पटना से 30 मई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी आवास को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि वह आवास खाली नहीं करेंगी। उनके इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। राबड़ी देवी ने अपने बयान में इस आवास को केवल एक भवन नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक संघर्ष और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में आकर आवास खाली करने का फैसला नहीं लेंगी। इस मुद्दे पर हाल ही में मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है, वहीं राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी राबड़ी देवी के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
पटना से 30 मई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकारी आवास को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि वह आवास खाली नहीं करेंगी। उनके इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। राबड़ी देवी ने अपने बयान में इस आवास को केवल एक भवन नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक संघर्ष और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में आकर आवास खाली करने का फैसला नहीं लेंगी। इस मुद्दे पर हाल ही में मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है, वहीं राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी राबड़ी देवी के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
- अररिया नगर परिषद की स्थायी समिति के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में तीनों प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए, जिससे क्षेत्र में हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक महत्वपूर्ण पैगाम दिया गया।1
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- भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी चेकपोस्ट से शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ नेपाल कस्टम विभाग ने भारतीय नंबर प्लेट वाले सभी वाहनों के नेपाल में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह निर्णय नेपाल में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के मद्देनजर सुरक्षा एवं प्रशासनिक कारणों से लिया गया है। यह प्रतिबंध शुक्रवार की संध्या तक प्रभावी रहेगा। इस अचानक लिए गए फैसले के कारण जोगबनी सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय वाहनों की आवाजाही बंद होने से बड़ी संख्या में वाहन चेकपोस्ट पर ही फंस गए, जिससे नेपाल जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भीषण गर्मी के बीच घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बताया गया है कि नेपाल सरकार के बजट प्रस्तुतिकरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारु रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। हालांकि, पैदल यात्रियों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है, लेकिन वाहनों पर रोक के कारण सीमाई क्षेत्र में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमा पर तैनात अधिकारी यात्रियों को स्थिति की जानकारी दे रहे हैं और शाम तक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, इस अचानक लगाए गए प्रतिबंध से नेपाल जाने वाले लोगों में नाराजगी देखी जा रही है; स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से सूचना जारी की जाती तो अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता था। फिलहाल, जोगबनी चेकपोस्ट पर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रतिबंध समाप्त होने के बाद वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू होने की संभावना है।1
- कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को कोडरमा व्यवहार न्यायालय परिसर में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे हुए इस आयोजन के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम है, तथा इसके निर्णय अंतिम होते हैं। इस मासिक लोक अदालत के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया था, जिनके माध्यम से 18 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। साथ ही, विभिन्न विभागों से ₹1.39 लाख की राशि की वसूली भी की गई। इस कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारी और न्यायालयकर्मी उपस्थित रहे।1
- भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी चेकपोस्ट से शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई, जहाँ नेपाल कस्टम विभाग ने भारतीय नंबर प्लेट वाले सभी वाहनों के नेपाल प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यह निर्णय नेपाल में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट भाषण के मद्देनजर सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से लिया गया है और यह प्रतिबंध शुक्रवार की संध्या तक प्रभावी रहेगा। इस अचानक लिए गए निर्णय से जोगबनी सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन चेकपोस्ट पर ही फंस गए। नेपाल जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भीषण गर्मी के बीच घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, पैदल यात्रियों की आवाजाही सामान्य बताई जा रही है। सीमा पर तैनात अधिकारियों द्वारा यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है और शाम तक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस अचानक लगाए गए प्रतिबंध से नेपाल जाने वाले लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है, उनका कहना है कि यदि पहले से सूचना जारी की जाती तो अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता था। फिलहाल, जोगबनी चेकपोस्ट पर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रतिबंध समाप्त होने के बाद वाहनों की आवाजाही पुनः शुरू होने की संभावना है।1
- पटना में '10 सर्कुलर रोड' बंगले को खाली कराने के सरकारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल बेहद तेज हो गई है। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी, पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) के साथ भारी पुलिस बल लेकर बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के आवास पर पहुँचे। अधिकारियों ने बंगले के भीतर जाकर राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस और आवास खाली करने के कानूनी आदेशों की विस्तार से जानकारी दी, हालाँकि बाद में एसडीपीओ अनु कुमारी मीडिया से बिना कोई बातचीत किए ही रवाना हो गईं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने फिलहाल सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि वह किसी भी जल्दबाजी में इस आवास को खाली करने वाली नहीं हैं। बताया गया है कि आवास खाली करने की तय समय सीमा खत्म होने के बाद भवन निर्माण विभाग की तरफ से अब तक दो नोटिस भेजे जा चुके हैं, और विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि तीसरे नोटिस के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस बल की मदद से बेदखली की कार्रवाई कर सकता है। अपने पोते इराज का जन्मदिन मनाकर दिल्ली से पटना एयरपोर्ट लौटीं राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए बिहार सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे तौर पर खुली चुनौती दी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने दृढ़ता से कहा, "सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं मकान नहीं खाली करूंगी। हम किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगे।" राबड़ी देवी के इस बागी रुख और सम्राट चौधरी को दिए चैलेंज के बाद, बिहार की सत्ताधारी एनडीए (NDA) के नेताओं ने लालू परिवार पर चौतरफा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह कोई जंगलराज नहीं है और कानून का पालन करना ही होगा। उन्होंने लालू परिवार पर लूटने का आरोप लगाते हुए पूछा कि '10 सर्कुलर रोड' में ऐसा कौन सा खजाना छुपाकर रखा है, जिसे पुलिस खोज निकालेगी। जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर जो भी नियम-कानून तय हैं, उनका पालन सबको करना ही होगा। भाजपा से राज्यसभा सांसद भीम सिंह ने राबड़ी देवी के बयान को सरकार के साथ सीधे तौर पर टकराव पैदा करने वाला बताया और कहा कि इस बंगले को खाली कराने के लिए बिहार की पूरी पुलिस की जरूरत नहीं है, बल्कि एक दरोगा ही यह आवास खाली करा देगा। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नीतीश-सम्राट सरकार के भवन निर्माण विभाग ने '10 सर्कुलर रोड' वाले बंगले को भाजपा कोटे के नए मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया, जबकि विभाग का तर्क है कि राबड़ी देवी को वर्ष 2025 के आखिर में ही '39, हार्डिंग रोड' स्थित एक अन्य सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, जिसे विभाग ने पूरी तरह तैयार और सुसज्जित भी कर दिया है। लालू परिवार द्वारा पुराना बंगला खाली न किए जाने के कारण अब यह मामला कानूनी और सियासी जंग का मैदान बन चुका है।2
- एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को एक कमरे में उसके आशिक के साथ पकड़ लिया। इस स्थिति को देखते ही पति ने तुरंत कमरे को बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद, पत्नी ने मौके पर ही एक 'हाई-प्रोफाइल ड्रामा' शुरू कर दिया।1
- दिल्ली में बिजली से आग लगने के कारण एक हादसा हुआ है। यह घटना GB कंपनी के बाद एक नाटकीय रूप में सामने आई है। इस हादसे में, राहत की बात यह है कि किसी को कोई चोट नहीं पहुँची है।1