ऑपरेशन मनी ट्रेप: 2 करोड़ की ठगी का अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब 10 राज्यों में 30 हजार किमी पीछा, 3 हजार CCTV फुटेज खंगालकर 14 आरोपी गिरफ्तार राजगढ़। पैसे दोगुने करने और बड़ी कंपनी में निवेश के नाम पर ₹2 करोड़ की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का राजगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 35 दिनों तक लगातार कार्रवाई करते हुए 10 राज्यों में दबिश देकर गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर तय किया और 3 हजार से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से 1 करोड़ 73 लाख 16 हजार नगद, चार चार पहिया वाहन और 19 एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किए गए हैं। कुल जब्त मशरूका की कीमत 2 करोड़ 92 लाख 91 हजार बताई गई है। मामला 24 जुलाई 2026 को सामने आया, जब ब्यावरा निवासी 46 वर्षीय देवेन्द्र पालीवाल ने थाना ब्यावरा शहर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक प्रफुल्ल गजभिये ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़े लोगों का परिचित बताते हुए निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच दिया। इसके बाद अन्य आरोपियों से फरियादी की मुलाकात कराई गई। आरोपियों ने फर्जी ई-मेल, दस्तावेज और भुगतान से जुड़े संदेश दिखाकर निवेश योजना को वास्तविक बताया। 2 करोड़ निवेश करने पर अधिक रकम वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया। 22 जुलाई को भोपाल में आरोपियों ने फरियादी से 2 करोड़ नकद प्राप्त किए। इसके बाद हवाला/आंगड़िया के माध्यम से रकम भेजने की बात कही गई और विश्वास बनाए रखने के लिए 4 करोड़ के RTGS का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाया गया। बाद में आरोपी फरार हो गए और रकम वापस नहीं मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ ने 10 विशेष टीमों का गठन किया। इनमें करीब 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आरोपियों के मूवमेंट और आपसी कनेक्शन का पता लगाने के लिए अलग-अलग राज्यों के CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित करीब 10 राज्यों में दबिश दी और 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गिरोह की कार्यप्रणाली कई स्तरों में बंटी थी। पहले ऐसे लोगों की पहचान की जाती थी जिनके पास बड़ी रकम हो। इसके बाद उन्हें बड़ी कंपनी, महंगी गाड़ियों, होटल में बैठकों और व्यवस्थित दस्तावेजों के जरिए प्रभावित किया जाता था। फर्जी ई-मेल और स्वीकृति पत्रों से निवेश को वास्तविक दिखाया जाता था। रकम नकद में लेने के बाद उसे हवाला या आंगड़िया नेटवर्क के जरिए अलग-अलग शहरों और व्यक्तियों तक पहुंचाया जाता था। रकम बांटने के बाद आरोपी अपने मोबाइल नंबर, ठिकाने और शहर तक बदल देते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह की एक खास कार्यप्रणाली यह थी कि आरोपी अपना वास्तविक नाम छिपाकर ट्रेड नामों से काम करते थे। प्रत्येक व्यक्ति अपने ऊपर और नीचे की लिंक से जुड़ा रहता था और गिरोह की दूसरी कड़ियों की पूरी जानकारी उसके पास नहीं होती थी। जांच में सामने आया कि माधव असोरे, सुजीत टेंबेकर और साहिल नीसवाडे ने फरियादी की पहचान कर उसे गिरोह के संपर्क में लाने में भूमिका निभाई। इसके बाद प्रफुल्ल गजभिये और सचित कामले ने कंपनी एजेंट, दिनेश वीरानी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट और वासुदेव गाडेकर ने कंपनी डायरेक्टर बनकर फरियादी से मुलाकात की। भोपाल और ब्यावरा के होटल प्रेसिडेंट एवं होटल रेडिएंट में बैठकों के जरिए निवेश के लिए भरोसा कायम किया गया। इसके बाद भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कोरियर ऑफिस पर फरियादी से ₹2 करोड़ नकद लिए गए। पुलिस के अनुसार अंगड़िया हेड आरिफ हुसैन के कहने पर सन्नी उर्फ शमीम मंडल और मुस्कीम मंडल रकम लेने पहुंचे थे। पुलिस ने कार्रवाई में कुल ₹2,92,91,000का मशरूका जब्त किया है। इसमें ₹1,73,16,000 नगद, चार वाहन जिनकी कुल कीमत ₹1,12,00,000 और 19 