ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली (मध्य प्रदेश) उप स्वास्थ्य केंद्र लंघाडोल में सरकारी दवाइयों को आग के हवाले करने का गंभीर आरोप, कार्रवाई अब तक शून्य सिंगरौली जिले के लंघाडोल उप स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पदस्थ नर्स और अन्य स्टाफ ने आपसी मिलीभगत के तहत सरकारी दवाइयों को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जिन सरकारी दवाइयों से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ज़िंदगियां बचाई जा सकती थीं, उन्हें जानबूझकर नष्ट कर दिया गया। इसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी और गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यह इलाका आदिवासी बहुल है और जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है, ऐसे में यहां के लोगों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ही एकमात्र सहारा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकारी दवाइयों को नष्ट करने के पीछे निजी क्लीनिकों को फायदा पहुंचाने की मंशा है। मरीजों को सरकारी अस्पताल से वापस लौटा दिया जाता है और उन्हें निजी क्लीनिकों में इलाज के लिए भेजा जाता है, जहां दवाइयों और उपचार के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जिले के कलेक्टर तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो किसी नर्स पर और न ही संबंधित स्टाफ पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेगा, या फिर आदिवासी क्षेत्र के गरीब और मजबूर लोगों की सेहत के साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहेगा। फिलहाल जनता दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली (मध्य प्रदेश) उप स्वास्थ्य केंद्र लंघाडोल में सरकारी दवाइयों को आग के हवाले करने का गंभीर आरोप, कार्रवाई अब तक शून्य सिंगरौली जिले के लंघाडोल उप स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पदस्थ नर्स और अन्य स्टाफ ने आपसी मिलीभगत के तहत सरकारी दवाइयों को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जिन सरकारी दवाइयों से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों ज़िंदगियां बचाई जा सकती थीं, उन्हें जानबूझकर नष्ट कर दिया
गया। इसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी और गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यह इलाका आदिवासी बहुल है और जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित है, ऐसे में यहां के लोगों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ही एकमात्र सहारा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सरकारी दवाइयों को नष्ट करने के पीछे निजी क्लीनिकों को फायदा पहुंचाने की मंशा है। मरीजों को सरकारी अस्पताल से वापस लौटा दिया जाता है और उन्हें निजी क्लीनिकों में इलाज के लिए भेजा जाता है, जहां दवाइयों और उपचार के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस पूरे
मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जिले के कलेक्टर तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो किसी नर्स पर और न ही संबंधित स्टाफ पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेगा, या फिर आदिवासी क्षेत्र के गरीब और मजबूर लोगों की सेहत के साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहेगा। फिलहाल जनता दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
- UnJaisinghnagar, Shahdol😂1 day ago
- रंका भलपहाड़ी पर्यटक स्थल पर भब्य मेला के आयोजन के लेकर हुआ बैठक1
- https://youtube.com/shorts/HtlWx8ZIGUU?si=IDL3IapEQAhcLDg_1
- Post by Ramesh Kumar Kewat2
- मेराल मेराल प्रखंड के मेराल रेलवे क्रोसिंग जो संगबरिया, राजहारा, बंका होते हुए बिशुनपुरा एवं मझीआँव को जोड़ती. पहले रेलवे क्रोसीन पार करना आसान और आराम फील होता था. लेकिन जब से दुबारा उखाड़ कर बैठाया गया है तब से लोग परेशान है. इतना उच्चा - निचा बैठा दिया गया है कि ऑपरेशन करा कर आ रहे मरीज का टाका तक खुल / टूट जा रहा. स्थानीय सांसद महोदय श्री बी डी राम जी एवं विधायक महोदय श्री एस एन तिवारी जी से अनुरोध है कि इसे रेल बिभाग को सूचित कर क्रोसीन पर सीमेंट पत्थर को बराबर बैठाया जाए.टेम्पू ड्राइवर सुरेंद्र सिंह कहते है कि गाड़ी पार करने में बहुत दिकत होती है. टायर भी घीचता है.1
