जम्मू-कश्मीर में बीयरवाह और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर बीयरवाह को ज़िला का दर्जा दिए जाने की पुरज़ोर मांग की है। यह मांग एक लंबे समय से लंबित है और इसे प्रशासनिक आवश्यकता, जन सुविधा, जनसंख्या के आकार और क्षेत्र के समग्र विकास के आधार पर एक वास्तविक सार्वजनिक आवश्यकता बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि बीयरवाह बडगाम जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यह कई गांवों की एक बड़ी आबादी को सेवा प्रदान करता है। इसके महत्व के बावजूद, जिला-स्तरीय प्रशासनिक सुविधाओं की कमी के कारण यहां के लोग लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं। निवासियों को सरकारी काम, राजस्व संबंधी मामलों, प्रमाण-पत्रों, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस मामलों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें कठिनाई, देरी और अनावश्यक वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ता है। बीयरवाह को जिला का दर्जा दिए जाने के लिए कई कारण बताए गए हैं, जिनमें प्रशासनिक सुविधा, बड़ी आबादी और विस्तृत क्षेत्र, क्षेत्र का विकास (सड़कें, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार), बेहतर शासन (तेज़ सार्वजनिक सेवा वितरण, योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन, प्रभावी शिकायत निवारण), ग्रामीण आबादी को राहत, और इसकी मजबूत कृषि, व्यापारिक व स्थानीय आर्थिक महत्ता शामिल है। यह भी जोर दिया गया है कि यह वर्षों से लंबित एक सार्वजनिक मांग है। उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, निवासियों ने जम्मू-कश्मीर सरकार से न्याय, संतुलित क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण के हित में बीयरवाह को यथाशीघ्र एक अलग जिला घोषित करने का आग्रह किया है। इस ज्ञापन की प्रतियां मुख्य सचिव, संभागीय आयुक्त कश्मीर और उपायुक्त बडगाम को भी भेजी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर में बीयरवाह और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर बीयरवाह को ज़िला का दर्जा दिए जाने की पुरज़ोर मांग की है। यह मांग एक लंबे समय से लंबित है और इसे प्रशासनिक आवश्यकता, जन सुविधा, जनसंख्या के आकार और क्षेत्र के समग्र विकास के आधार पर एक वास्तविक सार्वजनिक आवश्यकता बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि बीयरवाह बडगाम जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यह कई गांवों की एक बड़ी आबादी को सेवा प्रदान करता है। इसके महत्व के बावजूद, जिला-स्तरीय प्रशासनिक सुविधाओं की कमी के कारण यहां के लोग लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं। निवासियों को सरकारी काम, राजस्व संबंधी मामलों, प्रमाण-पत्रों, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस मामलों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें कठिनाई, देरी और अनावश्यक वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ता है। बीयरवाह को जिला का दर्जा दिए जाने के लिए कई कारण बताए गए हैं, जिनमें प्रशासनिक सुविधा, बड़ी आबादी और विस्तृत क्षेत्र, क्षेत्र का विकास (सड़कें, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार), बेहतर शासन (तेज़ सार्वजनिक सेवा वितरण, योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन, प्रभावी शिकायत निवारण), ग्रामीण आबादी को राहत, और इसकी मजबूत कृषि, व्यापारिक व स्थानीय आर्थिक महत्ता शामिल है। यह भी जोर दिया गया है कि यह वर्षों से लंबित एक सार्वजनिक मांग है। उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, निवासियों ने जम्मू-कश्मीर सरकार से न्याय, संतुलित क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण के हित में बीयरवाह को यथाशीघ्र एक अलग जिला घोषित करने का आग्रह किया है। इस ज्ञापन की प्रतियां मुख्य सचिव, संभागीय आयुक्त कश्मीर और उपायुक्त बडगाम को भी भेजी गई हैं।
- बडगाम जिले के ओम्पोरा इलाके में एक तेंदुए को पकड़ने के अभियान के दौरान वह भाग निकला। यह घटना पकड़ने के प्रयास के बीच हुई।1
- खीर भवानी मंदिर में वार्षिक मेले से पहले भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान आस्था, भक्ति और आध्यात्म से यह पवित्र धाम जगमगा उठा।1
- गांदरबल में 22 जून को तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ गांदरबल के लोग भक्तों का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु एकजुट होकर देवी के प्रति प्रार्थना, आस्था और गहरे आध्यात्मिक संबंध के भाव में लीन होंगे।1
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- बारामूला की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल आया है, जहाँ इंजीनियर रशीद के इस्तीफे को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम के बीच, एआईपी ने अपने कार्यकर्ताओं से इस पूरे मामले पर राय मांगी है। अब यह आवाम तय करेगी कि बारामूला के सांसद (MP) इंजीनियर रशीद अपने पद पर बने रहेंगे या उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।1
- श्रीनगर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में NEET 2026 की परीक्षाएं सुचारू रूप से संपन्न हुईं। मेडिकल करियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों ने इन परीक्षाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके लिए पूरे दिन सख्त व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा के दौरान पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखा गया।2
- डॉ. दरख्शान अंद्राबी ने जानकारी दी है कि वक्फ बोर्ड ने बारामूला स्थित हजरत जांबाज वली दरगाह के पुनर्निर्माण की घोषणा की है।1
- गांदरबल के लोग ज्येष्ठ अष्टमी के पावन अवसर पर तुलमुला, गांदरबल में मनाए जा रहे माता खीर भवानी मेले में देशभर से आए श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं। इस आध्यात्मिक आयोजन में भक्त देवी के प्रति प्रार्थना, आस्था और गहरे जुड़ाव के साथ एकजुट हो रहे हैं। इस अवसर पर उपराज्यपाल (एलजी) जम्मू-कश्मीर, मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर और माईगव इंडिया (MyGovIndia) के कार्यालयों का भी उल्लेख किया गया है।1