एंड्रॉयड मोबाइल जिनकी कीमत ₹7,75,000 बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तेलंगाना सहित कई राज्यों के आरोपी शामिल हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने इंदौर में भी इसी तरह धोखाधड़ी करने की योजना बनाई थी, लेकिन राजगढ़ पुलिस की कार्रवाई के चलते यह योजना विफल हो गई। पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा पूर्व में पश्चिम बंगाल में करीब ₹50 लाख और दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के साथ भी करीब ₹50 लाख की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह के कार्यालय उदयपुर, पश्चिम बंगाल, इंदौर, भोपाल, दिल्ली और मुंबई में होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी कंपनियों एवं ई-मेल संचालन, हवाला/आंगड़िया नेटवर्क, बैंक खातों और ठगी की रकम के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जब्त मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच भी जारी है। इस कार्रवाई में राजगढ़ पुलिस की विशेष टीम के साथ मुंबई, नांदेड़, लातूर, भदोही, पुणे, हैदराबाद, केरल, तेलंगाना और भोपाल पुलिस की टीमों ने भी सहयोग किया। राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम समय में पैसा दोगुना करने, अत्यधिक लाभ देने या किसी बड़ी कंपनी के नाम पर निवेश का लालच देने वाले लोगों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी और योजना का आधिकारिक माध्यम से सत्यापन करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
ऑपरेशन मनी ट्रेप: 2 करोड़ की ठगी का अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब 10 राज्यों में 30 हजार किमी पीछा, 3 हजार CCTV फुटेज खंगालकर 14 आरोपी गिरफ्तार राजगढ़। पैसे दोगुने करने और बड़ी कंपनी में निवेश के नाम पर ₹2 करोड़ की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का राजगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 35 दिनों तक लगातार कार्रवाई करते हुए 10 राज्यों में दबिश देकर गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर तय किया और 3 हजार से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से 1 करोड़ 73 लाख 16 हजार नगद, चार चार पहिया वाहन और 19 एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किए गए हैं। कुल जब्त मशरूका की कीमत 2 करोड़ 92 लाख 91 हजार बताई गई है। मामला 24 जुलाई 2026 को सामने आया, जब ब्यावरा निवासी 46 वर्षीय देवेन्द्र पालीवाल ने थाना ब्यावरा शहर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक प्रफुल्ल गजभिये ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़े लोगों का परिचित बताते हुए निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच दिया। इसके बाद अन्य आरोपियों से फरियादी की मुलाकात कराई गई। आरोपियों ने फर्जी ई-मेल, दस्तावेज और भुगतान से जुड़े संदेश दिखाकर निवेश योजना को वास्तविक बताया। 2 करोड़ निवेश करने पर अधिक रकम वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया। 22 जुलाई को भोपाल में आरोपियों ने फरियादी से 2 करोड़ नकद प्राप्त किए। इसके बाद हवाला/आंगड़िया के माध्यम से रकम भेजने की बात कही गई और विश्वास बनाए रखने के लिए 4 करोड़ के RTGS का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाया गया। बाद में आरोपी फरार हो गए और रकम वापस नहीं मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ ने 10
