जालौर के भीनमाल स्थित जी. के. गोवाणी राजकीय महाविद्यालय में परिसर की दीवारों पर बिना अनुमति के "JOIN ABVP" सहित अन्य राजनीतिक नारे लिखे जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई 2026 को महाविद्यालय परिसर की दीवारों, खंभों और अन्य स्थानों पर ये राजनीतिक नारे लिखे गए थे। इस घटना के बाद, ABVP ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और महाविद्यालय की दीवारों व खंभों से अपनी लिखावट और "JOIN ABVP" के नारे स्वयं ही हटा दिए हैं। इस मामले में महाविद्यालय प्रशासन को एक शिकायत भी सौंपी गई थी। इस शिकायत में बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक नारे लिखने को महाविद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण के लिए अनुचित बताया गया था। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की गई थी। संगठन द्वारा लिखावट हटाए जाने के बाद अब यह मामला एक नई चर्चा का विषय बन गया है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि महाविद्यालय प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
जालौर के भीनमाल स्थित जी. के. गोवाणी राजकीय महाविद्यालय में परिसर की दीवारों पर बिना अनुमति के "JOIN ABVP" सहित अन्य राजनीतिक नारे लिखे जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई 2026 को महाविद्यालय परिसर की दीवारों, खंभों और अन्य स्थानों पर ये राजनीतिक नारे लिखे गए थे। इस घटना के बाद, ABVP ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और महाविद्यालय की दीवारों व खंभों से अपनी लिखावट और "JOIN ABVP" के नारे स्वयं ही हटा दिए हैं। इस मामले में महाविद्यालय प्रशासन को एक शिकायत भी सौंपी गई थी। इस शिकायत में बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक नारे लिखने को महाविद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण के लिए अनुचित बताया गया था। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की गई थी। संगठन द्वारा लिखावट हटाए जाने के बाद अब यह मामला एक नई चर्चा का विषय बन गया है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि महाविद्यालय प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
- कानाराम चौधरीरानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान1 रुपए का प्रीमियम खरीद सकते नहीं है जब क्लिक करते है तो कोई ऑप्शन आता ही नहीं8 hrs ago
- जालौर जिले के आहोर क्षेत्र अंतर्गत माधोपुरा गांव में बिजली का अधिक बिल आने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रदर्शन किया। गांव के उपभोक्ताओं का गंभीर आरोप है कि डिजिटल मीटर लगाने के बाद से उनके बिजली के बिल बहुत अधिक आ रहे हैं, जिससे परेशान होकर महिलाओं को प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा।1
- पाली जिले के सुमेरपुर थाना पुलिस ने कस्बे में हो रही बाइक चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए विधि से संघर्षरत एक किशोर को निरुद्ध किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इस मामले में कोलीवाड़ा निवासी सुरेश कुमार ने 1 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 जून को उन्होंने गेमावत अस्पताल के पास खेड़ा देवी मंदिर के निकट एक गोदाम के बाहर अपनी बाइक हैंडल लॉक करके खड़ी की थी, जो शाम 6 बजे लौटने पर वहां से गायब मिली। इसके बाद सुमेरपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बाइक चोरी की वारदातों को देखते हुए एसपी मोनिका सेन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाली चैनसिंह महेचा, पुलिस उपाधीक्षक सुमेरपुर जितेंद्र सिंह और थानाधिकारी सवाई सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी किशोर को निरुद्ध कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी किशोर ने कस्बे में अन्य जगहों पर भी मोटरसाइकिल चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है।1
- पाली जिले के सुमेरपुर अंतर्गत तखतगढ़ नगरपालिका के सामने बने कियोस्क को हटाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अधिकारी महेंद्र बंजारा से मुलाकात की। इस दौरान सफाई व्यवस्था, रोड लाइट, सार्वजनिक शौचालय और कियोस्क विवाद सहित कई मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की गई। निंबाड़ा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2001 में आवंटित किए गए कियोस्क की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के कारण सड़क और नाला निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस नगर पालिका के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर, भाजपा नेता एवं पूर्व उपाध्यक्ष मनोज नामा ने कांग्रेस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक तरफ कांग्रेस कियोस्क हटाने की मांग कर गरीब परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा कर रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देकर नाला निर्माण का कार्य भी रुकवाना चाहती है। उन्होंने सुझाव दिया कि दुकानों के पीछे से नाला निकालकर सामने फुटपाथ विकसित किया जाना चाहिए। फिलहाल इस विवाद में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के बाड़मेर रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।1
- पुरी में भारी बारिश होने के बाद भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। भगवान जगन्नाथ की इस रथ यात्रा में सभी भक्त अत्यंत उत्साह और भक्तिमय माहौल के साथ उपस्थित रहे। भारी बारिश होने के बाद भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।1
- राजस्थान के बाड़मेर में सुमेरपुर वाले के सामने सीवरेज लाइन का गंदा पानी लगातार बह रहा है। पानी जमा होने की वजह से वहां भयानक काई जम चुकी है और बहते हुए पानी का पूरा रंग बदलकर हेयर कलर जैसा हो गया है। इस समस्या को लेकर नगर परिषद में एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 10 बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वहां कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस घोर अनदेखी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सीवरेज की इस बदहाली को साफ देखा जा सकता है।1
- राजस्थान में एक शिक्षक के तबादले पर विदाई का बेहद भावुक क्षण सामने आया है, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है। शिक्षक का मानना है कि उनका तबादला तो सिर्फ सरकारी कागजों पर एक नाम का था, मगर बच्चों के साथ जो रिश्ता बना, वह सीधे रूह के मुकाम का था। विदाई के समय सिसकते हुए बच्चे और वहां से जाते हुए कदम साफ बयां कर रहे हैं कि बच्चों का यही प्यार और आंसू ही शिक्षक के इस छोटे से कार्यकाल की वास्तविक कमाई है।1
- बाड़मेर के समर गौशाला के पास हालात बेहद खराब बने हुए हैं और इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। यहाँ चौबीसों घंटे सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है, जिसके कारण रास्ते पर काई जम गई है। इस जमी हुई काई की वजह से यहाँ से गुजरने वाले लोग लगातार फिसलकर गिर रहे हैं।1
- उदयपुर के ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल है। कलड़वास, कानपुर, खरबड़िया, मटूण सहित आसपास के कई गांवों में बीते दिनों लगातार चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय बना हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने बैठक कर अपना कड़ा विरोध जताया है। बैठक में वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने उदयपुर पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान को ज्ञापन सौंपकर बढ़ती चोरियों पर अंकुश लगाने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे चोरों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं और क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और चोरी की वारदातों का जल्द खुलासा कर आरोपियों को पकड़ा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द ही ठोस समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र के ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के संयोजक विष्णु पटेल, सहसंयोजक प्रेमचंद पटेल, धनराज पटेल, हीरालाल पटेल, भोपाजी कालू पटेल, सुरेश पटेल, नारायण पटेल, सोहनलाल, तेजराम डांगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4