प्रयागराज के मेजा स्थित औंता गांव में ब्लॉक प्रमुख उरूवा आरती पप्पू गौतम के आवास पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस (29/5/206) पर पंडित गौरांगी गौरी ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाने का अवसर प्रदान किया, जहां उनके मुखारविंद से निकले श्रीमद्भागवत महात्म्य और भक्ति रस से सराबोर शब्दों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा प्रारंभ होने से पहले, पंडित गौरांगी गौरी का वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद ब्लॉक प्रमुख आरती पप्पू गौतम ने उनकी आरती उतारी और अंगवस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा का शुभारंभ हुआ। अपने प्रवचनों में पंडित गौरांगी गौरी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानव जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने जोर दिया कि जिस घर, परिवार और समाज में भगवान की कथा का श्रवण होता है, वहां सुख, शांति और सद्भाव का वास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि कलियुग में भगवान का नाम, सत्संग और भागवत कथा ही मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने का सबसे सरल मार्ग है। कथा सुनने से व्यक्ति धीरे-धीरे मोह, अहंकार और बुराइयों से दूर होकर धर्म और सदाचार की ओर अग्रसर होता है। पंडित गौरांगी गौरी ने मानव जीवन की दुर्लभता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह शरीर भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि प्रभु भक्ति और लोककल्याण के लिए मिला है। यदि मनुष्य ईश्वर का स्मरण और अच्छे कर्मों को स्थान देता है, तो उसका जीवन सफल हो जाता है, क्योंकि भागवत कथा प्रेम, करुणा, सेवा और त्याग का संदेश देती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के संक्षिप्त वर्णन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा, और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते रहे, समय-समय पर 'जय श्रीकृष्ण' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान होता रहा। कथा के मुख्य यजमान श्रीमती कान्ती देवी और हीरा प्रसाद गौतम थे, जबकि रज्जन गौतम और भोला गौतम (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि) ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्लॉक प्रमुख आरती पप्पू गौतम ने क्षेत्रवासियों से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर संजय शुक्ला, रुचि अभिषेक तिवारी, बब्बू गौतम, बसंत शुक्ला, मनीष पांडेय, अवनीश द्विवेदी, अजय शुक्ला, नीरज द्विवेदी, अवनीश दुबे, बबलू गौतम, सबल तिवारी, पमपम पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज के मेजा स्थित औंता गांव में ब्लॉक प्रमुख उरूवा आरती पप्पू गौतम के आवास पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस (29/5/206) पर पंडित गौरांगी गौरी ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाने का अवसर प्रदान किया, जहां उनके मुखारविंद से निकले श्रीमद्भागवत महात्म्य और भक्ति रस से सराबोर शब्दों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा प्रारंभ होने से पहले, पंडित गौरांगी गौरी का वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद ब्लॉक प्रमुख आरती पप्पू गौतम ने उनकी आरती उतारी और अंगवस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत शंखनाद
और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा का शुभारंभ हुआ। अपने प्रवचनों में पंडित गौरांगी गौरी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह ग्रंथ केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानव जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने जोर दिया कि जिस घर, परिवार और समाज में भगवान की कथा का श्रवण होता है, वहां सुख, शांति और सद्भाव का वास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि कलियुग में भगवान का नाम, सत्संग और भागवत कथा ही मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने का सबसे सरल मार्ग है। कथा सुनने से व्यक्ति धीरे-धीरे मोह, अहंकार और बुराइयों
से दूर होकर धर्म और सदाचार की ओर अग्रसर होता है। पंडित गौरांगी गौरी ने मानव जीवन की दुर्लभता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह शरीर भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि प्रभु भक्ति और लोककल्याण के लिए मिला है। यदि मनुष्य ईश्वर का स्मरण और अच्छे कर्मों को स्थान देता है, तो उसका जीवन सफल हो जाता है, क्योंकि भागवत कथा प्रेम, करुणा, सेवा और त्याग का संदेश देती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के संक्षिप्त वर्णन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा, और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते रहे, समय-समय पर 'जय श्रीकृष्ण' के जयघोष से वातावरण
गुंजायमान होता रहा। कथा के मुख्य यजमान श्रीमती कान्ती देवी और हीरा प्रसाद गौतम थे, जबकि रज्जन गौतम और भोला गौतम (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि) ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्लॉक प्रमुख आरती पप्पू गौतम ने क्षेत्रवासियों से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर संजय शुक्ला, रुचि अभिषेक तिवारी, बब्बू गौतम, बसंत शुक्ला, मनीष पांडेय, अवनीश द्विवेदी, अजय शुक्ला, नीरज द्विवेदी, अवनीश दुबे, बबलू गौतम, सबल तिवारी, पमपम पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित अष्टभुजी माता मंदिर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। इस मंदिर की प्रसिद्धि का मुख्य कारण यह है कि यहां तीन पहाड़ों से लगातार शीतल पेयजल निकलता है। स्थानीय लोग इसी प्राकृतिक स्रोत से निकलने वाले पानी का सेवन करते हैं, जिससे यह मंदिर क्षेत्र में काफी चर्चित है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित औता में ब्लॉक प्रमुख उरुवा श्रीमती आरती पप्पू गौतम के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम की अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने इस अवसर पर शुकदेव महाराज, राजा परीक्षित और भक्त