विशेष टीमों का गठन किया। इनमें करीब 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आरोपियों के मूवमेंट और आपसी कनेक्शन का पता लगाने के लिए अलग-अलग राज्यों के CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित करीब 10 राज्यों में दबिश दी और 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गिरोह की कार्यप्रणाली कई स्तरों में बंटी थी। पहले ऐसे लोगों की पहचान की जाती थी जिनके पास बड़ी रकम हो। इसके बाद उन्हें बड़ी कंपनी, महंगी गाड़ियों, होटल में बैठकों और व्यवस्थित दस्तावेजों के जरिए प्रभावित किया जाता था। फर्जी ई-मेल और स्वीकृति पत्रों से निवेश को वास्तविक दिखाया जाता था। रकम नकद में लेने के बाद उसे हवाला या आंगड़िया नेटवर्क के जरिए अलग-अलग शहरों और व्यक्तियों तक पहुंचाया जाता था। रकम बांटने के बाद आरोपी अपने मोबाइल नंबर, ठिकाने और शहर तक बदल देते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह की एक खास कार्यप्रणाली यह थी कि आरोपी अपना वास्तविक नाम छिपाकर ट्रेड नामों से काम करते थे। प्रत्येक व्यक्ति अपने ऊपर और नीचे की लिंक से जुड़ा रहता था और गिरोह की दूसरी कड़ियों की पूरी जानकारी उसके पास नहीं होती थी। जांच में सामने आया कि माधव असोरे, सुजीत टेंबेकर और साहिल नीसवाडे ने फरियादी की पहचान कर उसे गिरोह के संपर्क में लाने में भूमिका निभाई। इसके बाद प्रफुल्ल गजभिये और सचित कामले ने कंपनी एजेंट, दिनेश वीरानी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट और वासुदेव गाडेकर ने कंपनी डायरेक्टर बनकर फरियादी से मुलाकात की। भोपाल और ब्यावरा के होटल प्रेसिडेंट एवं होटल रेडिएंट में बैठकों के जरिए निवेश के लिए भरोसा कायम किया गया। इसके बाद भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कोरियर ऑफिस पर फरियादी से ₹2 करोड़ नकद लिए
गए। पुलिस के अनुसार अंगड़िया हेड आरिफ हुसैन के कहने पर सन्नी उर्फ शमीम मंडल और मुस्कीम मंडल रकम लेने पहुंचे थे। पुलिस ने कार्रवाई में कुल ₹2,92,91,000का मशरूका जब्त किया है। इसमें ₹1,73,16,000 नगद, चार वाहन जिनकी कुल कीमत ₹1,12,00,000 और 19 एंड्रॉयड मोबाइल जिनकी कीमत ₹7,75,000 बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तेलंगाना सहित कई राज्यों के आरोपी शामिल हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने इंदौर में भी इसी तरह धोखाधड़ी करने की योजना बनाई थी, लेकिन राजगढ़ पुलिस की कार्रवाई के चलते यह योजना विफल हो गई। पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा पूर्व में पश्चिम बंगाल में करीब ₹50 लाख और दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के साथ भी करीब ₹50 लाख की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह के कार्यालय उदयपुर, पश्चिम बंगाल, इंदौर, भोपाल, दिल्ली और मुंबई में होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी कंपनियों एवं ई-मेल संचालन, हवाला/आंगड़िया नेटवर्क, बैंक खातों और ठगी की रकम के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जब्त मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच भी जारी है। इस कार्रवाई में राजगढ़ पुलिस की विशेष टीम के साथ मुंबई, नांदेड़, लातूर, भदोही, पुणे, हैदराबाद, केरल, तेलंगाना और भोपाल पुलिस की टीमों ने भी सहयोग किया। राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम समय में पैसा दोगुना करने, अत्यधिक लाभ देने या किसी बड़ी कंपनी के नाम पर निवेश का लालच देने वाले लोगों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी और योजना का आधिकारिक माध्यम से सत्यापन करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
- 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठूंगा!” वर्ग 2-3 चयनित शिक्षकों के समर्थन में दिग्विजय सिंह की सरकार को चेतावनी1
- भारत संपादक * राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र * भारत संवाद* लाइव न्यूज चैनल संपादक सैफ अली पढ़िए आज की प्रमुख खबरों के साथ बने रहिए * भारत संवाद* समाचार पत्र और * भारत संवाद* न्यूज के साथ । * परिवर्तन उदय* राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र संपादक सैफ अली पढ़िए आज की प्रमुख खबरों के साथ बने रहिए * परिवर्तन उदय * समाचार पत्र के साथ । ** खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9039403567*सैफ अली संपादक1
- दरगाह कमेटी के पूर्व सदर मो. शफीक गामा ने त्योहार कमेटी एवं अंजुमन कमेटी के पदाधिकारीयो.का साफा बांधकर क्या स्वागत {श्याम रानोलिया राजगढ} 7049220386 ईद-ए-मिलादुन्नबी पर.पूर्व सदर मोहम्मद शफीक गामा के निवास पर कमेटी के पदाधिकारीयो का साफा बांध कर इस्तकबाल, फूलों की बारिश के साथ हुई गुलपोशी जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर शहर में अकीदत और एहतराम के साथ शानदार जुलूस-ए-मोहम्मदी निकानवाजे गए जिम्मेदारान दरगाह कमेटी के पूर्व सदर के निवास के सामने जुलूस का बेहद पुरखुलूस और भव्य इस्तकबाल किया गया। अकीदतमंदों ने जुलूस पर जमकर फूलों की बारिश की। इस मौके पर अंजुमन के सदर मोनू भाई, त्योहार कमेटी के सदर रियाज कादरी और सेक्रेटरी इमरान मेवाती का इस्तकबाल साफा पहनाकर और फूलों की मालाएं पहनाकर रस्मी तौर पर किया गया।* गंगा-जमुनी तहजीब और कसीर तादाद में लोगों की मौजूदगी इस इस्तकबालिया तकरीब के दौरान मुख्य रूप से पूर्व सदर मोहम्मद शफीक खान, इरफान मेवाती, राशिद खान कप्तान, पप्पू मकवाना, लोम खान, अमजद खान, सिराज खान, उमर खान और डॉ. इंदर कदम सहित कई गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे। सभी ने एक साथ मिलकर जुलूस का खैरमकदम किया और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब व आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। दरगाह शरीफ पर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और कौमी एकता की दुआ के साथ इस पुरनूर जुलूस का इख़्तिताम हुआ।3
- 🎤 श्री बालाजी सिंगिंग स्टूडियो, खिलचीपुर 🎬 क्या आप चाहते हैं कि आपका नाम, आपका व्यवसाय या आपका विशेष अवसर सबकी जुबान पर हो? तो आइए सुभाष मंडलोई भाटखेड़ा के श्री बालाजी सिंगिंग स्टूडियो में। यहाँ बनाए जाते हैं जन्मदिन गीत, शादी गीत, भजन, समाज गौरव गीत, प्रमोशनल सॉन्ग, वीडियो एडिटिंग, पोस्टर डिज़ाइन और वायरल रील्स। हमारी रचनात्मकता और दमदार प्रस्तुति आपकी पहचान को नई ऊँचाई देती है। आपकी सोच को संगीत और वीडियो के माध्यम से खास बनाया जाता है। आज ही संपर्क करें और अपनी पहचान को नई आवाज़ दें। ✨ "आपकी सोच... हमारी आवाज़... आपकी पहचान!" सुभाष मंडलोई भाटखेड़ा एक रचनात्मक कलाकार, गीत-निर्माता और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के रूप में जाने जाते हैं। वे स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और प्रचार-प्रसार के लिए कस्टम गाने, वीडियो, पोस्टर और एडिटिंग का काम करते हैं। उनकी प्रमुख पहचान श्री बालाजी सिंगिंग स्टूडियो, खिलचीपुर से जुड़ी है। यहाँ जन्मदिन गीत, भजन, शादी के गीत, समाज-गौरव गीत, राजनीतिक प्रचार गीत, प्रमोशनल सॉन्ग और अलग-अलग नामों पर विशेष गाने तैयार किए जाते हैं। उनके काम में स्थानीय भाषा और मालवी रंग के साथ जोश, भावनात्मकता और दमदार संगीत का विशेष महत्व रहता है। सुभाष मंडलोई की रचनात्मक गतिविधियों में Suno AI के लिए गीत और म्यूजिक प्रॉम्प्ट बनाना, इंस्टाग्राम रील्स के लिए गाने, वीडियो एडिटिंग, प्रचार सामग्री और मोटू-पतलू शैली की कॉमेडी/प्रमोशनल स्क्रिप्ट भी शामिल हैं। वे लोगों की कहानी, नाम या उपलब्धि को गीत के रूप में प्रस्तुत करने का काम करते हैं। उनकी सोशल मीडिया पहचान में Instagram: subhash_mandloi_bhatkheda और YouTube: subhash_mandloi_bhatkheda_mp39 का उल्लेख मिलता है। वे स्थानीय प्रतिभाओं, सामाजिक संगठनों, धार्मिक कार्यक्रमों और छोटे व्यवसायों के प्रचार के लिए रचनात्मक डिजिटल सामग्री तैयार करने में सक्रिय हैं। इंटरनेट खोज में उनके नाम से कोई स्पष्ट आधिकारिक विस्तृत जीवनी नहीं मिली, इसलिए ऊपर दी गई जानकारी उपलब्ध संदर्भों और आपके पहले साझा किए गए विवरणों पर आधारित है। � OneFiveNine +1 संक्षिप्त परिचय: “सुभाष मंडलोई भाटखेड़ा — गीत, संगीत, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी के माध्यम से लोगों के नाम, सपनों और उपलब्धियों को एक नई पहचान देने वाले रचनात्मक कलाकार।”2
