तहसीलदार की कार्यशैली पर बार एसोसिएशन में रोष, एक सप्ताह में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी Aks@Tkd News ठाकुरद्वारा | तहसील ठाकुरद्वारा में तैनात तहसीलदार की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर बार एसोसिएशन में गहरा रोष व्याप्त है। इस संबंध में बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी मुरादाबाद को संबोधित शिकायती पत्र उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार धीरज कुमार सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से ही उनके व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बना हुआ है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव द्वारा कई बार व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उपजिलाधिकारी की मध्यस्थता में भी वार्ता हुई, फिर भी समस्या जस की तस बनी रही। इसी से आक्रोशित होकर बार एसोसिएशन ने 29 अप्रैल 2026 को आपात बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से तहसीलदार की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया। बैठक में आरोप लगाया गया कि तहसीलदार समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते और अधिकांश समय नायब नाजिर कक्ष (प्रथम तल) में बिताते हैं, जिससे आम जनता और अधिवक्ताओं के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने अपने शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 34/35 के अंतर्गत वादों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। कई मामलों में पर्याप्त तथ्यों के बावजूद नामांतरण आदेश पारित नहीं किए जा रहे, जबकि पुराने मामलों को पुनर्जीवित कर स्वार्थपूर्ति के प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एकपक्षीय आदेशों में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र स्वीकार न किए जाने, धारा 38 व धारा 80 से संबंधित रिपोर्टों में अनियमितता तथा लाभ मिलने के बाद ही रिपोर्ट लगाने जैसे आरोपों से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाता है, जिससे अधिवक्ता समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर तहसीलदार अपनी कार्यप्रणाली और व्यवहार में सुधार नहीं करते हैं, तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में एक प्रति राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भी भेजी गई है। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी मुरादाबाद से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि तहसील में कार्य व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
तहसीलदार की कार्यशैली पर बार एसोसिएशन में रोष, एक सप्ताह में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी Aks@Tkd News ठाकुरद्वारा | तहसील ठाकुरद्वारा में तैनात तहसीलदार की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर बार एसोसिएशन में गहरा रोष व्याप्त है। इस संबंध में बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी मुरादाबाद को संबोधित शिकायती पत्र उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार धीरज कुमार सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से ही उनके व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बना हुआ है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव द्वारा कई बार व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उपजिलाधिकारी की मध्यस्थता में भी वार्ता हुई, फिर भी समस्या जस की तस बनी रही। इसी से आक्रोशित होकर बार एसोसिएशन ने 29 अप्रैल 2026 को आपात बैठक आयोजित कर सर्वसम्मति से तहसीलदार की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया। बैठक में आरोप लगाया गया कि तहसीलदार समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते और अधिकांश समय नायब नाजिर कक्ष (प्रथम तल) में बिताते हैं, जिससे आम जनता और अधिवक्ताओं के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने अपने शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 34/35 के अंतर्गत वादों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। कई मामलों में पर्याप्त तथ्यों के बावजूद नामांतरण आदेश पारित नहीं किए जा रहे, जबकि पुराने मामलों को पुनर्जीवित कर स्वार्थपूर्ति के प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एकपक्षीय आदेशों में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र स्वीकार न किए जाने, धारा 38 व धारा 80 से संबंधित रिपोर्टों में अनियमितता तथा लाभ मिलने के बाद ही रिपोर्ट लगाने जैसे आरोपों से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होने की बात कही गई है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाता है, जिससे अधिवक्ता समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर तहसीलदार अपनी कार्यप्रणाली और व्यवहार में सुधार नहीं करते हैं, तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में एक प्रति राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भी भेजी गई है। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी मुरादाबाद से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि तहसील में कार्य व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
- बिजनौर जिले के गांव फरीदपुर भोगी में विवाहिता मोनिका ने आत्महत्या करने से पहले जो सुसाइड नोट लिखा, वह उसकी डायरी से बरामद हुआ। इसे पढ़कर पति समेत सबकी आंखों में आंसू आ गए।साइबर ठगों द्वारा मृतक को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था साइबर ठगों से परेशान हो की आत्महत्या बिजनौर पुलिस आरोपी साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है।1
- हत्या या साजिश का शीघ्र करेगी नगीना देहात पुलिस...!1
- Post by Junaid Junaid1
- दि पंछी हेडलाइन्स #समाचार #रामपुर रामपुर पहुंचे बॉलीवुड के मशहूर खलनायक रज़ा मुराद,तपती धूप मे कोठी ख़ास बाग मे की सैर,यहां का इतिहास बयां कर बोले खूबसूरत इमारत और पेड़ो के साये के नीचे आबो हवा मे मिलता है दिली सुकून,कहा बॉलीवुड मे नहीं जानता कोइ अभिनेता रज़ा मुराद को रामपुर की सरज़मी पर कभी मुन्ने मियां के नाम से जानते पहचानते थे मुझे गलियों के बुज़ुर्ग,#मीडिया #वायरल #panchhi #headlines #newsfeed #bollywood #actor1
- मुरादाबाद से एक बेहद शर्मनाक वीडियो सामने आया है, थाना मुगलपुरा क्षेत्र के बरवालान इलाके में एक युवक ने सरेआम एक महिला के साथ अश्लील हरकत की, जिसकी पूरी फुटेज पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है एक महिला बुर्का पहनकर गली से गुजर रही थी। तभी पास में चल रहे एक युवक जो हुलिए से मौलाना जैसा दिख रहा है महिला के करीब आकर उसके साथ अश्लील हरकत की। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई है2
- Post by Sikander ansari1
- Post by Jpn7 News1
- सहारनपुर की अभिनेत्री उर्मिला सागर का आरोप: उत्तराखंड सरकार ने सोशल मीडिया आईडी बंद की, बोलीं- गरीबों की आवाज उठाने पर मुझे टारगेट किया गया सहारनपुर. मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली अभिनेत्री उर्मिला सागर ने उत्तराखंड सरकार पर उनकी सोशल मीडिया आईडी बंद करने का आरोप लगाया है. जन जागरण संदेश से बातचीत में उर्मिला ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर गरीबों के मुद्दे उठा रही थीं. उर्मिला सागर के आरोप: आईडी बंद करने का दावा*: उर्मिला ने कहा, "उत्तराखंड सरकार ने मेरी आवाज दबाने के लिए मेरी सोशल मीडिया आईडी बंद कर दी है. मैं गरीबों की आवाज उठा रही थी, इसलिए मुझे टारगेट किया गया।1