समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मोहिउद्दीननगर इकाई ने आर.बी.एस. कॉलेज, अंदौर के प्रधानाचार्य को छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अंतिम चेतावनी पत्र सौंपा है। परिषद ने स्पष्ट किया कि पूर्व में 1 जुलाई 2026 को मांग पत्र सौंपे जाने के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को निरंतर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने अपने आठ सूत्रीय मांग पत्र के जरिए महाविद्यालय परिसर और मैदान की नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, सभी प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन और हेल्प डेस्क व शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना की मांग की है। इसके अलावा, मैदान में पेड़ों के चारों ओर लगी खतरनाक लोहे की रेलिंग को हटाने, नियमित कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, छात्राओं के लिए स्वच्छ व सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था करने और पुस्तकालय को नियमित रूप से खोलकर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ABVP ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही सकारात्मक और प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो संगठन छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा। इस आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी। इस मौके पर परिषद के कार्यकर्ता अमन कुमार झा, केशव कुमार, किसलय भारद्वाज, अनुज कुमार झा, सुमित कुमार, निशांत कुमार और हिमांशु कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मोहिउद्दीननगर इकाई ने आर.बी.एस. कॉलेज, अंदौर के प्रधानाचार्य को छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अंतिम चेतावनी पत्र सौंपा है। परिषद ने स्पष्ट किया कि पूर्व में 1 जुलाई 2026 को मांग पत्र सौंपे जाने के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को निरंतर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने अपने आठ सूत्रीय मांग पत्र के जरिए महाविद्यालय परिसर और मैदान की नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, सभी प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन और हेल्प डेस्क व शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना की मांग की है। इसके अलावा, मैदान में पेड़ों के चारों ओर लगी खतरनाक लोहे की रेलिंग को हटाने, नियमित कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, छात्राओं के लिए स्वच्छ व सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था करने और पुस्तकालय को नियमित रूप से खोलकर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ABVP ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही सकारात्मक और प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो संगठन छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा। इस आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी। इस मौके पर परिषद के कार्यकर्ता अमन कुमार झा, केशव कुमार, किसलय भारद्वाज, अनुज कुमार झा, सुमित कुमार, निशांत कुमार और हिमांशु कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
- समस्तीपुर के पटोरी अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार पांडेय ने मोहिउद्दीननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अस्पताल परिसर और वार्डों में भारी अव्यवस्था देखकर एसडीओ ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने पंजीकरण काउंटर, जांच घर, दवा वितरण कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी और प्रसव कक्ष का जायजा लिया। प्रसव वार्ड में भर्ती महिलाओं के बेड पर गंदी चादरें देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और अस्पताल की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही एजेंसी 'महाशिवा इंफॉर्मेशन प्राइवेट लिमिटेड' का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करने की बात कही। इसके अलावा, एनजीओ की सुपरवाइजर उषा रानी ड्यूटी से अनुपस्थित मिलीं और उनके स्थान पर उनके पति रंजन कुमार (जो खुद गार्ड के पद पर कार्यरत हैं) कार्य संभालते पाए गए। एसडीओ ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और यह भी जांच की जाएगी कि एनजीओ कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी मिल रही है या नहीं। साथ ही पहचान पत्र व आवश्यक दस्तावेज न दिखाने पर इसे प्रशासनिक लापरवाही माना गया। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भी निरीक्षण के समय नदारद थे, जिसके बाद एसडीओ ने उनकी नियमित अनुपस्थिति को लेकर विभाग को रिपोर्ट भेजने की बात कही। इसके अलावा निर्धारित ड्रेस कोड में न मिलने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी भविष्य में वर्दी में आने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर में सक्रिय निजी नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बिचौलियों को कड़ी चेतावनी देते हुए एसडीओ ने कहा कि मरीजों को बाहर भेजने या अधिक पैसे वसूलने की शिकायत पर सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होगी। निरीक्षण के वक्त प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ. नवकंज कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ. बहाव आलम, डॉ. नागेंद्र कुमार, डॉ. साधना आनंद सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे, जिन्हें एसडीओ ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।1
