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खराब चापानल को ठीक करने के उपरांत दूषित जल आने का विरोध किया जिप सदस्य पाकुड़ / झारखंड : जल ही जीवन है और यह इस आने वाले भीषण गर्मी में तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब एक बूंद जल के लिए लोग तराशते है, ज्ञात हो कि पाकुड़ ड्राई जोन घोषित है और जिला प्रशासन गर्मी के दिनों में कोई कसर नहीं छोड़ती है जिससे आम जनमानस को पानी के दिक्कतों का सामना करना पड़े। वही बुधवार को तलवाड़ांगा स्थित महुआडांगा के निकट दुर्गा मंदिर के पास कुछ माह पहले चापानल खराब हो गया था जिसे विभाग के द्वारा महज तीन चार दिनों पहले मिस्त्री भेजकर ठीक किया गया था जिसपर ग्रामीणों ने चंदा इक्कठा करके मिस्त्री को खर्चा भी दिया लेकिन इस नल से दूषित पानी आने लगा। मामले को लेकर क्षेत्र भ्रमण पर निकले जिला परिषद 09 सदस्य पिंकी मंडल पहुंची और स्थिति देखकर चिंतित हो गई, क्योंकि एक नल के शहारे सैंकड़ों घर टिका हुआ है और जल दूषित आने के कारण सैंकड़ों घरों को जल की किल्लत होने लगा। मामले को लेकर पिंकी ने बताई कि इस मामले पर विभाग को पत्र भी लिखा गया था, आज फोन भी किया जा रहा है लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठाते है। उन्होंने कहा कि जब डीसी साहब शहर को सौंदर्यीकरण कर रहे है, जगह जगह पेड़ पौधे लगवा रहे है ताकि शहर प्रगतिशील दिखे तो ग्रामीण क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों। उन्होंने कहा कि जब संबंधित पदाधिकारी जन प्रतिनिधि का फोन नहीं उठा रहे है तो आम लोगों का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वो जल्द उपायुक्त से मिलकर पत्र देगी क्योंकि क्षेत्र की ग्रामीणों को किसी भी रूप से उनके रहते तकलीफ में रहने नहीं देगी। मौके पर दर्जनों महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद थीं ।

on 11 March
user_Press Pritam Singh Yadav
Press Pritam Singh Yadav
Graphic designer पाकुड़, पाकुड़, झारखंड•
on 11 March

खराब चापानल को ठीक करने के उपरांत दूषित जल आने का विरोध किया जिप सदस्य पाकुड़ / झारखंड : जल ही जीवन है और यह इस आने वाले भीषण गर्मी में तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है जब एक बूंद जल के लिए लोग तराशते है, ज्ञात हो कि पाकुड़ ड्राई जोन घोषित है और जिला प्रशासन गर्मी के दिनों में कोई कसर नहीं छोड़ती है जिससे आम जनमानस को पानी के दिक्कतों का सामना करना पड़े। वही बुधवार को तलवाड़ांगा स्थित महुआडांगा के निकट दुर्गा मंदिर के पास कुछ माह पहले चापानल खराब हो गया था जिसे विभाग के द्वारा महज तीन चार दिनों पहले मिस्त्री भेजकर ठीक किया गया था जिसपर ग्रामीणों ने चंदा इक्कठा करके मिस्त्री को खर्चा भी दिया लेकिन इस नल से दूषित पानी आने लगा। मामले को लेकर क्षेत्र भ्रमण पर निकले जिला परिषद 09 सदस्य पिंकी मंडल पहुंची और स्थिति देखकर चिंतित हो गई, क्योंकि एक नल के शहारे सैंकड़ों घर टिका हुआ है और जल दूषित आने के कारण सैंकड़ों घरों को जल की किल्लत होने लगा। मामले को लेकर पिंकी ने बताई कि इस मामले पर विभाग को पत्र भी लिखा गया था, आज फोन भी किया जा रहा है लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठाते है। उन्होंने कहा कि जब डीसी साहब शहर को सौंदर्यीकरण कर रहे है, जगह जगह पेड़ पौधे लगवा रहे है ताकि शहर प्रगतिशील दिखे तो ग्रामीण क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों। उन्होंने कहा कि जब संबंधित पदाधिकारी जन प्रतिनिधि का फोन नहीं उठा रहे है तो आम लोगों का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले पर वो जल्द उपायुक्त से मिलकर पत्र देगी क्योंकि क्षेत्र की ग्रामीणों को किसी भी रूप से उनके रहते तकलीफ में रहने नहीं देगी। मौके पर दर्जनों महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद थीं ।

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  • नहीं तो सारा भक्ति और प्रवचन सुनना व्यर्थ हो जाएगा
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    नहीं तो सारा भक्ति और प्रवचन सुनना व्यर्थ हो जाएगा
    user_Usha devi
    Usha devi
    पीरपैंती, भागलपुर, बिहार•
    10 hrs ago
