उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बांसडीह तहसील क्षेत्र के जितौरा गंगोली गांव में जमीन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। बलिया के टैगोर नगर निवासी शशांक चतुर्वेदी का आरोप है कि उनकी विधिवत खरीदी गई 16 कट्ठा जमीन पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित के पास जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन कथित तौर पर रातों-रात उनकी जमीन पर रास्ता बना दिया गया और अब वहां प्लाटिंग कर उसे अन्य लोगों को बेचा जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शशांक का कहना है कि जब उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल से मदद मांगी, तो कार्रवाई करने के बजाय उन्हें विवाद से बचने के लिए अपनी ही जमीन दबंगों को बेच देने की सलाह दी गई। इस कथित टिप्पणी के बाद पीड़ित ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित की पत्नी अनामिका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उन्हें झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई है, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। स्थानीय स्तर पर कोई समाधान न मिलने से निराश होकर शशांक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। इस मामले में जिला प्रशासन या राजस्व विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बांसडीह तहसील क्षेत्र के जितौरा गंगोली गांव में जमीन कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। बलिया के टैगोर नगर निवासी शशांक चतुर्वेदी का आरोप है कि उनकी विधिवत खरीदी गई 16 कट्ठा जमीन पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित के पास जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन कथित तौर पर रातों-रात उनकी जमीन पर रास्ता बना दिया गया और अब वहां प्लाटिंग कर उसे अन्य लोगों को बेचा जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शशांक का कहना है कि जब उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल से मदद मांगी, तो कार्रवाई करने के बजाय उन्हें विवाद से बचने के लिए अपनी ही जमीन दबंगों को बेच देने की सलाह दी गई। इस कथित टिप्पणी के बाद पीड़ित ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित की पत्नी अनामिका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उन्हें झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई है, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। स्थानीय स्तर पर कोई समाधान न मिलने से निराश होकर शशांक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। इस मामले में जिला प्रशासन या राजस्व विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक अजीब वाकया देखने को मिला। जब निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक सभागार की बिजली गुल हो गई। संजय निषाद ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि "जो जमीन सरकारी, वह जमीन हमारी है" और इसी बीच बिजली चली गई। अंधेरा होने के बावजूद कार्यक्रम रुका नहीं और मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी की व्यवस्था की। टॉर्च की रोशनी के बीच संजय निषाद मंच पर खड़े रहे और कार्यक्रम बदस्तूर जारी रहा, जो वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बलिया के नरही थाना पुलिस ने उजियार घाट से 27 लीटर देशी शराब के साथ बिहार के एक अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संजय वर्मा के निकट पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सदर अक्षय कुमार और प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय रोहित कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जो मल्लाह टोली (बड़ी मस्जिद के सामने), थाना टाउन, जिला बक्सर (बिहार) का रहने वाला है। 10 जुलाई 2026 को उप निरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर की सूचना पर उजियार घाट के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से तीन पेटियों में रखी 200 मिलीलीटर की कुल 135 शीशियां (कुल 27 लीटर देशी शराब) बरामद की गईं। इस बरामदगी के आधार पर स्थानीय नरही थाने में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 116/26 दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल बनारसी बाबू और कांस्टेबल सुबेन्दु कुमार शामिल रहे।1
- बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत जगदीशपुर में रविवार, 12 जुलाई 2026 को एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए इसे देखने और सुनने की बात कही गई है।1
- भोजपुर के पीरो डीएसपी स्नेह सेतु ने कहा है कि जहां भी मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है, उसकी सूचना प्रशासन को दी जाए।1
- बांकीपुर में भारतीय जनता पार्टी का अहंकार इस बार पूरी तरह से चकनाचूर हो जाएगा। इस दावे के साथ ही आगामी समय के लिए स्पष्ट राजनीतिक संकेत दिए गए हैं कि क्षेत्र का मिजाज बदल रहा है।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर तीखे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी कार्यशैली और शासनकाल की उपलब्धियों पर तंज कसते हुए यह दावा किया गया है कि इन्हें देखने के बाद व्यक्ति अपना सिर पीटने पर मजबूर हो जाएगा। इन दावों के जरिए उनके कार्यकाल पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए व्यवस्था की आलोचना की गई है।1
- जनपद बलिया के सिकंदरपुर स्थित मोहल्ला पुरापर (मदन के पोखरा) से शुक्रवार की देर रात भरत अखाड़ा का जुलूस निकाला गया। अखाड़े के अध्यक्ष विनोद वर्मा के नेतृत्व में निकले इस जुलूस में नगर सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस मोहल्ला पुरापर से निकलकर परंपरागत मार्गों जैसे मोहल्ला चिड़ैया टोल, दरगाह शाह वली कादिरी और दरगाह के मैदान से होता हुआ मध्य रात्रि में मोहल्ला डोमनपुरा स्थित ठाकुर जी मंदिर के प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। उपजिलाधिकारी ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश कुमार सिंह अपने हमराहियों के साथ लगातार क्षेत्र में चक्रमण करते रहे। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर एलआईयू की टीम भी जुलूस के दौरान मौजूद रही।1
- उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत बलिया जिले की सदर तहसील स्थित राजकीय बालिका गृह निधरिया में 'स्कूल सुरक्षा' और आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का संचालन 11वीं एनडीआरएफ वाराणसी की टीम ने रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक आपदाओं के समय बालिका गृह के बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों को त्वरित और सुरक्षित कदम उठाने के लिए जागरूक करना था। यह प्रशिक्षण शिविर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों तथा निरीक्षक प्रवीण उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से भूकंप, आग लगने, बाढ़, सर्पदंश और भगदड़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अलावा, प्राथमिक उपचार, सीपीआर (CPR) देने की विधि और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का सजीव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरी सजगता के साथ सहभागिता की और प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब भी किए। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और आपदाओं के प्रति उनकी जागरुकता पूरे समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। बाल गृह की अधीक्षिका अमिता जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर अजय पाण्डेय, सोनी यादव, खुशबू तिवारी सहित नागरिक सुरक्षा कोर, रेडक्रॉस सोसायटी और बालिका गृह प्रबंधन के तमाम अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।1