- *पकरी सेवार में कैंप के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को किया गया जागरुक* मेजा प्रयागराज। पकरी सेवार में कैंप के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को जागरूक किया गया लोगों को यह जानकारी दी गई की बिजली विभाग द्वारा छूट के माध्यम से बिजली का बिल जमा करके बिजली उपभोक्ता लाभ उठा सकते हैं। और जिन उपभोक्ताओं को ओटीएस रसीद नहीं काटा सकें उनका कनेक्शन काट दिया गया। पकरी सेवार के दलीत बस्ती से कई कनेक्शन काटे गए। जिसमें सरोजा पत्नी राजकुमार, लचिआ पत्नी कमलेश,फोटो पत्नी रमई,मीना पत्नी श्यामधर आज कई लोगों के कनेक्शन काटे गए। बिजोरा पावर हाउस के स्टाफ राजेश कुमार TGTO पंचम लाल बिंद लाइनमैन नीरज मिश्रा प्रवीण कुमार छोटकऊ आदि मौजूद रहे।1
- Post by ब्यंकटेश कुमार तिवारी1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- रंका प्रखंड के प्रखंड प्रमुख का चुनाव 8 जनवरी का होगा जिसका चर्चा जोरों पे1
- अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ? क्योंकि आपके शहर की 10 हजार लड़कियां इस ऐप पर एक्टिव हैं? फेसबुक पर वायरल RILU ऐप का जाल, छत्तीसगढ़ के युवाओं को बना रहा निशाना छत्तीसगढ़ । अंबिकापुर । विशेष रिपोर्ट “अब अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ, क्योंकि अंबिकापुर की 10 हजार लड़कियां इस ऐप पर एक्टिव हैं” — महज़ 16 सेकेंड के इस भड़काऊ विज्ञापन के जरिए एक संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन RILU ऐप छत्तीसगढ़ के युवाओं और आम लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। इस विज्ञापन में दावा किया जा रहा है कि प्रतापपुर से लेकर लुंड्रा, रामानुजगंज से लेकर उदयपुर तक के लोग खुद इस ऐप को “ट्राई” कर सकते हैं। यह प्रचार फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है, जिससे इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही है। डेटा चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड की आशंका साइबर विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि इस तरह के ऐप्स का मुख्य उद्देश्य भोली-भाली जनता, खासकर युवाओं का निजी डेटा इकट्ठा करना होता है। ऐसे ऐप इंस्टॉल करते ही मोबाइल से— कॉन्टैक्ट लिस्ट फोटो और वीडियो लोकेशन ओटीपी और बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां तक एक्सेस मांगा जाता है, जिसके बाद ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग और वित्तीय फ्रॉड की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। फर्जी प्रोफाइल, झूठे दावे विज्ञापन में “हजारों लड़कियों के एक्टिव होने” का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत में ऐसे ऐप्स पर अधिकतर प्रोफाइल फर्जी या बॉट द्वारा संचालित होती हैं। कई मामलों में शुरुआत में चैटिंग के बाद यूजर से— पैसे मांगे जाते हैं प्रीमियम मेंबरशिप के नाम पर भुगतान कराया जाता है निजी फोटो/वीडियो लेकर ब्लैकमेल किया जाता है स्थानीय युवाओं को बनाया जा रहा निशाना चिंताजनक बात यह है कि विज्ञापन में अंबिकापुर, प्रतापपुर, लुंड्रा, रामानुजगंज, उदयपुर जैसे स्थानीय इलाकों का नाम लेकर भरोसा पैदा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के युवा आसानी से झांसे में आ जाएं। भारत सम्मान की अपील भारत सम्मान नागरिकों से अपील करता है कि— ऐसे भ्रामक और उत्तेजक सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहें किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें मोबाइल में अनावश्यक परमिशन बिल्कुल न दें किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फ्रॉड की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें सवाल जो प्रशासन से पूछे जाने चाहिए फेसबुक पर ऐसे विज्ञापनों को चलाने की अनुमति कैसे मिल रही है? RILU ऐप के संचालक कौन हैं और कहां से ऑपरेट कर रहे हैं? क्या साइबर पुलिस इस नेटवर्क की जांच कर रही है? सावधान रहें, सतर्क रहें — ऑनलाइन रिश्तों के नाम पर बिछाए जा रहे जाल से खुद को और अपने परिवार को बचाएं। उस फर्जी ऐप के विज्ञापन का लिंक… https://www.facebook.com/share/r/17hNUp5PQJ/?mibextid=wwXIfr पूरा वीडियो यहाँ देखें2