*एटा: क्षत्रिय समाज का बिगुल, कुलदीप सेंगर केस में निष्पक्ष सुनवाई और मीडिया ट्रायल पर रोक की मांग।* एटा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (एटा इकाई) ने उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के प्रति हो रही कथित एकतरफा न्याय प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। महासभा ने नायब तहसीलदार जलेसर को महामहीम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई है कि मामले की सुनवाई पूरी तरह निष्पक्ष हो और महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किए बिना कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष भी सुना जाए। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि "टुकड़े-टुकड़े गैंग" द्वारा देश में खड़ा किया गया हंगामा इतना जबरदस्त रहा कि इसके दबाव में सरकारी एजेंसियां और माननीय न्यायालय भी बिना पूर्ण जांच के कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराने की ओर बढ़े। क्षत्रिय महासभा का आरोप है कि महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर अनदेखा किया गया और प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई हुई। मुख्य मांगें हैं कि जब तक माननीय न्यायालय द्वारा आरोप पूरी तरह सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक मीडिया ट्रायल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मामले की जांच और सुनवाई में किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से मुक्त रहते हुए निष्पक्षता बरती जाए। कुलदीप सिंह सेंगर के पक्ष में मौजूद तथ्यों को उचित महत्व दिया जाए। यह ज्ञापन ऐसे समय में सौंपा गया है जब उन्नाव मामले में हाल ही में कानूनी प्रक्रिया में उलटफेर देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर जमानत प्रदान की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत उस आदेश पर रोक लगा दी। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पदाधिकारी एवं ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग इस प्रकार रहे: जिलाध्यक्ष एटा: ओम प्रताप सिंह (बॉबी), प्रवेंद्र सिंह (पम्मी ठाकुर), श्यामवीर सिंह, विक्की ठाकुर, सतेन्द्र जादौन, अभय ठाकुर, नरेश प्रताप सिंह, सज्जन सिंह एवं अन्य गणमान्य क्षत्रिय समाज के लोग मौजूद रहे। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने इस मुद्दे को समाज की गरिमा और न्याय व्यवस्था में विश्वास से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना उचित सुनवाई के दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। महासभा का यह कदम समाज में न्याय की मांग को और मजबूत करने वाला बताया जा रहा है।यह घटना दर्शाती है कि उन्नाव मामला अब भी समाज के विभिन्न वर्गों में गहरी बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर पीड़िता के पक्ष की मजबूत आवाज है, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन निष्पक्ष जांच और मीडिया के अतिरिक्त कवरेज पर सवाल उठा रहे हैं।
*एटा: क्षत्रिय समाज का बिगुल, कुलदीप सेंगर केस में निष्पक्ष सुनवाई और मीडिया ट्रायल पर रोक की मांग।* एटा। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (एटा इकाई) ने उन्नाव बलात्कार मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के प्रति हो रही कथित एकतरफा न्याय प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। महासभा ने नायब तहसीलदार जलेसर को महामहीम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई है कि मामले की सुनवाई पूरी तरह निष्पक्ष हो और महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किए बिना कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष भी सुना जाए। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि "टुकड़े-टुकड़े गैंग" द्वारा देश में खड़ा किया गया हंगामा इतना जबरदस्त रहा कि इसके दबाव में सरकारी एजेंसियां और माननीय न्यायालय भी बिना पूर्ण जांच के कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराने की ओर बढ़े। क्षत्रिय महासभा का आरोप है कि महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर अनदेखा किया गया और प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई हुई। मुख्य मांगें हैं कि जब तक माननीय न्यायालय द्वारा आरोप पूरी तरह सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक मीडिया ट्रायल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मामले की जांच और सुनवाई में किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से मुक्त रहते हुए निष्पक्षता बरती जाए। कुलदीप सिंह सेंगर के पक्ष में मौजूद तथ्यों को उचित महत्व दिया
