानदेय और बकाया भुगतान न मिलने से नाराज़ आशा व आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रामलीला मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार मांग और ज्ञापन देने केमानदेय न मिलने से नाराज़ आशा कार्यकर्ताओं का रामलीला मैदान में धरना बावजूद उनका भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। धरने के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपना बकाया मानदेय मांग रही हैं। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि छह माह से अधिक समय से आशा वाउचर और अन्य मदों का भुगतान भी लंबित है, जबकि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग के अभियानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन अधिकारियों के आदेश से भुगतान रोका गया है, उसका लिखित विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे परिवार का पालन-पोषण करने के लिए इस मानदेय पर निर्भर हैं, ऐसे में भुगतान में देरी उनके लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। इस मौके पर सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं मौजूद रहे1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बार एसोसिएशन का चुनाव चल रहा है मतदान जारी है और आज 12 फरवरी को ही परिणाम घोषित हो जाएंगे।1
- *सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और ऐप्जा कार्यकर्ताओं के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं : अनुराग सारथी* *गोला में आपत्तिजनक बयानबाजी के खिलाफ फूटेगा जनाक्रोश, विशाल आंदोलन की चेतावनी* गोला गोकर्णनाथ लखीमपुर खीरी। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट, माननीय प्रधानमंत्री और ऐप्जा (AIPJA) के कार्यकर्ताओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर माहौल गरमा गया है। अनुराग सारथी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि “संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्र के नेतृत्व के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में देश की गरिमा पर हमला करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। “जो लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए मर्यादा लांघ रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी,” सारथी ने कड़े शब्दों में कहा। सारथी ने स्पष्ट किया कि यदि आपत्तिजनक बयान देने वाले सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो गोला में एक विशाल आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रश्न है। “हम चुप नहीं बैठेंगे। गोला की धरती से ऐसा संदेश जाएगा कि भविष्य में कोई भी संविधान और राष्ट्र नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा बोलने से पहले सौ बार सोचे,” उन्होंने चेताया। गोला में संभावित आंदोलन को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और रणनीति बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।1