लंदन टावर ब्रिज पर्यटकों का मुख्य आकर्षण का केंद्र-एड. अख्तर खान "अकेला " थेम्स नदी पर बना यह लंदन टावर ब्रिज, लंदन की जान है, पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है, आसपास बने बोटैनिकल गार्डन, हिज़ हाइनेस का वोह महल जहां बाद में कई लोगों को जेल में रखा गया, नदी में चलते सवारी, लदान माल वाले जहाज़, पास ही वर्ड ट्रेड सेंटर की तर्ज़ पर, लंदन ही नहीं पूरे यू के की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाले बढ़े बढ़े कार्यालय, आर्थिक ब्यवस्थाएँ आस पास की गगन चुम्बी इमारतों में संचालित है, जब कोई ऊंचा जहाज़ इस पुल के नीचे से थेम्स नदी में आता जाता है तब यह पुल खुलकर नदी को खुला करते हुए जब पल के हाइड्रोलिक पद्धति से खुलकर ऊंचा हो जाना देखने लायक नज़ारा हो जाता है, मज़ेदार बात यह है के हज़ारों साल पुराने बने इस पल के लोहे, निर्माण में कोई अंश मात्र भी टूटफूट नहीं हुई है, जबकि हमारे इंडिया खासकर कोटा में कुछ दशक पहले बने पुल, बांध, नहरें टूट कर चरमरा रही है, बांध रिसाव कर रहे हैं, लागत भी आसमानी क़ीमतों वाली है, टॉवर ब्रिज, टॉवर ऑफ लंदन और टेम्स नदी : लंदन के इतिहास की जीवंत कहानी लंदन का Tower Bridge दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पुलों में से एक है। यह केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ब्रिटेन के इतिहास, वास्तुकला और इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है। इसका निर्माण 1886 में शुरू हुआ और लगभग आठ वर्षों बाद 30 जून 1894 को इसका उद्घाटन हुआ। इसे वास्तुकार Sir Horace Jones और इंजीनियर Sir John Wolfe Barry ने डिजाइन किया था। 19वीं सदी में पूर्वी लंदन तेजी से विकसित हो रहा था और Thames नदी पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही भी बहुत अधिक थी। इसलिए ऐसा पुल आवश्यक था जो सड़क यातायात को भी जारी रखे और बड़े जहाजों के गुजरने के लिए बीच से खुल भी सके। Tower Bridge के दोनों मध्य भाग ऊपर उठने वाले bascule sections हैं। मूल रूप से इन्हें भाप से चलने वाली hydraulic मशीनरी से उठाया जाता था। पुल में लगभग 11,000 टन steel और लाखों bricks तथा rivets का इस्तेमाल हुआ। इसके निर्माण की मूल लागत लगभग £1.184 million थी, जबकि अतिरिक्त खर्च सहित कुल लागत लगभग £1.6 million तक पहुँची। Tower Bridge के ठीक पास स्थित Tower of London इससे लगभग 800 वर्ष पुराना है। इसका White Tower निर्माण William the Conqueror के शासन में 1070 के दशक में शुरू हुआ। यह कभी राजमहल, किला, जेल, शस्त्रागार और Royal Mint रहा। आज यहाँ ब्रिटिश Crown Jewels सुरक्षित रखे जाते हैं और प्रसिद्ध Yeoman Warders यानी Beefeaters इसकी ऐतिहासिक पहचान हैं। Tower of London UNESCO World Heritage Site भी है। इन दोनों ऐतिहासिक स्मारकों के बीच बहती River Thames लंदन के विकास की असली जीवनरेखा रही है। लगभग 2,000 वर्ष पहले Romans ने इसके किनारे Londinium बसाया था। नदी व्यापार, यातायात और लंदन की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार बनी। सदियों तक दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाला माल Thames के रास्ते London के docks तक पहुँचता रहा। Industrial Revolution के दौरान अत्यधिक औद्योगिक कचरे और sewage के कारण Thames इतनी प्रदूषित हो गई कि 20वीं सदी में इसे लगभग “biologically dead” तक कहा गया। बाद में sewage treatment और पर्यावरण संरक्षण के उपायों से नदी में फिर से जीवन लौटा और आज Thames में अनेक प्रकार की मछलियाँ तथा अन्य जलीय जीव पाए जाते हैं। इस प्रकार Tower Bridge, Tower of London और River Thames मिलकर लंदन के लगभग एक हजार वर्षों से अधिक के इतिहास को सामने रखते हैं—एक ओर मध्यकालीन राजसत्ता और किलेबंदी, दूसरी ओर Victorian युग की अद्भुत engineering और इनके बीच बहती वह Thames, जिसने London को व्यापार, परिवहन और सभ्यता का विश्व-प्रसिद्ध केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,,फिलहाल लंदन से, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