जाए। यह ज्ञापन ऐसे समय में सौंपा गया है जब उन्नाव मामले में हाल ही में कानूनी प्रक्रिया में उलटफेर देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर जमानत प्रदान की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत उस आदेश पर रोक लगा दी। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पदाधिकारी एवं ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग इस प्रकार रहे: जिलाध्यक्ष एटा: ओम प्रताप सिंह (बॉबी), प्रवेंद्र सिंह (पम्मी ठाकुर), श्यामवीर सिंह, विक्की ठाकुर, सतेन्द्र जादौन, अभय ठाकुर, नरेश प्रताप सिंह, सज्जन सिंह एवं अन्य गणमान्य क्षत्रिय समाज के लोग मौजूद रहे। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने इस मुद्दे को समाज की गरिमा और न्याय व्यवस्था में विश्वास से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना उचित सुनवाई के दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। महासभा का यह कदम समाज में न्याय की मांग को और मजबूत करने वाला बताया जा रहा है।यह घटना दर्शाती है कि उन्नाव मामला अब भी समाज के विभिन्न वर्गों में गहरी बहस का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर पीड़िता के पक्ष की मजबूत आवाज है, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन निष्पक्ष जांच और मीडिया के अतिरिक्त कवरेज पर सवाल उठा रहे हैं।
- Post by GajendraKumar1
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ एटा बिना मानक सी सी निर्माण पर ग्रामीण नाराज, उप जिलाधिकारी को हस्तक्षेप हेतु प्रार्थना पत्र दिया। अमर स्तम्भ संवाददाता की खास रिपोर्ट एटा/अवागढ- क्षेत्र के ग्राम पंचायत नारऊ वीरनगर में अमर सिंह के घर से जलालुद्दीन के घर तक सी सी मार्ग प्रस्तावित है। ग्राम प्रधान ने शीघ्र कार्य पूर्ण करने के लिये मानक विहीन कार्य प्रारंभ कर दिया। इस कार्य में कच्ची मिट्टी पर गिनती की लाल पत्थर की कुछ टुकडिया बिछाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है जबकि नाली निर्माण अति आवश्यक है। जब ग्राम प्रधान से नाली निर्माण कराकर सी सी कार्य करने हेतु प्रयास किया गया तो प्रधान की भाषा में बदलाव आ गया। बिना नाली निर्माण से नाली के पानी से घर की दीवारों के नुकसान की बात कही गयी तो प्रधान धमकी पर उतर आया और कहा कि ये हमारी जिम्मेदारी नहीं है। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण जन एकत्रित होकर उप जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से उप जिलाधिकारी को अवगत कराया और मानक विहीन सीसी कार्य को अविलंब रुकवा कर जांच करने हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है। उप जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए खण्ड विकास अधिकारी को मानक अनुरुप सीसी कार्य करने हेतु निर्देश जारी कर दिया है। नारऊ ग्रामवासी बृज मोहन शर्मा, गौरव,जलालुद्दीन, अनुज प्रताप सिंह, बिपन,मुकेश,राम प्रताप, नरेंद्र आदि ने मीडिया को बताया कि मौके पर कच्ची मिट्टी पर ही मात्र 2 इन्च सीसी बिछाई जा रही हैजिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित किया जा रहा है। प्रसारित वीडियो में कच्ची मिट्टी पर ही कुछ गिट्टी डालकर सीसी कार्य सम्पादित करने का प्रयास किया गया है। जिसका खूब विरोध किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी मिल कर बड़ा घोटाला करने की जुगत से सीसी कार्य कराने का प्रयास करना चाह रहे हैं जो समय रहते चंद ग्रामीणों के बहिष्कार के चलते अजब घोटाला नहीं हो सका है। अब देखना यह है कि आने वाले समय में अधिकारियों के आदेश के मुताविक मानक सहित सीसी कार्य पूर्ण किया जाता है या यों ही प्रधान की मन मर्जी चलती रहती है।3
- आज दिनांक 11_01_2026_एटा जिला पचयात मे आज उत्तर पृदेश पचयाती राज ग्रामीण सफाई करमचारी सघ का चुनाव चल रहा है जिसमे जिलाध्यक्ष कोषाध्यक्ष संगठन मन्त्री आदि चुनाव की बोटिंग हो रही तथा इसका परिणाम आज ही घोषित किए जायेगा1
- ध्यान कैसे करे 11
- आगरा के थाना जैतपुर क्षेत्र के रूपपुरा के पास दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए सीएचसी केंद्र बाह में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगरा के हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- हाथरस जिले के थाना कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव परसारा में सुलह-समझौते के लिए बुलाई गई पंचायत उस समय हिंसा में बदल गई, जब दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे और सरिया चलने लगे। पंचायत के दौरान अचानक हुई मारपीट से गांव में भगदड़ मच गई। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ितों की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।1
- फिरोजाबाद में स्वामी विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। रविवार शाम शहर के प्रमुख स्थल विवेकानंद चौक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की विधिवत जल से धुलाई कर की गई, जिसके माध्यम से स्वच्छता, सम्मान और अनुशासन का संदेश दिया गया। इसके पश्चात परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा 204 दीपक प्रज्वलित कर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- मंदिर के पुजारी की हत्या के मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त बच्चू को थाना पिनहाट पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के सहयोग से पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के समय अभियुक्त ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिस पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अभियुक्त के पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इस संबंध में एसीपी गिरीश चंद ने बताया कि आरोपी लंबे समय से हत्या के मामले में वांछित था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही1