लोकेशन सतना बिरसिंहपुर गैनीनाथ श्री गैवीनाथ धाम: प्राचीन विरासत और वर्तमान संकट सतना (बिरसिंहपुर) स्थित भगवान गैवीनाथ का मंदिर न केवल त्रेतायुगीन है, बल्कि इसका प्रमाण पद्म पुराण और राजपथ रामायण जैसे ग्रंथों में भी मिलता है। उज्जैन महाकाल के उपालिंग के रूप में पूज्य यह स्वयंभू शिवलिंग सदियों से सोहावल रियासत और गोस्वामी समाज के संरक्षण में रहा है। 1969 तक इसका संचालन 'देवपुर समिति' द्वारा सर्ववर्ग सहभागिता से कुशलतापूर्वक किया गया। विवाद का मुख्य कारण: 1962 के पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत 1969 में 'श्री गैवीनाथ सार्वजनिक न्यास' का गठन हुआ। आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर इस सार्वजनिक मंदिर की व्यवस्था एक विशेष वर्ग/समुदाय तक सीमित कर दी गई। इसमें न तो प्रशासन की भागीदारी है, न गोस्वामी समाज की और न ही आम जनता की। आज 06 फरवरी को मंदिर पुजारी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के बाद क्षेत्रीय जनता और श्रद्धालुओं की पुरजोर मांग है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर को अपने नियंत्रण में ले। एक निष्पक्ष सरकारी प्रबंधन से ही मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा, साधु-संतों की उचित व्यवस्था और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
लोकेशन सतना बिरसिंहपुर गैनीनाथ श्री गैवीनाथ धाम: प्राचीन विरासत और वर्तमान संकट सतना (बिरसिंहपुर) स्थित भगवान गैवीनाथ का मंदिर न केवल त्रेतायुगीन है, बल्कि इसका प्रमाण पद्म पुराण और राजपथ रामायण जैसे ग्रंथों में भी मिलता है। उज्जैन महाकाल के उपालिंग के रूप में पूज्य यह स्वयंभू शिवलिंग सदियों से सोहावल रियासत और गोस्वामी समाज के संरक्षण में रहा है। 1969 तक इसका संचालन 'देवपुर समिति' द्वारा सर्ववर्ग सहभागिता से कुशलतापूर्वक किया गया। विवाद का मुख्य कारण: 1962 के पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत 1969 में 'श्री गैवीनाथ सार्वजनिक न्यास' का गठन हुआ। आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर इस सार्वजनिक मंदिर की व्यवस्था एक विशेष वर्ग/समुदाय तक सीमित कर दी गई। इसमें न तो प्रशासन की भागीदारी है, न गोस्वामी समाज की और न ही आम जनता की। आज 06 फरवरी को मंदिर पुजारी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के बाद क्षेत्रीय जनता और श्रद्धालुओं की पुरजोर मांग है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर को अपने नियंत्रण में ले। एक निष्पक्ष सरकारी प्रबंधन से ही मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा, साधु-संतों की उचित व्यवस्था और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
- सियासत के ऊपर संवेदना.... दिग्विजय गुट के नेता के दुख की घड़ी में ढांढस देने घर पहुंचे सिंधिया, दिखी शिष्टाचार की अनोखी झलक राजनीति में अक्सर राजनीतिक मंच से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप रूप के साथ एक दूसरे पर तीखी जवानी जंग देखने को ही मिलती है लेकिन अशोकनगर जिले की राजनीति में उस समय एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता और दिग्विजय सिंह गुट से जुड़े पूर्व विधायक गोपाल सिंह चौहान के घर पहुंचे। जहां सिंधिया ने उनकी मां को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर उनकी वह शिष्टाचार भरी मुलाकात जिले में चर्चा का विषय बन गई।1
- शूरु ऐप की खवर पी टी एस चौराहा रीवा से यू जी सी के विरोध में सवर्ण भाई के द्वारा दिया गया कथन1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता1
- Post by Anamika Singh1
- Post by राजेश सिंह पंवार1
- नगर परिषद गुनौर के वार्ड नंबर 3, पड़ेरी में आज रात बहुत ही दुखद हृदय बिदारक घटना हुई ,जिसमें प्रजापति परिवार के श्री गोरेलाल प्रजापति जी जलकर के घायल हो गए एवं उनकी पत्नी श्याम बाई की जलकर दर्दनाक मौत हो गई ।पीड़ित परिवार का आरोप है की किसी ने पेट्रोल डालकर आग लगाई । खबर मिलते ही कांग्रेस परिवार गुनौर कांग्रेस के साथियों सहित मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार जनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष से दूरभाष पर बात कराई ,उन्होंने तुरंत मामला संज्ञान में लेने एवं पुलिस अधीक्षक महोदया से बात करके न्याय दिलाने की बात कही और कहा कांग्रेस परिवार आपके साथ हर परिस्थिति में खड़ी है । हम प्रशासन से इस इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली दर्दनाक घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग करते है। कांग्रेस नेता श्रवण तिवारी जी एव रविंद्र मिश्रा जी साथ में उपस्थित रहे,1
- *मैहर माँ शारदा देवी रोड चार पहिया पार्किंग के पास लगा घंटो का जाम* हम बात कर रहे है माँ शारदा मंदिर रोड की जहा आज मुड़न मुहूर्त के अवसर पर गडियो का लगा अम्बार जिसे पुलिस बल गडियो को हटने मे जुटी हुई नजर आ रही है1
- पुरानी रंजिश को लेकर जानलेवा हमला1
- विश्व समाज कल्याण समिति द्वारा विचार1