NCRB के चौंकाने वाले आंकड़े: हर दिन 9 आत्महत्याएं, भाजपा राज में हरियाणा बना निराशा और अवसाद का प्रदेश — राव नरेंद्र सिंह। नारनौल। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘सुशासन’ और ‘विकास’ के दावों के बीच हरियाणा आज निराशा, अवसाद और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है, जहां आम नागरिक का जीवन लगातार संकट में पड़ता जा रहा है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि NCRB के हालिया आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष 2024 में हरियाणा में 3360 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने का तथ्य यह दर्शाता है कि प्रदेश का युवा, किसान, छात्र और आम नागरिक मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबावों के बोझ तले टूट चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा है जिन्हें व्यवस्था की विफलताओं ने असहाय बना दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर दिन औसतन 9 आत्महत्याएं होना किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर चिंता और आत्ममंथन का विषय होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में संवेदनहीन बन चुकी है। बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक तनाव ने जनता की उम्मीदों को कुचल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि NCRB के अनुसार 284 छात्रों ने भविष्य की असुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या की। वहीं 678 लोगों ने बीमारी, महंगे इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते अपनी जान गंवाई। उन्होंने इसे सरकार की स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा नीतियों की विफलता बताया। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के विपरीत प्रदेश में एक लाख की आबादी पर पर्याप्त डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। सरकारी अस्पतालों में मनोचिकित्सकों और काउंसलिंग सुविधाओं की भारी कमी के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या यही उनके तथाकथित विकास मॉडल का असली चेहरा है? क्या बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक संकट ने लोगों को मौत की ओर धकेलने का काम नहीं किया? उन्होंने पूछा कि जब नागरिक मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे, तब सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए? उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार को अब उन परिवारों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। अंत में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा का आम आदमी अब इस घुटन और असुरक्षा से भरे माहौल से परेशान हो चुका है और आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस सरकार से जवाब जरूर मांगेगी।
NCRB के चौंकाने वाले आंकड़े: हर दिन 9 आत्महत्याएं, भाजपा राज में हरियाणा बना निराशा और अवसाद का प्रदेश — राव नरेंद्र सिंह। नारनौल। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘सुशासन’ और ‘विकास’ के दावों के बीच हरियाणा आज निराशा, अवसाद और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है, जहां आम नागरिक का जीवन लगातार संकट में पड़ता जा रहा है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि NCRB के हालिया आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष 2024 में हरियाणा में 3360 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने का तथ्य यह दर्शाता है कि प्रदेश का युवा, किसान, छात्र और आम नागरिक मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबावों के बोझ तले टूट चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा है जिन्हें व्यवस्था की विफलताओं ने असहाय बना दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर दिन औसतन 9 आत्महत्याएं होना किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर चिंता और आत्ममंथन का विषय होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में संवेदनहीन बन चुकी है। बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक तनाव ने जनता की उम्मीदों को कुचल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि NCRB के अनुसार 284 छात्रों ने भविष्य की असुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या की। वहीं 678 लोगों ने बीमारी, महंगे इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते अपनी जान गंवाई। उन्होंने इसे सरकार की स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा नीतियों की विफलता बताया। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के विपरीत प्रदेश में एक लाख की आबादी पर पर्याप्त डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। सरकारी अस्पतालों में मनोचिकित्सकों और काउंसलिंग सुविधाओं की भारी कमी के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या यही उनके तथाकथित विकास मॉडल का असली चेहरा है? क्या बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक संकट ने लोगों को मौत की ओर धकेलने का काम नहीं किया? उन्होंने पूछा कि जब नागरिक मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे, तब सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए? उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार को अब उन परिवारों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। अंत में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा का आम आदमी अब इस घुटन और असुरक्षा से भरे माहौल से परेशान हो चुका है और आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस सरकार से जवाब जरूर मांगेगी।
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- अलवर के नीमराना स्थित रोडवाल टोल प्लाजा पर स्थानीय ग्रामीणों और टोल प्रबंधन के बीच टोल में छूट को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार को प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद टोल संचालक से हाथापाई हुई और उसके कपड़े फट गए। दो दिन में समाधान न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।4
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- वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान वीरू सरपंच ने 54वीं बार किया रक्तदान, पत्नी आरती शर्मा ने भी दिया मानवता को जीवनदान मुंडावर/जसाई (खैरथल-तिजारा): समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित संगठन युवा भगत सिंह सेना द्वारा आयोजित 20वें विशाल रक्तदान शिविर में सेवा का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष और जसाई सरपंच वीरेंद्र उर्फ वीरू शर्मा के जन्मदिवस पर आयोजित इस शिविर में न केवल जनसैलाब उमड़ा, बल्कि खुद वीरेंद्र पंडित ने 54वीं बार रक्तदान कर युवाओं के सामने एक नई मिसाल पेश की। दंपत्ति ने पेश की सेवा की मिसाल शिविर की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह रही कि प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र पंडित के साथ उनकी धर्मपत्नी आरती शर्मा ने भी रक्तदान किया। उन्होंने इस माध्यम से समाज की महिलाओं को सामाजिक कार्यों और जीवन रक्षक अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। "रक्तदान महादान: आपके कुछ मिनट, किसी की पूरी जिंदगी" इस अवसर पर वीरू सरपंच ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। शिविर में कुल 63 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के काम आएगा। मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: भगत सत्यवान श्योराण (जीतपुरा धाम) महन्त मुकेश भगत दारासिंह ठेकेदार (काकर दोपा) इसके अलावा दुष्यंत यादव, युवराज यादव, मोनू यादव, केसरी सिंह, नरेन्द्र यादव, सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्र डबास, विक्की चौधरी, राहुल चौधरी और जोगेन्द्र औला सहित अनेक गणमान्य लोग और युवा शक्ति उपस्थित रही। गोलाहेड़ा धाम पर रहा उत्साह का माहौल जोतराम बाबा के पावन स्थान, गोलाहेड़ा धाम पर सुबह से ही रक्तदाताओं का तांता लगा रहा। 'समस्त युवा शक्ति' के सहयोग से आयोजित इस 20वें शिविर ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्र का युवा समाज सेवा के लिए पूरी तरह जागरूक है। राठ ब्लड सेंटर, बहरोड़ की टीम ने रक्त संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया।4
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- अलवर जिले के मुंडावर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल शोभायात्रा निकाली, जो 2100 दीपों की महाआरती के साथ संपन्न हुई। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देना था।1