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ए.आई से ओल्ड एज होम अनूपगढ़ के बारे में पूछा उसने यह जानकारी दी। वृद्ध आश्रम अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर राजस्थान 9672185366
User2307
ए.आई से ओल्ड एज होम अनूपगढ़ के बारे में पूछा उसने यह जानकारी दी। वृद्ध आश्रम अनूपगढ़ जिला श्रीगंगानगर राजस्थान 9672185366
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- “न्याय की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं” – समाजसेवी रामेश्वर बाबल के तीखे तेवर, कातिल को सलाखों के पीछे भेजने की चेतावनी खानुवाली की बहन सुदेश कुमारी की मौत को लेकर इलाके में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में समाजसेवी रामेश्वर बाबल ने बेहद तीखे और आक्रामक तेवर दिखाते हुए साफ कहा कि अब यह लड़ाई न्याय मिलने तक रुकने वाली नहीं है। बाबल ने कहा कि जिस व्यक्ति की लापरवाही और लालच के कारण एक मासूम परिवार उजड़ गया, वह आज खुलेआम घूम रहा है, लोगों को धमकियां दे रहा है और अपने रसूख के दम पर पूरे सिस्टम को दबाने की कोशिश कर रहा है। रामेश्वर बाबल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज से पहले भी पता नहीं इस कातिल ने कितने ऐसे कृत्य किए होंगे, कितने घर उजाड़े होंगे और कितने बच्चों को अनाथ किया होगा। अगर समय रहते ऐसे लोगों पर लगाम नहीं लगाई गई तो यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है, क्योंकि अगर आज आवाज नहीं उठी तो कल किसी और की बारी होगी। बाबल ने पुलिस प्रशासन से कड़े शब्दों में मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच होनी चाहिए और दोषी को तुरंत गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर इतने गंभीर आरोप हैं, वह खुलेआम घूम रहा है और लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहा है, यह कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि बहन सुदेश कुमारी का परिवार एक साधारण और गरीब परिवार है, जिनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अब समाज उनके साथ खड़ा है। बाबल ने भावुक होकर कहा कि इस मासूम बच्ची का अब पूरा समाज ही परिवार है, और जब तक उसकी मां को न्याय नहीं मिल जाता तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाई सुभाष सुथार और उसके बच्चों की पूरी दुनिया उजड़ चुकी है। एक मां के जाने के बाद उस परिवार की हालत क्या होती है, यह वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने यह दर्द झेला है। ऐसे में समाज का कर्तव्य है कि वह इस परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे। रामेश्वर बाबल ने आरोप लगाया कि आरोपी ने सरकारी अस्पताल से रेफर कार्ड भी बनवा लिया, जिससे साफ लगता है कि पूरे सरकारी तंत्र को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सच को दबाने के लिए सत्ता, पैसा और सिस्टम का इस्तेमाल किया गया तो जनता इसका जवाब देना भी जानती है। बाबल ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि डॉक्टर राजेश गौड चाहे अपने कितने भी दलाल और समर्थक खड़े कर ले, लेकिन सच को ज्यादा समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई में खड़ा है और दोषी को सलाखों के पीछे भेजकर ही दम लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब सिर्फ एक विरोध नहीं बल्कि न्याय की निर्णायक लड़ाई बन चुका है। जब तक बहन सुदेश कुमारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा, चाहे कितनी भी ताकतें इसके सामने क्यों न खड़ी हो जाएं।1
- “रास्ता दो या जवाब दो!” आजाद नगर की हुंकार से गूंजा कलेक्ट्रेट, नारी-युवा शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन 📍 श्रीगंगानगर से बड अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻1
- Post by Vinod Rajput1
- भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर जिस बाबा को अमृतसर से रेस्क्यू कर अपना घर आश्रम पठान वाली में छोड़ा था आज उसकी मौत हो चुकी है भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्री गंगानगर के संस्थापक राजेंद्र आलसिखा ने उसका अंतिम संस्कार करवा है अंतिम संस्कार सद्भावना नगर के शमशान भूमि में किया था अंतिम संस्कार पुरे हिंदू रीति रिवाज से किया था1
- देशभर के 15 चुनिंदा विशेषज्ञों में मिला स्थान, अब राष्ट्रीय स्तर पर तय करेंगे बड़ी परियोजनाओं का पर्यावरणीय भविष्य सीमांत शहर श्रीगंगानगर के लिए एक और गौरव का क्षण सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित वास्तु इंजीनियर इंजिनियर पवन के. गोयल को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित ‘विशेषज्ञ मूल्यांकन कमेटी’ का सदस्य मनोनीत किया गया है। देशभर से चुने गए कुल 15 विशेषज्ञों में उनका चयन होना न केवल उनके लंबे अनुभव की पहचान है, बल्कि श्रीगंगानगर के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवार को सुखाडिया सर्किल स्थित होटल प्रतीक प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पवन गोयल ने अपनी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह कमेटी देशभर में बनने वाली बड़ी विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने से पहले उनका गहन तकनीकी मूल्यांकन करती है। कमेटी हवाई अड्डों, राष्ट्रीय राजमार्गों, टाउनशिप, खनन परियोजनाओं, बिजली संयंत्रों, इंडस्ट्रियल पार्क, बहुमंजिला भवनों और सीवरेज योजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कर सरकार को स्वीकृति या अस्वीकृति की सिफारिश देती है। पवन गोयल ने कहा कि इस जिम्मेदारी के साथ वे श्रीगंगानगर