प्रयागराज में अवैध खनन करने पर 25 लाख का जुर्माना चार प्रमुख फिर नियम तोड़ने वाली एक फॉर्म का पत्ता कैंसिल डंप बालू फिर नदी में फेंकवाई गई प्रयागराज के यमुनापार मे लालापुर क्षेत्र मे अवैध बालू खनन के खिलाफ बुधवार रात बड़ी कार्रवाई की गई। खनन विभाग की टीम को छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इस पर खनन विभाग की टीम ने एक फर्म पर 25 लाख का जुर्माना लगाया जबकि दूसरी फर्म का पट्टा कैंसिल कर दिया गया। अवैध खनन पाए जाने पर नदी किनारे डंप लाखों घनमीटर बालू फिर से नदी में फेंकवा दिया गया । साथ ही अलग-अलग चार एफआईआर भी दर्ज कराई गई। *लगातार मिल रही थी अवैध बालू खनन की शिकायतें* खनन विभाग की टीम के अफसरों ने बताया की लालापुर में लगातार अवैध खनन व लाइसेंस धारकों की ओर से अनियमित खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर बुधवार को खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी के नेतृत्व में एक टीम ने लालापुर पहुंचकर अलग-अलग खनन क्षेत्रों में छापा मारा। इस दौरान एसडीएम बारा,सीओ बारा और थाना लालापुर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। *इनके लोगों के विरुद्ध हुई कार्रवाई* अफसरों ने बताया,पट्टा खंड संख्या-6, जो तारा एंटरप्राइजेज (प्रोपराइटर चंद्रजीत कुशवाहा) के नाम पर था,जांच में पट्टा क्षेत्र से बाहर खनन होते हुए पाया गया। यही नहीं यमुना नदी की जलधारा के भीतर भी खनन के स्पष्ट साक्ष्य मिले। इन अनियमितताओं के आधार पर पट्टाधारक पर करीब 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं पट्टा खंड संख्या-4, जो सहारा एग्री (रमेश निल्लुरी) के नाम पर था,उसमें भी अवैध खनन के मामले सामने आए। साथ ही किश्त की धनराशि जमा न करने पर पट्टा निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। *जेसीबी से खुदवाकर बंद कराए रास्ते* प्रशासन ने अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे रास्तों पर भी कार्रवाई की। ग्राम पंडुआ, प्रतापपुर, भिलौरे, नौढ़िया तरहार, मझियारी और मानपुर में यमुना नदी की ओर बनाए गए अवैध मार्गों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कराया गया। साथ ही नदी किनारे जमा लाखों घनमीटर बालू को पुनः यमुना में डलवाया गया। इसके अलावा अभियान के दौरान इस कार्रवाई में कई नामजद और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थाना लालापुर में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। *खनन अफसर बोले* खनन निरीक्षक वैभव सोनी ने बताया कि अवैध और अनियमित खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रयागराज में अवैध खनन करने पर 25 लाख का जुर्माना चार प्रमुख फिर नियम तोड़ने वाली एक फॉर्म का पत्ता कैंसिल डंप बालू फिर नदी में फेंकवाई गई प्रयागराज के यमुनापार मे लालापुर क्षेत्र मे अवैध बालू खनन के खिलाफ बुधवार रात बड़ी कार्रवाई की गई। खनन विभाग की टीम को छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इस पर खनन विभाग की टीम ने एक फर्म पर 25 लाख का जुर्माना लगाया जबकि दूसरी फर्म का पट्टा कैंसिल कर दिया गया। अवैध खनन पाए जाने पर नदी किनारे डंप लाखों घनमीटर बालू फिर से नदी में फेंकवा दिया गया । साथ ही अलग-अलग चार एफआईआर भी दर्ज कराई गई। *लगातार मिल रही थी अवैध बालू खनन की शिकायतें* खनन विभाग की टीम के अफसरों ने बताया की लालापुर में लगातार अवैध खनन व लाइसेंस धारकों की ओर से अनियमित खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर बुधवार को खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी के नेतृत्व में एक टीम ने लालापुर पहुंचकर अलग-अलग खनन क्षेत्रों में छापा मारा। इस दौरान एसडीएम बारा,सीओ बारा और थाना लालापुर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। *इनके लोगों के विरुद्ध हुई कार्रवाई* अफसरों ने बताया,पट्टा खंड संख्या-6, जो तारा एंटरप्राइजेज (प्रोपराइटर चंद्रजीत कुशवाहा) के नाम पर था,जांच में पट्टा क्षेत्र से बाहर खनन होते हुए पाया गया। यही नहीं यमुना नदी की जलधारा के भीतर भी खनन के स्पष्ट साक्ष्य मिले। इन