  • आस्था की अनोखी मिसाल: कमर में रथ की डोरी बांध दंडवत कर रहे शिव भक्त धार्मिक आस्था और अटूट विश्वास की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है, जहां बेगूसराय जिला के ग्राम पंचवीर निवासी शिव भक्त रमेश अपनी धर्मपत्नी के साथ कठिन दंडवत यात्रा करते हुए चार धाम की ओर अग्रसर हैं। यह यात्रा 25 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 को तालझारी पहुंची है। शिव भक्त रमेश कमर में रथ की डोरी बांधकर दंडवत प्रणाम करते हुए यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस कठिन तपस्या को देखकर लोग भाव-विभोर हो रहे हैं। रास्ते में श्रद्धालु उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं और यथा संभव सहयोग भी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह यात्रा सुल्तानगंज, देवघर, बासुकीनाथ होते हुए तारापीठ की ओर जारी है। इस बीच शिव भक्त इच्छुक लोगों को दर्द निवारक तेल भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके बदले लोग उन्हें स्वेच्छा से सहयोग राशि दे रहे हैं। भक्त रमेश का कहना है कि यह यात्रा वे जनकल्याण, समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना से कर रहे हैं। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी भी हर कदम पर उनका साथ दे रही हैं। आज के समय में इस प्रकार की कठिन साधना और आस्था कम ही देखने को मिलती है। यह यात्रा लोगों के बीच श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की एक अनूठी प्रेरणा बन रही है।
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    आस्था की अनोखी मिसाल: कमर में रथ की डोरी बांध दंडवत कर रहे शिव भक्त
धार्मिक आस्था और अटूट विश्वास की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है, जहां बेगूसराय जिला के ग्राम पंचवीर निवासी शिव भक्त रमेश अपनी धर्मपत्नी के साथ कठिन दंडवत यात्रा करते हुए चार धाम की ओर अग्रसर हैं। यह यात्रा 25 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 को तालझारी पहुंची है।
शिव भक्त रमेश कमर में रथ की डोरी बांधकर दंडवत प्रणाम करते हुए यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस कठिन तपस्या को देखकर लोग भाव-विभोर हो रहे हैं। रास्ते में श्रद्धालु उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं और यथा संभव सहयोग भी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह यात्रा सुल्तानगंज, देवघर, बासुकीनाथ होते हुए तारापीठ की ओर जारी है।
इस बीच शिव भक्त इच्छुक लोगों को दर्द निवारक तेल भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके बदले लोग उन्हें स्वेच्छा से सहयोग राशि दे रहे हैं।
भक्त रमेश का कहना है कि यह यात्रा वे जनकल्याण, समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना से कर रहे हैं। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी भी हर कदम पर उनका साथ दे रही हैं।
आज के समय में इस प्रकार की कठिन साधना और आस्था कम ही देखने को मिलती है। यह यात्रा लोगों के बीच श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की एक अनूठी प्रेरणा बन रही है।
    user_Umakant poddar 9709500512
    Umakant poddar 9709500512
    Software Developer बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • आज एक प्रेमी ने लव मैरिज किया घर वाले को बिना बताए चल रहा था इसका लव अफेयर 2 साल से
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    आज एक प्रेमी ने  लव मैरिज किया घर वाले को बिना बताए चल रहा था इसका लव अफेयर 2 साल से
    user_Mr VIRAT
    Mr VIRAT
    Online Share Trading Center बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • भागलपुर के एकचारी भोलसर गांव में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई, संविधान पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब। भागलपुर जिले के एकचारी भोलसर गांव में आज अंबेडकर जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के इस खास अवसर पर गांव में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर निकाली गई “संविधान पदयात्रा” में लाखों की तादाद में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। पदयात्रा के दौरान लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने संविधान की महत्ता और समानता, न्याय एवं अधिकारों के संदेश को समाज में फैलाने पर जोर दिया। स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा गांव उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। अंबेडकर जयंती के इस आयोजन ने सामाजिक एकता और जागरूकता का एक मजबूत संदेश दिया।
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    भागलपुर के एकचारी भोलसर गांव में अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई, संविधान पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
भागलपुर जिले के एकचारी भोलसर गांव में आज अंबेडकर जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई।
डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के इस खास अवसर पर गांव में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर निकाली गई “संविधान पदयात्रा” में लाखों की तादाद में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। पदयात्रा के दौरान लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने संविधान की महत्ता और समानता, न्याय एवं अधिकारों के संदेश को समाज में फैलाने पर जोर दिया।
स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा गांव उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
अंबेडकर जयंती के इस आयोजन ने सामाजिक एकता और जागरूकता का एक मजबूत संदेश दिया।
    user_Raju Ranjan
    Raju Ranjan
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by N.k.choudhary
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    Post by N.k.choudhary
    user_N.k.choudhary
    N.k.choudhary
    बांका, बांका, बिहार•
    4 hrs ago
  • new 🆕 video 📷📸 जो अभी इस वीडियो को देखेगा वह मदर चढ़ हो गा जो हमको फॉलो नहीं करेगा वह बहन चोद होगा एक नंबर वाला बहन चोद
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    new 🆕 video 📷📸 जो अभी इस वीडियो को देखेगा वह मदर चढ़ हो गा जो हमको फॉलो नहीं करेगा वह बहन चोद होगा एक नंबर वाला बहन चोद
    user_Rahul Kumar KL Rahul official
    Rahul Kumar KL Rahul official
    Actor/Actress कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    5 hrs ago
  • "झारखंड के पाकुड़ जिले का मान बढ़ाते हुए, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रजीत घोष को आगामी 26 अप्रैल को हैदराबाद में 'भारत आइकॉनिक अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया जाएगा। पिछले 17 वर्षों से आदिम जनजातीय और संथाल समुदायों के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य की अलख जगा रहे इंद्रजीत, नुक्कड़ नाटकों और डोर-टू-डोर कैंपेन के जरिए जमीनी बदलाव ला रहे हैं। एशिया अवॉर्ड और डॉक्टरेट जैसी कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के बाद, अब यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके निस्वार्थ सेवा भाव को एक नई पहचान देगा।"
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    "झारखंड के पाकुड़ जिले का मान बढ़ाते हुए, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रजीत घोष को आगामी 26 अप्रैल को हैदराबाद में 'भारत आइकॉनिक अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया जाएगा। पिछले 17 वर्षों से आदिम जनजातीय और संथाल समुदायों के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य की अलख जगा रहे इंद्रजीत, नुक्कड़ नाटकों और डोर-टू-डोर कैंपेन के जरिए जमीनी बदलाव ला रहे हैं। एशिया अवॉर्ड और डॉक्टरेट जैसी कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के बाद, अब यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके निस्वार्थ सेवा भाव को एक नई पहचान देगा।"
    user_Himanshi Singh
    Himanshi Singh
    पाकुड़, पाकुड़, झारखंड•
    16 hrs ago
  • एम.के पब्लिक स्कूल परिसर स्थित वंदना स्थल पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह एवं प्रधानाचार्य निजात खान सहित अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं ने उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को महान राजनीतिज्ञ समाज से भी और पिछड़ी जाति के उत्थान के लिये कार्य करने वाला बताया। जबकि विद्यालय की प्रधानाचार्य निजात खान ने अपने संबोधन में उनके बारे में बताया कि बाबा साहब अपना स्पष्ट विचार रखते थे उनका मानना था कि मनुष्य का जीवन लंबा नहीं होकर महान होना चाहिए, लोगों के लिए उनका संदेश था कि अशिक्षित को शिक्षित करना लोगों को संगठित करना और खुद के अधिकारों के लिये आंदोलन करना था। और