क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने लालगढ़ एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही, ताकि क्षेत्र के विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। वर्ष 1982 से इंजीनियरिंग और वास्तु विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय पवन गोयल अपने काम और शोध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 2011 में उन्हें राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा ‘ब्रह्मर्षि अलंकरण’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वे वास्तु और जियो विज्ञान विषय पर सात पुस्तकों के लेखक भी हैं, जो देशभर के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उनके पुत्र आर्किटेक्ट अंजनेश गोयल, राजकुमार जैन और सौरभ जैन भी मौजूद रहे। पवन गोयल ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित सभी गंगानगर वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि पूरे श्रीगंगानगर का है। आने वाले समय में वे अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से देश के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास करेंगे।1
- हाल ही में भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को Kochi Port में तकनीकी और मानवीय कारणों से रुकने की अनुमति दी।1
- हनुमानगढ़ :से है जहां CM भजनलाल शर्मा के कल हनुमानगढ़ दौरे पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे पर उठाए सवाल कहा - मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ के लिए नहीं की कोई घोषणा किसानों और बच्चियों को नहीं मिलने दिया गया मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से मिलने आ रहे किसानों को किया नजर बंद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे को बताया खानापूर्ति महिलाओं के काले दुपट्टे उतरवाने पर कहा सम्मान नहीं महिलाओं का हुआ अपमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने सर्किट हाऊस में की प्रेस वार्ता1
- खानुवाली में उबल पड़ा जनाक्रोश: “बहन हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” के नारों से गूंजा गांव खानुवाली गांव में आज सिर्फ मोमबत्तियों की रोशनी नहीं थी, बल्कि लोगों के दिलों में सुलग रहा गुस्सा भी सड़कों पर उतर आया। मृतका सुदेश कुमारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला, जिसने पूरे इलाके में न्याय की पुकार को और तेज कर दिया। यह कैंडल मार्च रामेश्वर बाबल की अगुवाई में पंचायत घर से शुरू हुआ। सैकड़ों ग्रामीण हाथों में मोमबत्तियां लिए गांव की गलियों से होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचे और वहां से आगे बाबा रामदेव मंदिर तक मार्च निकाला। लेकिन यह सिर्फ एक शांत मार्च नहीं था — यह उस व्यवस्था के खिलाफ जनता का उफनता हुआ गुस्सा था जो अब तक सुदेश कुमारी को न्याय नहीं दिला पाई। मार्च के दौरान गांव की गलियां गूंज उठीं नारों से — “सुदेश कुमारी को न्याय दो” “बहन हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” “हत्यारे को फांसी दो” “राजेश गौड़ शर्म करो” “गौड़ हॉस्पिटल बंद करो” इन नारों ने साफ कर दिया कि अब यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं रही, बल्कि पूरे समाज की अस्मिता और न्याय की लड़ाई बन चुकी है। कैंडल मार्च के समापन पर बाबा रामदेव मंदिर के पास ग्रामीणों ने रावला तहसीलदार के प्रतिनिधि गुरदीप सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साफ शब्दों में मांग रखी गई कि सुदेश कुमारी की मौत की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी की लापरवाही या लालच से यह मौत हुई है तो दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जिस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, उसमें अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गरीब और आम आदमी की जान की कीमत इतनी कम हो गई है कि उसकी मौत भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाए? सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय देखने को मिला जब सुदेश कुमारी की बेटी ने गांव के लोगों से न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने की अपील की। एक बेटी का अपनी मां के लिए न्याय मांगना किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोर देने के लिए काफी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आवाज सत्ता और प्रशासन के कानों तक पहुंचेगी? खानुवाली के लोगों ने मोमबत्तियों की रोशनी में साफ संदेश दे दिया है — अगर न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सुदेश कुमारी की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज है जहां इलाज के नाम पर लापरवाही और लालच से लोगों की जान चली जाती है और फिर सच बोलने वालों को ही दबाने की कोशिश होती है। आज खानुवाली पूछ रहा है — क्या न्याय केवल ताकतवर लोगों के लिए है? क्या गरीब की मौत सिर्फ एक खबर बनकर रह जाएगी? मोमबत्तियों की यह लौ शायद छोटी हो, लेकिन इसके पीछे जल रहा गुस्सा बहुत बड़ा है। और अगर यह गुस्सा भड़क गया तो यह सिर्फ खानुवाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके में न्याय की एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। सवाल अब भी खड़ा है — सुदेश कुमारी को न्याय कब मिलेगा? #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ #गंगानगर #JusticeForSudeshKumari #वायरलपोस्ट2025 #justiceforsudesh #बेटी_को_न्याय_दो #चिकित्सामंत्री #dmsriganganagar #वायरलन्यूज़ #खबरें24 #खबरकाअसर #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल1