सनावद नगर में एयरटेल मोबाइल टावर पर कार्यरत एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई है। मृतक की पहचान बड़वाह निवासी अर्जुन सिंह पवार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से कंपनी में कार्यरत थे और अग्रसेन कॉलोनी में अस्थायी रूप से रहकर प्रतिदिन काम पर जाते थे। यह हृदय विदारक घटना रविवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच सामने आई, जब टावर के पास खेल रहे बच्चों ने अर्जुन सिंह को जमीन पर गिरा हुआ देखा। बच्चों ने तुरंत आसपास के रहवासियों को सूचित किया, जिसके बाद कॉलोनी के पुरुष और युवाओं ने मिलकर अर्जुन सिंह को तत्काल सिविल अस्पताल पहुँचाया। वहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, घटना के समय टावर पर कोई अन्य कर्मचारी या स्टाफ मौजूद नहीं था। इस दुखद घटना के बाद, अर्जुन सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने करंट लगने से हुई इस दुर्घटना की विस्तृत जाँच की मांग की है। उनकी माँग है कि इस जाँच से पता चल सके कि यह घटना किस कारण से हुई और उनके परिवार के सदस्य को हुई क्षति का पूरा सच सामने आए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अग्रसेन कॉलोनी के निवासी और बड़वाह से समाजजन व परिवार के सदस्य अस्पताल पहुँच गए थे। सोमवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक तौर पर अर्जुन सिंह के हाथ में करंट का झटका लगने की बात सामने आई है, लेकिन मौत की वास्तविक स्थिति पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सनावद नगर में एयरटेल मोबाइल टावर पर कार्यरत एक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई है। मृतक की पहचान बड़वाह निवासी अर्जुन सिंह पवार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से कंपनी में कार्यरत थे और अग्रसेन कॉलोनी में अस्थायी रूप से रहकर प्रतिदिन काम पर जाते थे। यह हृदय विदारक घटना रविवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच
सामने आई, जब टावर के पास खेल रहे बच्चों ने अर्जुन सिंह को जमीन पर गिरा हुआ देखा। बच्चों ने तुरंत आसपास के रहवासियों को सूचित किया, जिसके बाद कॉलोनी के पुरुष और युवाओं ने मिलकर अर्जुन सिंह को तत्काल सिविल अस्पताल पहुँचाया। वहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, घटना के समय टावर पर कोई अन्य कर्मचारी या स्टाफ
मौजूद नहीं था। इस दुखद घटना के बाद, अर्जुन सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने करंट लगने से हुई इस दुर्घटना की विस्तृत जाँच की मांग की है। उनकी माँग है कि इस जाँच से पता चल सके कि यह घटना किस कारण से हुई और उनके परिवार के सदस्य को हुई क्षति का पूरा सच सामने आए। घटना की सूचना
मिलते ही बड़ी संख्या में अग्रसेन कॉलोनी के निवासी और बड़वाह से समाजजन व परिवार के सदस्य अस्पताल पहुँच गए थे। सोमवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक तौर पर अर्जुन सिंह के हाथ में करंट का झटका लगने की बात सामने आई है, लेकिन मौत की वास्तविक स्थिति पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
- मध्य प्रदेश के खंडवा में एक पार्षद ने निगम के एक अधिकारी को खुलेआम धमकी दी है। यह पूरा विवाद नाले पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सामने आया है, जिसमें पार्षद के बिगड़े बोल रिकॉर्ड किए गए। पार्षद ने आरोप लगाया है कि यह तोड़फोड़ उनकी गैरमौजूदगी में की गई थी, जिसके कारण मामला और भी गरमा गया है।1
- इंदौर जिले के महू में स्थित पातालपानी झरने पर जाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन लोगों को लेकर की गई जो झरने पर गए थे।1
- आधार कार्ड में अपनी आईडी जोड़ने के लिए अब कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस नई सुविधा का पहला चरण इंदौर में शुरू हो गया है, जहाँ यह बसों के माध्यम से चालू की गई है। दूसरे चरण में, इस सेवा का विस्तार भोपाल, इंदौर, धार, खरगोन, शिवनी, देपालपुर और खंडवा जैसे क्षेत्रों तक किया जाएगा।1
- चंदननगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्कर के पास से 16.47 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 1.60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद, पुलिस अब मंदसौर और रतलाम से जुड़े एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट की तलाश में जुट गई है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।1
