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कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेरगुना में श्री राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव एवं भंडारा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस भव्य अवसर पर विधायक आशीष शर्मा ने सहभागिता करते हुए भगवान श्रीराम के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सेरगुना का पूरा वातावरण राममय हो गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्री राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में उपस्थित होकर दर्शन का लाभ लिया।
Rajendra shreevas
कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेरगुना में श्री राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव एवं भंडारा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस भव्य अवसर पर विधायक आशीष शर्मा ने सहभागिता करते हुए भगवान श्रीराम के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सेरगुना का पूरा वातावरण राममय हो गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्री राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में उपस्थित होकर दर्शन का लाभ लिया।
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- जनपद पंचायत कन्नौद की ग्राम पंचायत इकलेरा में पंचायत सचिव और सहायक सचिव की मनमानी के कारण ग्रामीण पिछले दो माह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन में विगत दो माह से ताले लगे हुए हैं, जिसके चलते परिसर में बड़े पैमाने पर घास उग आई है और जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, विशेषकर छात्रों को। शासकीय और अशासकीय विद्यालय खुलने के बाद छात्रों को जाति और निवासी प्रमाण पत्रों की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन पंचायत भवन बंद होने से उन्हें ये प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से इस बारे में बात की, तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि “आप कहीं भी शिकायत करो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, पंचायत मेरी मनमर्जी से चलेगी।” ग्रामीणों ने जनपद पंचायत कन्नौद के सीईओ से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि पंचायत भवन नियमित रूप से खुलना चाहिए और सचिव व सहायक सचिव को वहां बैठकर ग्राम वासियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अपनी मनमर्जी के कारण ग्रामीणों को परेशान करने वाले सचिव के खिलाफ अब ग्राम इकलेरा के ग्रामीण कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत करने की बात कह रहे हैं।1
- कन्नौद पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ दरियाव सिंह परमार का एक सड़क हादसे में निधन हो गया है।1
- नगर पालिका परिषद आष्टा कूड़ा मुक्त शहर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में स्वच्छता टीम ने शहर के लगभग 6 प्रमुख कचरा स्थलों को पूरी तरह से कूड़ा मुक्त कर दिया है, जिससे इन स्थानों पर अब किसी भी प्रकार की गंदगी दिखाई नहीं देती और क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल रहा है। इन स्थलों को स्थायी रूप से स्वच्छ बनाए रखने के लिए, नगर पालिका की आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) टीम द्वारा आसपास के क्षेत्रों में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ना है, ताकि वे अपने आसपास गंदगी न फैलाएं। इसके तहत, नागरिकों को घर से निकलने वाले कचरे को गीले और सूखे रूप में अलग-अलग रखने तथा उसे कचरा वाहन में ही डालने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही, सफाई कर्मचारियों द्वारा इन स्थलों पर विशेष अभियान चलाकर कचरे का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाता है। स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, इन स्थलों पर नागरिकों को एकत्रित करके स्वच्छता की शपथ दिलाई जाती है। इसके अतिरिक्त, टीम द्वारा स्वच्छता से जुड़े स्लोगन और चालानी कार्रवाई के संदेश भी दीवारों पर लिखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में जागरूकता के साथ-साथ अनुशासन भी बना रहे। इस अभियान में राजकुमार अकेला, विनय सिंह, अनीश सोलंकी, नीरज गंगराड़े सहित दर्जनों नागरिकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की है। यह सभी गतिविधियां नगर पालिका अध्यक्ष श्री हेम कुंवर राय सिंह मेवाड़ा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टर श्री विनोद कुमार सांगते और वार्ड दरोगा के नेतृत्व में स्वच्छता टीम लगातार शहर को स्वच्छ बनाने में जुटी हुई है। नगर पालिका परिषद आष्टा का यह सराहनीय प्रयास न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रहा है।4
- भैरुंदा पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपी रोहित हरियाले को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया। माननीय न्यायालय के आदेश पर रोहित हरियाले को जेल भेज दिया गया है।2
- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अलका लांबा जी के आह्वान और मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय रीना बोरासी सेतिया के निर्देश पर, देवास के भोपाल चौराहा पर आज एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्यसभा प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदेश महासचिव श्रीमती श्रुति बघेल के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में, कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग प्रमुख ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे कथित प्रहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जी, जिला अध्यक्ष ग्रामीण मनीष जी चौधरी, जिला अध्यक्ष शहर प्रयास जी गौतम, युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं सहित अच्छी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर, यह संदेश दोहराया गया कि लोकतंत्र की रक्षा उनका कर्तव्य है और संविधान उनका स्वाभिमान है, जैसा कि पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव श्रुति बघेल ने भी अपनी बाइट में उल्लेख किया।1
- देवास जिले के सोनकच्छ में मोहर्रम की तीसरी तारीख पर पारंपरिक सवारियां निकाली गईं। इस अवसर पर अलम के साथ एक जुलूस का आयोजन भी किया गया।1
- खातेगांव कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ते ने हरदा-इंदौर मार्ग पर टोल प्लाजा के पास चने की उपज का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रक को पकड़ा है। इस मामले में मंडी अधिनियम के तहत विधिवत कार्रवाई की जा रही है, और जांच अभी भी जारी है। पकड़े गए ट्रक में लगभग 300 क्विंटल चना भरा हुआ था। इस चने को छिंदवाड़ा से इंदौर ले जाया जाना था, लेकिन यह ट्रक खंडवा की ओर जा रहा था।1
- “जय आदिवासी” और “जय जोहार” के उद्घोष के साथ, आदिवासी समुदाय अपनी पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को उजागर करता है। इस संदेश में प्रकृति पूजा को आदिवासियों का एक केंद्रीय सिद्धांत बताया गया है, जिसके साथ ‘सेवा जोहार’ की भावना भी जुड़ी है।1