कौशाम्बी जिले के कड़ा ब्लॉक स्थित नरसिंहपुर कछुआ गांव के ग्रामीण गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर भरे गंदे पानी के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों को खासकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर भी इस जलभराव की समस्या से रोजाना जूझने को मजबूर हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बरसात से पहले ही गांव का यह हाल है, तो बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस ओर पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। गांव में नालियों की बदहाल व्यवस्था के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सिराथू तहसील क्षेत्र के नरसिंहपुर कछुआ गांव से सामने आया यह मामला स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाता है और इंसानों की इस मजबूरी को समझने की अपील करता है।
कौशाम्बी जिले के कड़ा ब्लॉक स्थित नरसिंहपुर कछुआ गांव के ग्रामीण गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर भरे गंदे पानी के कारण आवागमन बाधित हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों को खासकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य राहगीर भी इस जलभराव की समस्या से रोजाना जूझने को मजबूर हैं, जिससे उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बरसात से पहले ही गांव का यह हाल है, तो बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप
लगाया है कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और ब्लॉक में शिकायत की है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस ओर पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। गांव में नालियों की बदहाल व्यवस्था के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सिराथू तहसील क्षेत्र के नरसिंहपुर कछुआ गांव से सामने आया यह मामला स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाता है और इंसानों की इस मजबूरी को समझने की अपील करता है।
- VOK न्यूज़ चैनल की ओर से एक नया संदेश प्रसारित किया गया है।1
- कौशांबी जिले के कड़ा (सिराथू) स्थित ग्राम पंचायत औरैनी में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर और राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। यह विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान करेगा। कार्यक्रम में प्रतिभा कुशवाहा ने कहा कि इस पहल से छात्र-छात्राओं को अब शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि उन्हें एक ही परिसर में कक्षा 12 तक की पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में जल्द ही एक बड़े स्तर पर उठल-पुथल की खबर सामने आई है। इस संभावित फेरबदल के तहत, कुल 12 मंत्रियों को उनके पद से हटना पड़ सकता है। यह घटनाक्रम #pmmodi और #bjp जैसे हैशटैग के साथ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे मोदी कैबिनेट में आगामी बदलावों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।1
- कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ चैनल ने सोशल मीडिया की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चैनल ने फेसबुक द्वारा 28 दिनों में 3 लाख रीच हासिल करने का लक्ष्य मात्र 5 दिनों में पूरा कर दिखाया, जिससे यह साबित हुआ कि दर्शकों का भरोसा और टीम की मेहनत लगातार रंग ला रही है। इस उपलब्धि के तहत चैनल के वीडियो को 3 लाख से अधिक लोगों ने देखा, जिसके बाद कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ के लिए फेसबुक कंटेंट मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस सफलता के लिए कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ परिवार ने सभी पत्रकार साथियों, सहयोगियों, शुभचिंतकों और सम्मानित दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। प्रबंधन ने इस सफलता को केवल चैनल की नहीं, बल्कि हर उस दर्शक की बताया जिसने खबरों को पसंद किया, साझा किया और जन-जन तक पहुंचाया। लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ, कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ अब कौशाम्बी जिले की सबसे तेजी से उभरती डिजिटल समाचार संस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। चैनल ने आगे भी निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देते हुए जनता की आवाज़ बुलंद रखने का संकल्प लिया है, यह मानते हुए कि जनता का विश्वास उनका सम्मान और उनका साथ उनकी ताकत है, "सच के साथ, जनता की आवाज़" बनकर।1
- सिराथू के नगर पंचायत दारानगर कड़ाधाम क्षेत्र के वार्ड संख्या-9 स्थित सैयदवाड़ा में मोहर्रम की आठवीं का कदीमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। अज़ादारों ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। यह जुलूस मरहूम नवाब हुसैन की इमामबारगाह से अलम और ज़ुल्जनाह की शबीह के साथ बरामद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल हुए। इस दौरान "चलो सर नंगे इब्ने शाह-ए-मर्दां की सवारी है" की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस की शुरुआत अंजुमन असदिया के साहब-ए-बयाज़ बाकर अली की नोहाख्वानी से हुई, जिन्होंने दर्द भरे नोहों के माध्यम से कर्बला के शहीदों को याद किया। जब जुलूस दारानगर चौराहे पर पहुंचा, तो मोहम्मद अब्बास, अली अब्बास, राजू, तकी हैदर काजिम, अरमान और इमरान हैदर ने भी नोहे पढ़े। नोहाख्वानी के दौरान, अज़ादारों ने सीना ज़नी और जंजीरी मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। इस अवसर पर अंजुमन असदिया के सदर असद सगीर ने बताया कि कर्बला केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई महान कुर्बानी का नाम है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने यज़ीद की बैअत स्वीकार करने के बजाय अपने परिवार और साथियों सहित शहादत को चुना, जिससे मानवता को अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने का संदेश मिला। असद सगीर के अनुसार, आज की अज़ादारी उसी कुर्बानी और संदेश को याद करने का माध्यम है, जिसने पूरी दुनिया को यह सिखाया कि जुल्म के सामने सिर झुकाना नहीं, बल्कि हक और सच के लिए संघर्ष करना चाहिए। यही कारण है कि सदियों बाद भी इमाम हुसैन का नाम इंसाफ और कुर्बानी की मिसाल बना हुआ है। यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होता हुआ कटरा पहुंचा और अंत में कर्बला में जाकर सम्पन्न हुआ। पूरे मार्ग में या हुसैन की सदाएं, नोहाख्वानी और मातम का सिलसिला जारी रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, यह जुलूस सैकड़ों वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। दारानगर का यह कदीमी जुलूस हर वर्ष हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द का संदेश देता है, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोग शामिल होकर सेवा और सहयोग करते हैं, जो क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है।4
- कौशाम्बी जिले में मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संदीपनघाट क्षेत्र के कसिया पूर्व में स्थित ताज़िया स्थलों का निरीक्षण किया।1
- कौशांबी जिले में एक वीडियो इस समय काफी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- बंगाल की सियासत में इस वक्त भारी भूचाल की स्थिति बनी हुई है। इस गहमागहमी के बीच यह सवाल ज़ोरों पर है कि क्या राज्य में 'सुवेंदु सरकार' गिर जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट, सुवेंदु अधिकारी और टीएमसी का जिक्र किया जा रहा है।1
- कौशांबी के सराय अकिल थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि शादी का झांसा देकर दूसरे जनपदों के लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है। इन आरोपों में पुलिस की कथित मिलीभगत होने का भी उल्लेख है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1