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, जिसमें एक युवक भगवान हनुमान के वेश में बीजेपी का झंडा लिए हुए नाचता हुआ दिखाई दे रहा है। इस रैली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी मंच या वाहन पर उपस्थित थे। यह वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या राजनीतिक कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप का इस तरह से उपयोग करना उचित है। इस घटना को लेकर धर्म के सम्मान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।1
- इंदौर के विद्यासागर स्कूल परिसर में 4 जुलाई 2026 को नवनिर्वाचित छात्र परिषद के औपचारिक पदग्रहण के लिए गरिमामय इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसे ज्ञान एवं नेतृत्व की भावना का प्रतीक बताया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवनियुक्त पदाधिकारियों को बैज प्रदान करना रहा, जिन्होंने इस अवसर पर अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा के मूल्यों का पालन करने की शपथ ली। समारोह में विद्यासागर स्कूल के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. गौरव भंडारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यालय के मार्गदर्शक श्री सत्यानारायण जी पटेल, प्राचार्या श्रीमती भावना पुजारी और मुख्य अतिथि डॉ. गौरव भंडारी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों से युवा नेतृत्वकर्ताओं को जिम्मेदारी, विनम्रता और समर्पण के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। नव-निर्वाचित स्कूल कैप्टन अयोनी शर्मा ने भी अपने प्रेरक संबोधन में छात्र परिषद के लिए अपनी दूरदर्शी सोच और संकल्प को साझा किया। कार्यक्रम में अभिभावकों, आमंत्रित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह का एक यादगार क्षण नव-निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों द्वारा छात्र परिषद रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना रहा, जिसने उनके दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया। कार्यक्रम का समापन स्कूल उप-कप्तान भव्य जोशी द्वारा प्रस्तुत हृदयस्पर्शी धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह समारोह विद्यासागर स्कूल में छात्र नेतृत्व, उत्तरदायित्व और सेवा की भावना के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बना।1
- नर्मदा नदी में गहरे पानी में डूब रहे पाँच युवकों को गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया। यह घटना नर्मदा नदी के तट पर हुई, जहाँ युवकों को डूबने से बचाने के लिए तुरंत बचाव अभियान चलाया गया।1
- खंडवा के राम नगर क्षेत्र में पानी की भीषण समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने पुलिस चौकी के पास एकजुट होकर जोरदार नारेबाजी की। अपनी पानी की समस्याओं को लेकर, स्थानीय निवासियों ने पुलिस चौकी के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी परेशानी व्यक्त की।3
- इंदौर शहर में एक वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जहाँ कुछ लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि एक वास्तविक वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार बताया जा रहा है। इन आरोपों के पीछे का मकसद पूरे मामले की दिशा बदलना और सच को छिपाना बताया जा रहा है, जिसने मामले की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाद के केंद्र में एम.टी.एच. अस्पताल परिसर में संचालित महाकाल संस्था है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि लगभग एक वर्ष पुरानी यह संस्था अपने प्रभाव और सुविधाओं का इस्तेमाल कर स्वयं को सही साबित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संस्था का पक्ष अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इस पूरे प्रकरण में कई समाजसेवी खुलकर सामने आ गए हैं। उनका दावा है कि वे जल्द ही इंदौर प्रशासन और पुलिस को दस्तावेज़ी एवं तकनीकी साक्ष्य सौंपेंगे, जिसके साथ ही वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। अब शहर में यह सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इंदौर प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएँगे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या जिम्मेदार लोगों और संबंधित संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर की निगाहें अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4