- मनोहर थाना में अतिक्रमण गोचर भूमि मुक्त अभियान में तेजी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के परिणाम धरातल पर नजर आने लगे जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सरकारी एवं चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में न्यायालय तहसीलदार, तहसील मनोहर थाना द्वारा दिनांक 8 अगस्त 2026 को चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वाले 19 अतिक्रमियों को एक-एक माह की सजा सुनाई गई। इसके बाद दो अतिक्रमियों को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई के बाद अतिक्रमियों में ऐसा खौफ व्याप्त हो गया कि उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर फसल नष्ट की और अतिक्रमण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर दिया। तहसीलदार माधोलाल बैरवा द्वारा की गई कार्रवाई का असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। कार्रवाई के बाद अतिक्रमियों द्वारा स्वयं लगभग 5 से 7 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटा लिया गया है। प्रशासन की सख्ती ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी एवं चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। प्रशासन की कार्रवाई के परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं और अतिक्रमियों द्वारा स्वयं अतिक्रमण हटाने की पहल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।1
- सावन के चौथे सोमवार बटावदा से महाकाल मंदिर तक निकाली कावड़ यात्रा जनपद पंचायत स्थित बाबा महाकाल का किया जलाभिषेक जीरापुर नगर के करीब 06 किलोमीटर ग्राम बटावदा से सावन के चौथे सोमवार को विशाल कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रा में ग्रामवासी सहित सैकड़ों शिवभक्त श्रद्धालु व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कांवड़िए कंधों पर कांवड़ लेकर डीजे की धुन पर बम भोले और "जय बाबा भोलेनाथ" के जयकारे लगाते हुए आगे चल रहे थे।महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भी यात्रा में भाग लिया। रास्ते में विभिन्न कई स्थानों पर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। कावड़ यात्रा जैसे ही जीरापुर पहुचीं रास्ते में तोमर मोटर्स पर तोमर मित्र मंडल द्वारा पुष्प वर्षा कर कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कावड़िये डीजे की धुन पर भगवान के भजनों पर नाचते हुए बढ़ रहे थे। ग्रामवासियों द्वारा मार्ग में जगह-जगह स्वल्हार चाय पानी पिलाकर कावड़ियों का स्वागत किया गया। इन्दर चौराहा से निकलते ही नगर परिषद जीरापुर के सामने विधायक कार्यालय के यहाँ सभी कावड़ियों का पुष्प वर्षा कर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन कुशवाह, मंडल अध्यक्ष लाखनसिंह तोमर, पार्षद कमल झावा, श्याम सुंदर टेलर एंव अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वागत किया गया। एंव सभी कावड़ियों को स्वल्पाहार स्वरूप केले वितरित किये गए। स्वामी विवेकानंद चौराहा पर कावड़ यात्रा का स्वागत जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जीरापुर कालूसिंह तोमर एंव नगर के वरिष्ठ क्रांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प वर्षा व स्वल्हार करा कर किया गया। कावड़ यात्रा जीरापुर के विभिन्न मार्गों से होकर जनपद पंचायत स्थित महाकाल मंदिर पर पहुँची। जहां पर बाबा महाकाल का दुग्धाभिषेक जलाभिषेक किया गया। और बाबा महाकाल की आरती कर कावड़ यात्रा का समापन किया गया। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद सभी कावड़ियों की भोजन प्रसादी सोंधिया धर्मशाला सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मीनारायण तोमर मित्र मंडल की तरफ से की गई।3
- *सहारा शिक्षा समूह के एस.डी. स्कॉलर्स एकेडमी की बेटियों ने रचा इतिहास,राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक।* *संदीप गेहलोत* *कालापीपल समाचार* *मो.9098869175*1
- कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश! 2 पायलटों की मौत, मौके पर मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग के दौरान एक निजी कंपनी का विमान क्रैश होने की खबर सामने आई है। हादसे में इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत की जानकारी है। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।1