- वैशाली जिले के जंदाहा में चंद्रशेखर आज़ाद भाई के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया है। देश के लिए उनके द्वारा किए जा रहे निरंतर कार्यों और योगदान की सराहना करते हुए उन्हें दिल से सलाम किया गया है।1
- समस्तीपुर के पटोरी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) विकास कुमार पांडेय ने मंगलवार को मोहिउद्दीननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में कई स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस बदहाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रसव के बाद भर्ती महिलाओं के बेड पर गंदी चादरें मिलने पर एसडीओ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही एजेंसी 'महाशिवा इंफॉर्मेशन प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करने की बात कही। इसके अलावा, एनजीओ की सुपरवाइजर उषा रानी अपनी ड्यूटी से नदारद मिलीं और उनके स्थान पर उनके पति रंजन कुमार (जो खुद गार्ड हैं) कार्य संभालते पाए गए। एसडीओ ने इस मामले की जांच कराने के साथ-साथ यह भी जांचने का निर्देश दिया कि एनजीओ कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी मिल रही है या नहीं। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भी निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए। उनकी नियमित अनुपस्थिति को गंभीर मामला बताते हुए एसडीओ ने इसकी रिपोर्ट सीधे विभाग को भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही निर्धारित ड्रेस कोड में न मिलने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भविष्य में वर्दी पहनकर आने की हिदायत दी गई। अस्पताल परिसर में सक्रिय निजी नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बिचौलियों को सख्त चेतावनी देते हुए एसडीओ ने कहा कि सरकारी अस्पताल के मरीजों को बाहर भेजने या अवैध राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- वैशाली जिले के महनार अंतर्गत बासुदेवपुर चंदेल में खरीदी गई जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति से आने वाली पीड़िता मुन्नी देवी ने साल 2019 में 23 डिसमिल केवाला भूमि खरीदी थी, जिस पर अब अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। अपनी ही जमीन को वापस पाने के लिए पीड़िता लगातार न्याय की गुहार लगा रही हैं। इस जमीन विवाद में पीड़िता को न केवल अपनी संपत्ति गंवानी पड़ रही है, बल्कि उन्हें जातिसूचक भेदभाव और अपमान का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर वैशाली प्रशासन से शिकायत की गई है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने प्रशासन से इस अतिक्रमण को तुरंत हटाने और धमकी देने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कारनामों को देखते हुए बिहार के पूर्णिया में छात्र पूरी तरह से तोड़फोड़ पर उतारू हो गए हैं और जमकर हंगामा कर रहे हैं।1
- वैशाली के समाहरणालय में अब लोगों को हर जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) श्रीमती वर्षा सिंह ने यहां 'May I Help You' सहायता केंद्र का शुभारंभ किया है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की जानकारी, अधिकारियों के कक्ष, जनसुविधाओं और जनता दरबार से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां अब एक ही काउंटर पर उपलब्ध होंगी। बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह सेवा पूरी तरह से तेज, सरल और नागरिक-अनुकूल है, जो नागरिकों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।1
- समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी और नंदनी लगूनिया रेल स्टेशनों के बीच रेलवे समपार संख्या 22 और 23 पर आम जनता का आवागमन तीन दिनों तक पूरी तरह से बंद रहेगा। सोनपुर रेल मंडल के इस खंड पर दिनांक 20 जुलाई, मंगलवार की सुबह 8:00 बजे से लेकर दिनांक 22 जुलाई, गुरुवार की देर रात 8:00 बजे तक लोगों का आना-जाना वर्जित रहेगा। सोनपुर रेल मंडल के सहायक अभियंता के.डी. प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि रेल ट्रैक में मेंटेनेंस कार्य जारी होने के कारण रेल विभाग की तरफ से यह कदम उठाया गया है। मेंटेनेंस कार्य के दौरान व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मौके पर शाहपुर पटोरी के आरपीएफ इंचार्ज दिवाकर सिंह, आरपीएफ कर्मी मनोज कुमार यादव और दंडाधिकारी शिव शंकर चौधरी मौजूद रहे। दंडाधिकारी शिव शंकर चौधरी ने इस संबंध में विशेष जानकारी भी साझा की है।1
- बिहार के वैशाली जिले के गोरौल में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित लड़की एक जानने वाले लड़के के साथ उसकी मोटरसाइकिल पर बैठकर गई थी। इसके बाद उस लड़के ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया है और मामले की जाँच में जुट गई है।1