लंदन टावर ब्रिज पर्यटकों का मुख्य आकर्षण का केंद्र-एड. अख्तर खान "अकेला " थेम्स नदी पर बना यह लंदन टावर ब्रिज, लंदन की जान है, पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है, आसपास बने बोटैनिकल गार्डन, हिज़ हाइनेस का वोह महल जहां बाद में कई लोगों को जेल में रखा गया, नदी में चलते सवारी, लदान माल वाले जहाज़, पास ही वर्ड ट्रेड सेंटर की तर्ज़ पर, लंदन ही नहीं पूरे यू के की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने वाले बढ़े बढ़े कार्यालय, आर्थिक ब्यवस्थाएँ आस पास की गगन चुम्बी इमारतों में संचालित है, जब कोई ऊंचा जहाज़ इस पुल के नीचे से थेम्स नदी में आता जाता है तब यह पुल खुलकर नदी को खुला करते हुए जब पल के हाइड्रोलिक पद्धति से खुलकर ऊंचा हो जाना देखने लायक नज़ारा हो जाता है, मज़ेदार बात यह है के हज़ारों साल पुराने बने इस पल के लोहे, निर्माण में कोई अंश मात्र भी टूटफूट नहीं हुई है, जबकि हमारे इंडिया खासकर कोटा में कुछ दशक पहले बने पुल, बांध, नहरें टूट कर चरमरा रही है, बांध रिसाव कर रहे हैं, लागत भी आसमानी क़ीमतों वाली है, टॉवर ब्रिज, टॉवर ऑफ लंदन और टेम्स नदी : लंदन के इतिहास की जीवंत कहानी लंदन का Tower Bridge दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पुलों में से एक है। यह केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ब्रिटेन के इतिहास, वास्तुकला और इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है। इसका निर्माण 1886 में शुरू हुआ और लगभग आठ वर्षों बाद 30 जून 1894 को इसका उद्घाटन हुआ। इसे वास्तुकार Sir Horace Jones और इंजीनियर Sir John Wolfe Barry ने डिजाइन किया था। 19वीं सदी में पूर्वी लंदन तेजी से विकसित हो रहा था और Thames नदी पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही भी बहुत अधिक थी। इसलिए ऐसा पुल आवश्यक था जो सड़क यातायात को भी जारी रखे और बड़े जहाजों के गुजरने के लिए बीच से खुल भी सके। Tower Bridge के दोनों मध्य भाग ऊपर उठने वाले bascule sections हैं। मूल रूप से इन्हें भाप से चलने वाली hydraulic मशीनरी से उठाया जाता था। पुल में लगभग 11,000 टन steel और लाखों bricks तथा rivets का इस्तेमाल हुआ। इसके निर्माण की मूल लागत लगभग £1.184 million थी, जबकि अतिरिक्त खर्च सहित कुल लागत लगभग £1.6 million तक पहुँची। Tower Bridge के ठीक पास स्थित Tower of London इससे लगभग 800 वर्ष पुराना है। इसका White Tower निर्माण William the Conqueror के शासन में 1070 के दशक में शुरू हुआ। यह कभी राजमहल, किला, जेल, शस्त्रागार और Royal Mint रहा। आज यहाँ ब्रिटिश Crown Jewels सुरक्षित रखे जाते हैं और प्रसिद्ध Yeoman Warders यानी Beefeaters इसकी ऐतिहासिक पहचान हैं। Tower of London UNESCO World Heritage Site भी है। इन दोनों ऐतिहासिक स्मारकों के बीच बहती River Thames लंदन के विकास की असली जीवनरेखा रही है। लगभग 2,000 वर्ष पहले Romans ने इसके किनारे Londinium बसाया था। नदी व्यापार, यातायात और लंदन की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार बनी। सदियों तक दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाला माल Thames के रास्ते London के docks तक पहुँचता रहा। Industrial Revolution के दौरान अत्यधिक औद्योगिक कचरे और sewage के कारण Thames इतनी प्रदूषित हो गई कि 20वीं सदी में इसे लगभग “biologically dead” तक कहा गया। बाद में sewage treatment और पर्यावरण संरक्षण के उपायों से नदी में फिर से जीवन लौटा और आज Thames में अनेक प्रकार की मछलियाँ तथा अन्य जलीय जीव पाए जाते हैं। इस प्रकार Tower Bridge, Tower of London और River Thames मिलकर लंदन के लगभग एक हजार वर्षों से अधिक के इतिहास को सामने रखते हैं—एक ओर मध्यकालीन राजसत्ता और किलेबंदी, दूसरी ओर Victorian युग की अद्भुत engineering और इनके बीच बहती वह Thames, जिसने London को व्यापार, परिवहन और सभ्यता का विश्व-प्रसिद्ध केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,,फिलहाल लंदन से, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
- मध्यप्रदेश के इंदौर में पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान फटी सड़क पेपर लीक और डेटा लीक की अपार सफलता के बाद पेश है सड़क लीक: मामला मध्यप्रदेश का है जहां वर्षों से स्मार्ट सिटी नंबर 1 पर मौजूद इंदौर में पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक सड़क फट गई और पानी लीक होने लगा: यह सड़क 40 करोड़ रुपए की लागत से एक साल पहले ही बनी हुई बताई जा रही है: घटनास्थल के करीब पहुंचे वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोक दीं, नहीं तो बड़ी जनहानि हो सकती थी...1