अनियमितताओं के आधार पर पट्टाधारक पर करीब 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं पट्टा खंड संख्या-4, जो सहारा एग्री (रमेश निल्लुरी) के नाम पर था,उसमें भी अवैध खनन के मामले सामने आए। साथ ही किश्त की धनराशि जमा न करने पर पट्टा निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। *जेसीबी से खुदवाकर बंद कराए रास्ते* प्रशासन ने अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे रास्तों पर भी कार्रवाई की। ग्राम पंडुआ, प्रतापपुर, भिलौरे, नौढ़िया तरहार, मझियारी और मानपुर में यमुना नदी की ओर बनाए गए अवैध मार्गों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कराया गया। साथ ही नदी किनारे जमा लाखों घनमीटर बालू को पुनः यमुना में डलवाया गया। इसके अलावा अभियान के दौरान इस कार्रवाई में कई नामजद और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थाना लालापुर में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। *खनन अफसर बोले* खनन निरीक्षक वैभव सोनी ने बताया कि अवैध और अनियमित खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- Post by गुरु ज्ञान1
- Post by Ghatnaein News1
- प्रयागराज प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश समस्त पत्रकार बंधुओ पत्रकारिता के साथ हो रहा है हनन दरोगा और गार्ड करेंगे पत्रकारिता पर सवाल तो कैसे होगा पत्रकारिता का काम आखिर जिम्मेदार कौन? राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज मंडल 4 प्रतापगढ़ ,कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज चारों मंडल में लगभग काफी लाख संख्या में छात्र है जो BA BSc LLB graduation post graduation विभिन्न क्षेत्रों के छात्र साल 2025 26 के एग्जाम का रिजल्ट जारी हुआ है जिसमें से लगभग 40 से 45 हजार छात्रों को जबरदस्ती फेल कर दिया गया है कुछ दिन बाद ईमेल जारी होता है राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय की तरफ से की जो बच्चा फेल है वह ईमेल कर दे उसके बाद उसका रिजल्ट पत्र देखकर फिर से मूल्यांकन कर दिया जाएगा पर कुछ ऐसा होता नहीं अभी रिजल्ट वैसे का वैसा ही है ईमेल करने का कोई उत्तर नहीं मिला लगभग चारों मंडल के छात्र परेशान है अब बच्चों का 1 साल फ्यूचर बर्बाद हो गया राजेंद्र सिंह राजू भैया विश्वविद्यालय से कोई मतलब नहीं आखिर बच्चों की परेशानी कौन सुनेगा1
- प्रयागराज: चौक लोकनाथ मे चाय की दुकान पर मामूली कहा सुनी मे दो पक्षो मे हुई जमकर मारपीट,घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती। पीड़ित पक्ष ने कोतवाली थाने में दी तहरीर,पुलिस जांच में जुटी।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- रक्षक बना भक्षक बलिया जनपद के उभाव थाना पर तैनात क्राइम इंस्पेक्टर ने महिला के साथ की फोन पर अश्लील बात क्योंकि लगवानी थी महिला को चार सीट।1
- Post by गुरु ज्ञान1
- कौशांबी। जनपद में कानून व्यवस्था के दावों के बीच सराय अकिल थाना क्षेत्र की जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। क्षेत्र में अवैध बालू (रेत) का कारोबार इस कदर फल-फूल रहा है कि मानो माफियाओं ने अपनी समानांतर व्यवस्था खड़ी कर ली हो। करन चौराहा से महिला रोड तक कई स्थानों पर जमीन बालू के ऊंचे-ऊंचे ढेरों से पटी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये डंपिंग बिना किसी वैध परमिट और रॉयल्टी के की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन “रेत के पहाड़ों” पर नहीं पड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही GPS टैग वाली वीडियो और तस्वीरें इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही हैं। इन वीडियो में डंपिंग की सटीक लोकेशन और समय स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जो अवैध गतिविधियों की पुष्टि करता नजर आता है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई तरह के संदेह को जन्म दे रही है! रेत माफियाओं का यह खेल केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व के लिए भी बड़ा नुकसान है।1
- Post by Dharmendra patrakaar1