कहा कि बाबा साहब के जीवन काल में तीन गुरुओं को वह अपना आदर्श मानते थे महात्मा गौतम बुद्ध संत कबीर और महात्मा ज्योतिबा फुले बाई को मानते थे। उन्होंने बताया कि भगवान गौतम बुद्ध से उनके सर्वोच्च गुरु थे जिसे उन्होंने करोड़ों समानता और प्रज्ञा का पाठ सीखना उन्होंने कबीर के विचारों से प्रभावित होकर जाति-पाति का विरोध किया। जबकि महात्मा ज्योतिबाई फूल से मिले आदर्श को लेकर सामाजिक सुधार शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव और मानवतावाती कार्यों को लेकर आवाज बुलंद किया था। बताया गया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के बहू में जन्मे बाबा साहब ने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए बताया गया कि शिक्षक हुए सबसे बड़ा हथियार मांगते थे समाज को संदेश देना चाहते थे कि समाज में लोगों को शिक्षित होना जरूरी है जरूरी है जिससे लोगों में समानता आ सके प्रधानाचार्य ने बताया कि देश स्वतंत्र होने के पूर्व हुए संविधान मसूदा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो समानता स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित करता है। इस मौके पर शिक्षिका रजनी कुमार, ब्यूटी कुमार, रेणु दत्त, आकांक्षा कुमारी, प्रियंका, नेहा शिक्षक सदानंद सिंह, उदय कुमार मौजूद रहें।
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    एम.के पब्लिक स्कूल परिसर स्थित वंदना स्थल पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह एवं प्रधानाचार्य निजात खान सहित अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं ने उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इस मौके पर विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को महान राजनीतिज्ञ समाज से भी और पिछड़ी जाति के उत्थान के लिये कार्य करने वाला बताया। जबकि विद्यालय की प्रधानाचार्य निजात खान ने अपने संबोधन में उनके बारे में बताया कि बाबा साहब अपना स्पष्ट विचार रखते थे उनका मानना था कि मनुष्य का जीवन लंबा नहीं होकर महान होना चाहिए, लोगों के लिए उनका संदेश था कि अशिक्षित को शिक्षित करना लोगों को संगठित करना और खुद के अधिकारों के लिये आंदोलन करना था। और कहा कि बाबा साहब के जीवन काल में तीन गुरुओं को वह अपना आदर्श मानते थे महात्मा गौतम बुद्ध संत कबीर और महात्मा ज्योतिबा फुले बाई को मानते थे। उन्होंने बताया कि भगवान गौतम बुद्ध से उनके सर्वोच्च गुरु थे जिसे उन्होंने करोड़ों समानता और प्रज्ञा का पाठ सीखना उन्होंने कबीर के विचारों से प्रभावित होकर जाति-पाति का विरोध किया। जबकि महात्मा ज्योतिबाई फूल से मिले आदर्श को लेकर सामाजिक सुधार शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव और मानवतावाती कार्यों को लेकर आवाज बुलंद किया था। बताया गया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के बहू में जन्मे बाबा साहब ने छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए बताया गया कि शिक्षक हुए सबसे बड़ा हथियार मांगते थे समाज को संदेश देना चाहते थे कि समाज में लोगों को शिक्षित होना जरूरी है जरूरी है जिससे लोगों में समानता आ सके प्रधानाचार्य ने बताया कि देश स्वतंत्र होने के पूर्व हुए संविधान मसूदा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो समानता स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित करता है। इस मौके पर शिक्षिका रजनी कुमार, ब्यूटी कुमार, रेणु दत्त, आकांक्षा कुमारी, प्रियंका, नेहा शिक्षक सदानंद सिंह, उदय कुमार मौजूद रहें।
    user_Bikash Kumar
    Bikash Kumar
    News Anchor बांका, बांका, बिहार•
    5 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड प्रखंड में बाबा विशु राउत मंदिर तक करीब 300 से 400 वर्ष धार्मिक आस्था है जो यहां मन्नत मांगते हैं वह अवश्य या पूरा होते हैं यहां पर दूध ही अर्पित की जाती है
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    बिहार के मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड प्रखंड में बाबा विशु राउत मंदिर तक करीब 300 से 400 वर्ष धार्मिक आस्था है जो यहां मन्नत मांगते हैं वह अवश्य या पूरा होते हैं यहां पर दूध ही अर्पित की जाती है
    user_Nibraj alam
    Nibraj alam
    Social Media Manager Kahalgaon, Bhagalpur•
    5 hrs ago
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