14 साल बाद शिकंजा: दहेज प्रताड़ना का फरार आरोपी आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ा धम्बोला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 साल से फरार चल रहे ईनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था। प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2014 में दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी विनोदसिंह राठौड़ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घर से निकाल देने के आरोप लगे थे। मामला इतना गंभीर था कि पीड़िता को कई बार ससुराल में समझौते के बाद भेजा गया, लेकिन हर बार उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी विनोदसिंह फरार हो गया था। अदालत द्वारा उसे मफरूर घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर 1000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत धम्बोला थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से आरोपी का सुराग जुटाया। सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने खरीदार बनकर वहां पहुंचकर आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया।पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम छिपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ उदयपुर जिले के कानोड़ थाना में भी एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें वह पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को धम्बोला थाना अधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह (हेडकांस्टेबल), करण भट्ट (कांस्टेबल, आसूचना अधिकारी), रोशन, जीतमल (वृत कार्यालय सीमलवाड़ा) की अहम भूमिका रही।
14 साल बाद शिकंजा: दहेज प्रताड़ना का फरार आरोपी आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ा धम्बोला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 साल से फरार चल रहे ईनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था। प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2014 में दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी विनोदसिंह राठौड़ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घर से निकाल देने के आरोप लगे थे। मामला इतना गंभीर था कि पीड़िता को कई बार ससुराल में समझौते के बाद भेजा गया, लेकिन हर बार उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी विनोदसिंह फरार हो गया था। अदालत द्वारा उसे मफरूर घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर 1000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत धम्बोला थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से आरोपी का सुराग जुटाया। सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने खरीदार बनकर वहां पहुंचकर आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया।पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम छिपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ उदयपुर जिले के कानोड़ थाना में भी एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें वह पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को धम्बोला थाना अधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह (हेडकांस्टेबल), करण भट्ट (कांस्टेबल, आसूचना अधिकारी), रोशन, जीतमल (वृत कार्यालय सीमलवाड़ा) की अहम भूमिका रही।
- दिलीपSimalwara, Dungarpur👌10 hrs ago
- सीमलवाड़ा।पुलिस थाना धम्बोला ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता फिर रहा था और दहेज प्रताड़ना के गंभीर मामले में वांछित था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अक्टूबर 2014 को एक पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी शादी 2 दिसंबर 2009 को विनोदसिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद पति बिना बताए विदेश चला गया और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। हालात इतने बिगड़ गए कि पीड़िता को ससुराल से निकाल दिया गया और वह अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। पीड़िता ने बताया कि बाद में पति के वापस आने के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला और दहेज की मांग जारी रही। कई बार समाज के लोगों की मौजूदगी में उसे ससुराल भेजा गया, लेकिन हर बार उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंततः उसे फिर घर से निकाल दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पीड़िता के परिवार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना भी कठिन हो गया। इस मामले में पुलिस थाना धम्बोला में प्रकरण संख्या 344/2014 के तहत धारा 498ए और 494 आईपीसी में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ अभियोजन चलाया गया। वहीं मुख्य आरोपी विनोदसिंह राठौड़ फरार हो गया, जिसे न्यायालय द्वारा मफरूर घोषित किया गया था। आरोपी पर जिला पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर द्वारा 1000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला के मार्गदर्शन एवं वृताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के पर्यवेक्षण में “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग, मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के माध्यम से आरोपी की तलाश तेज की। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में रह रहा है। इस पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गुप्त रूप से तलाश शुरू की। जानकारी के आधार पर पुलिस ने पंचवटी चौराहे स्थित एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में खरीददार बनकर जांच की, जहां आरोपी काम करता हुआ मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नाम बताए, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम विनोदसिंह राठौड़ होना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर धम्बोला थाने लाया, जहां उससे आगे की पूछताछ जारी है। आरोपी की पहचान 41 वर्षीय विनोदसिंह पुत्र कमलसिंह राठौड़ निवासी धरियावाद, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना कानोड़, जिला उदयपुर में भी एक प्रकरण दर्ज है, जिसमें वह पिछले छह वर्षों से वांछित चल रहा था। इस कार्रवाई में थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम के सदस्य सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह, करण भट्ट, रोशन तथा जीतमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।1
- सर्पदंश से 8 वर्षीय एक बालक की हुई मौत माता-पिता का रो-रोकर हुआ बुरा हाल डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां सूरज गांव में सर्पदंश से एक 8 वर्षीय बालक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अरविंद पुत्र चतुरा मुनिया का इकलौता बेटा दिलीप खेत में मूंग की फसल को पानी पिला रहा था, तभी किसी जहरीले जीव ने उसे काट लिया। अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत राजकीय चिकित्सालय सागवाड़ा लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- डूंगरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र के नवाघरा रोड पर एक तेज रफ़्तार बाइक ने अन्य बाइक को टक्कर मार दी | हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई | पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | वही मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है|1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ और पब्लिक एप का भगवान महावीर के जन्म उत्सव पर जयंती पर यह बुलेटिन उनके चरणों में समर्पित। है1
- बीच में बोलने वाले सांसद जी कौन हो सकते हैं l🤔1
- कुशलगढ़ नगर में भगवान महावीर स्वामी की जयंती के पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा भक्ति, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण भव्य आयोजन किए गए। श्वेतांबर जैन मूर्ति पूजक संघ द्वारा यति जी के बगीचे में तथा वर्धमान स्थानकवासी श्री संघ द्वारा अनु वाटिका में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे नगर को आध्यात्मिक और उत्सवमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कार्यक्रमों में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर युवा-युवतियों एवं महिला मंडल तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित समाजजनों को भाव-विभोर कर दिया। विशेष रूप से मंचित नाटकों में आधुनिक जीवनशैली पर करारा संदेश देते हुए मोबाइल के दुष्परिणाम और फास्ट फूड से होने वाले नुकसान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके साथ ही भगवान महावीर स्वामी के जन्म एवं उनके त्यागमय और प्रेरणादायक जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों ने श्रद्धा और आस्था का वातावरण निर्मित किया। दोनों ही स्थानों पर समाजजनों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रमों की भव्यता को और बढ़ा दिया। यति जी के बगीचे में आयोजित समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। बोर्ड परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले भैया-बहनों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समग्र रूप से यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि संस्कार, प्रेरणा और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र के खडगदा स्थित क्षेत्रपाल मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अशोक भट्ट और सभा अध्यक्ष चंद्रेश व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत संतों के सानिध्य में लक्ष्मी नारायण मंदिर खडगदा से भव्य शोभायात्रा के साथ होगी, जो क्षेत्रपाल मंदिर तक पहुंचेगी। इसके बाद दिनभर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के दूसरे दिन कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सर्व समाज के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। साथ ही आसपास के करीब 20 धुणियों से संत, महंत, मेट और कोतवाल भी इस आयोजन में शामिल होंगे। इस बार मेले का मुख्य आकर्षण आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक रहेगी, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित करेंगी। मेले को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा जा रहा है।1
- डूंगरपुर। जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र के देवला फला मूंगाना गांव में पुराने जमीनी विवाद व रास्ते में पेड़ काटने को लेकर हुए झगड़े में एक भतीजे व उसके परिवार जनों द्वारा चाचा की हत्या के मामले में आज तीसरे दिन जाकर शव का पोस्टमार्टम हो पाया | पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है |1
- Post by Vikram Meghwal1