मार्कण्डेय के प्रेरक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और भक्ति का संदेश दिया। कथा से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन तथा व्यासपीठ का वंदन किया गया। इसके उपरांत भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरा कथा स्थल 'हर-हर महादेव' और 'जय श्रीकृष्ण' के जयघोष से गूंज उठा। पंडित गौरांगी गौरी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शुकदेव महाराज के ज्ञान एवं वैराग्य का वर्णन करते हुए राजा परीक्षित को जीवन के अंतिम सत्य और मोक्ष का मार्ग दिखाने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने विनम्रता, बड़ों के सम्मान और शास्त्रों के अनुसार प्रणाम करने से आयु, विद्या व बल की वृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता आने पर भी जोर दिया। भक्त मार्कण्डेय का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और भगवान शिव में अटूट विश्वास रखने वालों की रक्षा स्वयं महादेव करते हैं, जिससे अल्प आयु के मार्कण्डेय को शिव कृपा से चिरायु का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। कथा संपन्न होने के बाद कैबिनेट मंत्री संजय निषाद कथा स्थल पर पहुंचे और कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने आयोजन की सराहना की। इस आयोजन के मुख्य यजमान श्रीमती कान्ती देवी एवं हीरा प्रसाद गौतम रहे, जबकि भोला गौतम, रज्जन गौतम सहित परिवार के अन्य सदस्य एवं कार्यकर्ता आगंतुक श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था में सक्रिय रूप से जुटे रहे।1
- करछना तहसील में एक मंत्री के कार्यक्रम के दौरान एफडीओ (FDO) रुमा बानो के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। एफडीओ रुमा बानो ने डीडी विजय पाल पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।1
- महोबा में यातायात पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर निकल रहे हैं। एक ओर जहाँ यातायात पुलिस को नियमों का पालन करवाते हुए देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हमीरपुर चुंगी से होकर चरखारी बाईपास से गुजरते हुए मिट्टी से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह स्थिति यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ उसकी उपस्थिति में ही नियमों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन हो रहा है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित औंता गांव में ब्लॉक प्रमुख उरूवा आरती पप्पू गौतम के आवास पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान अयोध्या से आईं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्या गौरांगी गौरी ने शिव-पार्वती विवाह और धुंधकारी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का सजीव चित्रण करते हुए गौरांगी गौरी ने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या, अटूट श्रद्धा और भगवान शिव का वैराग्य ही इस दिव्य मिलन का आधार बना। उन्होंने हिमवान-मेना द्वारा विवाह की तैयारियों और भगवान शिव की अनोखी बारात का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान करते रहे। इसके अतिरिक्त, धुंधकारी प्रसंग में यह बताया गया कि कुकर्मों के कारण प्रेत योनि में भटक रहे धुंधकारी को उसके भाई गोकर्ण द्वारा कराई गई भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस प्रसंग के माध्यम से कथा वाचक ने भागवत कथा के महत्व और मोक्ष मार्ग पर प्रकाश डाला, भक्ति, वैराग्य और मोक्ष का संदेश दिया। मुख्य यजमान कान्ती देवी और हीरा प्रसाद गौतम ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि है। आयोजनकर्ता आरती पप्पू गौतम ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं, जबकि प्रतिनिधि भोला गौतम ने इसे सामाजिक एकता का माध्यम बताया। कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक चल रही है, जिसका शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ था। आगामी 5 जून को पूर्णाहुति एवं हवन तथा 6 जून को महाप्रसाद व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।1
- प्रयागराज के मेजा सामुदायिक केंद्र में गंभीर अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ न तो कोई अधीक्षक नियुक्त है और न ही आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध हैं। इस स्थिति के कारण मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ लिखवाई जा रही हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा था कि दवाइयाँ बाहर से नहीं लिखी जाएँगी। तस्वीरों में दिख रहा यह नजारा जमीनी हकीकत और उपमुख्यमंत्री के बयानों के बीच के विरोधाभास को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिस पर लोग अपना बयान दे रहे हैं।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के जवनिया गांव में सरयू यादव के यहाँ साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत, 1 जून को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन सोमवार, 1 जून को जवनिया, मेजा में लोकप्रिय बिरहा गायिका रुचि यादव का बिरहा कार्यक्रम भी होने वाला है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र अंतर्गत ऊंचडीह बाजार से उरुवा मार्ग पर पट्टीनाथ राय गांव के सामने शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मारुती वैन और बाइक की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और बाइक को टक्कर मारने के बाद वैन पलट गई। इस हादसे में बाइक सवार सुरेश पाल (25), जो छोटेलाल पाल के पुत्र हैं, उनके दाहिने पैर में गंभीर चोट आई, जबकि धीरज पाल (18), जो राजू पाल के पुत्र हैं, उनके बाएं पैर और छाती में गंभीर चोटें लगीं। दोनों घायल मेजा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के निवासी बताए गए हैं और घटना के वक्त वे घर से गेहूं पिसवाने के लिए चक्की पर जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सीएचसी रामनगर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें स्वरूप रानी अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद वैन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1