- आत्मिक श्रद्धांजलि पुष्पांजलि शत-शत नमन पूर्व पार्षद रेनू नरवाल की आज जवाहर नगर इलाके में स्कूटी से टकराने के कारण मृत्यु हो गई है। उनके निधन पर कोटा उत्तर के विधायक शांति धारीवाल कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव अमित धारीवाल और शहर कांग्रेस की अध्यक्ष राखी गौतम तथा शहर के सैकड़ो लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।1
- कांग्रेस ने भेदभाव किया, अब हमारी सरकार है… सूद समेत वसूल रहे हैं — विधायक कल्पना देवी का करारा हमला कोटा। लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कल्पना देवी ने छप्पन भोग परिसर में आयोजित कोटा विकास प्राधिकरण के 690 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कल्पना देवी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भाजपा विधायकों के क्षेत्रों के साथ विकास कार्यों को लेकर भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता नहीं दी गई, लेकिन अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है और विकास की रफ्तार तेज हो गई है। विधायक ने तीखे अंदाज में कहा, “कांग्रेस ने भाजपा के साथ भेदभाव किया, अब हमारी सरकार है… हम सूद समेत वसूल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। कोटा सहित लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन और सरकार की विकास नीति से कोटा को नई दिशा मिल रही है। 690 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का एक साथ लोकार्पण और शिलान्यास इस बात का प्रमाण है कि कोटा के विकास को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। कल्पना देवी ने कहा कि आने वाले समय में कोटा को आधुनिक, स्वच्छ, सुंदर और सुविधाओं से युक्त शहर बनाने की दिशा में विकास कार्य और तेज किए जाएंगे। #Kota #KotaNews #MediaHouseKota #KalpanaDevi #KotaPolitics #Ladpura #BJP #RajasthanBJP #OmBirla #KotaDevelopment #KDA #KotaRajasthan #RajasthanNews #KotaNewsToday #PoliticalNews #KotaVikas #DevelopmentNews #KotaBreakingNews1
- राजस्थान मे स्कूल की छत्र गिरने के बाद प्रदर्शन के दौरान मारपीट1
- नगर परिषद के वार्ड की आरक्षित सीट बदलने की मांग, देखिए _लालिमा न्यूज_। @bharat_news_24_baran चैनल लाईक व सब्सक्राइब करिए। नगर परिषद के वार्ड की आरक्षित सीट बदलने की मांग, देखिए _लालिमा न्यूज_। @bharat_news_24_baran चैनल लाईक व सब्सक्राइब करिए।1
- केडीए के अधिकारियों के लिए अकाउंटेबिलिटी का अर्थ है "अकाउंट " भरने की "एबिलिटी" केडीए के अधिकारियों के लिए अकाउंटेबिलिटी का अर्थ है "अकाउंट " भरने की "एबिलिटी" और नायक का लक्ष्य है उन्हें इसका सही अर्थ समझाना और कोटा की जनता को न्याय दिलाना।1
- कोटा में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई रफ्तार, तीन अत्याधुनिक एंबुलेंस जनसेवा को समर्पित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में तीन अत्याधुनिक एंबुलेंस जनसेवा को समर्पित कीं। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस ये एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज, जेके लोन अस्पताल और रेलवे अस्पताल में उपलब्ध रहेंगी। इनके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल तक निःशुल्क परिवहन सुविधा मिल सकेगी। बिरला ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। आज बिरला सुल्तानपुर और इटावा में रक्षाबंधन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके साथ ही कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।1
- आज 4:00 बजे निर्वाचन आयोग पत्रकार वार्ता कर आचार संहिता की घोषणा करेंगे और चुनाव की तिथियां की भी घोषणा हो सकती है1
- मदनपुरा रोड़ स्थित नारंगी बगीचे में एक व्यक्ति ने कि आत्महत्या कि अज्ञात कारणों के चलते उठाया आत्मघाती कदम रामगंजमंडी। कोटा जिले के चेचट थाना क्षेत्र के मदनपुरा में बुधवार को एक व्यक्ति द्वारा अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना मदनपुरा रोड स्थित नारंगी बगीचे में खेत पर हुई। मृतक की पहचान कालूलाल मेहर निवासी मोतीपुरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार कालूलाल मेहर नारंगी बगीचे में स्थित खेत पर था। इसी दौरान उसने अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और मामले की सूचना चेचट पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर चेचट पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए शव को कब्जे में लिया। पुलिस शव को लेकर चेचट अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।4