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बाली थाना क्षेत्र में एक दंपती को बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया। सोनवा बांध रोड पर हुई इस घटना में बदमाशों ने दंपती की बाइक को टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया और फिर उनके सिर पर वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। घायलों की पहचान मिरगेश्वर (बाली) निवासी सखाराम चौधरी और उनकी पत्नी मंजू चौधरी के रूप में हुई है। बदमाश महिला के गले से सोने की कंठी, पति का मोबाइल फोन और उनकी बाइक लेकर फरार हो गए। दंपती डूंगरली (बाली) में एक सामाजिक कार्यक्रम से अपनी बाइक पर वापस लौट रहे थे, तभी सोनवा बांध रोड पर एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने अपनी बाइक मौके पर ही छोड़ दी और फरार हो गए। बाली थाना अधिकारी परबत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर दो बजे घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपती को बाली के जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल मंजू चौधरी को आगे के इलाज के लिए पाली रेफर कर दिया गया है।

2 days ago
user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
2 days ago

बाली थाना क्षेत्र में एक दंपती को बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया। सोनवा बांध रोड पर हुई इस घटना में बदमाशों ने दंपती की बाइक को टक्कर मारकर उन्हें गिरा दिया और फिर उनके सिर पर वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। घायलों की पहचान मिरगेश्वर (बाली) निवासी सखाराम चौधरी और उनकी पत्नी मंजू चौधरी के रूप में हुई है। बदमाश महिला के गले से सोने की कंठी, पति का मोबाइल फोन और उनकी बाइक लेकर फरार हो गए। दंपती डूंगरली (बाली) में एक सामाजिक कार्यक्रम से अपनी बाइक पर वापस लौट रहे थे, तभी सोनवा बांध रोड पर एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने अपनी बाइक मौके पर ही छोड़ दी और फरार हो गए। बाली थाना अधिकारी परबत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर दो बजे घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपती को बाली के जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल मंजू चौधरी को आगे के इलाज के लिए पाली रेफर कर दिया गया है।

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए। प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए।

प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है।

पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को सुमेरपुर के जाखामाता रीको क्षेत्र में स्थित विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान मिलावट के संदेह में कुल 12,495 किलोग्राम सरसों तेल सीज किया गया, साथ ही तेल की पैकिंग में विभिन्न ब्रांडों के नाम के उपयोग और कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। जांच में 15 किलो क्षमता वाले 533 टीन "नौ दुर्गा ब्रांड" और 300 टीन "ज्योति ब्रांड" सरसों तेल सीज किए गए, जिनके नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, और मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण में यह भी पता चला कि फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली विभिन्न कंपनियों के खाली टीनों का उपयोग कर "ज्योति" और "नौ दुर्गा" ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग कर रहा था। मौके पर गुलाब, अडानी, रानी, श्रीजी, बनास और अंकुर सहित कई कंपनियों के खाली टीन बड़ी संख्या में मिले, जिनका उपयोग पैकिंग में किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने जानकारी दी कि पूर्व में भी इस फर्म से लिए गए खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी "नौ दुर्गा ब्रांड" के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, बावजूद इसके फर्म संचालक नियमों की लगातार अवहेलना कर रहा था। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अंडर ग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मौजूद थी, वहीं फिल्टर हाउस में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सीमेंट से भरी बाल्टियां और अन्य सामग्री रखी मिलीं। अधिकारियों ने ऐसी परिस्थितियों में तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताते हुए तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. मारवाल के अनुसार, मिलावट और गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 12,495 किलो सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूनों के फेल होने और वर्तमान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए नए कानूनी नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को सुमेरपुर के जाखामाता रीको क्षेत्र में स्थित विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान मिलावट के संदेह में कुल 12,495 किलोग्राम सरसों तेल सीज किया गया, साथ ही तेल की पैकिंग में विभिन्न ब्रांडों के नाम के उपयोग और कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। जांच में 15 किलो क्षमता वाले 533 टीन "नौ दुर्गा ब्रांड" और 300 टीन "ज्योति ब्रांड" सरसों तेल सीज किए गए, जिनके नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, और मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निरीक्षण में यह भी पता चला कि फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली विभिन्न कंपनियों के खाली टीनों का उपयोग कर "ज्योति" और "नौ दुर्गा" ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग कर रहा था। मौके पर गुलाब, अडानी, रानी, श्रीजी, बनास और अंकुर सहित कई कंपनियों के खाली टीन बड़ी संख्या में मिले, जिनका उपयोग पैकिंग में किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने जानकारी दी कि पूर्व में भी इस फर्म से लिए गए खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी "नौ दुर्गा ब्रांड" के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, बावजूद इसके फर्म संचालक नियमों की लगातार अवहेलना कर रहा था।

इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अंडर ग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मौजूद थी, वहीं फिल्टर हाउस में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सीमेंट से भरी बाल्टियां और अन्य सामग्री रखी मिलीं। अधिकारियों ने ऐसी परिस्थितियों में तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताते हुए तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. मारवाल के अनुसार, मिलावट और गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 12,495 किलो सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूनों के फेल होने और वर्तमान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए नए कानूनी नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Naresh kumar Malviya
    Naresh kumar Malviya
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • माउंट आबू के चर्चित सीतावन क्षेत्र में विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। यह बड़ा सवाल उठाया जा रहा है कि जब इस क्षेत्र में कई बड़े निर्माण और होटल विकसित हो चुके हैं, तो फिर आदिवासी परिवार आज भी सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों हैं। हाल ही के दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद सीतावन की जमीनी हकीकत और विकास के दावों के बीच के अंतर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विकास का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और क्या सीतावन के आदिवासी परिवारों को उनका अधिकार मिल पाएगा। लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने की अपील की गई है।
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    माउंट आबू के चर्चित सीतावन क्षेत्र में विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। यह बड़ा सवाल उठाया जा रहा है कि जब इस क्षेत्र में कई बड़े निर्माण और होटल विकसित हो चुके हैं, तो फिर आदिवासी परिवार आज भी सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों हैं।

हाल ही के दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद सीतावन की जमीनी हकीकत और विकास के दावों के बीच के अंतर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विकास का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और क्या सीतावन के आदिवासी परिवारों को उनका अधिकार मिल पाएगा। लोगों से इस पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने की अपील की गई है।
    user_Tushar Purohit  abp_न्यूज़
    Tushar Purohit abp_न्यूज़
    Local News Reporter Sirohi, Rajasthan•
    17 hrs ago
  • सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र स्थित वीरवाड़ा गांव के जैन मंदिर में मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया और बचाव कार्य में जुट गया। रेंजर प्रेम सागर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस रेस्क्यू अभियान में बनास नाका प्रभारी मनीष कुमार, वनरक्षक सुरेश विश्नोई और कृष्ण कुमार, वन मित्र रमीला और देवीसिंह, तथा रेस्क्यू टीम से महेंद्र गर्ग और चुन्नीलाल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मगरमच्छ को नियमानुसार धनारी (बनास) डैम में छोड़ा जाएगा। समय रहते हुए इस सफल रेस्क्यू के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। मगरमच्छ के सफलतापूर्वक रेस्क्यू के बाद, मंदिर समिति ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया और उनके त्वरित एवं सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की।
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    सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा क्षेत्र स्थित वीरवाड़ा गांव के जैन मंदिर में मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया और बचाव कार्य में जुट गया।

रेंजर प्रेम सागर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस रेस्क्यू अभियान में बनास नाका प्रभारी मनीष कुमार, वनरक्षक सुरेश विश्नोई और कृष्ण कुमार, वन मित्र रमीला और देवीसिंह, तथा रेस्क्यू टीम से महेंद्र गर्ग और चुन्नीलाल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया।

वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मगरमच्छ को नियमानुसार धनारी (बनास) डैम में छोड़ा जाएगा। समय रहते हुए इस सफल रेस्क्यू के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

मगरमच्छ के सफलतापूर्वक रेस्क्यू के बाद, मंदिर समिति ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया और उनके त्वरित एवं सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की।
    user_Reporter Patrakar
    Reporter Patrakar
    Voice of people सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजसमंद की धर्मनगरी कांकरोली में अधिक मास के समापन से पूर्व, सर्व समाज के आह्वान पर एक विशाल छप्पन भोग एवं गोचारण महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में साक्षी गोपाल लाडले लाल प्रभु की शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह शाही सवारी पुरानी सब्जी मंडी स्थित साक्षी गोपाल मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी पार्क पहुंची, जहां मुख्य महोत्सव का आयोजन हुआ। गांधी पार्क में ठाकुर जी के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन प्रसाद स्वरूप रखे गए। इस दौरान गौ माता को बछड़े के साथ विराजित किया गया और ग्वाल बाल पारंपरिक वेशभूषा में क्रीड़ा करते हुए दिखाई दिए। शाम सात बजे शुरू हुआ यह अनोखा धार्मिक आयोजन देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समारोह संपन्न होने के बाद गौ माता को उनके मूल स्थान पर सम्मानपूर्वक वापस ले जाया गया।
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    राजसमंद की धर्मनगरी कांकरोली में अधिक मास के समापन से पूर्व, सर्व समाज के आह्वान पर एक विशाल छप्पन भोग एवं गोचारण महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में साक्षी गोपाल लाडले लाल प्रभु की शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

यह शाही सवारी पुरानी सब्जी मंडी स्थित साक्षी गोपाल मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी पार्क पहुंची, जहां मुख्य महोत्सव का आयोजन हुआ। गांधी पार्क में ठाकुर जी के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन प्रसाद स्वरूप रखे गए। इस दौरान गौ माता को बछड़े के साथ विराजित किया गया और ग्वाल बाल पारंपरिक वेशभूषा में क्रीड़ा करते हुए दिखाई दिए। शाम सात बजे शुरू हुआ यह अनोखा धार्मिक आयोजन देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समारोह संपन्न होने के बाद गौ माता को उनके मूल स्थान पर सम्मानपूर्वक वापस ले जाया गया।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    20 min ago
  • शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
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    शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है।

किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
    user_Hastpal singh
    Hastpal singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।" स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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    पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।"

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_दीपान्शु चौहान
    दीपान्शु चौहान
    Local News Reporter पाली, पाली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
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    सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
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